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सिवान में नीट पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान तीन घायलों की आपबीती
- Author, सीटू तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
नीट पेपर लीक के ख़िलाफ़ देश के कई शहरों में हुए प्रदर्शन के दौरान बिहार के सिवान ज़िले की काफी चर्चा हुई. यहां प्रदर्शन के दौरान तीन युवकों को गोली लगी, जिनमें से एक नाबालिग है.
घायल होने वाले युवकों में से एक आकाश कुमार अपनी मंगेतर का बर्थडे मनाने बिहार आए थे. आकाश कुमार के अलावा बुलेट कुमार और एक नाबालिग़ को गोली लगी है.
पुलिस का दावा है कि इनमें से सिर्फ़ एक व्यक्ति को पुलिस की गोली लगी है. पुलिस जांच कर रही है कि बाक़ी दो लोगों को कैसे गोली लगी.
लेकिन दोनों घायलों का कहना है कि उन्हें पुलिस की ही गोली लगी है. नाबालिग के परिवार का कहना है कि पिता की मौत के बाद वो ही अकेला परिवार की ज़िम्मेदारी संभाले हुए था.
प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें पुलिस के एक जवान के हाथ में एके 47 राइफ़ल थी और वो फायरिंग कर रहे थे.
बाद में पुलिस के इस कदम की आलोचना हुई और बिहार पुलिस के एसआईटी के जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया.
सरकारी दावे और डॉक्टरों के मुताबिक़, इन घायल युवकों में से किसी को भी एके 47 से गोली नहीं लगी है. सिवान के एसपी पूरण झा ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से इस बात की पुष्टि की है.
पुलिस का कहना है कि एके 47 से चार राउंड गोलियां चली थीं लेकिन इसमें कोई घायल नहीं हुआ. इसके अलावा भी प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए कई राउंड फायरिंग हुई जिसमें बुलेट कुमार को पुलिस की गोली लगी.
पुलिस ने ये भी बताया है कि नाबालिग और आकाश कुमार सिवान के हाफिज चौक पर घायल हुए जो कि जेपी चौक से 1.5 किमी की दूरी पर है जबकि बुलेट कुमार ट्रैफ़िक थाना के पास घायल हुए जो कि जेपी चौक से लगभग दो किमी की दूरी पर है.
पुलिस ने बताया कि 22 साल के आकाश कुमार, 20 साल के बुलेट कुमार गोंड और एक नाबालिग को गोली लगी थी.
इन तीनों का ही इलाज पटना के मेदांता हॉस्पिटल में हुआ. नाबालिग और आकाश कुमार को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है.
बुलेट कुमार का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है. तीनों को ही पहले सिवान के सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया जिसके बाद इन्हें पटना के मेदांता में भेजा गया.
बीबीसी ने इस घटना में घायल हुए युवकों और उनके परिवार से बातचीत की है.
बर्थडे मनाने जा रहे थे आकाश कुमार
22 साल के आकाश कुमार उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले है. 12वीं तक की पढ़ाई कर चुके आकाश अपनी मंगेतर के साथ अपना बर्थडे मनाने आए थे.
आकाश कुमार ने बीबीसी को बताया, "हम केक लेने जा रहे थे, जैसे ही पत्थर चला तो हम किनारे खड़े हो गए. एक पुलिस वाला एक लड़के को मार रहा था. मैं वो ही देख रहा था कि मेरे बाएं कंधे पर गोली लग गई."
आकाश को अस्पताल से बीती 28 जुलाई को डिस्चार्ज कर दिया गया है. उन्हें एक हफ़्ते बाद फॉलोअप के लिए बुलाया गया है.
वो कहते हैं, "घर की बहुत याद आ रही है, लेकिन मुझे अपनी मंगेतर के घर रुकना पड़ रहा है. जिस कंधे में गोली लगी थी उस हाथ में बहुत दर्द हो रहा है. पुलिस वालों को गोली नहीं चलानी चाहिए. कंधे की जगह अगर सीने में लग जाती तो क्या होता?"
28 जुलाई को आकाश कुमार से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी फोन पर बात की और उनका हाल चाल जाना.
बीएसएफ़ भर्ती की तैयारी कर रहे हैं बुलेट कुमार
बुलेट कुमार का 28 जुलाई को पटना के मेदांता हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ है. उनके दाहिनी टांग में घुटने के नीचे गोली लगी है.
सिवान के दरौली के रहने वाले बुलेट कुमार बीएसएफ़ में भर्ती होने की कोशिश कर रहे हैं.
वंबर में उनकी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा होनी है. मज़दूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले बुलेट कुमार के दो भाई हैं.
बुलेट के भाई धीरज कुमार गोंड ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात की.
उन्होंने कहा, "ये उस दिन डीएम ऑफिस आवास सर्टिफ़िकेट लेने जा रहा था. और रास्ते में इसे गोली लग गई. किसी ने फ़ोन करके जानकारी दी तो हम लोग सदर अस्पताल पहुंचे. इसके बाद इलाज के लिए पटना लाया गया."
धीरज कहते हैं कि गोली लगने से उनके भाई का जीवन बर्बाद हो गया.
वो पुलिस के रवैये पर सवाल करते हुए कहते है, "पुलिस किसी को भी गोली मार देगी. मेरा भाई भागदौड़ वाली परीक्षा देता है और सरकार ने उसके पांव को ही बेकार कर दिया."
वो पांच हज़ार रुपये कमाता है, उस पर घर चलाने की जिम्मेदारी है
सिवान में 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग को भी गोली लगी है. वो सिवान में एक किराये के घर में रहते हैं.
उनके पिता की मौत हो चुकी है और घर चलाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं पर है.
वो एक दुकान में 5,000 रुपये प्रति महीना के वेतन पर काम करते हैं. मेदांता से डिस्चार्ज होने के बाद वो सिवान लौट गए हैं.
नाबालिग के चचेरे भाई ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बताया, "उनके गले के पास गोली लगी है. डॉक्टर ने उन्हें ज़्यादा बोलने से मना किया है. यहां सिवान में मिलने वाले लोग बहुत आ रहे थे इसलिए उसे नानी घर भेज दिया. उसकी हालत ठीक है."
मेदांता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के एमडी रविशंकर सिंह बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहते हैं, "सभी मरीजों की हालत ठीक है. इन तीनों मामले में किसी को भी मेजर इंजरी (बड़ी चोट) नहीं थी. हमारे अस्पताल में अभी सिर्फ बुलेट कुमार का इलाज़ चल रहा है जिनको जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा."
बिहार में स्टूडेंट्स आंदोलन को लेकर 407 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हुई है. सरकार ने इन प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का फैसला लिया है.
इन प्रदर्शनों के दौरान 19 स्टूडेंट्स और आम लोग घायल हुए हैं, वहीं 164 पुलिसकर्मी और बिहार सरकार के अधिकारी भी घायल हुए है.
पुलिस ने सिवान में गोली लगने से घायल युवकों के बयानों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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