जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. एफ़डब्लूआईसीई ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के बहिष्कार की अपील वापस ली, निकिता यादव

    रणवीर सिंह

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    इमेज कैप्शन, रणवीर सिंह ने कथित तौर पर शूटिंग शुरू होने से महज़ कुछ हफ़्ते पहले एक आने वाली फ़िल्म से ख़ुद को अलग कर लिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय फ़िल्म से जुड़ी एक बड़ी यूनियन ने अपनी वह अपील वापस ले ली है, जिसमें उसने अपने सदस्यों से बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के साथ काम न करने को कहा था.

    यह अपील रणवीर सिंह के एक आने वाली फ़िल्म से कथित तौर पर अचानक बाहर हो जाने के बाद की गई थी.

    फ़ेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज़ (एफ़डब्लूआईसीई) ने पिछले महीने यह अनौपचारिक बैन तब लगाया था, जब 'डॉन 3' के प्रोड्यूसर्स ने शिकायत की थी कि रणवीर सिंह ने फ़िल्म की शूटिंग शुरू होने से महज़ कुछ हफ़्ते पहले ही फ़िल्म छोड़ दी.

    बॉयकॉट वापस लेने का यह फ़ैसला तब आया, जब ख़बरों के मुताबिक़ रणवीर सिंह ने फ़ेडरेशन को एक लीगल नोटिस भेजा. हालाँकि बीबीसी ने यह नोटिस नहीं देखा है.

    साल 2023 में अनाउंस हुई फ़रहान अख़्तर की 'डॉन 3' को बॉलीवुड की सबसे कामयाब और लंबे समय तक चलने वाली एक्शन फ़्रैंचाइज़ी में से एक का अगला चैप्टर बताया गया था.

    साल 1978 में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के लीड रोल वाली फ़िल्म डॉन रिलीज़ हुई थी और बाद में फ़रहान अख़्तर ने शाहरुख़ ख़ान को लीड रोल में लेकर साल 2006 में इसका रीमेक बनाया था.

    फिर शाहरुख़ ख़ान को ही लेकर फ़रहान ने डॉन-2 भी बनाई थी.

    इस फ़्रैंचाइज़ी को इसके अगले चैप्टर में आगे बढ़ाने के लिए रणवीर सिंह को चुना गया था.

  2. अब तक बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

  3. भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रस्ताव मंजूर, अब होगा 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय', शुरैह नियाज़ी, भोपाल से, बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय

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    इमेज कैप्शन, अरबी-पर्शियन विभाग की प्रमुख डॉक्टर ताहिरा अब्बासी ने प्रस्ताव का विरोध किया है

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने का फैसला लिया गया है. इसके मुताबिक़, अब विश्वविद्यालय का नया नाम 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' होगा.

    यह फैसला विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में बुधवार को लिया गया.

    राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत के साथ ही साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर करने का प्रस्ताव रखा गया.

    बैठक में मौजूद कार्य परिषद सदस्य और विश्वविद्यालय की अरबी-पर्शियन विभाग की प्रमुख डॉक्टर ताहिरा अब्बासी ने प्रस्ताव काविरोध किया. उन्होंने कहा कि बरकतउल्ला भोपाली ख़ुद एक स्वतंत्रता सेनानी थे, इसलिए इस विश्वविद्यालय का नाम नहीं बदला जाना चाहिए.

    इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने नाम बदलने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि अंतिम रूप से नाम में बदलाव लागू होने के लिए राज्य सरकार और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं की औपचारिकताएं पूरी की जानी बाक़ी हैं.

    मौलाना मोहम्मद बरकतउल्ला भोपाली

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    इमेज कैप्शन, मौलाना मोहम्मद बरकतउल्ला भोपाली (1854–1927) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे

    यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉक्टर एबी सिंह ने पत्रकारों को बताया कि नाम बदलने के संबंध में दो फैसला लिया गया है उसका प्रस्ताव जल्द ही शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.

    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की स्थापना साल 1970 में भोपाल विश्वविद्यालय के रूप में हुई थी. बाद में साल 1988 में इसका नाम स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी चिंतक मौलाना बरकतउल्ला भोपाली के सम्मान में बदलकर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय रखा गया था.

    मौलाना मोहम्मद बरकतउल्ला भोपाली (1854–1927) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारियों में से एक थे और भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे.

    उनका जन्म भोपाल में हुआ था. वे विदेशों में रहकर भारत की आज़ादी के लिए सक्रिय अभियान चलाते रहे.

    वे गदर आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में शामिल थे. उन्होंने जापान, अमेरिका, जर्मनी और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों में रहकर ब्रिटिश साम्राज्य के ख़िलाफ़ जनमत तैयार किया. उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अंतरराष्ट्रीय चेहरों में गिना जाता है.

  4. बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में आग लगने से चार लोगों की मौत

  5. मवेशी चराने निकले युवक के 'प्यार' में एलओसी पार कर जम्मू-कश्मीर पहुँचने का क्या है मामला

  6. पीएम मोदी के ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए बीजेपी ने राहुल गांधी पर लगाया दुष्प्रचार का आरोप

    नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी एक साल के बाद प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे (फ़ाइल फ़ोटो)

    बीजेपी ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस दावे पर पलटवार किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साल के बाद पद पर नहीं रहेंगे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बीजेपी ने राहुल गांधी पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया.

    केंद्र में सत्ता पर बैठी बीजेपी ने यह भी कहा कि देश में एकमात्र आपातकाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने लगाया था.

    लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने बुधवार को दावा किया कि मोदी एक साल के बाद प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे क्योंकि ''जो व्यवस्था कभी उनके नियंत्रण में थी वह अब हिल गई है और अंदर ही अंदर ध्वस्त हो रही है.''

    बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "राहुल गांधी ये जान चुके हैं कि वो लोकतांत्रिक रूप से देश की जनता का भरोसा नहीं जीत सकते, तो वो अब लोकतंत्र, भारत की स्थिरता और सुरक्षा का ही विरोध करने लग गए हैं "

  7. जाने-माने फ़िल्म निर्माता पहलाज निहलानी का निधन, रवि जैन, मुंबई से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    पहलाज निहलानी

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    इमेज कैप्शन, पहलाज निहलानी सेंसर बोर्ड के प्रमुख भी रहे थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    जाने-माने फ़िल्म निर्माता पहलाज निहलानी का गुरुवार सुबह मुम्बई में निधन हो गया है.

    पहलाज निहलानी के परिवार के एक सदस्य ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में उनकी मौत की पुष्टि की. वो पिछले कुछ महीनों से काफ़ी बीमार चल रहे थे.

    फिल्म निर्माता होने के अलावा वो सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके थे और सेंसर चीफ़ के तौर पर उनका कार्यकाल बोर्ड के इतिहास में सबसे विवादास्पद साबित हुआ.

    तमाम विवादों के बाद उन्हें 9 साल पहले 2017 में सेंसर चीफ़ के पद से हटाकर प्रसून जोशी को अध्यक्ष बनाया गया था.

    पहलाज निहलानी ने 'आग ही आग', 'इल्ज़ाम', 'शोला और शबनम', 'आंखें' जैसी सुपरहिट फ़िल्में बनाकर एक निर्माता के तौर पर पहचान बनाई थी.

    गोविंदा, चंकी पांडे, नीलम जैसे मशहूर कलाकारों, के करियर को अहम मकाम दिलाने में पहलाज निहलानी का ही हाथ माना जाता है.

    उनका अंतिम संस्कार आज यानी गुरुवार दोपहर 3 बजे सांताक्रूज़ हिंदू श्मशान घाट पर किया जाएगा.

  8. एग्ज़िट बंद थे और खिड़कियां सील... आग से 21 ज़िंदगियां लेने वाले इस होटल में थीं कई खामियां

  9. नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे के ताज़ा आंकड़ों पर कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि सरकार आंकड़ों को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़कर पेश करती है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेशलन फ़ैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है.

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मोदी सरकार न सिर्फ़ स्वास्थ्य और पोषण के मामले में भारत की महिलाओं और बच्चों के साथ धोखेबाज़ी की है, बल्कि वह जानबूझकर ऐसे अहम आंकड़े को भी छिपाती है, जो उसकी नाकामियों को उजागर करता है.''

    उन्होंने आगे लिखा, ''नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे-6 (एनएफ़एचएस-6) के आंकड़ों ने बीजेपी की नाकाबिलियत को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है. हर 5 में से 1 बच्चा गंभीर रूप से कुपोषण का शिकार है. भारत के एक-तिहाई बच्चों का वज़न कम है. 6 से 23 महीने की उम्र के 84% से ज़्यादा बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता.''

    खड़गे ने लिखा है कि 15 से 49 साल की उम्र की 57% महिलाएँ एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं और हर 5 में से 1 महिला कुपोषित है.

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर आंकड़ों को चुनकर छिपाने, कमज़ोर तबके को उनके हाल पर छोड़ देने का आरोप लगाया.

    गौरतलब है कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने साल 2023-24 के नेशलन फ़ैमिली हेल्थ सर्वे-6 के आंकड़े जारी किए हैं.

  10. भारत में इसराइल के राजदूत ने ईरान पर हमले के बारे में क्या कहा

    भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार

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    इमेज कैप्शन, भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने कहा है कि ईरान इस समय सबसे कमज़ोर स्थिति में है (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने आरोप लगाया है कि ईरान बहुत ही बुरे इरादे के साथ बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियार बनाने की होड़ में लगा हुआ था.

    उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “हम कई सालों से कूटनीति, राजनीतिक और आर्थिक दबाव के ज़रिए ईरानी शासन को अपना रवैया बदलने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इससे कोई फ़ायदा नहीं हुआ, अब हम उन्हें सैन्य तरीकों से मनाने की कोशिश कर रहे हैं.”

    उन्होंने कहा, ”हमने शुरू में ही कह दिया था कि हमारा ईरान पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है... उन्होंने असल में बिना किसी वजह के अपने पड़ोसियों पर हमला किया है. मुझे लगता है कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे.”

    उन्होंने इस बातचीत में दावा किया कि ईरानी शासन इस सारी बयानबाज़ी के बावजूद कि वह युद्ध में विजयी हुआ है, वह असल में एक बहुत ही कमज़ोर स्थिति में है.

    रूवेन अज़ार ने पहलगाम हमले की तुलना सात अक्तूबर 2023 को इसराइल पर हुए हमले से की.

  11. 'बांग्लादेश में हत्या' से जुड़े ममता बनर्जी के बयान पर पड़ोसी देश के राजनीतिक दलों ने क्या कहा?

  12. बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा: बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से की ये अपील

    केदारनाथ

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    इमेज कैप्शन, केदारनाथ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़

    बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह ने दोनों तीर्थस्थलों की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं से अपील की है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ''अब धीरे-धीरे बरसात का मौसम भी आने वाला है. यहाँ भीड़ बहुत ज़्यादा है और जोशीमठ को वन-वे भी किया गया है. जो लोग यहाँ आ रहे हैं वे अपना रजिस्ट्रेशन ज़रूर कराएं. इससे हमारे पास एक आंकड़ा रहता है.''

    उन्होंने कहा है कि जो लोग बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा पर आ रहे हैं वो अपने ठहरने की व्यवस्था पहले से कर के आएं, ताकि बाद में होने वाली तकलीफ़ से बचा जा सके.

    उन्होंने कहा, ''यात्रियों को थोड़ा कष्ट ज़रूर होगा क्योंकि भीड़ ज़्यादा है और कतारें लंबी लग रही हैं. दर्शन करने में थोड़ा वक़्त ज़रूर लग सकता है इसलिए धैर्य बनाकर रखें.''

    बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. दोनों ही तीर्थस्थलों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अब तक दस लाख से श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम की यात्रा की है, जबकि सवा आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए हैं.

  13. फ़िल्म अभिनेता प्रकाश राज ने कॉकरोच जनता पार्टी को दिया समर्थन, जानिए क्या कहा

    प्रकाश राज

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    इमेज कैप्शन, प्रकाश राज ने 'सभी युवा कॉकरोचों' से दिल्ली पहुंचने का आग्रह' किया है

    फ़िल्म अभिनेता प्रकाश राज ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' को समर्थन देने की घोषणा की है और कहा है कि वो इसके लिए 6 जून को दिल्ली आने की कोशिश करेंगे.

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 6 जून को भारत लौटेंगे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करेंगे.

    अभिजीत दीपके फ़िलहाल अमेरिका में हैं. उन्होंने वहां पर बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया है.

    अभिजीत दीपके नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

    प्रकाश राज ने लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की एक एक्स पोस्ट को शेयर भी किया है.

    प्रकाश राज ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "मैं 6 तारीख को वहाँ पहुँचने की कोशिश कर रहा हूँ, ताकि सबसे प्रासंगिक 'कॉकरोच आंदोलन' के प्रति अपनी एकजुटता दिखा सकूँ."

    "मैं अभी एक फ़िल्म की शूटिंग के सिलसिले में काफ़ी दूर हूँ (यह मेरी पहले से तय ज़िम्मेदारी है), फिर भी मैं वहाँ पहुँचने की पूरी कोशिश कर रहा हूँ. सभी युवा 'कॉकरोचों' से मेरा आग्रह है कि वे रेंगते हुए वहाँ पहुँचें."

    इससे पहले सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा है, "अगर हम नहीं, तो कौन? अगर अभी नहीं, तो कब? अगर 5 जून तक हालात नहीं बदलते, तो मैं 6 जून को दिल्ली में सीजेपी सदस्यों के साथ शामिल हो जाऊँगा."

    उन्होंने लिखा है, "अगर हालात इतने बिगड़ जाएँ, तो किसी भी स्वाभिमानी मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए... लाखों युवाओं की ज़िंदगी पर पड़ने वाले असर की तो बात ही छोड़िए, बल्कि इससे तो भारत का भविष्य ही दाँव पर लग जाता है."

  14. सूर्यकुमार यादव की टी20 कप्तानी पर क्यों लगाई जा रहीं अटकलें

  15. ट्रंप की नेतन्याहू के साथ 'तल्ख़ बातचीत' ने ईरान वार्ता को और उलझाया

  16. बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में आग लगने से कई लोगों की मौत

    मुज़फ़्फ़रपुर के ज़िलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन

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    इमेज कैप्शन, मुज़फ़्फ़रपुर के ज़िलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने हॉस्पिटल में आग लगने से लोगों की मौत की पुष्टि की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ ज़िले के प्रसाद हॉस्पिटल में यह घटना हुई है.

    स्थानीय ज़िलाधिकारी ने बताया है कि हॉस्पिटल के आईसीयू में आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है.

    बाद में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की.

    इस घटना में और भी लोगों के प्रभावित होने की आशंका है और कई ख़बरों में मारे गए लोगों की संख्या क़रीब दस बताई जा रही है, जबकि कई लोग घायल भी हैं. मृतकों और घायलों में से ज़्यादातर हॉस्पिटल में भर्ती मरीज़ बताए जा रहे हैं.

    यह घटना गुरुवार तड़के क़रीब 3 बजे की है. आईसीयू में आग लगने के बाद कई मरीज़ों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

    ज़िलाधिकारी के मुताबिक़ पहली नज़र में यह घटना शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई दिखती है. हालाँकि इस मामले में पूरी जानकारी जांच की बाद ही मिल पाएगी.

    कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें दिख रहा है कि हॉस्पिटल से मरीज़ों को बाहर निकाला जा रहा है.

  17. इसराइल और लेबनान के बीच इस शर्त के साथ हुआ युद्धविराम समझौता, डेविड ग्रिटन और हेलेन सुलीवन

    बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमले के बाद की तस्वीर

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    इमेज कैप्शन, बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमले के बाद की तस्वीर

    अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा है कि इसराइल और लेबनान ने सीज़फ़ायर लागू करने पर सहमति जताई है, हालाँकि इसके लिए एक शर्त यह है कि हिज़्बुल्लाह को अपने हमले पूरी तरह रोकने होंगे.

    यह सहमति तब बनी जब बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में कम से कम नौ लोग मारे गए और हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट हमले किए.

    अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान में कहा, "सभी देशों ने इस बात की पुष्टि की है कि इसराइल और लेबनान के बीच संबंधों का भविष्य दोनों संप्रभु सरकारों को ही तय करना चाहिए. उन्होंने किसी भी देश या नॉन स्टेट एक्टर की ओर से लेबनान के भविष्य को बंधक बनाने के किसी भी प्रयास को ख़ारिज किया."

    यह समझौता इस शर्त पर भी आधारित है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल के नियंत्रण वाले उस क्षेत्र से "हिज़्बुल्लाह के सभी लड़ाकों को हटा दिया जाए". यह इलाक़ा लिटानी नदी से लेकर सीमा तक फैला हुआ है और जिसे समझौते में 'साउथ लिटानी सेक्टर' कहा गया है.

    मार्च के अंत में, इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा था कि आईडीएफ़ दक्षिणी लेबनान के एक बड़े इलाक़े में एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित करेगा, और जब तक उत्तरी इसराइल सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक विस्थापित हुए हज़ारों निवासियों को वहां वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    यह सीज़फ़ायर समझौता सोमवार को हुई एक आंशिक सीज़फ़ायर सहमति के बाद आया है. लेबनान ने कहा था कि इस सहमति के तहत इसराइल बेरूत पर बमबारी नहीं करेगा, जिसके बदले में हिज़्बुल्लाह इसराइल पर हमला नहीं करेगा.

    दोनों देश 22 जून को फिर मिलेंगे ताकि "एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के मक़सद से" आगे की बातचीत की जा सके. हिज़्बुल्लाह ने अभी तक इस घोषणा पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.

  18. अमेरिका की आज़ादी के 250 सालः ट्रंप के इन फ़ैसलों से नाराज़ हैं कई लोग

  19. ईरान युद्ध पर राष्ट्रपति ट्रंप को अमेरिकी संसद ने दिया बड़ा झटका, क्वासी ग्यांफ़ी असीडू, वॉशिंगटन

    ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस से मंज़ूरी नहीं ली थी

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स ने एक प्रस्ताव पास किया है.

    यह प्रस्ताव 208 के मुक़ाबले 215 वोटों से पास हुआ. ऐसा तब संभव हुआ जब चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेटिक पार्टी का साथ दिया.

    अमेरिकी संसद में युद्ध को लेकर असहमति का ऐसा सार्वजनिक प्रदर्शन कभी-कभार ही देखने को मिलता है.

    ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका ने इसी साल फ़रवरी में युद्ध शुरू किया था. यह चौथी बार है जब हाउस ने ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों पर लगाम लगाने की कोशिश की है.

    आलोचकों का कहना है कि ट्रंप ने इन शक्तियों के लिए संसद की मंज़ूरी नहीं ली थी.

    हाउस के इस प्रस्ताव को अभी भी रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण वाली अमेरिकी सीनेट की मंज़ूरी मिलना बाकी है.

    भले ही यह प्रस्ताव सीनेट में पास हो जाए, लेकिन इस बात की संभावना कम ही है कि यह ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से रोक पाएगा.

    ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो इसे रद्द करने के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होगी.

    सीनेट ने मई में भी इसी तरह का एक प्रस्ताव आगे बढ़ाया था. सात पिछली नाकाम कोशिशों के बाद यह प्रस्ताव आगे बढ़ा था, लेकिन अभी तक इस पर पूरे सदन में वोटिंग नहीं हुई है.