जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
- नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
- पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
- अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
- चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
- पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, तीन नागरिकों की मौत, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिन्दी के लिए

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इमेज कैप्शन, उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में फिर से हिंसा हुई है मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में हिंसा की एक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है.
कांगपोकपी थाने के प्रभारी मिन किपगेन ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "यह हमला शुक्रवार तड़के क़रीब 4 बजे किया गया. हथियारों से लैस संदिग्ध उग्रवादियों ने लोइबोल खुलेन गांव में अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई है."
उन्होंने आगे कहा, "हमलावरों ने कुछ घरों को भी आग लगा दी थी. फिलहाल पुलिस की टीम आस-पास के इलाक़ों में हमलावरों की तलाश में अभियान चला रही है."
पुलिस ने इस हमले में मारे गए लोगों की पहचान लेटखोंगम हाओकिप, उनकी पत्नी टिनमेरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप के तौर पर की है. ये सभी लोइबोल खुलेन गांव के रहने वाले थे.
इस बीच कुकी-ज़ो जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली शीर्ष संस्था, कुकी इनपी मणिपुर ने इस हमले की निंदा करते हुए नगा चरमपंथी संगठन एनएससीएन -आईएम और उसके कथित प्रॉक्सी समूह जेडयूएफ(के) को ज़िम्मेदार ठहराया है.
इस हमले को लेकर कुकी इनपी ने एक बयान जारी कर कहा, "यह निहत्थे नागरिकों पर 'बर्बर हमला' है. निर्दोष ग्रामीणों की जानबूझकर हत्या और उनके घरों, आजीविका को नष्ट करना, मानवीय गरिमा और मौलिक मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है."
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार अपनी सुरक्षा एजेंसियों से इस घटना की तुरंत जांच शुरू करवाए. सरकार बिना किसी देरी के हमलावरों को पकड़कर पीड़ितों को न्याय देने की व्यवस्था करें."
मणिपुर में बीते तीन साल से जारी जातीय तनाव और हिंसा के माहौल में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं. पहले यह हिंसा कुकी जनजाति और मैतेई समुदाय के बीच शुरू हुई और इस साल फरवरी से कुकी और मणिपुर में बसे नगा जनजाति के बीच नई हिंसा शुरू हो गई है.
इस ताजा हिंसा को लेकर कुकी जनजाति के जितने भी नागरिक संगठनों ने बयान जारी किया है, उसमें नगा चरमपंथी गुटों को जिम्मेदार ठहराया गया है.
हालांकि अब तक नगा चरमपंथी समूहों की तरफ से घटना से संबंधित किसी भी आरोप का जवाब नहीं आया है.
पेपर लीक मामले पर दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, एनटीए को लेकर की ये मांग

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इमेज कैप्शन, नीट पेपर लीक मामले पर विपक्षी नेता लगातार पीएम मोदी पर निशाना साथ रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो) कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसके ज़रिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है कि वह पिछले आठ साल में एनटीए की ओर से आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं पर एक श्वेत पत्र जारी करे.
इस पत्र में दिग्विजय सिंह ने जांच, गिरफ्तारियों, चार्जशीट या क्लोज़र रिपोर्ट और अभियुक्तिों की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है.
उन्होंने कहा कि अधिक पारदर्शिता से परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी.
दरअसल नीट के आयोजन में होने वाली परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से विवाद होता रहा है.
3 मई को हुई नीट की परीक्षा के बारे में 7 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को शिकायत मिली कि परीक्षा के कई प्रश्न लीक हो गए हैं. उसके बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी. यह दोबारा यह परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी.
नीट की परीक्षा को लेकर विपक्षी दलों से लेकर अन्य संगठन भी सरकार पर लगातार निशाना साथ रहे हैं.
विपक्षी दलों ने इसे लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है.
नोएडा की सोसाइटी में लगी आग को लेकर दमकल विभाग ने क्या कहा?
भारत के साथ डील को लेकर पूछे गए सवाल पर क्या बोले ट्रंप?
विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भारत ने उठाए ये क़दम

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भारत सरकार ने गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ मार्केट को मज़बूत करने के लिए अहम क़दम उठाया है.
सरकार ने एक अध्यादेश के ज़रिये आयकर अधिनयम में संशोधन किया है.
सरकार ने गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ में (विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स) एफ़पीआई के निवेश पर लागू टैक्स नियमों को आसान बनाने का फैसला किया है. इसके तहत ऐसे निवेश पर मिलने वाले किसी भी ब्याज या कैपिटल गेन को इनकम टैक्स से छूट दी जाएगी.
यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, यानी इस तारीख़ या इसके बाद सरकारी सिक्योरिटीज़ में निवेश से एफ़पीआई को होने वाले किसी भी ब्याज या कैपिटल गेन पर यह छूट मिलेगी.
इसी तरह की इनकम-टैक्स छूट 'बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स' को भी गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ में उसके निवेश से होने वाले किसी भी ब्याज या कैपिटल गेन के लिए दी गई है.
इससे लंबे समय तक टिकने वाली विदेशी पूंजी और पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियों और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे लॉन्ग-टर्म निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
सरकार के मुताबिक़ इन सुधारों का मक़सद कामकाज की मुश्किलों को कम करना, बाज़ार तक पहुंच आसान बनाना और निवेशकों को दुनिया के प्रमुख फाइनेंशियल मार्केट की तरह बेहतर निवेश अनुभव देना है.
सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से भारतीय इक्विटी और सरकारी सिक्योरिटीज़ के लिए निवेशकों का दायरा बढ़ेगा और भारत में निवेश करने के इच्छुक दुनिया भर के निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी.
बांग्लादेश ने कहा, भारत की ओर से लोगों को जबरन भेजने की कई कोशिशों को किया नाकाम

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इमेज कैप्शन, भारत और बांग्लादेश के बीच लंबी ज़मीनी सीमा है (फ़ाइल फ़ोटो) बांग्लादेश ने गुरुवार को कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में भारत की ओर से लोगों को जबरन देश में भेजने की कई कोशिशों को नाकाम कर दिया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने कहा कि उसने सीमा के कई हिस्सों में भारतीय अधिकारियों की ओर से घुसपैठ की 10 कोशिशों का पता लगाया है, हालाँकि भारत के बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ़) और विदेश मंत्रालय ने इस पर टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया.
भारत और बांग्लादेश के बीच दुनिया की सबसे लंबी ज़मीनी सीमाओं में से एक है, जो चार हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा इलाक़े में फैली है और इसमें हर तरह की ज़मीन शामिल है, जिससे इसकी निगरानी करना मुश्किल हो जाता है.
भारत की केंद्र की सत्ता पर काबिज़ बीजेपी की त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में सरकार है. बीजेपी ने कई बार कहा है कि ‘अवैध घुसपैठियों’ की समस्या उसकी प्राथमिकता में शामिल है.
इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है. ख़ासकर साल 2024 में भारत-समर्थक नेता रहीं बांग्लादेश की नेता शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद यह मुश्किल और बढ़ गई है.
रॉयटर्स के मुताबिक़ बीजीबी ने एक बयान में कहा, "किसी भी व्यक्ति या समूह को सीमा के ज़रिए अवैध रूप से बांग्लादेश में घुसने की इजाज़त नहीं दी जाएगी." साथ ही कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा प्रबंधन के नियमों और द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करने की किसी भी कोशिश का "सख्ती से विरोध" किया जाएगा.
बांग्लादेश ने पिछले महीने सीमा के कुछ हिस्सों में गश्त बढ़ा दी थी और जन-जागरूकता अभियान शुरू किए थे. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि चिंता थी कि भारत अवैध रूप से लोगों को बांग्लादेश भेज रहा है.
अधिकारी, मानवाधिकार समूह और विश्लेषक इसे "पुश-इन" कहते हैं. यानी बिना सत्यापन और वापसी की प्रक्रियाओं के लोगों को बांग्लादेश भेजना.
भारत के विदेश मंत्रालय ने मई में पत्रकारों को बताया था कि उसने बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से रह रहे 2,860 से ज़्यादा संदिग्ध बांग्लादेशियों की राष्ट्रीयता की पुष्टि करने को कहा था.
तमिलनाडु: के अन्नामलाई ने बीजेपी से दिया इस्तीफ़ा, पार्टी अध्यक्ष ने किया मंज़ूर

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इमेज कैप्शन, के अन्नामलाई का इस्तीफ़ा पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया है (फ़ाइल फ़ोटो) तमिलनाडु के वरिष्ठ बीजेपी नेता के अन्नामलाई ने पार्टी से आधिकारिक तौर पर इस्तीफ़ा दे दिया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.
के अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई साल 2020 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे.
अन्नामलाई बीते कुछ साल में तमिलनाडु में बीजेपी के बड़े नेताओं में गिने जाते थे. उनका इस्तीफ़ा तमिलनाडु की सियासत के लिए बड़ी घटना मानी जा रही है.
माना जा रहा है कि इस्तीफ़ा स्वीकार होने के बाद अब वो अपनी अगली रणनीति की घोषणा कर सकते हैं, जिनमें एक नई पार्टी बनाने की संभावना भी शामिल है.
कर्नाटक: रामलिंगा रेड्डी ने डीके शिवकुमार मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफ़ा, इमरान कुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी न्यूज़ हिंदी के लिए

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बेंगलुरु डेवलपमेंट विभाग नहीं मिलने पर कर्नाटक में कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने डीके शिवकुमार की सरकार में मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
कर्नाटक में कांग्रेस के 'मजबूत नेता' माने जाने वाले रेड्डी को गुरुवार देर रात लोक भवन से जारी लिस्ट में बड़े और मध्यम सिंचाई विभाग का पोर्टफोलियो दिया गया था.
शिवकुमार मंत्रिमंडल में बेंगलुरु डेवलपमेंट पोर्टफोलियो कृष्णा बायरे गौडा को दिया गया था.
रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, "मंत्रिमंडल में काम करना मेरे ज़मीर के ख़िलाफ़ है. साल 1992 में वीरप्पा मोइली की सरकार में मंत्री बनने के बाद से मैंने कभी कोई पोर्टफोलियो नहीं मांगा."
रेड्डी ने कहा कि सिद्धारमैया ने उन्हें साल 2023 में बेंगलुरु डेवलपमेंट पोर्टफोलियो देने की पेशकश की थी.
उन्होंने कहा, "लेकिन शिवकुमार मेरे घर आए और मुझसे कहा कि ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनने के बाद वे मुझे यह पोर्टफोलियो सौंप देंगे."
उस वक़्त रेड्डी को ट्रांसपोर्ट और मुज़राई पोर्टफोलियो दिए गए थे.
उन्होंने कहा, "मुझे सिद्धारमैया या शिवकुमार से कोई नाराज़गी नहीं है और मैं (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन) खड़गे से भी नाराज़ नहीं हूं. कोई कितना अपमान सह सकता है?"
उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख अतिरिक्त मुख्य सचिव को अपने एक पर्सनल असिस्टेंट के ज़रिए अपना इस्तीफ़ा पत्र भेज रहे हैं.
रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफ़े पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "चिंता करने की कोई बात नहीं है. वे मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं. हम मंत्रिमंडल में सबसे घनिष्ठ मित्रों में से हैं. हम इस समस्या को सुलझा लेंगे."
साल 1973 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए रेड्डी ने 1992 से गृह विभाग सहित कई पोर्टफोलियो संभाले हैं.
रेड्डी ने कहा, "मैं विधायक बना रहूंगा और कांग्रेस पार्टी में ही रहूंगा."
कुवैत एयरपोर्ट हमले में उज्जैन के शख़्स की मौत, शादी में शामिल होने भारत आ रहे थे
ज़ेलेंस्की ने पुतिन को लिखा खुला ख़त, बातचीत पर क्या कहा

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इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की ने कहा है कि पुतिन पर बढ़ती उम्र का असर दिखने लगा है (फ़ाइल फ़ोटो) यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ जंग ख़त्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है.
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में ख़ुद और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आमने-सामने की मुलाक़ात की इच्छा ज़ाहिर की है.
यूक्रेनी नेता ने लिखा, "जब तक कि यूरोप में चल रहा युद्ध एक बार फिर अमेरिका के ध्यान का केंद्र न बन जाए, सिर्फ़ इंतज़ार करना ग़लत होगा."
उन्होंने आगे कहा कि शांति केवल यूक्रेन और रूस के बीच "सीधी बातचीत के ज़रिए ही" आ सकती है.
उन्होंने प्रस्तावित बातचीत तक के लिए पूरी तरह से युद्धविराम की भी अपील की है, जिसे पुतिन ने गुरुवार को पहले ही खारिज कर दिया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उन्हें लगता है कि अगर दोनों नेता मिलते हैं तो "यह बहुत अच्छा होगा."
क्रेमलिन ने पुष्टि की कि उसे ख़त मिल गया है और पुतिन को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी.
ख़त का लहजा चुनौती भरा, यहाँ तक कि मज़ाकिया भी था, जिसमें रूसी क्षेत्र पर यूक्रेन के हालिया हमलों की ओर ध्यान दिलाया गया था.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "सत्ता में 26 साल बिताने के बाद, पुतिन की बढ़ती उम्र अब अपना असर दिखाने लगी है."
ख़त में एक निमंत्रण भी दिया गया था.
ज़ेलेंस्की ने लिखा, "यूक्रेन हमारे और आपके बीच सीधी बातचीत के ज़रिए इस युद्ध को खत्म करने का प्रस्ताव रखता है. मैं इसके लिए एक मुलाक़ात का प्रस्ताव रख रहा हूँ."
दिल्ली में पानी की कमी को लेकर सीएम रेखा गुप्ता के बयान की क्यों हो रही चर्चा

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इमेज कैप्शन, रेखा गुप्ता पहले भी अपने कई बयानों की वजह से सुर्खियों में रही हैं (फ़ाइल फ़ोटो) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने बयान की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में हैं. दिल्ली में पानी की कमी को लेकर उनके ताज़ा बयान को कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
रेखा गुप्ता ने कहा है कि गर्मी के कारण पानी भाप बनकर उड़ जाता है जिसकी वजह से पानी की कमी हो गई है.
उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ''पानी की कितनी दिक्कत हो रही है. आजकल के समय में जब इतनी भरी गर्मी पड़ रही है. पानी हमारा जो आता है, बीच में कुछ पानी इवैपोरेट (भाप बनकर उड़ जाना) हो जाता है, तो उसके कारण कमी हो जाती है.''
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रेखा गुप्ता के इस बयान को शेयर करते हुए लिखा, ''दिल्ली में पानी के संकट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के ये विचार हैं.''
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली में पानी का संकट है और यह यहाँ की मुख्यमंत्री के विचार हैं. भगवान बचाए. बीजेपी में ऐसे शिरोमणियों की भरमार है."
कांग्रेस की एक अन्य प्रवक्ता रागिनी नायक ने एक्स पर लिखा, “जो पानी हमारा आता है, वो बीच में इवैपोरेट हो जाता है इसीलिए पानी की कमी हो रही है. दिल्ली में पानी की किल्लत पर ये हैं दिल्ली की मुख्य-मंत्री रेखा गुप्ता जी के विचार."
सोशल मीडिया पर भी कई यूज़र्स ने इस बयान पर तंज कसते हुए टिप्पणी की है.
रेखा गुप्ता इससे पहले भी एक्यूआई और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े अपने बयानों की वजह से विपक्षी दलों के निशाने पर रही हैं.
ममता बनर्जी से मुसलमान विधायक भी दूरी क्यों बना रहे हैं?
कांग्रेस ने पवन खेड़ा को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, जानिए और किसको दिया मौक़ा

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इमेज कैप्शन, पवन खेड़ा हाल के दिनों में बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते रहे हैं (फ़ाइल फ़ोटो) कांग्रेस पार्टी ने पवन खेड़ा को राज्यसभा चुनावों के लिए कर्नाटक से अपना अपना उम्मीदवार बनाया है.
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कर्नाटक जैसे खूबसूरत राज्य से राज्यसभा के लिए नॉमिनेट होना मेरे लिए सम्मान की बात है. मुझे उम्मीद है कि नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा और विश्वास जताया है, मैं उस पर खरा उतरूँगा.”
पवन खेड़ा ने ख़ुद को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के अन्य नेताओं के प्रति आभार जताया है.
बीते दिनों पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद वो सुर्खियों में रहे.
खेड़ा के ख़िलाफ़ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की एफ़आईआर पर असम पुलिस की अपराध शाखा ने मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाते हुए एक मामला दर्ज किया था.
कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मंसूर अली ख़ान को भी उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को अपना उम्मीदवार बनाया है.
लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप के निधन पर शोक जताया है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "डॉक्टर सुभाष सी कश्यप के निधन से गहरा दुख हुआ, जिन्होंने लोकसभा के महासचिव के रूप में काम किया था. वे भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध करने वाला रहा."
पीएम मोदी ने लिखा, "उनके लेखन और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय थी. उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएँ."
सुभाष कश्यप के निधन पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति समेत कई अन्य नेताओं ने भी शोक जताया है.
97 साल के सुभाष कश्यप कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. उन्हें भारतीय संविधान के विशेषज्ञ के तौर पर जाना जाता था. उन्होंने इस पर किताब भी लिखी है.
सुभाष कश्यप लोकसभा के सातवें, आठवें और नौवें कार्यकाल के दौरान इसके महासचिव रहे थे.
वे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में 'वन नेशन वन इलेक्शन' यानी 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की संभावना पर विचार करने के लिए बनाई गई उच्चस्तरीय समिति के सदस्य भी थे.
दिल्ली आग हादसाः पिता और बेटे ने समझदारी से बचाई कई लोगों की जान
पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त, भारत के साथ ट्रेड डील जल्द होने की उम्मीद- ट्रंप

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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो जाएगा.
ट्रेड डील को लेकर उन्होंने कहा, ”हम एक समझौते पर पहुँच जाएँगे, क्योंकि मुझे प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) बहुत पसंद हैं. वे मेरे अच्छे दोस्त हैं और हमारी आपस में अच्छी बनती है. हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं."
हालांकि एक बार ट्रंप ने फिर दोहराया कि 'भारत ने अमेरिका पर बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगाए और इसके बदले अमेरिका को कुछ नहीं मिला.'
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "सालों तक भारत ने अमेरिका का फ़ायदा उठाया... उन्होंने हम पर बहुत ज़्यादा टैरिफ़ लगाए और बदले में कुछ नहीं दिया. अब स्थिति बिल्कुल विपरीत है. अब हम भारत से काफ़ी पैसा कमा रहे हैं.”
ग़ौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत लंबे समय से जारी है लेकिन अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है.
नमस्कार!
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पुतिन को ज़ेलेंस्की की चिट्ठी, दिया मिलने का न्योता
