जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना
जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.
सारांश
- नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
- पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
- अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
- चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
- पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
मोदी के लंबे कार्यकाल पर मलेशिया से लेकर मालदीव तक के राष्ट्रपति की ये टिप्पणी

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इमेज कैप्शन, पीएम मोदी को दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं (फ़ाइल फ़ोटो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने इस मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है.
उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं.
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक्स पर लिखा, "मैं भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देता हूं. श्रीलंका हमारी घनिष्ठ साझेदारी को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर आशान्वित है."
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने कहा, "भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के पद पर रहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई. मालदीव, आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और साझा हितों के लिए भारत के साथ सहयोग को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ने को इच्छुक है."
पीएम मोदी को मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भी बधाई दी है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, "भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई. यह उपलब्धि भारत के विकास, समृद्धि और वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में उनके वर्षों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का प्रमाण है."
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, "यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशकों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का एक सशक्त प्रमाण है. उन्हें आगे के लिए मेरी शुभकामनाएं."
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अफ़ग़ानिस्तान का दावा, 'पाकिस्तानी सेना के हमले में 11 बच्चों समेत 13 लोग मारे गए'

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इमेज कैप्शन, तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने 'पाकिस्तानी सेना के हमलों' को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताया है (फ़ाइल फ़ोटो) अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने "अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन" किया है और मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात डूरंड लाइन के पास कई प्रांतों में हवाई हमले किए.
ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा, "कल रात, पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर अफ़ग़ान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में नागरिकों के घरों पर बमबारी की."
उन्होंने दावा किया, "इन हमलों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग मारे गए हैं, जबकि अन्य 14 महिलाएं और बच्चे घायल हुए हैं."
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने इन हमलों को 'मानवीय अपराध' और 'आक्रामकता की कार्रवाई' बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.
इन हमलों को लेकर अब तक पाकिस्तान की ओर से कोई बयान नहीं आया है.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच बीते कुछ महीनों में तनाव बढ़ा है.
बीबीसी पश्तो के मुताबिक़, पाकिस्तान ने इसी साल मार्च में एक सेंटर पर हमला किया था. अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने इस हमले में कम से कम 269 लोगों की मौत की पुष्टि की थी और कहा था कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है.
पाकिस्तान अपने पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है.
वहीं, तालिबान सरकार ने बार-बार इन आरोपों का खंडन किया है और इस बात पर ज़ोर दिया है कि वह किसी को भी अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल किसी अन्य देश को नुक़सान पहुंचाने के लिए नहीं करने देगी.
ईरान ने मध्य-पूर्व स्थित इन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया

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इमेज कैप्शन, अमेरिकी-इसराइली हमलों के जवाब में ईरान ने मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया था (तस्वीर 28 फ़रवरी,2026 की है) ईरान में युद्ध प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने दक्षिणी ईरान के कुछ हिस्सों में अमेरिकी हमलों के एक घंटे बाद एक बयान जारी किया है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अनबिया मुख्यालय ने अमेरिकी सेना के हमलों के जवाब में मध्य-पूर्व में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है.
बयान में कहा गया, "अमेरिकी सेना की आक्रामकता के जवाब में क्षेत्र में स्थित कुछ अमेरिकी ठिकानों को ईरान की सेना और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के बहादुर जवानों ने एक ताक़तवार हमले के ज़रिए निशाना बनाया."
इसके अलावा आईआरजीसी ने भी एक बयान जारी किया है, जिसमें बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले का दावा किया गया.
ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, आईआरजीसी ने कहा, "रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने सुबह 2:30 बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें नौसैनिक बेड़े पर ड्रोन हमला किया."
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया है.
आईआरजीसी ने कहा कि उसने 'जॉर्डन के अल-अज़राक में अमेरिकी हवाई अड्डे पर स्थित एफ़-35 लड़ाकू जेट हैंगर और सेना कमान सहित चार महत्वपूर्ण ठिकानों को अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों से निशाना बनाया' है.
आईआरजीसी ने अपने एक अन्य बयान में उत्तरी फ़ारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया.
ईरानी मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि ड्रोन को 'बुशहर प्रांत के जाम काउंटी के ऊपर आसमान में निशाना बनाया गया' और 'नष्ट कर दिया गया'.
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार सुबह कहा कि ईरान की ओर से उसके हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की है, जो कि अब समाप्त हो गई है.
मध्य-पूर्व के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के दावे को लेकर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जिस आधार पर रद्द हुआ, वो कितना सही है?
अमेरिकी सेना ने कहा, 'अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई पूरी की'

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इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेना ने ईरान के 'एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों' को निशाना बनाने का दावा किया है (फ़ाइल फ़ोटो) अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बुधवार को अपने ताज़ा बयान में कहा है कि उसने अमेरिका के अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले के जवाब में कार्रवाई पूरी कर ली है.
सेंटकॉम ने कहा, "अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में सेना ने आत्मरक्षा के तहत 9 जून को ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई पूरी कर ली. यह कार्रवाई कमांडर-इन-चीफ़ के निर्देश पर की गई."
बयान में कहा गया कि अमेरिकी एयर फ़ोर्स और नेवी के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज़ स्ट्रेट के नज़दीक 'ईरान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और सर्विलांस रडार के ठिकानों को निशाना बनाया'.
सोमवार को अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलिकॉप्टर ओमान के तट के पास गिराया गया था. इस हेलिकॉप्टर में सवार दो क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था.
अमेरिका ने कहा- ईरान ने उसके हेलिकॉप्टर को मार गिराया, किया जवाबी हमला
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

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इमेज कैप्शन, कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था (फ़ाइल फ़ोटो) कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी नेताओं ने कई तरह के सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस ने इसे 'सीट चोरी' कहा है, तो वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी ने इसे 'सत्य की जीत' बताया है.
इस बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मामले पर तीख़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं.
शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने एक्स पर लिखा, "हम कभी लोकतंत्र थे. दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र, जहाँ संस्थाओं की निष्पक्षता और संप्रभुता राजनीतिक प्रभाव से मुक्त थी. अब... दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र."
वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "एक तुच्छ बहाना बनाकर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को ख़ारिज करना यह दिखाता है कि मोदी और शाह दोनों सदनों पर नियंत्रण पाने और संविधान में शोधन करने के लिए कितने बेताब हैं. वरना 2029 में उनका समय समाप्त हो जाएगा."
मंगलवार को मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द कर दिया गया. कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाया था.
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए.
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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, हंगामा क्यों?
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दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के हमले जारी, 29 लोगों के मारे जाने का दावा, एलियट बुरिन, लाइव रिपोर्टर

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इमेज कैप्शन, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि इसराइल के ताज़ा हमलों में 29 लोग मारे गए ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ इसराइल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है जबकि एक दिन पहले ही इसराइल और ईरान ने कहा था कि वे एक-दूसरे पर हमले रोकेंगे.
इसराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के शहर टायर पर हमला किया. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि आज देश में 29 लोग मारे गए हैं.
हिज़्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने सोमवार रात आगे बढ़ रही इसराइली सेना पर रॉकेट दागे. मार्च से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक लेबनान में कुल 3,666 लोग मारे जा चुके हैं.
इसी बीच, ईरानी मीडिया ने बताया कि सोमवार को इसराइल के हमले में ईरानी एयरफ़ोर्स के दो जवान मारे गए.
वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी सेना यह जांच कर रही है कि उसका एक अपाचे हेलीकॉप्टर होर्मुज़ स्ट्रेट के पास कैसे गिरा. हेलीकॉप्टर में सवार क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया था.
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मध्य प्रदेश: कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, चुनाव आयोग के बाहर नेताओं ने दिया धरना
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने ईरान-इसराइल के बीच सैन्य संघर्ष पर ये कहा

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इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (फ़ाइल फ़ोटो) संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और इसराइल के बीच फिर से बढ़े तनाव को चिंताजनक बताया है.
एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि लेबनान, ईरान और ग़ज़ा में युद्धविराम का पूरा पालन होना चाहिए.
एंटोनियो गुटेरेस ने एक्स पर लिखा, "मध्य पूर्व में फिर से बढ़ी हिंसा से मैं बहुत चिंतित हूं. सभी हमले तुरंत बंद होने चाहिए. लेबनान, ईरान और ग़ज़ा में युद्धविराम का पूरा पालन होना चाहिए. ऐसे किसी भी क़दम से बचना चाहिए जो कूटनीतिक कोशिशों को नुक़सान पहुँचा सकता है."
उन्होंने लिखा, "मैं इसराइल के उस फ़ैसले के कारण भी चिंतित हूं, जिसमें ग़ज़ा के रास्ते बंद कर दिए गए हैं. सभी रास्ते तुरंत खोले जाएं ताकि ग़ज़ा में मानवीय मदद बिना रुकावट पहुँच सके."
"अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुसार समुद्री रास्तों और आज़ादी का सम्मान होना चाहिए. सभी को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभानी चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव सावधानी बरतनी चाहिए."
गुटेरेस ने आगे लिखा, "मध्य पूर्व के संघर्षों का कोई सैन्य हल नहीं है. आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता बातचीत और समझौते हैं. मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वो कूटनीतिक हल की ओर काम करें, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा मिले."
गौरतलब है कि ईरान और इसराइल के बीच रविवार को सैन्य झड़पें शुरू हो गई थीं, इस दौरान मध्य पूर्व के कुछ और देश भी प्रभावित हुए हैं.
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा को लेकर ईरानी मीडिया ने दी ये जानकारी, ग़ोंचेह हबीबीज़ाद, बीबीसी फ़ारसी की वरिष्ठ संवादादाता

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इमेज कैप्शन, आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत 28 फ़रवरी को इसराइल और अमेरिका के हमले में हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो) ईरानी मीडिया ने कहा है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की अंतिम यात्रा इसी महीने यानी जून में हो सकती है. उन्होंने ये जानकारी आयोजकों के हवाले से दी है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक़, आयोजकों ने कहा है कि अंतिम यात्रा इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने के 10वें दिन के बाद होगी, जो 25 या 26 जून को होने की उम्मीद है.
ईरानी मीडिया ने ये पहले ही बता दिया था कि अंतिम यात्रा तेहरान, क़ोम और फिर उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित मशहद में होगी. मशहद ख़ामेनेई का जन्म स्थान है और वहीं उनके शव को दफ़नाया जाएगा.
ख़ामेनेई का अंतिम संस्कार कई बार युद्ध की वजह से हो रही सुरक्षा चिंताओं के कारण टल चुका है.
गौरतलब है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत 28 फ़रवरी को इसराइल और अमेरिका के हमले में हुई थी.
इसके बाद मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोजतबा ख़ामेनेई को उनकी जगह सुप्रीम लीडर बनाया गया था.
दिनभर वोडकास्ट: पुतिन के चीन दौरे के बाद जिनपिंग क्यों गए नॉर्थ कोरिया?
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उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सिलेंडर घटने पर राहुल गांधी ने क्या कहा

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इमेज कैप्शन, उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटाने के बाद राहुल गांधी ने इसे 'लूट का मोदी मॉडल' बताया है केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी पर मिलने वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटा दी है. इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना की है.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि उन्होंने लाखों महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ़ धकेल दिया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "12 वर्षों की ग़रीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और कंप्रोमाइज़्ड विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा किया है जहां लाखों ग़रीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ़ धकेल दिया गया है."
उन्होंने लिखा, "उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या को 9 से घटाकर 4 कर दिया गया. उस पर पिछले 3 महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 89 रुपये बढ़ा दिए गए - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, ग़रीबों का चूल्हा बुझाओ."
"प्रवासी मज़दूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी 323 रुपये महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या? अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की क़र्ज़माफ़ी दिलाना और ग़रीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है."
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तंज़ कसते हुए लिखा, "मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ़ ग़रीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की क़ीमत मज़दूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?"
गौरतलब है कि एलपीजी सिलेंडरों की संख्या घटाने का फ़ैसला ऐसे समय आया है, जब मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस सप्लाई बाधित हुई है.
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी के आवास और पार्टी कार्यालय पर पहुंची सीआईडी, ये है मामला

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इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी अपने आवास पर नहीं हैं, वो दिल्ली में मौजूद हैं (फ़ाइल फ़ोटो) सीआईडी की एक टीम मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट इलाक़े में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, यह कार्रवाई टीएमसी विधायकों के कथित फ़र्ज़ी हस्ताक्षरों के मामले की जांच के तहत की गई, जिसके कारण पार्टी में एक अलग गुट खड़ा हो गया है.
दरअसल, पार्टी के कुछ विधायकों ने स्पीकर को शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष बनाने के प्रस्ताव पर अभिषेक बनर्जी के लेटरहेड पर फ़र्ज़ी साइन किए गए. विधायकों ने अभिषेक पर ही फ़र्ज़ी साइन कराने के आरोप लगाए.
सीआईडी के अधिकारियों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी ने एजेंसी के नोटिस के जवाब में बताया था कि विधायकों के साइन 30बी हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित टीएमसी कार्यालय में जुटाए गए थे.
यह कार्यालय ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास परिसर में ही है. इसी जानकारी के आधार पर सीआईडी की जांच टीम यहां पहुंची है.
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "दीदी (ममता बनर्जी) इस समय दिल्ली में हैं. जो लोग जांच के लिए आए थे वो अंदर हैं, हमें नहीं पता कि क्या हो रहा है इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं है. लेकिन सबको पता है कि वह घर पर नहीं थीं. दीदी इस समय दिल्ली दौरे पर हैं. ऐसे समय में पूर्व मुख्यमंत्री के घर में सीआईडी का प्रवेश दुर्भाग्यपूर्ण है."
ममता बनर्जी के घर पर सीआईडी टीम पहुंचने पर पश्चिम बंगाल की मंत्री और बीजेपी की नेता अग्निमित्रा पॉल ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "यह साफ़ दिखाता है कि कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है और कोई भी देश के क़ानून से ऊपर नहीं है. ममता बनर्जी ने पिछले पंद्रह सालों में अपराधियों, भ्रष्टाचार और न जाने क्या-क्या सहन किया. उन्होंने कभी संविधान की परवाह नहीं की. आज सीआईडी कार्रवाई कर रही है और इसमें शामिल सभी लोगों को सज़ा मिलेगी, जनता को न्याय मिलेगा."
