महिला टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ऐसे पहुँच सकता है सेमीफ़ाइनल में

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इंग्लैंड में चल रहे आईसीसी महिला टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का सेमीफ़ाइनल में पहुंचने का सफ़र काफ़ी चुनौतीपूर्ण हो चुका है.

हालांकि छह टीमों वाले ग्रुप 1 में भारत ने अब तक तीन मैच खेले हैं जिनमें से दो में उसने जीत दर्ज की है और एक में उसे हार का सामना करना पड़ा है.

रविवार को मैनचेस्टर में खेले गए तीसरे मैच में भारत को दक्षिण अफ़्रीका ने 6 विकेट से हरा दिया.

इससे पहले भारत ने नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ 95 रनों से और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 64 रनों से धमाकेदार जीत दर्ज की थी.

पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की टीमें सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं.

अब क्या है चुनौती?

ग्रुप-1 से सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की दौड़ में अब चार टीमें बनी हुई हैं और सभी टीमें अपने तीन-तीन मैच खेल चुकी हैं.

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप की सबसे मज़बूत स्थिति वाली टीम है, वो छह पॉइंट्स के साथ शीर्ष पर है जिसने अपने तीनों मैचों में जीत दर्ज की है और उसका नेट रन रेट +4.391 है. इन वजहों से उसका सेमीफ़ाइनल में पहुंचना लगभग तय है.

वहीं पॉइंट्स टेबल में दूसरे पायदान पर भारत, तीसरे पर दक्षिण अफ़्रीका और चौथे पर बांग्लादेश है.

सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की भारत की उम्मीदें इस वजह से धुंधली नज़र आ रही है क्योंकि भारत, दक्षिण अफ़्रीका और बांग्लादेश तीनों ही टीमों ने अपने तीन में से दो मैचों में जीत दर्ज की है और एक में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है. तीनों ही टीमों के चार-चार पॉइंट्स हैं.

वहीं भारत का अब अगला मुक़ाबला गुरुवार को बांग्लादेश और रविवार को ऑस्ट्रेलिया जैसी मज़बूत टीम से होना है.

सेमीफ़ाइनल में कैसे पहुंच सकता है भारत

पॉइंट्स टेबल में कड़ा मुक़ाबला होने की वजह से अब यह तय करने में नेट रन रेट की भी बड़ी भूमिका हो सकती है कि कौन-सी टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंचेंगी.

साथ ही दावेदारी में बनी टीमों के मैच भी काफ़ी कुछ साफ़ कर सकते हैं.

भारत के अगले दो मैच बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से हैं. पाकिस्तान और नीदरलैंड्स पर उसकी काफ़ी रनों के अंतर से जीत ने उसे नेट रन रेट में काफ़ी बढ़त दी है.

भारत का नेट रन रेट इस समय +2.511 है जबकि दक्षिण अफ़्रीका और बांग्लादेश का नेट रन रेट नेगेटिव में है.

अगर भारत और दक्षिण अफ़्रीका दोनों ही अपने बचे हुए मैच जीत लेते हैं तो उस स्थिति में भारत का बेहतर नेट रन रेट उसे सेमीफ़ाइनल में पहुंचाने में मदद कर सकता है.

लेकिन अगर किसी भी मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा तो उसकी आगे की राह मुश्किल हो जाएगी.

दक्षिण अफ़्रीका के प्रदर्शन पर भी काफ़ी कुछ निर्भर

वहीं दक्षिण अफ़्रीका के भी अभी दो मैच नीदरलैंड्स और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ बचे हैं. दक्षिण अफ़्रीका का टी-20 वर्ल्ड कप का अभियान ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हार से शुरू हुआ था, जिससे उसका नेट रन रेट काफ़ी प्रभावित हुआ.

इसके बाद दक्षिण अफ़्रीका की टीम ने पाकिस्तान को क़रीबी मुक़ाबले में हराया और फिर भारत के ख़िलाफ़ शानदार जीत दर्ज कर सेमीफ़ाइनल की दौड़ में ख़ुद को बनाए रखा.

हालांकि उसका नेट रन रेट अभी भी -0.546 है, जिससे उसकी स्थिति कमज़ोर बनी हुई है. आगे बढ़ने के लिए दक्षिण अफ़्रीका को सिर्फ़ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत की भी ज़रूरत पड़ सकती है.

लेकिन उसके मैच नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी टीमों के ख़िलाफ़ हैं जिन्हें ऑस्ट्रेलिया की तुलना में काफ़ी कमज़ोर माना जाता है. वहीं भारत का मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया से है.

अगर बांग्लादेश की बात करें तो उसके दो मैच भारत और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ हैं.

बांग्लादेश ने अपने अभियान की शुरुआत नीदरलैंड्स पर जीत के साथ की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ नौ विकेट से मिली हार ने उसके नेट रन रेट को काफ़ी नुक़सान पहुंचाया. बांग्लादेश का नेट रनरेट -0.641 है.

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीत ने उसे सेमीफ़ाइनल की दौड़ में बनाए रखा है, लेकिन तीनों टीमों में उसकी स्थिति सबसे नाज़ुक मानी जा रही है.

भारत और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ बचे हुए मैचों में उसके पास ग़लती की बहुत कम गुंजाइश है.

सेमीफ़ाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए बांग्लादेश को सिर्फ़ मैच ही नहीं जीतने होंगे बल्कि अपने नेट रन रेट में भी बड़ा सुधार करना होगा.

ग्रुप 2 की अगर बात करें तो उससे इंग्लैंड और वेस्टइंडीज़ के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने की बहुत अधिक संभावना है.

दोनों ही टीमों ने अपने तीन-तीन मैच खेले हैं जिसमें तीनों में उन्होंने जीत दर्ज की है. दोनों ही टीमों के छह-छह पॉइंट्स हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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