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'बाबू' : वो एक शब्द जिसने पुलिस को स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के अभियुक्तों तक पहुंचाया
- Author, अमरेंद्र यारलागड्डा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
(चेतावनी: इस रिपोर्ट में कुछ ब्योरे विचलित करने वाले हो सकते हैं)
तेलंगाना के नालगोंडा ज़िले के कोंडा मल्लेपल्ली में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो छात्रों को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक़, जांच के दौरान एक छोटे से शब्द 'बाबू' ने संदिग्धों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई.
नालगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि दोनों छात्र नशे के आदी थे और पैसों के लिए उन्होंने प्रिंसिपल के घर में चोरी करने की कोशिश की.
पुलिस का कहना है कि चोरी के दौरान प्रिंसिपल ने दोनों को पहचान लिया, जिसके बाद अभियुक्तों ने उनकी हत्या कर दी.
स्कूल चलाती थीं रूपा रेड्डी
कल्लू रूपा रेड्डी अपने पति राजेंद्र रेड्डी के साथ नालगोंडा जिले के कोंडा मल्लेपल्ली की जेबी कॉलोनी में रहती थीं.
वह अपनी सहयोगी रानी रेड्डी के साथ 'नागार्जुन ग्रामर कॉन्सेप्ट' स्कूल चलाती थीं और स्कूल की प्रिंसिपल थीं.
पुलिस के मुताबिक़, 11 अगस्त की शाम स्कूल से घर लौटने के बाद रूपा रेड्डी की हत्या कर दी गई. वारदात के बाद पुलिस को उनके शरीर पर चाकू के कई घाव मिले.
मामले में 12 अगस्त को कोंडामल्लेपल्ली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों तक पहुंचने के लिए कई सुराग जुटाए.
हत्या के समय रूपा रेड्डी घर में अकेली थीं, जबकि उनके पति राजेंद्र रेड्डी काम के सिलसिले में हैदराबाद गए हुए थे.
रूपा रेड्डी हत्याकांड की जांच शुरू करने वाली पुलिस को शुरू में पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे.
सीसीटीवी कैमरों में लाल रंग की कमीज (हुडी) पहने एक युवक को उस इलाके में संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखा गया.
पुलिस ने पांच विशेष टीमें गठित कीं और जांच शुरू की.
'बहन से फ़ोन पर बात कर रही थीं'
एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि पुलिस ने लगभग 80 संदिग्धों से पूछताछ की है और 70 सीसीटीवी कैमरों की जांच की है.
एसपी के मुताबिक़, पुलिस ने हत्या के पीछे संभावित वजहों को लेकर कई एंगल से जांच की. इनमें संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद और अंतरराज्यीय गिरोहों की ओर से शोषण समेत अन्य पहलुओं को शामिल किया गया.
पुलिस को पता चला कि रूपा रेड्डी की हत्या से पहले वह अपनी छोटी बहन से फ़ोन पर बात कर रही थीं. बहन ने पुलिस को बताया कि रूपा ने अचानक अपने सामने किसी को देखा और 'बाबू' कहा. इसके बाद रूपा रेड्डी का फ़ोन बंद हो गया.
पुलिस के अनुसार, रूपा रेड्डी का किसी को 'बाबू' कहकर पुकारना ऐसा ही लगता है जैसे मानो उन्होंने सामने मौजूद व्यक्ति को पहचान लिया हो.
रूपा रेड्डी के परिवार ने पुलिस को बताया कि वह आमतौर पर स्कूली छात्रों को 'बाबू' कहकर बुलाती थीं.
इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने स्कूल से जुड़े छात्रों की भी जांच शुरू की.
रूपा रेड्डी की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए विद्यालय में चार दिन की छुट्टी घोषित की गई थी.
एसपी शरत चंद्र ने बताया, "स्कूल खुलने के बाद 13 छात्र अनुपस्थित थे. हमें शक हुआ तो हमने दसवीं कक्षा में पढ़ रहे पांच छात्रों से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान पता चला कि दो छात्रों ने रूपा रेड्डी की मौत के बाद खूब पैसे खर्च किए और पार्टियां दीं. जब उन्हें पकड़ा गया और पूछताछ की गई तो उन्होंने पहले कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें पैसे दिए थे. बाद में उन्होंने रूपा रेड्डी की हत्या करने की बात कबूल कर ली."
उन्होंने बताया कि एक अभियुक्त से 15 लाख रुपये नकद और एक आईफ़ोन जब्त किया गया. छात्र ने बताया कि उसने 60,000 रुपये में आईफ़ोन खरीदा था.
चूंकि छात्र नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने उनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.
रूपा ने छात्र के बैग में फ़ोन पकड़ लिया था
नालगोंडा के एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि गिरफ़्तार छात्रों में से एक के पास से बरामद तीन नोटों पर खून के धब्बे मिले थे.
पुलिस ने इन नोटों को जांच के लिए लैबोरेट्री भेजा, जहां पुष्टि हुई कि उन पर इंसानी खून के निशान थे.
पुलिस का मानना है कि रूपा रेड्डी की हत्या से करीब 15 से 20 दिन पहले हुई एक घटना भी वारदात की वजह हो सकती है.
एसपी के अनुसार, अभियुक्तों में से एक छात्र स्कूल के हॉस्टल में रहता था. उसके बैग से मोबाइल फ़ोन और पैसे मिलने के बाद उसे होस्टल से निकालकर डे-स्कॉलर बना दिया गया था.
पुलिस की जांच में सामने आया कि छात्र शराब का आदी था और अपनी मौज-मस्ती के लिए पैसे जुटाना चाहता था.
हॉस्टल से निकाले जाने से नाराज़ होकर उसने एक अन्य छात्र के साथ मिलकर प्रिंसिपल के घर में चोरी करने की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक़, ''दोनों छात्र चोरी के इरादे से रूपा रेड्डी के घर पहुंचे थे. इसी दौरान रूपा रेड्डी ने उन्हें पहचान लिया, जिसके बाद अभियुक्तों ने पकड़े जाने के डर से उनकी हत्या कर दी.''
पुलिस को पता चला कि अभियुक्त ने हत्या से पहले चार से पांच दिन तक रेकी की थी.
पुलिस के मुताबिक़, "उन्हें पता था कि स्कूल की फीस 11 अगस्त तक जमा करनी है. इसलिए उन्होंने डकैती की योजना बनाई. हत्या से पहले उन्होंने चाकू, दस्ताने और मास्क खरीदे. वे कोंडा मल्लेपल्ली के बाहरी इलाके में मिले. स्कूल के बाद, उन्होंने शाम को रूपा रेड्डी को घर आते देखा और पीछे के दरवाजे से घर में घुस गए. एक छात्र बाहर इंतजार करता रहा, जबकि दूसरा अंदर चला गया."
एसपी ने बताया, "जब रूपा रेड्डी ने एक छात्र घर से पैसे निकालते हुए देखा और चिल्लाई, तो छात्र ने चाकू से उन पर हमला कर दिया. इस दौरान उनका फ़ोन गिर गया, छारा ने उसका फ़ोन उठाया और वहां से चला गया."
पुलिस का कहना है कि दोनों छात्र चोरी करने गए थे, लेकिन जांच से पता चला कि छात्र ने पहचान उजागर होने के डर से उनकी हत्या कर दी.
उन्होंने बताया कि उनकी जांच में पता चला है कि दोनों अभियुक्तों ने यूट्यूब पर जल्दी पैसा कमाने के तरीक़े खोजे थे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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