You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
राहुल गांधी ने मनुस्मृति के एक उद्धरण को बताया शर्मनाक, बीजेपी ने क्या कहा
महाराष्ट्र के पुणे में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में महिला आधिकारों पर बात करते हुए मनुस्मृति का ज़िक्र किया.
उन्होंने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे में लिखे गए एक उद्धरण को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा, "महिलाएं किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं."
वह 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्राओं और युवाओं से संवाद कर रहे थे.
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी ने प्रतिक्रिया दी है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने राहुल पर हिंदूफ़ोबिया को जारी रखने का आरोप लगाया है.
तुहिन सिन्हा ने एक्स पर राहुल गांधी के भाषण की क्लिप साझा करते हुए लिखा, "राहुल गांधी अपनी हिंदू-विरोधी सोच (हिंदूफोबिया) को जारी रखे हुए हैं. वे दूसरे धर्मों के ग्रंथों से जुड़े मुद्दों पर उपदेश देना कब शुरू करेंगे? यह युवा मस्तिष्कों में ज़हरीली सोच भरने जैसा है. भारत में विपक्ष के नेता डॉ. ज़ाकिर नाइक का ही अंग्रेज़ी बोलने वाला संस्करण हैं."
राहुल गांधी का पुणे कार्यक्रम शुरू से ही विवादों में रहा है. पहले तो इसकी इजाज़त देने से पहले कई शर्तें लगाई गईं.
इसके बाद कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे के ही कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच भिड़ंत हो गई और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हिंसा के आरोप लगाए.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात एबीवीपी के लोगों ने पुणे की सीओईपी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर छात्राओं पर हमला किया.
पवन खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ये छात्राएं प्रशासन की फ़ीस बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रही थीं और पुणे में 'छात्राओं की गूंज' का समर्थन कर रही थीं."
राहुल गांधी ने क्या कहा
महिला अधिकारों पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "एक समस्या है और काफ़ी बड़ी समस्या है. जब भी मैं पुरुषों से बात करता हूं, महिलाओं को तीन बॉक्स में रखा जाता है. महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में."
"मां, पत्नी और बेटी के रूप में देखे जाने में कोई बुराई नहीं है. लेकिन सिर्फ़ यही एक आपकी पहचान नहीं हो सकती."
राहुल गांधी ने कहा, "महिलाएं प्रोफ़ेशनल, खिलाड़ी, लीडर, क्रिएटर, आंतरप्रेन्योर और भी बहुत कुछ हैं. फिर भी पुरुष उन्हें ये तीन पहचान ही देते हैं. इन तीनों पहचानों का पुरुषों के साथ रिश्ता है. चाहे मां हो, पत्नी हो, या बेटी हो."
"मैं यहां मनुस्मृति को कोट करना चाहता हूं, जिसमें कहा गया है कि बचपन में महिला को अपने पिता के अधीन होना चाहिए. युवावस्था में अपने पति के अधीन होना चाहिए और जब पति नहीं रहे तब, अपने बेटों के अधीन रहना चाहिए. एक महिला कभी भी आजाद नहीं हो सकती है."
उन्होंने दावा किया, "ये बात सीधे मनुस्मृति में लिखी गई है. इन शब्दों पर शर्म आनी चाहिए. ये शब्द कभी भी नहीं कहे जाने चाहिए थे."
राहुल गांधी ने कहा, "इस देश की सभी बड़ी ताक़त यही है कि महिलाओं को आजाद होना चाहिए, उन्हें अपने कदमों पर खड़ा होना चाहिए. उन्हें अपने आप में विश्वास रखना चाहिए. आप किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं. आप अपने सिवाय किसी के अधीन नहीं हो सकते हैं. आपका अपने पिता, पति और बेटे के साथ रिश्ता हो सकता है, लेकिन आप उनके अधीन नहीं हो सकती."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.