'हत्यारों ने घर पर खजूर और खीरे खाए': बांग्लादेश में रिटायर्ड हिंदू शिक्षक समेत परिवार के चार लोगों की हत्या

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बांग्लादेश के उत्तरी ज़िले रंगपुर में पूर्व ज़िला स्कूल शिक्षक समेत एक परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में दो संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

पुलिस ने कहा कि संदिग्धों ने हत्या की और वारदात को अंजाम देने से पहले घर की छत पर नशीले पदार्थों का सेवन किया.

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने दावा किया कि हत्या की गुत्थी को बहुत कम समय में पुलिस ने सुलझा लिया है.

लेकिन मृतक के भाई ने सही जांच कर असली अपराधियों के पकड़ने की मांग की है.

इस अपराध के मामले में शामिल लोगों से पूछताछ के बाद रंगपुर मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख सनातन चक्रवर्ती ने कहा कि अभियुक्तों ने कबूल किया है कि रिटायर्ड शिक्षक और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या के बाद वे 6-7 घंटे तक घर में ही रहे थे.

उन्होंने बीबीसी बांग्ला को बताया, "सुबह दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद उनसे विधिवत पूछताछ की गई. उन्होंने हत्या की बात कबूल की. हमने उनसे एक साथ और अलग-अलग पूछताछ करके इसकी पुष्टि की है."

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी एकेएम नजमुल कादर ने कहा कि मृत शिक्षक के भाई गोपीनाथ चक्रवर्ती ने घटना को लेकर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया है.

चक्रवर्ती ने बीबीसी बांग्ला को बताया, "ख़बर मिलने के बाद मैं गांव से आया. मैंने मामला दर्ज कराया है. मुझे उम्मीद है कि पुलिस सही तरीके से जांच करेगी और पता लगाएगी कि क्या हुआ था."

हत्या के बारे में और क्या पता चला है?

पुलिस ने शनिवार रात करीब 11.30 बजे शहर के दशपारा माचुआपारा इलाक़े से रंगपुर ज़िला स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार के कुल चार सदस्यों के शव बरामद किए.

रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथिक डॉक्टर के तौर पर काम करते थे.

चक्रवर्ती दो मंज़िला घर की दूसरी मंज़िल पर रहते थे. बताया गया कि शव सड़ चुके थे, जिससे पूरे घर में बदबू फैल गई थी.

पुलिस ने वहां से गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, बेटी अगामी चक्रवर्ती और बेटे प्रियम चक्रवर्ती के शव एक-एक करके बरामद किए.

प्रीतिलता चक्रवर्ती की बहन पूजा चक्रवर्ती ने रंगपुर में स्थानीय पत्रकारों को बताया कि प्रीतिलता चक्रवर्ती ने आखिरी बार गुरुवार को उनसे बात की थी.

इसके बाद शनिवार रात तक उनके मोबाइल फ़ोन बंद मिलने पर वे घर पहुंचे. वहां उन्होंने मुख्य दरवाज़ा बंद पाया और पुलिस को सूचना दी.

बाद में पुलिस पहुंची, दरवाज़ा तोड़कर घर में दाख़िल हुई और एक-एक करके शव बरामद किए.

मृत शिक्षक के बड़े भाई गोपीनाथ चक्रवर्ती ने बीबीसी बांग्ला को बताया, "मेरे भाई बहुत सामान्य जीवन जीते थे. उनका कोई दुश्मन नहीं था. उनकी इस तरह हत्या क्यों की गई? हम सचाई का पता लगाने के लिए सही जांच चाहते हैं."

हालांकि, रंगपुर पुलिस का दावा है कि उन्होंने घटना का रहस्य सुलझा लिया है और घटना में शामिल दो लोगों को रविवार सुबह गिरफ़्तार किया है.

गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त कौन हैं?

पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने बताया कि गणपति चक्रवर्ती सम्मानित व्यक्ति थे और उनका किसी से विवाद नहीं था.

उन्होंने कहा कि पुलिस बहुत कम समय में उनकी और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या की पूरी जानकारी सामने लाने में कामयाब रही.

उन्होंने कहा कि मुग्धा दास और सिद्धार्थ दास नाम के दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, दोनों आपस में रिश्तेदार हैं और एक ही इलाके़ के रहने वाले हैं.

इनमें से एक वहां सोने की दुकान में कारीगर के तौर पर काम करता था.

माबूद ने कहा, "दो लोग बगल में बन रहे घर के रास्ते से उनके (गणपति चक्रवर्ती के) घर की छत पर आए. वे उस छत पर नशीले पदार्थ का सेवन कर रहे थे. उसी समय गणपति ने आवाज़ सुनी और ऊपर चले गए. उनके गले में एक तौलिया था."

"जब उन्होंने दोनों लोगों देखा तो उन्होंने तौलिए से उनकी हत्या कर दी. हालांकि उन्होंने भागने की कोशिश की थी. इससे आवाज़ हुई. आवाज़ सुनकर प्रीतिलता चक्रवर्ती ऊपर आने की कोशिश करने लगीं. उस समय दोनों ने सीढ़ियों पर ही उनकी भी हत्या कर दी."

उनके मुताबिक़, "जब प्रीतिलता चक्रवर्ती की बेटी ने उनकी चीख सुनी तो दोनों लोगों ने रस्सी से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद दोनों ने छोटे भाई 12 वर्षीय प्रियम की भी हत्या कर दी."

मृतक के भाई ने जांच की मांग की

रंगपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा, "इसके बाद वे छोटे बेटे के बाथरूम में गए और नहाए. बाद में उन्होंने डाइनिंग टेबल पर खजूर खाए. उन्होंने वहां नशीले पदार्थ (याबा) का सेवन किया. हमें इसके निशान मिले. इस बीच, सुबह होने के बाद वे बाहर निकलने के मौके का इंतज़ार करते रहे. सामान लूटने के बाद वे शुक्रवार की नमाज़ के दौरान वहां से चले गए."

उन्होंने कहा कि जाते समय दोनों ने जानबूझकर घर के अंदर का पूरा सामान अस्त-व्यस्त कर दिया. उन्होंने दोनों मोबाइल फ़ोन को डिटर्जेंट वाली एक बाल्टी के पानी में डाल दिया.

"उन्होंने सोने के कुछ गहने लिए और उन्हें वहां मंदिर के पीछे एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया."

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि लगातार चार हत्याएं करने के बावजूद हत्यारे सामान्य व्यवहार करते रहे और हत्या के बाद उन्होंने घर के फ्रिज से खीरे निकालकर खाए.

पुलिस के बयानों के बारे में पूछे जाने पर मृतक गणपति चक्रवर्ती के भाई गोपीनाथ चक्रवर्ती ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि पुलिस सही तरीक़े से जांच करेगी और असली अपराधियों को गिरफ़्तार करेगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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