मादक द्रव्य भी करियर का रास्ता दिखा सकते हैं!

    • Author, कॉलीन हैगर्टी
    • पदनाम, वर्कलाइफ
  • प्रकाशित

पॉल ऑस्टिन और मैट गिलेस्पी रेडवुड पेड़ों के बीच अपने कदमों के निशान तलाश रहे हैं.

उन्होंने सभी बातों पर विचार कर लिया है. जंगल में खो जाने की आदर्श स्थितियां हैं. सूरज ढलने में सिर्फ़ एक घंटा बचा है.

कैलिफोर्निया के ऑकलैंड में दिसंबर का मौसम बहुत ही खुशगवार है. 29 साल के ये दोनों युवक भी खुशमिज़ाज हैं.

ऑस्टिन साइकेडेलिक्स कोच हैं. उनके मार्गदर्शन से गिलेस्पी को मदद मिली है और आज उन्होंने कुछ वास्तविक प्रगति की है.

इससे ऑस्टिन का भरोसा बढ़ा है. गिलेस्पी एक पेड़ पर अपनी हथेली रगड़ते हैं. ऐसा लगता है कि वो इस चक्करदार रास्ते के बारे में चिंतित हैं. वह पूछते हैं, "आप ख़ुद को कितनी बार खो जाने देते हैं."

यह बताना कठिन है कि क्या गिलेस्पी वास्तव में रेडवुड पेड़ों से मंत्रमुग्ध हैं या वह कुछ घंटे पहले लिए गए साइकेडेलिक दवाओं के असर में हैं.

"अपनी क्षमता समझने में मदद मिली"

पिछले दशक में साइकेडेलिक दवाओं की लोकप्रियता बढ़ी है. मनोदशा बदलने वाले इन मादक द्रव्यों में साइलोसाइबिन (मैजिक मशरूम) और LSD शामिल हैं.

ये दोनों ड्रग्स मतिभ्रम प्रभाव के लिए जाने जाते हैं. 1960 के दशक में ये अपसंस्कृति से जुड़े रहे हैं.

लेकिन, आज ये सिलिकॉन वैली की तकनीकी और क़ामयाबी के पीछे भागती संस्कृति से जुड़ गए हैं.

इन साइकेडेलिक दवाओं को नशे से ज़्यादा क्षमता बढ़ाने के साधन के रूप में देखा जा रहा है- ख़ासतौर पर करियर को बढ़ाने में मददगार के रूप में.

गिलेस्पी अपनी पेशेवर क़ामयाबी का श्रेय LSD की अपनी पहली खुराक को देते हैं, जिसे उन्होंने ओहियो में किशोरावस्था में अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ लिया था.

वह कहते हैं, "नशे की हालत में मुझे यह स्पष्ट हो गया था कि मैं इस दुनिया के बारे में कुछ नहीं जानता."

"हमें अहसास हुआ कि हम कितने अनजान थे और हमने अपनी ज़िंदगी में कितना विकास छोड़ दिया है. इससे वास्तव में मुझे अपनी क्षमता समझने में मदद मिली."

LSD के अनुभव से पहले उनको लगता था कि उनका भविष्य पहले ही लिखा जा चुका है- वह स्थानीय यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करेंगे और अपने शहर सिनसिनाटी में ही कोई नौकरी खोज लेंगे.

लेकिन, ड्रग्स लेने के बाद गिलेस्पी ने इंडस्ट्रियल डिजाइन में डिग्री लेना तय किया.

वह काम करने के लिए जर्मनी और स्विट्जरलैंड गए और अब एक सौर-ऊर्जा स्टार्ट-अप के साथ काम करने वापस अमरीका आ गए हैं.

गिलेस्पी 30 साल के होने जा रहे हैं और उद्यमी बनने के नये प्रयास कर रहे हैं. मार्गदर्शन के लिए वह फिर से साइकेडेलिक दवाओं की ओर मुड़े हैं.

छोटी खुराक

करियर के शुरुआती दिनों में वह मादक द्रव्यों से दूर रहे, लेकिन रचनात्मकता, उत्पादकता और खुशी बढ़ाने के लिए वह माइक्रोडोज़िंग (ड्रग्स की बहुत कम खुराक) का सेवन कर रहे हैं.

हालांकि, इन दावों की पुष्टि करने वाले आंकड़े नहीं हैं, लेकिन निजी और पेशेवर प्रदर्शन बेहतर करने के लिए साइकेडेलिक दवाओं का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है.

सिलिकॉन वैली में यह सबसे ज़्यादा स्पष्ट है, जिसने इस विचार को बहुत पहले अपना लिया था.

"हाउ टू चेंज योर माइंड" किताब में माइकल पॉलन ने इसकी शुरुआत 1950 के दशक में ही होने का जिक्र किया है, जब इंजीनियरों ने कंप्यूटर चिप्स जैसी नये अवधारणाओं की कल्पना करने में LSD के विभ्रम प्रभाव का इस्तेमाल किया था.

स्टीव जॉब्स समेत तकनीकी क्षेत्र की कुछ बड़ी हस्तियां भी साइकेडेलिक ड्रग्स का इस्तेमाल करने के लिए जानी जाती हैं.

स्टीव जॉब्स ने कथित रूप से एक बार बिल गेट्स को अकल्पनाशील बताया था और यह भी सलाह दी थी कि यदि वह LSD लेते हैं तो उनके सोचने का दायरा बड़ा होगा. (बिल गेट्स ने बाद में अपने LSD सेवन का जिक्र किया).

गाइड की निगरानी

गिलेस्पी के लिए साइकेडेलिक दवाओं के इस्तेमाल का प्रभावी तरीका खोजना मुश्किल था.

पहले उन्होंने ख़ुद से ड्रग्स की छोटी खुराक बनाई, लेकिन प्रयोग नाकाम रहा. वे बदली हुई मनोदशा का फायदा नहीं ले पाए.

"मेरी ज़िंदगी में उसका सही संतुलन और सही जगह खोजने में थोड़ी मदद की ज़रूरत थी और वहीं पॉल आते हैं."

गिलेस्पी की तरह ऑस्टिन ने भी किशोरावस्था के आख़िरी दिनों में साइकेडेलिक का पहला अनुभव किया था. वह साइलोसाइबिन था. उसी साल के आख़िर तक उन्होंने 20 बार LSD लिया.

तभी से साइकेडेलिक ड्रग्स उनकी ज़िंदगी से जुड़ गए और उन्होंने इस बारे में लोगों को शिक्षित करने को अपना पेशेवर मिशन बना लिया.

ऑस्टिन ने साइकेडेलिक शिक्षा के लिए "द थर्ड वेव" नाम से एक ऑनलाइन कम्युनिटी शुरू की और लोगों को सुरक्षित और सार्थक जीवन के लिए कोचिंग सेशन शुरू किया.

वह पिछले साल से ओकलैंड में रह रहे हैं और यहां उन्होंने कई नियमित ग्राहक बनाए हैं, जो संस्थापक या उद्यमी हैं.

ऑस्टिन उनको गाइड करते हैं कि वे अपने पेशे पर ध्यान केंद्रित करते हुए लक्ष्यों और इरादों को निर्धारित करने में ड्रग्स का इस्तेमाल कैसे करें.

"वे मेरे पास अपने इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने आते हैं कि वे जो कर रहे हैं उसे क्यों कर रहे हैं और वह उनके लिए क्या मायने रखता है?"

"मुझे लगता है कि साइकेडेलिक्स इस प्रक्रिया में दूसरी किसी भी चीज़ से ज़्यादा मदद करता है."

कोचिंग सेशन

आज के सेशन के लिए गिलेस्पी साइलोसाइबिन की एक छोटी खुराक लेकर आए हैं. चूंकि साइकेडेलिक ड्रग्स अमरीका में अवैध हैं, इसलिए ऑस्टिन उसे अपने ग्राहकों को उपलब्ध नहीं कराते.

ओकलैंड में इसे अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया है, इसलिए यहां साइकेडेलिक मिलना आसान है.

सैन फ्रांसिस्को की गगनचुंबी इमारतों से थोड़ी दूर जोक़लिन मिलर पार्क के ऊंचे रेडवुड जंगलों में पहुंचकर दोनों एक अनजान रास्ता चुनते हैं और उनका सेशन शुरू हो जाता है.

ऑस्टिन कोचिंग मोड में चले जाते हैं और गिलेस्पी से उस दिन के लक्ष्य के बारे में पूछते हैं.

दोनों की बातचीत बहुत हद तक वैसी ही होती है जैसी करियर सलाह में होती है.

ऑस्टिन का कहना है कि साइकेडेलिक ड्रग्स ग्राहकों को अपने बारे में वस्तुनिष्ठता हासिल करने में मदद करके इस प्रक्रिया को बहुत प्रभावी बना देते हैं. "ये हमें ज़्यादा ईमानदार और स्पष्ट बनने में मदद करते हैं."

यह सिर्फ़ ऑस्टिन की बात नहीं है. इंपीरियल कॉलेज ऑफ़ लंदन के शोधकर्ताओं ने LSD लेने वाले रोगियों के दिमाग को स्कैन किया और पाया कि ड्रग्स ने आसपास की दुनिया से जुड़ने के उनके तरीके को बदला है.

प्रमुख शोधकर्ता डॉ. रोबिन कार्हार्ट-हैरिस के मुताबिक यह "एकीकृत" दिमाग है. मतलब ये कि अलग-अलग काम करने वाले नेटवर्क इकट्ठा होकर काम करने लगते हैं.

अहंकार ख़त्म हो जाता है और उपयोगकर्ता ख़ुद से और आसपास की दुनिया से नया संबंध जोड़ लेते हैं.

कार्हार्ट-हैरिस की तरह के अध्ययन साइकेडेलिक ड्रग्स के संभावित चिकित्सीय इस्तेमाल पर नई रोशनी डालते हैं.

अमरीका में दशकों पहले इसे अवैध ठहराया गया था और शेड्यूल-1 ड्रग्स की श्रेणी में रखा गया था जिनका कोई चिकित्सीय महत्व नहीं होता.

मानसिक रोगियों के इलाज में आशाजनक नतीजे दिखने के बाद यूएस फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने दो साइकेडेलिक्स- साइलोसाइबिन और MDMA पर क्लीनिकल रिसर्च की अनुमति दी है.

नशे की लत छुड़ाने, यहां तक कि सिरदर्द कम करने में भी साइकेडेलिक दवाओं के सकारात्मक प्रभावों पर कुछ शुरुआती शोध हुए हैं.

तजुर्बे से मदद

कैरोलिन डोर्सन न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के मेयर्स कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की सहायक प्रोफेसर हैं और मादक द्रव्यों के इस्तेमाल पर रिसर्च करती हैं.

उनका शोध बचपन के ट्रॉमा से निकलने और शारीरिक व मानसिक सेहत दुरुस्त रखने में साइकेडेलिक्स के इस्तेमाल पर केंद्रित है.

उन्होंने यह बात नोट की है कि क़ामयाब साइकेडेलिक सेशन के लिए डॉक्टर, कोच या आध्यात्मिक गुरु का होना बहुत महत्वपूर्ण है जो अपने तजुर्बे से यूज़र की मदद करते हैं.

"एक प्रशिक्षित और अच्छी तरह से तैयार गाइड चिकित्सीय साइकेडेलिक अनुभव के दौरान शारीरिक और भावनात्मक सुरक्षा के लिए ज़रूरी होता है. ये अनुभव आनंदित या दुखी करने वाले, अशांत करने वाले या डरावने हो सकते हैं."

गाइड उनको अनुभव की समझ बनाने और उसे रोजमर्रा की ज़िंदगी से जोड़ने में मददगार होते हैं.

निजी तौर पर डोर्सन का कहना है कि उन्होंने कई कहानियां सुनी हैं कि साइकेडेलिक सेशन में "ईश्वर से मिलने" का अनुभव करियर बदल देता है. लेकिन किसी से जबरदस्ती इस तरह के अनुभव नहीं कराए जा सकते.

"मेरे शोध के दौरान भागीदार अक्सर बताते थे कि साइकेडेलिक ड्रग्स लेने के बाद उनका अपने अनुभव पर बहुत कम नियंत्रण रहता है."

सबसे अच्छे रास्ते की तलाश

गिलेस्पी ने जब से ऑस्टिन के साथ काम शुरू किया है उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने के लिए कई अहम कदम बढ़ा दिए हैं.

वह कहते हैं, "पॉल ने मेरे मूल्यों और मेरी अपनी दक्षता के बारे में सीमित विश्वास से बाहर आने में मेरी मदद की है."

उन्होंने पहले जवाबदेही समूहों के साथ काम करने की कोशिश की जिसमें सदस्य अपने लक्ष्य साझा करते हैं और प्रगति की रिपोर्ट करते हैं, लेकिन फायदा नहीं हुआ.

ऑस्टिन गहराई तक जाते हैं, अपने काम और निजी जीवन के सवालों के जवाब तलाशने के लिए आत्मनिरीक्षण और ईमानदारी बरतने के लिए प्रेरित करते हैं.

ऑस्टिन की सेवाएं सस्ती नहीं है. कम से कम तीन महीने के लिए उनकी सेवाएं लेने का वादा करना पड़ता है जिसका मासिक शुल्क होता है 1,000 डॉलर से लेकर 2,000 डॉलर तक (765 पाउंड से लेकर 1530 पाउंड तक).

लेकिन, गिलेस्पी को पूरा विश्वास है कि ऑस्टिन और साइकेडेलिक ड्रग्स के साथ काम करने से उनको आगे जाने का सबसे अच्छा रास्ता मिलेगा.

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