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BBC ISWOTY अवॉर्ड 2021: विजेता के नाम का एलान आज
इंतज़ार की घड़ियां आख़िरकार अब ख़त्म होने जा रही है. आज यानी सोमवार की शाम हमारे प्रशंसकों को बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवार्ड 2021 के विजेता का पता चल जाएगा.
इस बार के पुरस्कार विजेता का एलान नई दिल्ली में आज शाम आयोजित हो रहे पुरस्कार समारोह के दौरान किया जाएगा.
बीबीसी इमर्जिंग इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर और बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवार्ड के विजेता का एलान भी इसी समारोह में किया जाएगा.
बीबीसी अपने इस समारोह में इस पुरस्कार के लिए नामांकित खिलाड़ियों और विजेताओं के साथ भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों सहित टोक्यो के ओलंपिक और पैरालंपिक विजेताओं का भी सम्मान करेगा.
इस समारोह में बीबीसी के महानिदेशक टिम डेवी के साथ खेल और दूसरे क्षेत्रों के कई गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे.
आप बीबीसी की सभी भारतीय भाषाओं की वेबसाइटों और सोशल मीडिया पेजों के ज़रिए इस कार्यक्रम के लाइव टेक्स्ट कवरेज को फ़ॉलो कर सकते हैं.
विजेता का चुनाव कैसे किया जाएगा?
बीबीसी द्वारा चुनी गई एक ज्यूरी ने भारतीय खिलाड़ियों का चुनाव किया है. इस ज्यूरी में भारत के कई प्रतिष्ठित खेल पत्रकार, विशेषज्ञ और लेखक शामिल रहे हैं.
ज्यूरी के सदस्यों द्वारा सबसे अधिक वोट हासिल करने वाली टॉप 5 खिलाड़ियों का चुनाव ऑनलाइन पब्लिक वोटिंग के लिए किया गया था. यह मतदान 8 फ़रवरी से 22 फ़रवरी तक चला था.
पिछले साल यानी बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2020 का पुरस्कार देश की जानी मानी शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने जीता था. वहीं मनु भाकर को बीबीसी इंडियन इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर का पुरस्कार दिया गया था.
साथ ही अंजू बॉबी जॉर्ज को खेल में उत्कृष्ट योगदान करने के लिए लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाज़ा गया था.
इस बार के दावेदार/नामांकित खिलाड़ी
अदिति अशोक
2016 में पेशेवर खिलाड़ी बनने के बाद से अदिति अशोक महिला गोल्फ़ में भारत की प्रमुख खिलाड़ी रही हैं.
रियो ओलंपिक, 2016 में खेलने जाने वाले खिलाड़ियों में तब 18 की रहीं अदिति सबसे कम उम्र की सदस्य होने के साथ भारत की पहली महिला गोल्फ़र भी थीं.
टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के कारण अदिति अशोक पोडियम पर चढ़ने से चूक गईं. अदिति की सफलता ने भारत में लोगों की गोल्फ में रुचि जगी है. इस खेल में भारत ने विश्व स्तर पर सीमित सफलता ही हासिल की है.
वो 2016 में लेडीज़ यूरोपियन टूर इवेंट जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं. अदिति अशोक 20 दिसंबर, 2021 तक दुनिया की 125वीं रैंक वाली गोल्फ़र थीं.
अवनि लेखरा
20 साल की अवनि लेखरा पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला निशानेबाज़ हैं. उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफ़ल स्टैंडिंग SH1 श्रेणी में नया पैरालंपिक रिकॉर्ड भी बनाया है.
अवनि ने महिलाओं की 50 मीटर राइफ़ल 3-पोजीशन SH1 श्रेणी में भी कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की.
बचपन में एक कार हादसे के चलते उन्हें कमर से नीचे तक लकवा मार दिया था. उनके पिता ने उस दुर्घटना के बाद अवनि को निशानेबाज़ी से परिचय करवाया. उसके बाद अवनि ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो खेल के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाते हुए साथ में लॉ की पढ़ाई भी कर रही हैं.
लवलीना बोरगोहाईं
लवलीना बोरगोहाईं ने टोक्यो खेलों में कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहीं. इस तरह ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की वो तीसरी मुक्केबाज़ रहीं.
लवलीना ने कई प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं. 2018 में वो इंडिया ओपन के पहले सीज़न में ही गोल्ड मेडल जीतने पर सुर्ख़ियों में आईं. उसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया.
भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य असम में पैदा लेने वाली 24 साल की लवलीना बोरगोहाईं ने अपनी दो बड़ी बहनों से प्रेरणा पाकर किक बॉक्सर बनीं थीं.
मीराबाई चनू
वेटलिफ़्टिंग करने वाली सैखोम मीराबाई चनू 2021 में खेल इतिहास में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करवाने में कामयाब हुई थीं. उस समय वो टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारत की पहली वेटलिफ़्टर बनी थीं.
2016 के रियो ओलंपिक के दौरान वो वज़न उठाने में विफल रहीं और तब उन्होंने इस खेल को लगभग अलविदा ही कह दिया था. लेकिन तब से उन्होंने एक लंबा सफ़र तय किया है.
उन्होंने 2017 के वर्ल्ड वेटलिफ़्टिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था.
भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में पैदा होने वाली मीराबाई चनू के पिता चाय की दुकान चलाते हैं. इसलिए मीराबाई को उनके खेल करियर के शुरुआती दिनों में पैसे के लिए बहुत संघर्ष करने पड़े. लेकिन उन्होंने इस मुक़ाम तक पहुंचने के लिए तमाम बाधाओं को पार किया है.
पीवी सिंधु
भारत ही नहीं दुनिया की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार पुसरला वेंकट सिंधु (पीवी सिंधु) ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली देश की पहली महिला हैं. टोक्यो ओलंपिक में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया. उससे पहले वो 2016 के रियो ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीता था.
पीवी सिंधु ने बैडमिंटन वर्ल्ड फ़ेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ़) वर्ल्ड टूर फ़ाइनल्स में रजत पदक के साथ 2021 का समापन किया.
वो 2019 की विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी थीं. उन्होंने सितंबर 2012 में 17 साल की उम्र में विश्व रैंकिंग के टॉप 20 खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया था.
पीवी सिंधु 2018 और 2019 में आई फ़ोर्ब्स की सबसे अधिक कमाई करने वाली महिला एथलीटों की सूची में शामिल थीं. वो यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की चुनिंदा महिला खिलाड़ियों में से एक थीं.
उन्होंने सार्वजनिक वोट के बाद 2019 के लिए बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर का उद्घाटन किया.इंतज़ार की घड़ियां आख़िरकार अब ख़त्म होने जा रही है. आज यानी सोमवार की शाम हमारे प्रशंसकों को बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवार्ड 2021 के विजेता का पता चल जाएगा.
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