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घर के अंदर जूते पहने रहना क्या सेहत के लिए हानिकारक है?
- Author, केट बोवी
- पदनाम, वर्ल्ड सर्विस ग्लोबल हेल्थ
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 7 मिनट
सर्बिया के रहने वाले पेद्ज़ा त्रिफ़ुनोविच जब पहली बार अपनी अमेरिकी गर्लफ़्रेंड सोफ़िया के घर पहुंचे तो अंदर जाने से पहले जूते उतारने लगे. लेकिन सोफ़िया ने जब उनसे कहा कि वो जूते पहने रह सकते हैं तो पेद्ज़ा हैरान रह गए.
उन्होंने तब सोफ़िया से कहा था, "तुम लोग घर के अंदर भी जूते पहने रहते हो क्या, मुझे तो ये बहुत बदतमीज़ी से भरा लगा."
हैरान पेद्ज़ा अकेले नहीं थे. उनकी गर्लफ्रेंड (जो अब उनकी पत्नी हैं) सोफ़िया भी थीं. लेकिन उनकी हैरानी इस बात को लेकर थी कि पेद्ज़ा जूते उतारकर घर में घुसते हैं.
उन्होंने तब पेद्ज़ा को जवाब दिया, "तुम पैरों की बदबू पूरे घर में फैलाना चाहते हो क्या?"
जब दोनों ने अपने विचार ऑनलाइन शेयर किए तो इस पर बहुत सारे रिएक्शन आए. इसे पता लगता है कि जूतों को लेकर सोफ़िया और पेद्ज़ा के बीच हुई ये बहस तो दरअसल पूरी दुनिया में होती रहती है.
दोनों ने एक टिक-टॉक वीडियो डाला जिसमें पेद्ज़ा चप्पल पहने हुए हैं और सोफ़िया ट्रेनर्स में अपने अपार्टमेंट के अंदर दिखती हैं. उस पर सैकड़ों टिप्पणियाँ आईं - लोग बहस कर रहे थे कि कौन ज़्यादा हाइजीनिक है.
तो आख़िर सही कौन है? क्या घर के अंदर जूते पहनना स्वास्थ्य के लिए ख़तरा है? बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने इसका पता लगाने के लिए एक माइक्रोबायोलॉजी लैब का रुख़ किया.
दुनिया भर में बहस
घर के अंदर जूते पहने रहें या उतार के अंदर जाए, इसे लेकर अलग-अलग देशों में लोगों का रवैया भी अलग-अलग है.
ज़्यादातर मध्य-पूर्वी, एशियाई और बाल्कन देशों में घर के अंदर जूते पहने रहना असभ्यता मानी जाती है. वहीं यूरोप और अमेरिका के कुछ हिस्सों में मेहमानों से जूते उतारने को कहना ही बदतमीज़ी समझा जाता है.
जापान में तो जूतों को लेकर बड़े ही सख़्त नियम हैं. वहां के ज़्यादातर घरों में एक विशेष प्रवेश-द्वार होता है जिसे गेनकन कहते हैं, और उसके आगे जूते पहनकर जाने की मनाही होती है.
लंदन के एसओएएस विश्वविद्यालय में मानवशास्त्र (ह्यूमैनिटी) के सीनियर प्रोफ़ेसर डॉक्टर फ़ाबियो ग्यीगी कहते हैं कि अगर कोई पर्यटक घर के बाहर जूते उतारना भूल जाए तो बेहद तीखी प्रतिक्रिया होगी, लोग लगभग आप पर कूद पड़ेंगे कि नहीं, रुको, जूते उतारो.
उनके अनुसार इसकी वजह साफ़-सफ़ाई के साथ-साथ जापानी सोसायटी की फ़िलॉसफ़ी भी है,
वह कहते हैं, "प्रतीकात्मक रूप से बाहर रहने को सभी तरह की गंदगी, ख़तरे और प्रदूषण से जोड़ा जाता है."
वह आगे कहते हैं, "अंदर वह जगह है जिसे आप निर्मल रखना चाहते हैं. पवित्र रखना चाहते हो."
हमारे जूतों पर कौन-से बैक्टीरिया होते हैं?
हमने ब्रिटेन के ब्राइटन शहर में एक जोड़ी जूतों की लैब में जांच करवाई ताकि पता चल सके कि उन पर क्या-क्या मौजूद है.
ब्राइटन यूनिवर्सिटी में माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. सारा पिट ने जूतों के ऊपर और नीचे से नमूने लिए. इन नमूनों को पूरी रात लैब में रखा गया.
अगले दिन माइक्रोस्कोप से जांच करने पर जूतों पर कई तरह के बैक्टीरिया मिले.
इनमें स्टैफिलोकोकस ऑरियस भी था. यह वही बैक्टीरिया है जो स्टैफ संक्रमण का कारण बनता है. डॉ. पिट के मुताबिक, यह स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक हो सकता है.
उन्होंने बताया, "अगर शरीर पर खरोंच हो और उसमें यह बैक्टीरिया पहुंच जाए, तो मवाद से भरा बड़ा फोड़ा हो सकता है."
उन्होंने यह भी कहा कि कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में यह बैक्टीरिया निमोनिया और खून का संक्रमण भी पैदा कर सकता है.
जूतों पर स्टैफिलोकोकस एपिडर्मिडिस भी मिला. यह बैक्टीरिया आमतौर पर इंसान की त्वचा पर मौजूद रहता है, लेकिन कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है. यह अक्सर अस्पताल में भर्ती मरीजों में भी पाया जाता है.
दूसरे अध्ययनों में भी पता चला है कि जूतों पर कई तरह के संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया हो सकते हैं. इनमें ई. कोलाई जैसे मल से फैलने वाले बैक्टीरिया भी शामिल हैं.
डॉ. पिट का कहना है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जूतों पर अलग-अलग तरह के बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी भी मिल सकते हैं.
क्या बाहर के बैक्टीरिया हमारे घरों में जीवित रह सकते हैं?
अध्ययनों से पता चला है कि जूते बाहर मौजूद बैक्टीरिया को बहुत आसानी से घर के अंदर ले आते हैं.
डॉ. सारा पिट कहती हैं, "इस बात के पक्के सबूत हैं कि बैक्टीरिया घर के अंदर भी जिंदा रह सकते हैं. इससे परिवार के दूसरे लोगों तक संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है."
उन्होंने बताया कि ये बैक्टीरिया कई दिनों तक जिंदा रह सकते हैं. अगर कालीन गर्म हो, तो ये और ज्यादा समय तक जीवित रह सकते हैं.
इतना ही नहीं, बाद में जब कोई उसी सतह पर चलता है, तो कुछ बैक्टीरिया फिर से सक्रिय हो सकते हैं और दोबारा संक्रमण फैलाने की क्षमता हासिल कर सकते हैं.
डॉ. पिट ने समझाया, "अगर आप बच्चे के साथ कालीन पर घुटनों के बल चल रहे हैं, तो कालीन पर पड़ने वाले दबाव से बैक्टीरिया फिर से सक्रिय हो सकते हैं."
स्वस्थ वयस्कों की तुलना में कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों, जैसे छोटे बच्चों और बुजुर्गों, के लिए इसका खतरा ज्यादा होता है.
हालांकि, डॉ. पिट का कहना है कि बैक्टीरिया के संपर्क में आने से शरीर की प्रतिरक्षा मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है. लेकिन उनका मानना है कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हम पहले से ही कई तरह के बैक्टीरिया के संपर्क में आते रहते हैं.
जूते पहनें या उतारें?
डॉ. पिट के मुताबिक, हमारे सवाल का जवाब पेट्री डिश की जांच में ही मिल गया.
वह कहती हैं, "घर के अंदर जूते पहनना सिर्फ अशिष्टता नहीं है, बल्कि यह सेहत के लिए भी जोखिम हो सकता है."
"आप दुनिया में कहीं भी रहते हों, घर के अंदर आते ही जूते उतार देने चाहिए."
अगर आप घर के अंदर जूते पहनना ही चाहते हैं, तो दरवाजे पर डोरमैट का इस्तेमाल करें और घर में कालीन कम रखें. इससे बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है.
डॉ. पिट कहती हैं, "सबसे अच्छा तरीका है कि हफ्ते में कम से कम एक बार पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करें. इससे बैक्टीरिया, धूल और गंदगी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है."
अब शादी के बाद सोफिया और पेद्ज़ा ने इस मामले में एक समझौता कर लिया है.
सोफिया कहती हैं, "मुझे लगता है कि मुझे घर के अंदर भी स्नीकर्स पहनना हमेशा पसंद रहेगा. लेकिन जब मैं सर्बिया जाती हूं, तो मुझे चप्पल पहननी ही पड़ती है."
अमेरिका में अपने घर पर सोफिया 'इनडोर स्नीकर्स' पहनती हैं, जिन्हें बाहर नहीं पहना जाता.
वह कहती हैं, "मुझे पैरों में उनका वजन अच्छा लगता है, क्योंकि बचपन से मेरी यही आदत रही है."
वहीं, पेद्ज़ा ने भी सोफिया की कुछ आदतें अपना ली हैं.
वह कहते हैं, "कभी-कभी जल्दी में मैं जूते पहनकर ही घर के अंदर आ जाता हूं."
इस पर सोफिया कहती हैं, "हम यह कोशिश नहीं कर रहे कि मैं पूरी तरह सर्बियाई बन जाऊं या पेद्ज़ा पूरी तरह अमेरिकी. हम दोनों की अपनी-अपनी पहचान है और हम बस उन्हें साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.