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लाइव, रूस और यूक्रेन के बीच जंग की शुरुआत के बाद मॉस्को पर सबसे बड़ा यूक्रेनी हमला

रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में लगभग एक हज़ार ड्रोन और यूक्रेन की चार क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराया गया.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. रूस और यूक्रेन के बीच जंग की शुरुआत के बाद मॉस्को पर सबसे बड़ा यूक्रेनी हमला, लौरा गोज़ी

    यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर बड़े पैमाने पर हमला किया है. रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू होने के बाद से मॉस्को पर यूक्रेन का यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है.

    करीब 200 ड्रोन रूसी राजधानी के आसपास के लक्ष्यों पर दागे गए, जिससे कई जगहों पर आग लग गई और आसमान में घने काले धुएं का गुबार दिखाई दिया.

    मॉस्को के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, इस हमले में 17 लोग घायल हुए हैं.

    रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में लगभग एक हज़ार ड्रोन और यूक्रेन की चार क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराया गया.

    वहीं, दक्षिणी रोस्टोव क्षेत्र में स्थित एक तेल भंडार केंद्र पर भी हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की राजधानी कीएव ने एक बार फिर मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाया है.

    उन्होंने कहा, "अब इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है और रूस को कूटनीति के क्षेत्र में आवश्यक कदम उठाने चाहिए."

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह व्यापक ड्रोन हमला पिछले सप्ताह रूस दके कीएव पर किए गए हमले के जवाब में किया गया, जिसमें एक प्रमुख धार्मिक स्थल आग की चपेट में आ गया था.

    उन्होंने कहा, "हम यह युद्ध नहीं चाहते और हमने कभी नहीं चाहा, लेकिन यदि यूक्रेन जलेगा, तो आपका मॉस्को भी जलेगा."

    दक्षिण-पूर्वी मॉस्को स्थित कपोत्यया रिफ़ाइनरी में आग लग गई. इस तेल रिफाइनरी को एक महीने के भीतर तीसरी बार और इसी सप्ताह दूसरी बार निशाना बनाया गया. आग और धुएं की वजह से आसमान काले धुएं से भर गया.

    सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में देखा गया कि एक शक्तिशाली विस्फोट की वजह से तेल भंडार टैंक का विशाल ढक्कन दर्जनों मीटर ऊंचाई तक हवा में उछल गया.

  2. एनटीए ने नीट-यूजी परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को दिया ये संदेश

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने एक्स पर पोस्ट कर नीट के अभ्यर्थियों को संदेश दिया है.

    एनटीए ने एक्स पर लिखा, "नीट-यूजी 2026 परीक्षा अब केवल तीन दिन दूर है.आपने कड़ी मेहनत की है, पूरी तैयारी की है, और अब अपने प्रयासों पर विश्वास करने का समय है. शांत रहें, अच्छी तरह आराम करें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान दें. आपसे बस यही अपेक्षा है."

    एनटीए ने बताया कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी.

    एनटीए ने लिखा, "कृपया परीक्षा स्थगित होने की अफवाहों या सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक बातों से प्रभावित न हों. केवल एनटीए की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें."

    "हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं कि सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं."

    दरअसल, इससे पहले एनटीए ने 3 मई को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन पेपर लीक की चर्चाओं के बीच परीक्षा रद्द कर दी गई थी. अब एक बार फिर नीट-यूजी की परीक्षा 21 जून को आयोजित की जा रही है.

  3. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बतौर मध्यस्थ ईरान-अमेरिका के समझौते पर दस्तख़त किए

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मध्यस्थ के तौर पर 'इस्लामाबाद एमओयू' पर दस्तख़त किए हैं. इससे पहले दोनों पक्षों यानी ईरान और अमेरिका ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें शहबाज़ शरीफ़ समझौते पर साइन करते हुए दिख रहे हैं.

    इससे पहले शहबाज़ शरीफ़ ने कहा था कि यह समझौता तुरंत प्रभाव से लागू होगा, इसके पहले क़दम के तौर पर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट खोलेगा और अमेरिका नौसैनिक नाक़ाबंदी हटाएगा.

    शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद एमओयू’ इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन हुआ है. यह समझौता दोनों देशों के राष्ट्रपति ने साइन किया है और मैंने बतौर मध्यस्थ इसे मंज़ूरी दी है."

    उन्होंने लिखा "दोनों सरकारों के उच्च स्तर पर इस समझौते पर हस्ताक्षर करना यह दिखाता है कि दोनों पक्ष संघर्ष का हल बातचीत से निकालने के लिए गंभीर हैं. इस्लामाबाद एमओयू तुरंत लागू होगा. पहले क़दम के तौर पर ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोल देगा और अमेरिका तुरंत नौसैनिक नाक़ाबंदी हटाएगा."

    शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं का भी आभार व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट में क़तर की भूमिका का भी ज़िक्र किया है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के नेताओं के योगदान की भी सराहना की.

  4. अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  5. वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंकाई क्रिकेटर से हुई धक्का-मुक्की पर क्या बोले बीसीसीआई सचिव?

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि श्रीलंका-ए के खिलाड़ी के साथ वैभव सूर्यवंशी की मैदान पर हुई झड़प में बोर्ड दख़ल नहीं देगा.

    देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में कार्रवाई करना मैच रेफ़री और अंपायरों का काम है, जो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियमों के तहत अधिकार रखते हैं.

    देवजीत सैकिया ने कहा, "सोशल मीडिया पर बहुत बातें हो रही हैं, यह तक कहा जा रहा है कि बीसीसीआई कार्रवाई करेगा. लेकिन क्या आप चाहते हैं कि बीसीसीआई मैच रेफ़री के काम में दख़ल दे?"

    सैकिया ने कहा, "बीसीसीआई इस तरह के मामलों में अधिकार नहीं रखता. हमें उस जगह दख़ल नहीं देना चाहिए जहां मैच रेफ़री और अंपायर ही फ़ैसले लेने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "बीसीसीआई के पास किसी मैच में दख़ल देने या कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. जो कुछ हुआ वह खेल का हिस्सा था और बीसीसीआई के नियमों और आईसीसी के प्रावधानों के मुताबिक बोर्ड की कोई भूमिका नहीं है."

    सैकिया ने कहा "अगर बीसीसीआई दख़ल देगा तो ग़लत मिसाल बनेगी. यह हमारा काम नहीं है और हमारे नियमों में भी इसका प्रावधान नहीं है."

    उल्लेखनीय है कि सोमवार को श्रीलंका-ए से सुपर ओवर में भारत-ए की हार के बाद वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के विशेन हलाम्बागे मैदान पर ही झगड़ पड़े.

    इस दौरान माहौल काफ़ी तनावपूर्ण हो गया था. श्रीलंका-ए के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला बीच-बचाव के लिए आए और दोनों खिलाड़ियों को अलग किया.

  6. समाजवादी पार्टी में टूट की चर्चाओं पर क्या बोले शिवपाल यादव?

    समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और विधायक शिवपाल यादव ने गुरुवार को कहा है कि सपा में कोई टूट नहीं होने वाली.

    दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था सपा में जल्द ही एक बहुत बड़ी टूट होने वाली है.

    राजभर ने दावा किया था कि सपा नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी सौंपी है.

    ओपी राजभर के बयान पर शिवपाल यादव ने कहा, "बीजेपी वाले झूठ बोलते हैं. ये लोग समय-समय पर साज़िश भी करते रहते हैं. सपा का कोई सांसद नहीं टूटेगा. ये लोग सिर्फ़ अपनी टीआरपी बढ़ाने और चुनाव में सीटें बढ़ाने के लिए ऐसी बातें करते हैं."

    उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "मुझे लगता है कि इन्हें ट्वीट करने के पैसे मिलते हैं, इसलिए ये ऐसी बातें करते हैं, झूठ बोलते हैं. 2027 में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की अगुवाई में सरकार बनेगी."

    शिवपाल यादव ने ओपी राजभर पर निशान साधते हुए कहा, "पूरे उत्तर प्रदेश में कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता."

  7. टूट की चर्चाओं के बीच शिवसेना-यूबीटी की बैठक में कितने सांसद पहुंचे?

    शिवसेना (यूबीटी) ने गुरुवार को दिल्ली में संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कुल नौ में से तीन सांसद ही शामिल हुए. छह सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए.

    बैठक में लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे मौजूद रहे. इनके साथ पार्टी के इकलौते राज्यसभा सांसद संजय राउत भी शामिल हुए.

    अनिल देसाई ने संसदीय दल की बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से कहा, "जो सांसद बैठक में नहीं आए हैं, उन्हें नोटिस दिया जाएगा. उनसे पूछा जाएगा कि व्हिप जारी होने के बावजूद उन्होंने बैठक में हिस्सा क्यों नहीं लिया."

    शिवसेना (यूबीटी) की ओर मीटिंग ऐसे समय पर बुलाई गई है जब पार्टी को लेकर फिर से टूट की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं.

    बीबीसी मराठी के मुताबिक़, ऐसी चर्चा है कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 6-7 सांसद उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं या फिर अलग पार्टी बनाकर शिंदे को समर्थन दे सकते हैं.

  8. पश्चिम बंगाल: हाई कोर्ट ने स्पीकर के फ़ैसले में नहीं किया हस्तक्षेप, ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे विपक्ष के नेता, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाग़ी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता मानने के विधानसभा अध्यक्ष के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया.

    अदालत ने हस्तक्षेप से भी इनकार किया है, इसलिए अध्यक्ष रथींद्र बसु का फ़ैसला बरक़रार रहेगा और ऋतब्रत विपक्ष के नेता बने रहेंगे.

    हाईकोर्ट के न्यायाधीश कृष्ण राव ने गुरुवार को संबंधित पक्षों को हलफ़नामा दायर करने का निर्देश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी.

    ऋतब्रत के खेमे के विधायक संदीपन साहा ने पत्रकारों से कहा, "यह हमारी नैतिक जीत है. हमने जो भी किया है क़ानूनी तौर पर ही किया है."

    विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद टीएमसी ने विधायक दल के नेता के तौर पर शोभनदेव चटर्जी का नाम तय किया था. लेकिन पार्टी के 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष इस पद पर दावा पेश किया.

    अध्यक्ष ने उनको विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता दे दी थी. लेकिन उससे पहले एक जून को ही पार्टी ने ऋतब्रत को निकाल दिया था.

    टीएमसी का आरोप है कि पार्टी की ओर से शोभनदेव को विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी बीती 9 मई को ही स्पीकर को दे दी गई थी. लेकिन उन्होंने उस पर कोई फ़ैसला नहीं किया. उसके बाद शोभनदेव चटर्जी ने ऋतब्रत को विपक्ष का नेता बनाने के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी थी.

    इस मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को जज कृष्ण राव ने भी सवाल उठाया था कि टीएमसी से निष्कासित होने के बावजूद स्पीकर ने ऋतब्रत को विपक्ष के नेता के तौर पर मान्यता कैसे दे दी.

    विधानसभा अध्यक्ष के वकील का कहना था कि इस बारे में कोई स्पष्ट नियम नहीं है. इस मामले में बहुमत के आधार पर फ़ैसला किया गया है.

    लेकिन शोभनदेव के वकील कल्याण बनर्जी का कहना था कि विपक्ष के नेता का फ़ैसला संबंधित राजनीतिक पार्टी करती है. इसका विधायकों की संख्या से कोई लेना-देना नहीं है. उनकी दलील थी कि पार्टी से निष्कासित किसी विधायक को विधायक दल का नेता बनाना क़ानूनी तौर पर तर्कसंगत नहीं है.

    तमाम पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में बुधवार को अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया है.

  9. शिवसेना-यूबीटी में टूट की चर्चा पर क्या बोले ओवैसी और कांग्रेस?

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने शिवसेना (यूबीटी) में टूट को लेकर हो रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है.

    हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा है कि 'शिकारी नया है, जाल पुराना है.'

    ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कुछ यूबीटी सांसद भी बीजेपी में जाने की सोच रहे हैं. शायद हमें उन दो बड़े सांसदों से पूछना चाहिए कि किसने इन सांसदों को बीजेपी में जाने की धमकी दी? बाकी 19 टीएमसी सांसद क्यों गए? शायद किसी को दोष देने में एक महीना लग जाएगा."

    उन्होंने आगे लिखा, "बीजेपी में बड़े पैमाने पर जाना इतना आसान क्यों है? सब लोग क्यों भाग रहे हैं? अपनी सारी नाकामियों का दोष आप एक बड़े सांसद पर नहीं डाल सकते. शिकारी नया है, जाल पुराना है…"

    दूसरी ओर, कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी विपक्ष का मनोबल गिराने के लिए पार्टियों को तोड़ रही है.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "जब संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया तो गृह मंत्री और प्रधानमंत्री बहुत नाराज़ हुए और अब वे अलग-अलग पार्टियों को तोड़ने में लगे हैं. मुझे पूरा भरोसा है कि उन्हें दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलेगा. यह विपक्ष का मनोबल गिराने के लिए किया जा रहा है. यह संविधान और हमारी लोकतंत्र पर हमला है."

  10. क्रूड ऑयल सस्ता होने के बावजूद भारत में फ़िलहाल क्यों नहीं कम होंगी पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें

    केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं तो भी भारत में तुरंत पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें कम नहीं की जा सकतीं.

    पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा है, "तेल की क़ीमतों से कई कारक जुड़े होते हैं. सस्ता तेल भारत तक पहुंचने में समय लगता है."

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा हाल ही में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें घट गई हैं. हालांकि भारत में फ़्यूल की क़ीमतों को तुरंत कम नहीं किया जा सकता.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा, "इसमें समय लगेगा क्योंकि सस्ता कच्चा तेल होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर भारत लाया जाएगा, जहां जहाज़ों की आवाजाही बहुत ज़्यादा होगी. इसलिए हालात को सामान्य होने देना होगा."

    ईरान और अमेरिका के समझौते के एलान के बाद ग्लोबल सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद में ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे लुढ़क गया है.

  11. एप्पल के प्रोडक्ट्स की क़ीमतें बढ़ सकती हैं, सीईओ टिम कुक ने बताई ये वजह, ऑस्मंड चिया, बिज़नेस रिपोर्टर

    एप्पल अपने प्रोडक्ट्स की क़ीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. कंपनी के सीईओ टिम कुक ने कहा है कि अब क़ीमतों को जस का तस रखना मुश्किल हो रहा है.

    वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में टिम कुक ने बताया कि मेमोरी चिप्स की लागत बहुत बढ़ गई है, इस वजह से कंपनी के लिए अपने प्रोडक्ट्स की क़ीमतों में वृद्धि को टालना मुश्किल होता जा रहा है.

    उन्होंने यह नहीं बताया कि क़ीमतें कब बढ़ेंगी या किन प्रोडक्ट्स पर असर होगा. यह भी साफ़ नहीं है कि सितंबर में आने वाला आईफ़ोन 18 इस बढ़ोतरी से प्रभावित होगा या नहीं.

    मेमोरी चिप्स स्मार्ट डिवाइस में ज़रूरी हिस्से होते हैं, लेकिन हाल के महीनों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) की तेज़ी से इनकी क़ीमतें बढ़ गई हैं.

    उल्लेखनीय है कि डेटा सेंटर्स और एआई सिस्टम्स को बहुत ज़्यादा मेमोरी चाहिए, जिससे मेमोरी चिप्स की सप्लाई कम पड़ गई और क़ीमतें तेज़ी से ऊपर चली गईं.

  12. अभिषेक बनर्जी की गिरफ़्तारी पर लगी रोक हटी, जानें क्या है मामला

    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी के ख़िलाफ़ मानहानि मामले में गिरफ़्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक हटा दी है.

    हाई कोर्ट में बुधवार को जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने अभिषेक बनर्जी की याचिका ख़ारिज कर दी और नवंबर 2025 में दी गई गिरफ़्तारी वारंट पर रोक को हटा दिया. यह वारंट भोपाल की विशेष अदालत ने जारी किया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, मानहानि का मामला इंदौर के पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने दायर किया था. आकाश, बीजेपी नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं.

    उन्होंने 2021 में भोपाल की एमपी-एमएलए अदालत में केस दर्ज कराया था.

    इस केस में आरोप था कि अभिषेक बनर्जी ने नवंबर 2020 में कोलकाता की एक रैली में आकाश विजयवर्गीय को 'गुंडा' कहा था.

    इस मामले में एमपी-एमएलए अदालत ने गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी हाई कोर्ट पहुंचे थे.

    अपनी याचिका में टीएमसी नेता ने कहा था कि वे सांसद हैं और फ़रार होने की संभावना नहीं है. इसी आधार पर हाई कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को गिरफ़्तारी वारंट पर रोक लगाई थी.

  13. अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते के बावजूद बोले ग़ालिबाफ़- होर्मुज़ स्ट्रेट से फ़ीस वसूली जाएगी

    अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं. इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा है होर्मुज़ स्ट्रेट से फ़ीस वसूली जाएगी.

    जबकि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में यह कहा गया है कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों से टोल नहीं वसूलेगा.

    ग़ालिबाफ़ ने सरकारी टीवी इंटरव्यू दिया है. इसमें उन्होंने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट जंग से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं जाएगा.

    उन्होंने कहा, "ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट पर संप्रभुता का अधिकार है और ज़ाहिर है कि हम इसकी सर्विसेज़ के लिए शुल्क वसूलेंगे."

    गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ़्रांस के एवियन-ले-बैंस में जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के दौरान समझौते पर साइन किए.

    14 बिंदुओं वाले इस समझौते को मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) कहा गया है. इसके मुताबिक़ ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.

  14. महिला टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने नीदरलैंड्स को 95 रन से हराया

    महिला टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने लगातार दूसरे मैच में जीत दर्ज करते हुए बुधवार को नीदरलैंड्स की टीम को 95 रन से हरा दिया.

    भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते 20 ओवर में 5 विकेट पर 209 रन बनाए. इसके जवाब में नीदरलैंड्स 17.3 ओवर में 114 रन पर सिमट गई.

    लीड्स में खेले गए इस मैच में स्मृति मंधाना और शेफ़ाली वर्मा ने 115 रन की साझेदारी की. मंधाना ने 74 और शेफ़ाली ने 55 रन की पारी खेली.

    गेंदबाज़ी करते हुए श्री चरणी ने 4 विकेट लिए हैं, जबकि शेफ़ाली वर्मा ने भी 3 विकेट अपने नाम किए.

    स्मृति मंधाना को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया. इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम प्वाइंट्स टेबल में अपने ग्रुप में पहले नंबर पर आ गई है. नीदरलैंड्स से पहले भारत ने पाकिस्तान को हराया था.

  15. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026: इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया, पुर्तगाल को कांगो ने रोका

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-एल मुक़ाबले में इंग्लैंड ने क्रोएशिया की टीम को 4-2 से हराया है.

    डलास स्टेडियम में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने दो गोल किए, जबकि जूड बेलिंघम और मार्कस रैशफ़ोर्ड ने भी एक-एक गोल किए.

    दूसरी ओर, क्रोएशिया की टीम से मार्टिन बातुरिना और पीटर मूसा ने एक गोल किए.

    इंग्लैंड ने शुरुआत से ही मैच का रुख अपनी ओर कर लिया था. कप्तान हैरी केन ने 12वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी.

    इस शुरुआती बढ़त के बाद इंग्लैंड ने मुक़ाबले पर अपना नियंत्रण बनाकर रखा. 42वें मिनट में हैरी केन ने अपना दूसरा गोल कर टीम को फिर बढ़त दिला दी.

    दूसरे हाफ़ की शुरुआत होते ही 47वें मिनट में जूड बेलिंघम गोल ने गोल किया, आख़िर में 85वें मिनट में मार्कस रैशफ़ोर्ड ने गोल दागकर इंग्लैंड की बढ़त 4-2 कर दी.

    क्रोएशिया के मार्टिन बातुरिना ने 36वें मिनट और पीटर मूसा ने फ़र्स्ट हाफ़ ख़त्म होने से थोड़ी देर पहले गोल किया, लेकिन इंग्लैंड की तेज़ी के सामने क्रोएशिया की टीम नहीं टिक पाई.

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप-एल में तीन अंक हासिल किए, जबकि क्रोएशिया को टूर्नामेंट में झटका लगा.

    इससे पहले ग्रुप-के के एक अहम मैच में अपेक्षाकृत मज़बूत समझी जाने वाली पुर्तगाल की टीम को डीआर कांगो ने 1-1 की बराबरी पर रोक दिया. फ़ुटबॉल फ़ैंस की निगाहें पुर्तगाल की सुपरस्टार फ़ुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर थीं. लेकिन वो कुछ ख़ास कमाल नहीं कर सके.

  16. अमेरिका-ईरान समझौता: पाकिस्तानी पीएम ने बताया क्या होगा पहला क़दम

    अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर साइन होने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने दोनों देशों को बधाई दी है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि यह समझौते तुरंत प्रभाव से लागू होगा, इसके पहले क़दम के तौर पर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट खोलेगा और अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा.

    शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए गर्व महसूस हो रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक ‘इस्लामाबाद एमओयू’ इलेक्ट्रॉनिक रूप से साइन हुआ है. यह समझौता दोनों देशों के राष्ट्रपति ने साइन किया है और मैंने बतौर मध्यस्थ इसे मंज़ूरी दी है."

    उन्होंने लिखा "दोनों सरकारों के उच्च स्तर पर इस समझौते पर हस्ताक्षर करना यह दिखाता है कि दोनों पक्ष संघर्ष का हल बातचीत से निकालने के लिए गंभीर हैं. इस्लामाबाद एमओयू तुरंत लागू होगा. पहले क़दम के तौर पर ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोल देगा और अमेरिका तुरंत नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा."

    शहबाज़ शरीफ़ ने अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं का भी आभार व्यक्त किया है.

    उन्होंने लिखा, "मैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई और धन्यवाद देता हूं, जिनकी बातचीत के प्रति मज़बूत प्रतिबद्धता और शांति को प्राथमिकता देने की सोच ने एक बार फिर ऐसे संघर्ष को ख़त्म किया, जो क्षेत्र और उससे आगे के लिए विनाशकारी साबित हो सकता था. मैं अमेरिका की वार्ता टीम- जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुशनर की मेहनत और योगदान की भी सराहना करता हूं."

    शहबाज़ शरीफ़ ने लिखा, "मैं ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मोजतबा हुसैनी ख़ामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के विवेक, दूरदर्शिता और नेतृत्व का सम्मान करता हूं, जिन्होंने शांति को अपनाया. मैं ईरान की वार्ता टीम- मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़, अब्बास अराग़ची और इस्कंदर मोमेनी की लगातार कोशिशों की भी सराहना करता हूं, जिनकी वजह से यह समझौता संभव हुआ."

    शहबाज़ शरीफ़ ने अपने एक्स पोस्ट में क़तर की भूमिका का भी ज़िक्र किया है. साथ ही उन्होंने सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के नेताओं के योगदान की भी सराहना की.

    पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर का ज़िक्र करते हुए शरीफ़ ने लिखा, "उनकी मेहनत, निस्वार्थ समर्पण और अहम भूमिका ने इस सफलता को संभव बनाया और शांति व क्षेत्रीय स्थिरता को आगे बढ़ाया."

  17. अमेरिका-ईरान के बीच समझौते पर साइन होने के बाद बोले ग़ालिबाफ़- यह बिल्कुल भरोसेमंद नहीं

    अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए एमओयू पर साइन हो गए हैं. हालांकि, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा है कि भले ही 'अंतिम समझौता हो गया, लेकिन यह बिल्कुल भरोसेमंद नहीं' है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ग़ालिबाफ़ ने कहा कि वो अमेरिका से बातचीत नहीं करना चाहते थे, क्योंकि वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'शीर्ष कमांडर हज क़ासिम की हत्या का मास्टरमाइंड' मानते हैं.

    दरअसल, मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ईरान की वार्ता टीम का हिस्सा हैं, लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने ये ज़िम्मेदारी मन नहीं होते हुए भी निभाई.

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने ईरानी ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (आईबीसी) को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैं खुद से बातचीत टीम में शामिल नहीं हुआ. मेरा मन नहीं था, फिर भी ये काम किया. खुद से इस ज़िम्मेदारी को न लेने की एक वजह यह थी कि ट्रंप ही हज क़ासिम की हत्या के मास्टरमाइंड हैं. जनरल सुलेमानी पूरे इस्लामी जगत के लिए प्रिय थे, लेकिन मेरे लिए वह व्यक्तिगत रूप से भी बहुत मायने रखते थे.

    उन्होंने ट्रंप का ज़िक्र करते हुए कहा, "क्या आपको लगता है कि मेरे लिए ऐसे व्यक्ति के साथ कोई टेक्स्ट तैयार करना आसान होता?"

    उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका पर मेरा अविश्वास और निराशावाद सबसे ज़्यादा है."

    अमेरिका के साथ अंतिम समझौते पर दस्तख़त होने के बाद ग़ालिबाफ़ ने कहा, "भले ही यह समझौता आख़िरी हो और सुरक्षा परिषद से मंज़ूरी भी मिल जाए, फिर भी इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता. हमारी असली गारंटी ईरान की ताक़त है."