ओलंपिक में सऊदी अरब का प्रदर्शन कैसा रहा?

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टोक्यो ओलंपिक में सऊदी अरब के तारेक हमदी अपने देश के इतिहास में पहली बार स्वर्ण पदक जीतने की राह पर थे.

वे पहली बार ओलंपिक खेलों में शामिल किए गए कराटे के कुमिते 75 किलोवर्ग में वे फ़ाइनल में खेल रहे थे. फ़ाइनल में पहुंचने के लिए हमदी ने जापान के रुतारो अरागा को सेमीफ़ाइनल में 2-0 हराकर बड़ा उलटफेर किया था.

फ़ाइनल के शुरुआती 9 सेकेंड में ही हमदी 3-0 से आगे थे. इसके तुरंत बाद ही उन्होंने चौथा अंक भी अर्जित कर लिया.

वे पहली बार सऊदी अरब को गोल्ड दिलाने की राह पर थे और फ़ाइनल में 4-1 से आगे चल रहे थे और उनके देश में फैन्स इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उन्होंने एक तकनीकी ग़लती कर दी.

यहाँ एक ऐसा वाक़या हुआ कि न केवल उन पर पेनल्टी लगाई गई बल्कि उन्हें बाक़ी के मुक़ाबले से डिस्क्वॉलिफाई भी कर दिया गया और इसके साथ ही सऊदी अरब ओलंपिक के इतिहास में पहली बार गोल्ड जीतने से चूक गया.

आख़िर मैच में हुआ क्या था?

हमदी ने राउंडहाउस किक, जैब और पंच में कुछ चालाकी दिखाते हुए ईरान के प्रतिद्वंद्वी गंज़जादेह को किक मारी.

गंज़जादेह गिर गए. हमदी ने उन्हें नॉकआउट कर दिया. ईरान के उनके प्रतिद्वंद्वी साजेग गंज़जादेह को स्ट्रेचर पर मैट से बाहर ले जाना पड़ा.

लेकिन रेफरी ने हमदी की यह चालाकी पकड़ ली. आपस में विचार विमर्श करने के बाद हमदी को दोषी पाया. इसके साथ ही उन्होंने ईरान के साजेग गंज़जादेह को गोल्ड मेडल देने का फ़ैसला लिया.

10 करोड़ का इनाम

हमदी ने भले ही सऊदी अरब के लिए गोल्ड नहीं जीता लेकिन ओलंपिक में उनका रजत पदक जीतना भी देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.

यह सऊदी अरब का ओलंपिक खेलों में केवल दूसरा पदक है.

एथलीट हादी सवान ओलंपिक में पदक जीतने वाले पहले सऊदी खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2000 सिडनी ओलंपिक में 400 मीटर की बाधा दौड़ में सऊदी अरब के लिए रजत पदक जीता था. टोक्यो ओलंपिक में मेडल जीतने वाले 93 देशों में सऊदी अरब एक रजत पदक के साथ 77वें नबर पर है.

सऊदी अरब के प्रतिद्वंद्वी ईरान ने तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम किया. टोक्यो ओलंपिक की रैंकिंग में ईरान 27वें नंबर पर है. क़तर को दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक मिला है.

हमदी की इस कामयाबी के बाद उन पर करोड़ों रुपये बरस रहे हैं.

सऊदी अरब के खेल मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन तुर्की फ़ैसल ने तारेक हमदी को 50 लाख रियाल (लगभग 10 करोड़ भारतीय रुपये) का इनाम देने का एलान किया.

मंत्री ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा, "क्योंकि वे हम सभी कि नज़र में हीरो हैं, हमारे ओलंपिक चैंपियन हमदी को उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए गोल्ड मेडल (पांच मिलियन रियाल) से सम्मानित किया जाएगा. आप हीरो हैं, इसके लायक हैं और भविष्य आपके सामने है."

टोक्यो तक पहुंचने का सफ़र

टोक्यो ओलंपिक के दौरान ही 23 साल के हुए हमदी ने 15 साल की उम्र में 2009 में कराटे खेलना शुरू किया था. हमदी ने उज़्बेकिस्तान में खेले गए 2013 एशियन जूनियर चैंपियनशिप में पहली बार देश के लिए गोल्ड मेडल जीता.

हमदी कराटे वर्ल्ड चैंपियनशिप में सऊदी अरब को गोल्ड दिलाने वाले पहले खिलाड़ी हैं. यह कामयाबी उन्होंने 2015 में जकार्ता में आयोजित इस चैंपियनशिप में हासिल की.

टोक्यो ओलंपिक में मध्य-पूर्व

शनिवार को ही टोक्यो ओलंपिक से अरब वर्ल्ड के लिए कुछ और भी अच्छी ख़बर आई. चार स्पोर्ट्स में हमदी समेत पाँच मेडल मध्य-पूर्व के देशों के खिलाड़ियों की झोली में गया.

मिस्र की 22 वर्षीय महिला कराटे खिलाड़ी फेरल अब्देलअज़ीज़ ने कराटे 61 किलोवर्ग में अज़रबैजान की इरिना ज़रेत्स्का को हराकर अपने देश को 73 साल बाद ओलंपिक का गोल्ड मेडल दिलाया.

यह मिस्र का ओलंपिक में केवल दूसरा गोल्ड मेडल था. पहला गोल्ड मिस्र को 1948 में मिला था.

मिस्र को इसी दिन टोक्यो में दूसरा मेडल भी मिला. 21 वर्षीय अहमद एल्गेंडी ने पुरुषों के पेंटाथलन में अपने देश को रजत पदक दिलाया.

मध्य-पूर्व के देश बहरीन की कल्किदन गेज़ाहेगेन ने इथियोपिया की वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर लेटसेनबेट गिडे को तीसरे स्थान पर पछाड़ कर महिलाओं की 10 हज़ार मीटर रेस में सिल्वर मेडल हासिल किया.

दिन के आखिर में क़तर ने पुरुषों के बीच वॉलीबॉल में ओलंपिक पोडियम पर अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की. उन्होंने यूरोपिय देश लातविया के अपने प्रतिद्वंद्वियों को 2-0 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता.

कॉपीः अभिजीत श्रीवास्तव

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