रफ़ाल की पूजा वाली तस्वीर पर ट्रोल हुए राजनाथ सिंह - सोशल

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भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जब पहले रफ़ाल लड़ाकू विमान की डिलीवरी लेने फ़्रांस गए तो सबसे पहले उन्होंने लड़ाकू विमान का पूजन किया.

फ़्रांस के मेरिनैक में राजनाथ सिंह ने रफ़ाल की पूजा करते हुए उसपर ॐ लिखा, नारियल चढ़ाया और पहियों के नीचे नींबू भी रखे.

उन्होंने इसकी तस्वीरें ट्वीट करते हुए लिखा कि 'दशमी के अवसर पर शस्त्रों का पूजन करना भारत की प्राचीन परंपरा रही है.'

राजनाथ सिंह के बेटे और बीजेपी नेता पंकज सिंह ने तस्वीरें शेयर करते हुए रफ़ाल पर 'शस्त्र पूजन' करने को 'हर भारतीय के लिए ख़ुशी और गर्व की बात बताया है.'

राजनेताओं के अलावा और आम लोगों ने भी रफ़ाल की शस्त्र पूजा करने, उस पर 'ॐ' लिखने, नारियल चढ़ाने और पहियों के नीचे नींबू रखने पर प्रतिक्रिया दी है.

सोशल मीडिया पर कुछ लोग जहां इसे भारतीय परंपरा का हिस्सा बता रहे हैं तो कुछ यह कहते हुए इसे ग़लत बता रहे हैं कि ऐसा करना न सिर्फ़ ग़ैरज़रूरी था बल्कि यह देश की धर्मनिरपेक्षता की भावना के भी ख़िलाफ़ था. कुछ लोग इस पर चुटकी भी ले रहे हैं.

इस समय ट्विटर पर #Rafale, #RafaleOurPide, #Politics #ShastraPuja और #Nibu जैसे हैश टैग ट्रेंड कर रहे हैं. इतना ही नहीं #RafalePujaPolitics ट्विटर के टॉप ट्रेंड्स में शामिल है.

क्या कह रहे हैं लोग

कुछ लोग शस्त्र पूजा के दौरान रफ़ाल पर ॐ बनाने को अंधविश्वास क़रार दे रहे हैं जबकि अन्य का कहना है कि यह मामला परंपरा और संस्कृति से जुड़ा हुआ है.

बाबू भाई नाम के ट्विटर हैंडल से राजनाथ सिंह की एक फ़ोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर की है जिसमें राजनाथ सिंह रफ़ाल पर 'चुन्नू-मुन्नू दी गड्डी' लिखते नज़र आ रहे हैं.

एक अन्य ट्विटर यूज़र ने लिखा है, "रफ़ाल में कभी तेल की कमी ना आए. रास्ते में बिगड़े ना. कभी पंक्चर ना पड़े और कभी कोई पीछे से ठोक के देंट ना लगा दे."

एक ट्विटर यूज़र ने नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह को टैग करते हुए लिखा, ''बेरोजगारी दूर करने और 15 लाख खाते में आने के लिए कितने नींबू की जरूरत पड़ेगी?''

गुरु जी नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, ''सही है, ये सब इंडियन इकॉनमी पर करो...सुधर जाएगी.''

प्रिया शर्मा नाम की ट्विटर यूज़र लिखती हैं कि 'इस तरह के पल नए भारत को परिभाषित करते हैं जिसे अपनी संस्कृति पर गर्व है और वह इसका कई अनुष्ठानों के माध्यम से सम्मान करता है.' उन्होंने आगे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को यह बताने के लिए शुक्रिया किया है कि 'नींबू, नारियल और तिलक अंधविश्वास नहीं हैं.'

श्रीनिवास जयप्रकाश लिखते हैं, "रफ़ाल हो, ऑटो, कार या बाइक. हम भारतीयों का अपना अंदाज़ है. हम जहां भी जाते हैं, अपनी परंपराओं और संस्कृति का सम्मान करते हैं. जो धर्मनिरपेक्षता हज के लिए सरकार के सब्सिडी देने से प्रभावित नहीं होती वह इससे भी प्रभावित नहीं होगी."

व्हाइटब्लेज़ नाम के हैंडल ने ट्वीट किया है, "मैं विमानों की पूजा करने की बेतुकी रवायत की निंदा करता हूं. यह एक धर्म की परंपरा है. ऐसा करना मूर्खता है. रफ़ाल को करदाताओं के पैसे से लिया गया है जिसमें मैं भी शामिल हूं."

वहीं मारन नाम के यूज़र लिखते हैं, "मुझे समझ नहीं आता कि क्योंकि धार्मिक रंग दिया जा रहा है. हमें गर्व होना चाहिए. जब मैं रफ़ाल की तस्वीर देखता हूं तो गर्व होता है. शस्त्रपूजा में क्या ग़लत है?"

चुटकी भी ले रहे हैं लोग

वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस पूरे मामले पर जोक शेयर कर रहे हैं. 'नेहरूवियन अजित' ने एक व्यंग्यचित्र ट्वीट किया है जिसपर रफ़ाल पर वही सब चीज़ें लिखी दिखाई हैं, जो आमतौर पर भारत की सड़कों पर कुछ वाहनों पर दिख जाती हैं.

राजू गुलाब खत्री नाम के एक हैंडल ने लिखा है, "राजनाथ रफ़ाल पर स्वास्तिक बना देते मगर उससे फ्रांस को हार्ट अटैक आ जाता."

अमित कुमार सिंह नाम के यूज़र ने व्यंग्य करते हुए ट्वीट किया है, "पहले देश को बचाने के लिए रफ़ाल खरीदो और फिर रफ़ाल को बचाने के लिए नींबू खरीदो."

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