ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कोरोना वायरस कोविड
19 को “पीढ़ी का सबसे बुरा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट” कहा
है.
प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के तरीकों
में बदलाव करने का ऐलान किया है और कहा है कि इससे निपटने के लिए कड़े कदम उठाने
का वक्त आ गया है.
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा एनएचएस इस वक्त काफी
दबाव से गुज़र रही है और लोगों को सलाह दी है कि जिन्हें बुख़ार है और लगातार खांसी हो रही है वो सात दिन के लिए खुद को दूसरों से दूर रखें.
प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा कि फिलहाल स्कूलों को बंद करने की
ज़रूरत नहीं है. हालांकि स्कूलों को सलाह दी गई है कि वो अपने सभी विदेशी दौरे रद्द करें.
70 साल से अधिक की उम्र के लोगों से कहा गया है कि वो जहाज़ पर जाने से बचें.
अब तक यूके में कोरोना वायरस के संक्रमण के 596 मामलों की पुष्टि
हो चुकी है. हालांकि सरकार के चीफ़ साइंटिफिक एडवाइज़र सर पैट्रिक वैलन्स का कहना
है कि असल में संक्रमित लोगों की संख्या 5,000 से 10,000 तक हो सकती है.
कोरोना वायरस से निपटने के नए तरीकों में बारे में ब्रितानी
सरकार ने कहा है कि वायरस की जांच करने के लिए उन पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जो
अस्पताल में हैं.
सरकार ने कहा है कि जिन लोगों को लगता है कि उन्हें अपने
शरीर में संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं को एनएचएस के 111 नंबर पर फ़ोन करने की
बजाय एनएचएस की वेबसाइट और 111 ऑनलाइन पर जानकारी देखें.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है
कि ये मौसमी सर्दी ज़ुकाम जैसा है लेकिन ये ऐसा नहीं है. शरीर में रोग प्रतिरोधक
क्षमता कमज़ोर होने पर ये घातक साबित हो सकता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि इस वायरस को
फैलने से रोका जाए ताकि एनएसएस इससे निपटने के लिए तैयार हो सके.
इससे पहले सरकार ने कहा था कि विदेश से लौटे या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए व्यक्ति को यदि खांसी और बुखार है तो वो खुद को दूसरों से दूर कर लें.