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राजस्थान विधानसभा के चुनावी नतीजे आने शुरू हो चुके हैं. जयपुर से इस बारे में ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता जुबैर अहमद
चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के लिए मतों की गिनती का काम अभी भी जारी है. हालांकि बीजेपी ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बहुमत लायक ज़रूरी सीटें जुटा ली हैं. वहीं तेलंगाना में कांग्रेस के भी सरकार बनाने लायक विधायक जीत गए हैं.
प्रियंका झा and चंदन शर्मा
राजस्थान विधानसभा के चुनावी नतीजे आने शुरू हो चुके हैं. जयपुर से इस बारे में ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता जुबैर अहमद

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मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों के रुझान आने शुरू हो गए हैं. राज्य में 17 नवंबर को मतदान हुए थे.
सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और यहां कांग्रेस ने उनके ख़िलाफ़ टीवी एक्टर विक्रम मस्ताल को अपना उम्मीदवार बनाया है.
सी-वोटर के मुताबिक़, रविवार सुबह 9 बजे तक के रुझानों में बुधनी सीट पर शिवराज सिंह चौहान आगे चल रहे हैं.
9 बजे तक के रुझानों में मध्य प्रदेश में कांग्रेस 58 और बीजेपी 55 सीटों पर आगे चल रही है.
विक्रम मस्ताल रामायण-2 में हनुमान का किरदार निभा चुके हैं. विक्रम मस्ताल कुछ समय पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए थे.
वहीं, शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं. शिवराज सिंह चौहान साल 2006 से अब तक लगातार इस सीट से जीते हैं.
पिछले विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को हराया था.

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तेलंगाना राज्य का गठन हुए अभी दशक भर ही बीता है. साल 2014 में तेलंगाना के विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ ही हुए थे.
हालांकि, 2018 में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही विधानसभा को भंग कर दिया और राज्य में एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ ही विधानसभा चुनाव होने लगे.
राज्य स्तर पर अभी तक तेलंगाना में केसीआर की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) आगे रही है. लेकिन लोकसभा के चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी अच्छा करती रही है.
हालांकि एग्ज़िट पोल्स में इस विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की स्थिति मज़बूत बताई गई है.
राज्य में 119 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं और किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 60 पर जीत ज़रूरी है.

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साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से ही यहां लोकसभा चुनावों के स्तर पर बीजेपी का दबदबा रहा है, फिर चाहे राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो.
कांग्रेस छत्तीसगढ़ में अभी तक हर लोकसभा चुनाव में 11 में से केवल एक-दो सीटें ही जीतती आई है.
विधानसभा चुनावों में भी दोनों पार्टियां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देती रही हैं.
2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 55.6 फ़ीसदी और कांग्रेस को 41.1 फ़ीसदी वोट मिले थे. इसके बाद के विधानसभा चुनावों में बीजेपी का वोट शेयर हर बार 55 फ़ीसदी के आसपास ही रहा.
लेकिन 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 75.6 फ़ीसदी वोट पाए और बीजेपी केवल 16.7 फ़ीसदी वोट तक ही सिमट गई. इसके बाद हुए लोकसभा चुनावों में बीजेपी को 81.8 फ़ीसदी वोट मिले.
राज्य में फिलहाल भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार है.
अधिकांश एग्ज़िट पोल्स में ये अनुमान जताया गया है कि राज्य में एक बार फिर से कांग्रेस की सरकार आ सकती है.

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मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान हुआ था. फिलहाल राज्य में बीजेपी की सरकार है और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री हैं.
पिछले कुछ सालों को देखा जाए जो कांग्रेस ने 1998 में विधानसभा चुनाव जीता लेकिन उसके अगले ही साल बीजेपी ने लोकसभा चुनावों में बाज़ी मारी.
2003-04 में बीजेपी ने विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनाव जीते.
वहीं, 2008 में बीजेपी ने राज्य में आसानी से बहुमत पाया लेकिन लोकसभा में उसकी बढ़त घट गई.
हालांकि, 2013 में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव जीता और पहले से अधिक अंतर से लोकसभा चुनावों में भी जीत दर्ज की.
साल 1998 में बीजेपी के पास विधानसभा चुनावों में 37.2 फ़ीसदी वोट थे और कांग्रेस के पास 53.8 फ़ीसदी वोट.
वहीं 2018 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 47.4 फ़ीसदी और कांग्रेस को 49.6 फ़ीसदी वोट मिले थे.
साल 2018 में सीटों के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को पीछे छोड़कर सरकार भी बनाई लेकिन ये सरकार सिर्फ़ 20 महीने चली. इसके बाद बीजेपी ने फिर से सरकार बनाई.
कांग्रेस पार्टी का 2019 के लोकसभा चुनाव में भी मध्य प्रदेश में प्रदर्शन फीका रहा. यहां बीजेपी को 96.6 फ़ीसदी वोट मिले.



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राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनावों की मतगणना शुरू हो गई है.
तेलंगाना के अलावा बाकी के तीन राज्यों में कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला है. तेलंगाना में बीआरएस, कांग्रेस और बीजेपी चुनावी मैदान में हैं.
राजस्थान में कुल 199 सीटों पर मतगणना होगी. बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 101 सीटें चाहिए. राजस्थान के ताज़ा रुझान जानने के लिए यहां क्लिक करें.
तेलंगाना में 119 सीटें हैं और यहां बहुमत का आंकड़ा 60 है. तेलंगाना के ताज़ा रुझान जानने के लिए यहां क्लिक करें.
छत्तीसगढ़ में कुल 90 सीटें हैं और बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए. छत्तीसगढ़ के ताज़ा रुझान जानने के लिए यहां क्लिक करें.
मध्य प्रदेश में कुल 230 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 116 सीटों है. मध्य प्रदेश के ताज़ा रुझान जानने के लिए यहां क्लिक करें.
2018 विधानसभा चुनावों में क्या रहा था नतीजा?





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मध्य प्रदेश के चुनावी नतीजे कुछ देर में आने शुरू हो जाएंगे.
रविवार सुबह वोटों की गिनती शुरू होने से पहले मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बात की.
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, ''लोकतंत्र का महापर्व है. जनता ने बहुत बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. माता-बहनों ने बढ़कर हिस्सा लिया. मतदान ज़्यादा हुआ.''
वो बोले, ''चंद घंटों की बात है, सरकार बीजेपी की बनेगी. 125 से 150 तक सीटें हम जीतेंगे.''
नरोत्तम मिश्रा दतिया सीट से चुनावी मैदान में हैं. इस सीट पर मिश्रा का मुकाबला कांग्रेस के राजेंद्र भारती से है.
मध्य प्रदेश के दतिया से ताल्लुक़ रखने वाले नरोत्तम मिश्रा, शिवराज सिंह चौहान के प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं और दावा ये भी किया जाता है कि वो ख़ुद को शिवराज सिंह चौहान का विकल्प भी मानते हैं.
दतिया ग्वालियर के पास है और भोपाल से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर है.
दतिया विधानसभा क्षेत्र की आबादी तक़रीबन तीन लाख 35 हज़ार है, जहां मुसलमानों की आबादी चार फ़ीसदी के आसपास है.
2008 से मिश्रा दतिया से चुनाव जीत रहे हैं.

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राजस्थान में 25 नवंबर को 199 सीटों के लिए मतदान किया गया था. राज्य में फिलहाल अशोक गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार है.

पार्टी का सीधा मुकाबला राज्य के मुख्य विपक्षी दल बीजेपी से है.
बीते कुछ दशकों में देखा गया है कि राजस्थान में हर विधानसभा चुनाव में सरकार बदल जाती है. एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी को जनता सत्ता सौंपती आ रही है.

पिछले कुछ दशकों के चुनाव में ये भी देखा गया है कि राजस्थान की जनता लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में अलग-अलग तरीके से मतदान करती आ रही है.
1998 में अशोक गहलोत की अगुवाई में कांग्रेस को विधानसभा में भारी बहुमत मिला लेकिन एक साल से भी कम समय के अंदर हुए लोकसभा चुनाव में राज्य में बीजेपी आगे रही.
अभी तक के आंकड़े देखें तो 2009 में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 48 फ़ीसदी वोट मिले थे और बीजेपी को 16 फ़ीसदी. लेकिन 2014 से कहानी बदली और बीजेपी ने राज्य में सभी 25 लोकसभा सीटें अपने नाम कीं. हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 50 फ़ीसदी वोट मिले और बीजेपी के हिस्से में 36.5 फ़ीसदी वोट रहे.
लेकिन 2019 में कांग्रेस एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी और बीजेपी हर सीट पर विजयी रही थी.

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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में हुए विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना आज यानी रविवार को सुबह आठ बजे से शुरू होगी.
लोकसभा चुनावों में छह महीने से भी कम वक्त बचा है. ऐसे में इन राज्यों के चुनाव सेमीफ़ाइनल के तौर पर देखे जा रहे हैं.
मिज़ोरम में हुए चुनावों के लिए मतगणना की तारीख में बदलाव किया गया है. अब ये सोमवार यानी कल होगी. चुनाव आयोग ने बताया था कि मिज़ोरम के कई राज्यों से मतगणना की तारीख रविवार से बदलकर सप्ताह के किसी और दिन करने का प्रस्ताव भेजा गया था. रविवार का मिज़ोरम के लोगों के लिए ख़ास महत्व है.
कांग्रेस पार्टी फिलहाल राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता में है. वहीं बीजेपी मध्य प्रदेश में सरकार चला रही है. इन तीनों राज्यों में दोनों पार्टियों के बीच सीधा मुकाबला है. वहीं, तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) चुनाव जीतकर हैट्रिक की उम्मीद में है.
सुबह आठ बजे पोस्टल बैलेट से मतों की गिनती शुरू होगी.
मध्य प्रदेश में 230, छत्तीसगढ़ में 90, तेलंगाना में 119 और राजस्थान में 199 सीटों पर मतदान हुआ है. राजस्थान में एक सीट पर उम्मीदवार के निधन की वजह से चुनाव नहीं हुआ था.
आपका दिन शुभ हो.
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