भारत की हार का जश्न मानने के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों को ज़मानत, यूएपीए की धारा हटाई
भारत की हार का जश्न मानने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सात कश्मीरी छात्रों को अदालत ने शनिवार को ज़मानत दे दी है.
लाइव कवरेज
दीपक मंडल
वर्ल्ड कप में भारत की हार का जश्न मानने के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी छात्रों को ज़मानत, यूएपीए की धारा हटाई
....में
Author, माजिद जहांगीर
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, श्रीनगर से
इमेज स्रोत, IMRAN ALI
वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच
में कथित तौर पर भारत की हार का जश्न मानने के लिए गिरफ्तार किए गए एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सात कश्मीरी छात्रों को अदालत ने शनिवार को ज़मानत दे दी है.
पुलिस ने उनके ख़िलाफ़, अनलॉफुल प्रिवेन्शन्स एक्ट (यूएपीए) के सेक्शन 13 का मामला भी वापस ले लिया है.
गांदेरबल पुलिस ने 20 नवंबर 2023 को सात छात्रों के ख़िलाफ़ लिखित शिकायत मिलने के बाद गिरफ्तार किया था. ये छात्र गांदेरबल पुलिस थाने में बंद थे.
अभियुक्त छत्रों के वकील शफ़ीक़ अहमद भट ने अदालत
से ज़मानत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्रों को अदालत से ज़मानत मिलना उनके
लिए एक बड़ी रहत है.
ज़मानत की सुनवाई गांदेरबल
की अदालत में हुई.
शाफ़ीफ़ अहमद ने पुलिस की
ओर से छात्रों पर लगाया गया यूएपीए भी वापस लेने की पुष्टि की.
बीबीसी को छात्र के एक
परिजन ने फ़ोन पर बताया कि उनके भाई को कुछ देर पहले पुलिस ने रिहा किया है.
19 नवंबर 2013 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड कप मैच
में भारत की हार हुई थी.
यूनिवर्सिटी के ही
एक गैर कश्मीरी छात्र ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज की थी.
शिकायतकर्ता ने इल्ज़ाम
लगाया था कि मैच खत्म होने के बाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में सात कश्मीरी छत्रों ने
भारत की हार का जश्न मानने के अलावा पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए और
उन्हें धमकी दी थी.
छात्रों पर यूएपीए लगाने
को लेकर कश्मीर के कई राजनैतिक दलों ने सख्त शब्दों में आलोचना की थी.
झारखंडः राज्यपाल ने दोबारा लौटाया विधेयक, मंत्री हुए हमलावर
....में
Author, रवि प्रकाश
पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, रांची से
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन
झारखंड के राज्यपाल ने यहाँ की विधानसभा से बहुमत से पारित स्थानीय नीति विधेयक को सरकार को दोबारा लौटा दिया है. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सरकार को इसपर पुनर्विचार का सुझाव दिया है.
इससे पहले राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने अटार्नी जनरल से राय माँगी थी. अटार्नी जनरल ने 15 नवंबर को अपनी राय से राजभवन को अवगत कराया. इसके बाद राज्यपाल ने यह विधेयक सरकार को वापस कर दिया.
हालाँकि, राजभवन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को बताया कि अटार्नी जनरल ने अपनी राय में यह भी लिखा है कि इस विधेयक में स्थानीय व्यक्ति शब्द की परिभाषा लोगों की आकांक्षाओं के अनुकूल है.
“यह स्थानीय परिस्थितियों के लोकाचार और संस्कृति के साथ फिट बैठती है. तर्कसंगत और वस्तुनिष्ठ मानदंडों पर आधारित प्रतीत होती है.”
उन्होंने विधेयक की धारा 6-ए को लेकर कुछ संदेह जारी किया लेकिन अपने पत्र के एक पैरा में इसे क़ानूनी तौर पर बचाने के उपाय भी सुझाए.
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, झारखंड के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस
पूर्व राज्यपाल रमेश बैस (अब महाराष्ट्र के राज्यपाल) ने भी जनवरी 2023 में 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति विधेयक को सरकार को लौटा दिया था.
तब तत्कालीन राज्यपाल ने कहा था कि इस विधेयक की वैधानिकता की गंभीरतापूर्वक समीक्षा कर लें.
इसके बाद सरकार ने बीते 26 जुलाई को यह विधेयक राज्यपाल को वापस पुनर्विचार के लिए भेज दिया था.
अब नए राज्यपाल द्वारा भी विधेयक वापस करने को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
झारखंड सरकार के मंत्री चंपई सोरेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा है कि राज्यपाल ने यह विधेयक बीजेपी के इशारे पर लौटाया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
मंत्री चंपई सोरेन ने लिखा, “हमारी सरकार ने खतियान आधारित स्थानीय नीति का विधेयक विधानसभा से पास कर के भेजा, राज्यपाल महोदय ने लौटा दिया. हमने इसे दोबारा भेजा, लेकिन भाजपा के इशारे पर इसे फिर से लौटा दिया गया. सरना धर्म कोड से लेकर स्थानीय नीति और ओबीसी आरक्षण तक. यह स्पष्ट है कि भाजपा झारखंड सरकार को काम करने नहीं देना चाहती. इस घटना ने भाजपा के चेहरे पर से नकाब उतार फेंका है.“
“अगर उन्हें झारखंड के खतियानी लोगों से दिक्कत है तो खुल कर कहें और आदिवासियों एवं मूलवासियों के हितैषी होने का दंभ भरना बंद करें. अगर ऐसा नहीं है तो ओबीसी आरक्षण एवं स्थानीयता नीति वाले विधेयकों को संविधान की नौंवी अनुसूची के तहत संरक्षण देने में क्या दिक्कत है.”
उन्होंने यह भी लिखा, "मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने कई बार कहा कि केंद्र सरकार राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपयों को दबा कर बैठी है, लेकिन वे देना नहीं चाहते. ये झारखंड की आम जनता के पैसे हैं, जिनसे विकास कार्य किए जाते. लेकिन… अब झारखंड के स्थानीय खतियानी लोगों को रोजगार देने की राह में हजार रोड़े अटका रहे ये लोग अगर सोचते हैं कि ऐसे हथकंडों से हमें परेशान किया जा सकता है, तो ध्यान रहे, जनता सब देख रही है.”
ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइल ने युद्धविराम वार्ताकारों को क़तर से लौटने का आदेश दिया
इमेज स्रोत, Reuters
ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद ने बताया है कि युद्धविराम की बातचीत में गतिरोध आने के बाद इसराइली ख़ुफ़िया अधिकारियों को क़तर छोड़ने का आदेश दिया गया है.
इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में बताया गया है कि, "मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने अपनी टीम को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के निर्देश पर क़तर से वापस इसराइल लौटने के लिए कहा है."
इसमें कहा गया है कि, "आतंकी संगठन हमास ने समझौते के अपने हिस्से को पूरा नहीं किया है. इसमें हमास को दी गई एक लिस्ट के अनुसार सभी बच्चों और महिलाओं की रिहाई सुनिश्चित करना भी शामिल था."
युद्ध शुरू होने के बाद से क़तर हमास और इसराइल के बीच मध्यस्थता कर रहा है. हाल ही में एक हफ़्ते तक चलने वाले अस्थाई युद्धविराम, उसे दो बार बढ़ाने और उस दौरान बंधकों की रिहाई में उसने अहम भूमिका निभाई है.
ग़ज़ा में एक बार फिर युद्धविराम की कोशिश, फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों जाएंगे क़तर
इमेज स्रोत, Reuters
फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सीओपी-28 जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि वे इसराइल और हमास के बीच फिर से युद्धविराम की कोशिश में क़तर की यात्रा करेंगे.
उन्होंने कहा, "यह स्थिति एक चिरस्थायी युद्धविराम पर पहुंचने और हमास के बंधक बनाए गए सभी लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए दोगुनी कोशिश करने की मांग करती है."
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, "ग़ज़ा के लोगों को वो सहायता पहुंचाना भी ज़रूरी है जिसकी उन्हें तत्काल आवश्यकता है.
राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि "इसराइल, हमास को पूरी तरह नष्ट करने के अपने मंसूबे के बारे में स्पष्ट करे क्योंकि इससे यह युद्ध अगले दस सालों तक भी चल सकता है."
ग़ज़ा में युद्धविराम ख़त्म होने के बाद से 193 लोग मारे गए
इमेज स्रोत, Getty Images
ग़ज़ा में हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि शुक्रवार को इसराइल ने जब फिर से हमला करना शुरू किया है तब से वहां 193 लोग मारे गए हैं.
इसमें बताया गया है कि सात दिनों के युद्धविराम ख़त्म होने के बाद से अब तक 652 लोग घायल भी हुए हैं.
इस मंत्रालय के मुताबिक़ ग़ज़ा में मारे गए लोगों की संख्या 15 हज़ार से अधिक हो गई है और 40 हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं.
इसका कहना है कि मारे गए लोगों में से 70 फ़ीसद महिलाए और बच्चे हैं.
मोदी से मिले धामी, भेंट की मिशन सिलक्यारा की तस्वीर
इमेज स्रोत, ANI
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर उन्हें सिलक्यारा सुंरग से जुड़ी तस्वीरों का एक कोलाज़ उपहार स्वरूप दिया.
इसमें सबसे ऊपर मिशन सिलक्यारा लिखा है और नीचे सुरंग से 41 मज़दूरों को बाहर निकालने के अभियान से जुड़ी 12 तस्वीरों का कोलाज़ है.
इनमें से एक तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे अभियान का निरीक्षण करते हुए देख रहे हैं. तो एक अन्य में सीएम धामी एक मज़दूर को गले लगाते दिख रहे हैं.
17 दिनों तक उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे रहने के बाद 41 मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था.
इस सुरंग में फंसे 41 मज़दूरों में 15 झारखंड, आठ उत्तर प्रदेश, पांच-पांच बिहार और ओडिशा से, तीन पश्चिम बंगाल से, दो-दो असम और उत्तराखंड से थे जबकि एक श्रमिक हिमाचल प्रदेश से था.
हमास के साथ युद्धविराम ख़त्म होते ही अमेरिका ने इसराइल के लिए खींची 'लक्ष्मण रेखा'
इसराइल-हमास युद्धविराम खत्म होने के बाद ग़ज़ा में मानवीय सहायता की पहली खेप पहुंची
इमेज स्रोत, Reuters
फ़लस्तीनी रेड क्रिसेंट का कहना है कि शुक्रवार को इसराइल और हमास के बीच अस्थाई युद्धविराम टूटने के बाद से पहली बार मानवीय सहायता से भरे ट्रकों को ग़ज़ा पट्टी में जाने की अनुमति दी गई है.
रफ़ाह बॉर्डर से क़रीब 50 ऐसे ट्रकों को ग़ज़ा में जाने की अनुमति दी गई है.
सहायता एजेंसियों ने अब भी आपूर्ति में भारी कमी बताई है.
मिस्र की सुरक्षा एजेंसी और फ़लस्तीनी रेड क्रिसेंट के सूत्रों ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ग़ज़ा पट्टी से पहले इन ट्रकों की ऑजा क्रॉसिंग पर जांच होगी.
युद्ध से पहले सहायता एजेंसियों ने कहा था कि ग़ज़ा की आबादी की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए रोज़ 100 ट्रक सहायता सामानों की ज़रूरत होगी.
फिल्म सैम बहादुर में विक्की कौशल की एक्टिंग पर क्या कह रहे हैं लोग
इमेज स्रोत, Vickykaushal
फिल्म सैम बहादुर में विक्की कौशल की एक्टिंग को देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोग उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार देने की मांग कर रहे हैं.
एक्स पर #VickyKForNationalAwards ट्रेंड भी कर रहा है. यह फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की जिंदगी पर आधारित है, जिसका निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है.
एक दिसंबर को रिलीज हुई फिल्म में विक्की कौशल के अलावा फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा, गोविंद नामदेव और मोहम्मद जीशान अय्यूब लीड रोल में हैं.
उनकी तारीफ में गुलमोहर कौर ने लिखा कि विक्की कौशल ने अपने करियर की सबसे अच्छी एक्टिंग सैम बहादुर फिल्म में की है.
अराधना सिंह ने लिखा, “सैमबहादुर की विरासत कायम है और विक्की कौशल ने उस व्यक्ति के साथ न्याय किया है, जिसकी हम सभी प्रशंसा करते हैं. एक ठोस प्रदर्शन, जो राष्ट्रीय मान्यता का हकदार है.”
साक्षी नंदवानी ने लिखा, “मेघना गुलजार ने फिल्म में सैम बहादुर के रोल के लिए विक्की कौशल को नहीं लिया बल्कि उन्होंने सैम बहादुर को ही ले लिया है.”
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
विवेक नामके एक यूजर ने लिखा, “उनका प्रदर्शन शानदार रहा. वे राष्ट्रीय पुरस्कार के हकदार हैं.”
महेश कुमारने लिखा, “फिल्म में विक्की कौशल की एक्टिंग देखने के बाद में उनका प्रशंसक बन गया हूं.”
निशा रावतने लिखा, “विक्की कौशल ने फिल्म में अपनी एक्टिंग से जान डाल दी है.”
आदित्य रहबरने लिखा, “एक बार सैम बहादुर जरूर देखिए. सिर्फ इसलिए नहीं है कि यह माणिक शॉ की जीवनी है, बल्कि इसलिए भी कि विक्की कौशल की अभिनय कुशलता का स्तर कितना कमाल हो सकता है.”
वहींशहनाज हेअरनाम के एक यूजर ने लिखा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे फिल्म पसंद नहीं आई. इस फिल्म का फायदा तब है जब आपकी रुचि इतिहास में हो और मुझे लगता है कि इस फिल्म का निर्देशन भी ठीक से नहीं हुआ है. मैं इससे ज्यादा की उम्मीद कर रही थी, हालांकि विक्की कौशल की एक्टिंग ने सैम बहादुर के रोल के साथ न्याय किया है, मुझे फिल्म देखकर मजा आया.”
रिंकू सिंह ने बताया दबाव में भी कैसे करते हैं इतनी आक्रामक बैटिंग?
इमेज स्रोत, ANI
भारत के नए नवेले स्टार बल्लेबाज़ रिंकू सिंह ने बीती रात ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले गए चौथे टी20 मैच में केवल 29 गेंदों पर 46 रनों की पारी खेली.
यह इस मुक़ाबले में टीम इंडिया की तरफ से खेली गई सबसे बड़ी पारी थी.
रिंकू सिंह तब बल्लेबाज़ी करने उतरे जब भारत ने दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवा दिए थे. उन्होंने जीतेश शर्मा के साथ मिलकर न केवल अर्धशतकीय साझेदारी निभाई बल्कि भारतीय पारी के स्कोर को 174 रन पहुंचाने में भी सबसे अहम किरदार निभाया.
इसके बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 20 ओवरों में केवल 154 रनों पर रोक दिया और इस मैच के साथ सिरीज़ भी 3-1 से अपने नाम कर ली.
अपनी पारी में रिंकू सिंह ने चार चौके, दो छक्के जमाए और 158.62 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
आक्रामक बल्लेबाज़ी का राज़
इसी सिरीज़ के दूसरे मुक़ाबले में तो रिंकू सिंह ने केवल 9 गेंदों पर 344.44 के स्ट्राइक रेट से नाबाद 31 रन बनाए थे.
अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाज़ी रिंकू सिंह की पहचान बन चुकी है. उनकी इस काबिलियत का पूरा क्रिकेट जगत मुरीद हो रखा है.
मैच के बाद बीसीसीआई टीवी के लिए रिंकू सिंह और जीतेश शर्मा ने आपस में बात की.
इसी दौरान रिंकू सिंह ने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी के पीछे की वजह बताई.
रिंकू बोले, "मैं लंबे समय से खेल रहा हूं. बीते पांच छह साल से आईपीएल खेल रहा हूं. इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है. मैंने ख़ुद पर भरोसा करना सीखा है. दबाव कितना भी हो मैं पूरी कोशिश करता हूं कि ख़ुद को शांत बनाए रखूं.
मैच के दौरान रिंकू सिंह ने 100 मीटर लंबा एक छक्का जमाया.
जीतेश ने 100 मीटर छक्के के राज़ के बारे में उनसे पूछा तो रिंकू बोले, "मैं अच्छा खाना खाता हूं, वेट उठाने का बहुत शौक है, तो नेचुरल पावर है मेरे अंदर."
जीतेश शर्मा ने कहा, "जब मैं बैटिंग करने उतरा तब काफ़ी दबाव में था, रिंकू मुझे कह रहे थे कि थोड़ा आराम से खेलना."
अब ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच मैचों की टी20 सिरीज़ का आखिरी मैच रविवार (3 दिसम्बर) को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा.
कई विमान डायवर्ट, राजधानी दिल्ली में धुंध बनी वजह
इमेज स्रोत, ANI
शनिवार को दिल्ली आने वाले 18 विमानों को डायवर्ट किया गया जबकि कई अन्य ने देरी से उड़ान भरी.
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को इसकी जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि इन विमानों को लो विज़िबिलिटी की वजह से अन्य शहरों में उतारना पड़ा है.
शनिवार की सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच जब राष्ट्रीय राजधानी में इस सीज़न के पहले कोहरे ने विज़िबिलिटी बहुत कम कर दी तो 18 विमानों को जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद, अमृतसर में उतारना पड़ा.
इस दौरान राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर भी बहुत ख़राब कैटेगरी में रहा और स्मॉग की परत भी जमी रही.
एयर विस्तारा ने कई ट्वीट कर यह बताया कि उसके कुछ विमान डायवर्ट किए जा रहे हैं.
उसने बताया कि मुंबई से दिल्ली आने वाली उसकी उड़ान संख्या यूके 954 और यूके 928 को जयपुर डायवर्ट किया जा रहा है.
हालांकि बाद में उसने यह भी अपडेट किया कि यूके 954 और यूके 928 जयपुर से रवाना हो चुकी है और नई दिल्ली पर सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक पहुंच जाएगी.
इसी तरह अहमदाबाद से दिल्ली आने वाली यूके 906 को वापस अहमदाबाद लौटा दिया गया था.
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक़ सुबह 10 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 375 था.
इसराइल-हमास युद्धविराम के बाद ग़ज़ा में ठप पड़ी मानवीय सहायता, यूएन ने चेताया
इमेज स्रोत, BBCCopyright
इमेज कैप्शन, यूएनआरडब्ल्यूए की प्रवक्ता जूलियट टौमा
इसराइल-हमास के बीच अस्थाई युद्ध विराम खत्म होने के बाद से ग़ज़ा में कोई भी सहायता नहीं पहुंची है.
यह जानकारी फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने दी है.
यूएनआरडब्ल्यूए की प्रवक्ता जूलियट टौमा ने बीबीसी को बताया कि उन्हें डर है कि फिर से वही हालात हो जाएंगे जो हफ्तों पहले थे, जहां ग़ज़ा पर पूर्ण प्रतिबंध और उसे चारों तरफ से घेरा हुआ था.
उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता को फिर से शुरू करने और युद्ध विराम को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
टौमा ने कहा कि हम ग़ज़ा में मानवाधिकार उल्लंघन की सुनामी के मुहाने पर खड़े हैं
तस्वीरों में- युद्धविराम ख़त्म होने के बाद ग़ज़ा में इसराइल की बमबारी
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, इसराइल और हमास के बीच सात दिन तक चले युद्धविराम के समाप्त होने के बाद शुक्रवार की सुबह लड़ाई फिर से शुरू हो गई. आज शनिवार को इसराइली बमबारी का दूसरा दिन है.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, इसराइल का कहना है कि उसके लड़ाकू विमान ग़ज़ा पट्टी में हमास के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, इसराइली सेना का कहना है कि अस्थाई युद्ध विराम के बाद उसने ग़ज़ा में 400 से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है.
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, बमबारी के बाद अपनों के लिए रोते हुए परिवार. यह परिवार ग़ज़ा के ख़ान यूनुस की है.
मेलोडीः मोदी की तस्वीर के साथ इटली की पीएम की पोस्ट, 2 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़, क्या बोले भारतीय पीएम
इमेज स्रोत, ANI
कॉप28 शिखर सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को यूएई में हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें भारत का पक्ष रखा और 2028 में सम्मेलन की मेजबानी की पेशकश की.
भारत लौटने के पहले पीएम मोदी ने यूएई में कॉप28 सम्मेलन से इतर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस, इसराइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, जॉर्डन के शासक अब्दुल्ला द्वितीय, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ बैठकें कीं.
पीएम मोदी ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा, ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड कैमरन, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली और गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली से भी मुलाक़ात की.
लेकिन इस दौरान सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ लेकर की गई एक पोस्ट खूब चर्चा में है.
ये पोस्ट इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के हैंडल से किया गया है.
मेलोनी ने अपनी इस पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी के साथ ली गई एक सेल्फ़ी को शेयर किया जिसमें दोनों मुस्कुरा रहे हैं.
साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को गुड फ्रेंड यानी अच्छा दोस्त बताया.
पीएम नरेंद्र मोदी ने मेलोनी के इस ट्वीट पर क़रीब 16 घंटे बाद प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने इसे रीट्वीट करते हुए लिखा, "दोस्तों से मिलना हमेशा सुखद है."
हालांकि इनसे इतर सबसे अधिक चर्चा उस हैशटैग की हो रही है जिसे मेलोनी ने अपने ट्वीट में शेयर किया.
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अपनी इस पोस्ट में मोदी और मेलोनी को मिलाते हुए हैशटैग मेलोडी #Melodi लिखा और यह सोशल मीडिया पर लोगों को खूब पसंद आया.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 1
यह ट्वीट इतना पसंद किया गया कि इसे अब तक दो करोड़ यूज़र्स देख चुके हैं जबकि लगभग 50 हज़ार लोगों ने इसे रीट्वीट किया तो 15 हज़ार लोगों ने इस पर कमेंट किया है.
वहीं इसे लाइक करने वालों की संख्या भी क़रीब 2.7 लाख हो गई है.
नरेंद्र मोदी फैन नामक ट्वीटर हैंडल से दोनों प्रधानमंत्रियों की सेल्फ़ी लेती एक और तस्वीर ट्वीट की गई.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 2
तो एक यूज़र ने लिखा कि "विश्व नेताओं को हल्के मूड में देखना वाकई अच्छा है."
वहीं एक अन्य यूज़र ने लिखा, "इटली से संबंध अच्छे हो रहे हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त, 3
पीएम मोदी ने भी इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाक़ात के बाद ट्वीट किया.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "कॉप28 सम्मेलन के मौक़े पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ मुलाक़ात. मुझे समृद्ध और चिरस्थायी भविष्य के लिए भारत और इटली के संयुक्त प्रयासों पर भरोसा है."
आप नेता संजय सिंह के खिलाफ ईडी ने दाखिल की चार्जशीट
इमेज स्रोत, ANI
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के खिलाफ शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में आरोपपत्र दायर किया.
ईडी ने यह आरोपपत्र राउज़ एवेन्यू कोर्ट में दाखिल किया है. अदालत ने संजय सिंह की जमानत याचिका पर ईडी से छह दिसंबर तक जवाब मांगा था.
संजय सिंह को ईडी ने 4 अक्टूबर को कथित शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था. इस वक्त वो जेल में बंद हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इस कथित घोटाले के केस में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया पहले से जेल में हैं.
संजय सिंह का नाम व्यापारी दिनेश अरोड़ा के ईडी को दिए बयान में आया था.
एजेंसी का दावा है कि दिनेश अरोड़ा ने बताया था कि शुरुआत में वो आप नेता संजय सिंह से मिले थे जिनके ज़रिये वो बाद में मनीष सिसोदिया से एक रेस्त्रां में मिले.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्टके मुताबिक़, ईडी की शिकायत में दिनेश अरोड़ा के हवाले से कहा गया है “संजय सिंह की गुज़ारिश पर … आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए 82 लाख रुपये के चेक दिए गए (मनीष सिसोदिया को).”
LIVE: भोपाल गैस त्रासदी के 39 साल, यूनियन कार्बाइड प्लांट के बाहर पीड़ित परिवारों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता सलमान रावी, कैमरा: अरविंद साहू
फिल्म एनिमल ने पहले ही दिन तोड़े कई रिकॉर्ड, इतने करोड़ की कमाई
इमेज स्रोत, X@TSeries
रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल ने एडवांस बुकिंग में गदर 2, टाइगर 3 और वॉर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के पहले दिन दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 116 करोड़ रुपये की कमाई की है.
प्रोडक्शन हाउस टी-सीरीज़ ने एक्स पर लिखा कि फिल्म एनिमल सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करने के लिए आ गई है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
फिल्म समीक्षक और ट्रेड एनालिस्ट तरन आदर्श ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि फिल्म एनिमल पहले दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर है.
उनके मुताबिक 65.50 करोड़ के साथ शाहरुख ख़ान की जवान पहले नंबर पर, 55 करोड़ के साथ दूसरे नंबर पर पठान, 54.75 करोड़ के साथ तीसरे नंबर पर एनिमल, 53.95 करोड़ के साथ केजीएफ 2 हिंदी और 51.60 करोड़ के साथ वॉर पांचवें नंबर पर है.
फिल्म को संदीप रेड्डी वांगा ने निर्देशित किया है, जिसमें रणबीर कपूर के अलावा अनिल कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना और तृप्ति डिमरी अहम भूमिका में हैं.
संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक
इमेज स्रोत, ANI
सोमवार यानी चार दिसम्बर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से पहले शनिवार को संसद के दोनों सदनों में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की बैठक हुई.
यह बैठक संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में सुबह 11 बजे से हुई. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री प्रल्हाल जोशी ने की.
संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसम्बर से शुरू होकर 22 दिसम्बर तक चलेगा. इन 19 दिनों के दौरान कई लंबित विधेयक पारित हो सकते हैं.
फिलहाल संसद के सामने 37 लंबित विधेयक हैं, जिसमें आईपीसी, सीआरपीसी और एविडेंस एक्ट में बदलाव जैसे कुछ अहम विधेयक भी शामिल हैं.
साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से जुड़े विधेयक पर भी इस शीतकालीन सत्र के दौरान चर्चा हो सकती है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
इसराइली जेलों में टॉर्चर की कहानी, फ़लस्तीनी किशोर ने दिखाए ज़ख़्म
पंजाब : संगरूर में 20 से अधिक बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार, शिक्षा मंत्री ने क्या बताया
इमेज स्रोत, @harjotbains
इमेज कैप्शन, पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस
पंजाब में संगरूर के मेरिटोरियस स्कूल में फूड प्वाइजनिंग के चलते बीस से ज्यादा बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया.
बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हो रही थी.
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मामले की जानकारी देते हुए कहा,"आज सुबह संगरूर के डीसी से मुझे जानकारी मिली कि कल देर रात संगरूर मेरिटोरियस स्कूल के अंदर बच्चों की तरफ से फूड प्वाइजनिंग की शिकायत की गई. इसके बाद बीस बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. उनमें से 16 बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया है और अब वे ठीक-ठाक हैं और चार बच्चों का इलाज चल रहा है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
उन्होंने कहा, "शाम तक चार बच्चों की भी अस्पताल से छुट्टी हो जाएगी. सावधानी के तौर पर हमने मेडिकल टीम को स्कूल के अंदर बिठा दिया है ताकि अगर कोई बच्चा शिकायत करे, तो उन्हें वह टीम देख पाए. इस वक्त बच्चे घबराहट की शिकायत कर रहे हैं. सावधानी के तौर पर उन बच्चों को सिविल अस्पताल ले जाकर चेक करवा रहे हैं."
बैंस ने कहा, "स्कूल में जिस व्यक्ति के पास खाना बनाने का ठेका था, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उसका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया गया है. एसडीएम लेवल पर एक जांच शुरू कर दी गई है. खाने के सैंपल ले लिए गए हैं और किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा."
उन्होंने कहा, "मीडिया से पता चला है कि स्कूल के बच्चे पांच-छह दिन से खाने को लेकर प्रिंसिपल से शिकायत कर रहे थे. अगर ये सही पाया जाता है तो कार्रवाई न करने वालों को भी नहीं छोड़ा जाएगा.
बैंस ने बताया कि पंजाब में संगरूर के अलावा 9 और मेरिटोरियस स्कूल हैं और इन सभी स्कूलों में फूड के सैंपल लिए जा रहे हैं.