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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'न्यूट्रल' लोगों पर किया तंज़, क्या बोले?

गुजरात, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जहां इन राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन पर बोले वहीं उन्होंने 'न्यूट्रल' लोगों पर तंज़ किया.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अभिजीत श्रीवास्तव

  1. गुजरात विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी की जीत पर आया राजनाथ सिंह का बयान

    गुजरात विधानसभा चुनावों के रुझानों में बीजेपी लगातार आगे बनी हुई है और ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है.

    वहीं कांग्रेस अभी तक 20 के आंकड़े के पास ही पहुंच सकी है.

    रुझानों के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि गुजरात का पीएम मोदी पर भरपूर भरोसा है.

    राजनाथ सिंह ने कहा, "गुजरात में लहर सत्ता के समर्थन में है. हम गुजरात में नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं क्योंकि लोगों का अभी भी पीएम मोदी पर भरपूर भरोसा है."

  2. गुजरात विधानसभा चुनाव के रुझानों में हार के बावजूद किस बात पर ख़ुश है आम आदमी पार्टी?

    गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना के बीच दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा है कि आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बनने जा रही है.

    दिल्ली और पंजाब में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद अब पार्टी गुजरात की करीब छह से सात सीटों पर रुझानों में आगे बनी हुई है. हालांकि, नतीजे स्पष्ट होने में अभी समय लगेगा.

    इन दोनों राज्यों में मिले वोट प्रतिशत आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय दल का दर्जा दिला सकते हैं. पार्टी के गोवा में भी दो विधायक हैं.

    मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, "गुजरात की जनता के वोट से आम आदमी पार्टी आज राष्ट्रीय पार्टी बन रही है. शिक्षा और स्वास्थ्य की राजनीति पहली बार राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बना रही है. इसके लिए पूरे देश को बधाई."

    दो घंटे से ज़्यादा के रुझानों में बीजेपी ने गुजरात में लगातार बढ़त बनाई हुई है. पार्टी करीब 150 सीटों पर आगे चल रही है.

    कैसे मिलेगा दर्जा

    किसी पार्टी को तब राष्ट्रीय दल का दर्जा मिलता है जब वो चार या उससे अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखती हो. लोकसभा और विधानसभा चुनावों में चार या उससे ज़्यादा राज्यों में संबंधित पार्टी को कुल छह फ़ीसदी या ज़्यादा वोट शेयर मिले या अगर कोई दल 3 राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 3 फ़ीसदी सीटें जीतती है. यानी 11 सीटें जीतना जरूरी है लेकिन ये सीटें सिर्फ एक राज्य से नहीं होनी चाहिए.

  3. गुजरात विधानसभा चुनाव: रुझानों में बीजेपी ऐतिहासिक जीत की ओर

    गुजरात विधानसभा चुनावों की मतगणना के मिल रहे रुझानों से तस्वीर साफ़ होती दिख रही है.

    ताज़ा रुझानों में राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 157 सीटों पर आगे दिख रही है जबकि कांग्रेस को अभी तक 16 सीटों पर ही बढ़त मिल पाई है.

    आम आदमी पार्टी फिलहाल छह सीटों पर आगे चल रही है.

  4. बिहार कुढ़नी उपचुनाव: आरजेडी एमएलए की विधायकी जाने से ख़ाली हुई सीट पर बीजेपी प्रत्याशी आगे

    बिहार की कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में पहले दौर की मतगणना के बाद विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने बढ़त बना ली है.

    बीजेपी प्रत्याशी केदार गुप्ता ने अभी तक 4 हज़ार 194 वोट हासिल कर लिए हैं जबकि जेडीयू के मनोज सिंह कुशवाहा को 2 हज़ार 195 वोट मिले हैं.

    इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशी उप-चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से पाँच निर्दलीय हैं. हालांकि, यहां मुक़ाबला केदार गुप्ता और मनोज कुशवाहा के बीच ही मानी जा रही है.

    आरजेडी विधायक अनिल कुमार सैनी की विधायकी जाने के बाद ये सीट खाली हुई थी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार 2020 के विधानसभा चुनाव में केदार गुप्ता 700 वोट से हारे थे. उस समय जेडीयू और बीजेपी ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था. हालांकि, अब जेडीयू महागठबंधन का हिस्सा है, जिसमें आरजेडी, कांग्रेस और वाम पार्टियां शामिल हैं.

    कुढ़नी में सोमवार को हुए उपचुनाव में 58 फ़ीसदी वोट पड़े थे.

  5. हिमाचल प्रदेश चुनाव: रुझानों में कांटे की टक्कर, कांग्रेस-बीजेपी के बीच तीन सीटों का फासला

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए मतगणना का काम जारी है.

    ताज़ा रुझानों के मुताबिक़, भारतीय जनता पार्टी 31 सीटों पर आगे चल रही है जबकि कांग्रेस 34 सीटों पर आगे है.

    अन्य उम्मीदवार तीन सीटों पर आगे चल रहे हैं.

  6. गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम: भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण सीटें

    गुजरात के खेड़ा जिले की महुधा सीट से कांग्रेस 1975 से लगातार जीत रही है, बीजेपी या जनता दल यहां कभी खाता नहीं खोल पाई है.

    बारडोली जिले की व्यारा सीट पर भी कांग्रेस के अलावा कोई पार्टी नहीं जीती, बेशक 1990 और 1995 में निर्दलीय उम्मीदवार जीते, लेकिन बीजेपी या जनता दल जैसी किसी पार्टी ने कभी जीत दर्ज नहीं की.

    दाहोद जिले की झालोद विधानसभा में दशकों से कांग्रेस का दबदबा रहा है, जहां 2002 में केवल एक बार भाजपा का उम्मीदवार जीता था. इसके अलावा बीजेपी यहां कभी जीत नहीं पाई है.

    साल 2007 में सिर्फ एक बार ऊना सीट से बीजेपी जीती है. इसके अलावा 1967 से लगातार बोरसद में कांग्रेस जीतती आ रही है.

    जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब भी इन सीटों पर जीत बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती रही है और मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी बीजेपी ने इन सीटों पर जीत का स्वाद नहीं चखा है.

  7. गुजरात विधानसभा चुनाव नतीजे: रुझानों में बीजेपी 100 सीटों के पार, कांग्रेस 23 पर आगे

    गुजरात विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी लगातार आगे चल रही है. फिलहाल 103 सीटों पर बीजेपी और 23 पर कांग्रेस ने बढ़त बनाई हुई है.

    आम आदमी पार्टी भी 7 सीटों पर आगे है और 2 सीटों पर अन्य पार्टियां आगे चल रही हैं.

    राज्य में 182 विधानसभा सीटों के लिए एक और पांच दिसंबर को मतदान हुए थे.

    साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने सबसे अधिक 99 सीटें जीती थीं.

  8. हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिणाम: रुझानों में कांग्रेस ने बीजेपी को पीछे छोड़ा

    हिमाचल प्रदेश के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस ने बढ़त बनाई हुई है. अभी तक कांग्रेस ने 17 और बीजेपी ने 11 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है.

    आम आदमी पार्टी का फिलहाल किसी भी सीट पर आगे नहीं दिख रही है.

    हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को 68 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था.

  9. दिल्ली नगर निगम में केजरीवाल जीते, लेकिन क्या मेयर बना पाएंगे?

    दिल्ली नगर निगम चुनाव में बुधवार को हुई मतगणना में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिल गया है. दिल्ली नगर निगम पर भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी का 15 सालों से नियंत्रण था.

    लेकिन कहा जा रहा है कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या में बहुत बड़ा अंतर नहीं है, इसलिए मेयर किसका होगा इसे लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

    कोलकाता से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी दैनिकद टेलिग्राफ़ने आठ दिसंबर के संस्करण में इसी पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. आज की प्रेस रिव्यू में यही रिपोर्ट पढ़िए.

    दिल्ली नगर निगम के कुल 250 वॉर्डों में से आम आदमी पार्टी को 134 पर जीत मिली है. बीजेपी को 104 वॉर्डों में और कांग्रेस को 9 में जीत मिली है. तीन वॉर्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है.

  10. गुजरात विधानसभा चुनाव परिणाम: हार्दिक पटेल का दावा, बीजेपी जीतेगी 130 से ज़्यादा सीटें

    गुजरात विधानसभा चुनाव की गिनती शुरू होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हार्दिक पटेल ने दावा किया है कि उनकी पार्टी 130 सीटें से ज़्यादा सीटें जीतेगी.

    हार्दिक पटेल ने उम्मीद जताई है कि गुजरात विधानसभा में पार्टी अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने जा रही है. उन्होंने ये भी कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि बीजेपी राज्य में लगातार सातवीं बार सरकार बनाने जा रही है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में हार्दिक पटेल ने कहा, "जिस पार्टी (कांग्रेस) ने गुजरात की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई वो यहां सफल नहीं हो सकती है. हमें (बीजेपी) 135 से 145 सीटें मिलने जा रही हैं. हम पक्का सरकार बना रहे हैं. आपको कोई शक है क्या?"

    हार्दिक पटेल ने कहा कि जनता बीजेपी को ऐसी पार्टी मानती है जो लोगों को सुरक्षा देती हैं, उनकी अधिकांश उम्मीदों पर खरी उतरती है.

    उन्होंने कहा, "सरकार काम के आधार पर बनती है. बीते 20 साल से यहां दंगे/आतंकी हमले नहीं हुए हैं. लोग जानते हैं कि बीजेपी उनकी उम्मीदें पूरी कर रही है. वो अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए 'कमल' (बीजेपी चुनाव चिह्न) का बटन दबाते हैं. बीजेपी ने अच्छा काम किया है और इस भरोसे को मज़बूत किया है."

    कांग्रेस पर हमलावर रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने गुजरात के गौरव के ख़िलाफ़ काम किया है इसलिए जनता कांग्रेस से दूर हो गई है.

    हार्दिक पटेल ने इशारों में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए ये भी कहा कि जिन नेताओं के पास दूरदृष्टि नहीं होती वो देश को आगे नहीं ले जा सकते हैं.

    पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर वीरमगम सीट से लड़ने वाले हार्दिक पटेल इसी साल जून में बीजेपी में शामिल हुए हैं.

  11. LIVE: गुजरात चुनाव की मतगणना शुरू. क्या है माहौल?

    LIVE: गुजरात चुनाव की मतगणना शुरू. क्या है माहौल? अहमदाबाद से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद, रॉक्सी गागड़ेकर छारा और मयूरेश कोण्णूर

  12. गुजरात चुनाव: शुरुआती रुझानों में भाजपा को 15 सीटों पर बढ़त

    गुजरात से शुरुआती रुझान मिलने शुरू हो गए हैं.

    शुरुआती रुझानों में बीजेपी को 15 सीटों पर बढ़त मिलती हुई दिख रही है जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को 1-1 सीट पर आगे चल रही हैं.

  13. हिमाचल प्रदेश में मतगणना शुरू, पहला रुझान कांग्रेस के पक्ष में

    हिमाचल प्रदेश में मतगणना का काम शुरू हो गया है.

    पहला रुझान कांग्रेस के पक्ष में गया है.

  14. उप-चुनाव परिणाम: मैनपुरी लोकसभा सीट के साथ 6 विधानसभा सीटों पर मतगणना जारी

    हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही पांच अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों के लिए भी वोटों की गिनती जारी है.

    इसमें सबसे अधिक अहम उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट मानी जा रही है, जो अक्टूबर में समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई थी.

    इस सीट पर अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनाव लड़ रही हैं. बीजेपी ने उनके ख़िलाफ़ रघुराज सिंह शाक्या को अपना प्रत्याशी बनाया है. मैनपुरी को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है.

    अलग-अलग राज्यों राज्यों की छह विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर 5 दिसंबर को उप-चुनाव हुआ था.

    मैनपुरी के अलावा उत्तर प्रदेश की रामपुर सदर और खतौली विधानसभा सीटें, ओडिशा में पदमपुर, राजस्थान में सरदारशहर, बिहार में कुढ़नी और छत्तीसगढ़ में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव हुआ था.

    एसपी नेता आज़म ख़ान और बीजेपी के विक्रम सिंह की विधायकी जाने के बाद रामपुर सदर और खतौली में उप-चुनाव कराए गए हैं. बिहार के कुरहनी में भी आरजेडी एमएलए अनिल कुमार साहनी की विधायकी जाने के बाद चुनाव हुए थे.

    भानुप्रतापपुर, सरदारशहर और पदमपुर में मौजूदा विधायकों के असामियक निधन के बाद सीटें खाली हुई थीं.

  15. गुजरात-हिमाचल चुनावः आज आएंगे नतीजे, मतगणना हुई शुरू

    लंबे चुनाव अभियान और दो चरणों के मतदान के बाद अब नतीजों का वक़्त है. गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए मतगणना शुरू हो गई है. दोपहर तक तस्वीर साफ़ हो सकती है.

    गुजरात की कुल 182 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को वोट डाले गए. सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को कम से कम 92 सीटें जीतनी होंगी.

    गुजरात में बीते 27 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और अगर एग्ज़िट पोल को सही माना जाए तो एक बार फिर से बीजेपी की ही सरकार बनती दिख रही है.

    टीवी चैनलों पर प्रसारित अधिकतर एग्ज़िट पोल के मुताबिक़, बीजपी आसानी से बहुमत हासिल कर रही है और 117 से 151 तक सीटें जीत सकती है.

  16. पेरू के राष्ट्रपति महाभियोग के बाद हिरासत में लिए गए, पहली बार महिला नेता ने संभाली कमान

    पेरू की राजनीति में बुधवार का दिन उथल-पुथल से भरा रहा. देश को पहली बार महिला राष्ट्रपति मिली है. इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति पेद्रो कास्टिलो की संसद भंग करने की कोशिशों के बीच उन्हें महाभियोग चलाकर पद से हटाया गया.

    पूर्व उपराष्ट्रपति डीना बोलुआर्ते ने बुधवार को नाटकीय घटनाक्रम के बीच राष्ट्रपति पद की शपथ ली. बुधवार को ही पेद्रो कास्टिलो ने कहा था कि वो संसद को एक "आसाधारण आपतकालीन सरकार" से बदल रहे हैं.

    हालांकि, सांसदों ने इसको दरकिनार करते हुए एक आपतकालीन बैठक बुलाकर कास्टिलो को महाभियोग चलाकर पद से हटा दिया. इसके बाद कास्टिलो को हिरासत में ले लिया गया और उनपर विद्रोही होने का आरोप लगा.

    पेशे से वकील, 60 वर्षीय बोलुआर्ते ने पद संभालने के बाद कहा कि वो जुलाई 2026 तक राष्ट्रपति रहेंगी. पेद्रो कास्टिलो का कार्यकाल भी उसी समय ख़त्म होने वाला था.

    शपथ ग्रहण के बाद बोलुआर्ते ने देश को मौजूदा संकट से निकालने के लिए राजनीतिक शांति समझौते पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा, "मैं देश को बचाने के लिए सिर्फ़ थोड़ा वक़्त चाहती हूं."

    बुधवार को नाटकीय सियासी घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब पेद्रो कास्टिलो ने नेशनल टेलीविज़न पर दिए संबोधन में आपातकाल लगाने की घोषणा कर दी.

    उन्होंने एलान किया कि वो विपक्षियों के नियंत्रण वाली कांग्रेस को भंग करेंगे. इसके बाद कई मंत्रियों ने विरोध में इस्तीफ़े देने शुरू कर दिए. संवैधानिक अदालत के प्रमुख ने कास्टिलो पर तख़्तापलट की कोशिश का आरोप लगाया.

    अमेरिका ने भी कास्टिलो से अपना फ़ैसला वापस लेने का आग्रह किया. इसके बाद पेरू की पुलिस और सशस्त्र बलों ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसमें उन्होंने संवैधानिक आदेश के प्रति सम्मान ज़ाहिर किया.

    कास्टिलो ने जुलाई 2021 में राष्ट्रपति का पद संभाला था. इसके बाद से अब तक उनके ख़िलाफ़ तीन बार महाभियोग चलाया जा चुका है.

    विपक्षी पार्टियों ने बुधवार को भी आपातकालीन सत्र बुलाकर महाभियोग पर वोटिंग कराई.

    पेद्रो कास्टिलो को पद से हटाने के लिए 101 वोट पड़े जबकि केवल छह लोग ही इसके ख़िलाफ़ थे. 10 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.

    पद से हटाए जाने के बाद कास्टिलो को पुलिस परिसर में देखा गया. बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया और संवैधानिक आदेश को न मानने के लिए उनपर विद्रोही होने का आरोप लगा.

  17. दिल्ली एमसीडी चुनाव: आम आदमी पार्टी की जीत के मायने क्या हैं?

    हजारों करोड़ रुपये बजट वाली दिल्ली एमसीडी में आम आदमी पार्टी ने अपना झंडा लहरा दिया है. 15 साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी को अरविंद केजरीवाल ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

    दिल्ली एमसीडी में 'आप' की यह जीत पार्टी के लिए कई संभावनाओं, उम्मीदों के रास्ते खोल रही है तो वहीं चुनौतियों को भी आमंत्रण दे रही है, लेकिन ये चुनौतियां क्या हैं और इस जीत के अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए क्या मायने हैं?

    क्या अरविंद केजरीवाल को अब दिल्ली की सत्ता से हटाना मुश्किल हो गया है? क्या वे साल 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को टक्कर दे सकते हैं?

    क्या वे विपक्ष को एकजुट कर सकते हैं? क्या संघर्ष, टकराव और स्थानीय मुद्दों से चुनाव जीते जा सकते हैं? इन सब सवालों के साथ बीजेपी के लिए ये हार कितनी बड़ी है इस पर भी बात करेंगे.

  18. हिमाचल प्रदेश: बीजेपी की नज़र नए रिकॉर्ड पर, कांग्रेस को बहुमत की उम्मीद

    हिमाचल प्रदेश में अब तक ये होता आया है कि हरेक पांच साल पर सरकार बदल जाती है लेकिन इस बार चुनाव बाद हुए सर्वेक्षणों में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में बने रहने की संभावना जताई गई है.

    इससे बीजेपी को उम्मीद है कि वो इस ट्रेंड को बदल पाएगी लेकिन दूसरी तरफ़ कांग्रेस भी पूर्ण बहुमत की उम्मीद कर रही है. गुजरात की तरह ही हिमाचल प्रदेश में मतगणना का काम गुरुवार सुबह आठ बजे शुरू हो जाएगा.

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए 12 नवंबर को वोट डाले गए थे. हिमाचल प्रदेश चुनाव में इस बार 75.6 फ़ीसदी वोट पड़े हैं. हिमाचल में चुनाव प्रचार के दौरान भी बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताक़त झोंकी है.

    जहां बीजेपी दूसरे कार्यकाल के लिए मतदाताओं को रिझाने की पूरी कोशिश कर रही थी तो कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में '10 गारंटी' के वादे पर जोर दिया था.

    हिमाचल में तीसरी ताक़त के तौर पर आम आदमी पार्टी के उभार ने इस मुक़ाबले को ज़ोरदार बना दिया है.

    इन तीनों राजनीतिक दलों के अलावा, बहुजन समाज पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी भी हिमाचल के चुनावी अखाड़े में हैं. बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

    अगर बीजेपी जीतती है तो इसका मतलब निकाला जाएगा कि उसने सत्ता विरोधी रुझानों को मात दे दी है और सत्तारूढ़ पार्टी के सत्ता में बने रहने का नया ट्रेंड सेट कर दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के चीफ़ इलेक्टोरल ऑफ़िसर मनीष गर्ग ने बताया है कि चुनाव आयोग ने हिमाचल में मतगणना के कार्य के लिए 59 जगहों पर 69 काउंटिंग हॉल बनाए हैं जिसके लिए सुरक्षा कर्मियों समेत 10 हज़ार स्टाफ़ को तैनात किया गया है.

  19. गुजरात में 27 साल से सरकार, फिर भी नरेन्द्र मोदी को क्यों करना पड़ा इतना प्रचार

    "कांग्रेसी बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन चुपके से गाँव-गाँव लोगों को संगठित कर रहे हैं. वो अपने पुराने हथकंडे आजमा रहे हैं, वो भी किसी को बिना बताए. इसलिए वो प्रेस में नहीं आते हैं, ना ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं. इसलिए भ्रम में न रहें. सावधान रहें, ये कांग्रेस की नई चाल है."

    गुजरात में चुनाव प्रचार करने आए प्रधानमंत्री ने जब यह बयान दिया तो इस पर काफ़ी बहस हुई थी. बयान को "बीजेपी के कैडरों में जान फूंकने" और कांग्रेस से "सावधान रहने" के संदर्भ के रूप में भी देखा गया.

    इस एक बयान ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी चौकन्ना कर दिया और गुजरात चुनाव में राहुल गांधी की "अनुपस्थिति" को भी बीच चुनावी बहस में ला खड़ा किया .

    गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के लिए दोनों चरणों के मतदान के बाद अब सभी की निगाहें आठ दिसंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं. 182 विधानसभा सीटों के साथ, गुजरात में पिछले 27 वर्षों से भाजपा का शासन है. फिर भी प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोई कोर कसर नहीं छोड़ी.

  20. यूक्रेन युद्ध पर बोले राष्ट्रपति पुतिन- न्यूक्लियर वॉर का ख़तरा बढ़ रहा है लेकिन हम पागल नहीं हैं..., ऐलिस डेविस, बीबीसी न्यूज़

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि परमाणु युद्ध का ख़तरा बढ़ता जा रहा है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि रूस "पागल नहीं है" और वो परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की पहल नहीं करेगा.

    पुतिन ने कहा कि उनका देश बस किसी हमले का जवाब देने के लिए ही परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा. रूस के मानवाधिकार परिषद की सालाना बैठक के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि यूक्रेन में युद्ध लंबा चल सकता है.

    वहीं, पश्चिमी देशों का मानना है कि पुतिन की शुरुआती योजना जल्द से जल्द युद्ध को जीतने की थी. इसी साल फ़रवरी महीने में यूक्रेन पर हमले के बाद से ही रूस की परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की आशंकाओं को बल मिलने लगा.

    पुतिन ने परमाणु युद्ध की संभावना के बारे में कहा, "इसका ख़तरा वाक़ई बढ़ रहा है, इसे छिपाना ग़लत होगा."

    उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में रूस परमाणु हथियार चलाने की पहल नहीं करेगा और किसी को अपने परमाणु हथियारों के जख़ीरे से डराएगा भी नहीं.

    पुतिन ने कहा, "हम पागल नहीं हैं, हमें पता है कि परमाणु हथियार क्या होते हैं." पुतिन ने ये भी कहा कि रूस के पास दुनिया में सबसे आधुनिक परमाणु हथियार हैं.

    उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा, "हमने किसी और देश में अपने परमाणु हथियार तैनात नहीं किए हैं लेकिन अमेरिका ने तुर्क़ी और कई यूरोपिय देशों में ऐसा किया है."

    बीते महीने रूसी बल यूक्रेन के खेरसोन शहर से भी वापस हो गई थी. फ़रवरी में हमले के बाद रूस के नियंत्रण में आने वाला ये अकेला बड़ा शहर था.

    इसी सप्ताह रूस ने एक बार फिर से यूक्रेन के पावर ग्रिड को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं.