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बिहार चुनाव: नीतीश ने कहा - "आभार बिहार"

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ है और आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

लाइव कवरेज

  1. राघोपुर पर सबकी नज़र

    राघोपुर विधानसभा क्षेत्र वैशाली ज़िले में है. तेजस्वी यादव यहीं से दोबारा मैदान में हैं. 2015 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी ने यहां से जीत दर्ज की थी.

    यहां से तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद यादव 1995 और 2000 में चुनाव जीते तो माँ राबड़ी देवी 2005 में विधायक बनीं. 2010 में राबड़ी देवी जेडीयू के सतीश राय से चुनाव हार गई थीं. इस बार सतीश राय बीजेपी से हैं और तेजस्वी को चुनौती दे रहे हैं.

  2. बिहार में एनडीए और महागठबंधन के अलावा भी दो गठबंधन

    बिहार में एनडीए और महागठबंधन के अलावा भी दो और गठबंधन मैदान में हैं. एक प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक एलायंस (पीडीए) जिसमें पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी (जेएपी), चंद्रशेखर आज़ाद की आज़ाद समाज पार्टी, बहुजन मुक्ति पार्टी और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया.

    इसके अलावा ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट (जीडीएसएफ़) है, जिसमें उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, जनवादी पार्टी, ओवैसी की पार्टी मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और कुछ अन्य छोटी पार्टियां हैं.

  3. बिहार के 38 ज़िलों में 55 मतगणना केंद्र

    बिहार के 38 ज़िलों में कुल 55 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. यहीं आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी. चार ज़िलों में तीन-तीन मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. ये ज़िले हैं- पूर्वी चंपारण (कुल 12 विधानसभा सीटें) गया (कुल 10 सीटें) सिवान (आठ सीटें) और बेगूसराय (सात सीटें).

  4. तेजस्वी को पहले से ही मिल रही बधाइयां

    एग्ज़िट पोल के अनुमान के आधार पर विपक्षी नेता तेजस्वी को बधाई दे रहे हैं और बीजेपी पर हमला बोल रहे हैं. जम्मू-कश्मीर की सियासी पार्टी पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि बिहार में जनता वही फ़ैसला करने जा रही है जो अमेरिका में ट्रंप के साथ हुआ है. महबूबा ने कहा कि वो तेजस्वी यादव को बधाई देना चाहती हैं जिन्होंने रोटी, कपड़ा और मकान को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया.

  5. मतदान में महिलाओं की ज़्यादा भागीदारी क्या नीतीश कुमार के लिए शुभ संकेत हैं?

    बिहार के कुल 38 ज़िलों में से 23 ज़िले में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज़्यादा मतदान किए हैं. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुज़फ़्फ़रपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर और बाँका में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने ज़्यादा मतदान किए हैं.

    जेडीयू का मानना है कि यह ट्रेंड उसके हक़ में जाएगा क्योंकि नीतीश कुमार ने शराब पर प्रतिबंध लगाया था और ऐसा माना जाता है कि इससे महिलाओं को बहुत राहत मिली है.जेडीयू इस बात को भी उठाती रही है कि तेजस्वी की रैली में भले भीड़ आती थी लेकिन महिलाएं न के बराबर होती थीं.

  6. देखिए, बिहार के युवाओं के लिए कैसा था ये चुनाव

  7. आठ बजे से मतगणना शुरू

    आज सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने जा रही है. तीन चरणों में संपन्न हुआ बिहार विधानसभा चुनाव कोविड-19 महामारी के बीच भारत का पहला चुनाव है. चुनाव आयोग के मुताबिक़ इस बार 57.05 फ़ीसदी लोगों ने मतदान किया है जो कि 2015 में 56.66 फ़ीसदी से ज़्यादा है.

    29 नवंबर को 2015 के विधानसभा का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है. पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर था. दूसरे चरण का तीन नवंबर को 94 सीटों पर और आख़िरी चरण का मतदान सात नवंबर को 78 सीटों पर था. आज जिन अहम नेताओं की किस्मत का फ़ैसला होना है उनमें बीजेपी के नंदकिशोर यादव (पटना साहिब) प्रमोद कुमार (मोतिहारी), सुरेश शर्मा (मुज़फ़्फ़पुर) श्रवण कुमार (नालंदा), जयकुमार सिंह (दिनारा) और कृष्णानंदन प्रसाद वर्मा (जहानाबाद). इसके अलावा हसनपुर से तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव हैं और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी चुनावी मैदान में हैं.

  8. बिहार में फिर से नीतीश कुमार या तेजस्वी यादव?

    243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा के चुनानी नतीजों की घोषणा आज यानी 10 नवंबर को हो जाएगी. मुख्य मुक़ाबला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच है.

    एनडीए में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और छोटी पार्टियां हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के साथ विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) हैं. वहीं महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कांग्रेस और तीन वामपंथी पार्टियाँ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्क्सवादी लेनिनवादी (लिबरेशन) हैं.

    दूसरी तरफ़ लोक जनशक्ति पार्टी केंद्र में एनडीए का हिस्सा है पर बिहार में इस बार अकेले चुनाव लड़ रही है. एलजेपी की कमान चिराग पासवान के हाथों में है और उन्होंने पूरे चुनावी कैंपेन में नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है. एनीडीए की तरफ़ से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं तो महागठबंधन की ओर से 31 साल के तेजस्वी यादव.

    2015 के चुनाव में नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बने थे. 2017 में नीतीश कुमार एक बार फिर से एनडीए में आ गए थे. 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार, आरजेडी और कांग्रेस गठबंधन को शानदार जीत मिली थी.

    लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए कुल 243 विधानसभा क्षेत्रों में 223 पर आगे रही थी. एग्ज़िट पोल के अनुसार बिहार में नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ जबर्दस्त सत्ता विरोधी लहर है.

    नीतीश कुमार पिछले 15 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री हैं. अगर एग्ज़िट पोल के अनुमान सही साबित होतें हैं तो क्या सत्ता विरोधी लहर की शिकार केवल जेडीयू होगी या बीजेपी भी होगी? इस बार जेडीयू 122 और बीजेपी 121 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

    इन दोनों पार्टियों ने अपने हिस्से से जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी को कुछ सीटें दी हैं. एलजेपी ने 135 उम्मीदवार बिहार में उतारे थे. 2005 के बाद पहली बार एलजेपी बिहार में इतनी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. एग्ज़िट पोल में एलजेपी को हाशिए पर दिखाया गया है. एलजेपी के 84 फ़ीसदी उम्मीदवार जेडीयू के ख़िलाफ़ चुनावी मैदान में हैं

  9. बीबीसी हिन्दी के इस लाइव पेज में आप सभी का स्वागत है. हम यहां दिन भर बिहार विधानसभा के चुनावी नतीजों का अपडेट देंगे.