अमेरिका-ईरान के बीच फिर तकरार, कैसे हैं होर्मुज़ स्ट्रेट में हालात

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मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा के हालात गंभीर हो गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी (आईएमओ) के प्रमुख अर्सेनियो डोमिंगुएज़ ने बताया कि होर्मुज़ स्ट्रेट में सैकड़ों जहाजों पर सवार करीब 6,000 लोग अब भी फंसे हुए हैं.
डोमिंगुएज़ ने पिछले दो दिनों में जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की. उन्होंने शिपिंग कंपनियों से अपील की कि वे फ़िलहाल अपने जहाजों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से न भेजें.
उधर, बीबीसी वेरिफ़ाई को समुद्री रेडियो संचार की एक रिकॉर्डिंग मिली है. इसमें ईरानी नौसेना बार-बार अल मरयाह तेल टैंकर के कप्तान को अपना रास्ता बदलने का निर्देश देती सुनाई दे रही है.
रिकॉर्डिंग में ईरानी नौसेना कहती है कि जहाज का मौजूदा मार्ग सुरक्षित नहीं है. साथ ही कप्तान को चेतावनी दी जाती है, "अपनी जान को खतरे में मत डालिए."
बता दें कि बीते दो दिनों के भीतर होर्मुज़ स्ट्रेट के हालात बदल गए हैं.
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने होर्मुज़ क्षेत्र में बीते दो दिनों के भीतर तीन अलग-अलग घटनाओं की पुष्टि की, जिसमें तेल टैंकरों वाले जहाजों पर हमला हुआ.
इसमें एक तेल टैंकर पर हमला सोमवार को हुआ, जबकि बाकी दो हमले मंगलवार को हुए.
हालांकि एजेंसी ने प्रभावित जहाजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की. यह भी स्पष्ट नहीं है कि ज़हाज़ों पर हमला किसने किया था और इसमें कितने लोग हताहत हैं.
ईरान ने अब तक इन हमलों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर नहीं ली है.
इस बीच, अमेरिकी सेना ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार को घोषणा की कि उसने ईरान के खिलाफ़ शक्तिशाली हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर दी और अब तक 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया.
इस तरह होर्मुज़ स्ट्रेट में हालात गंभीर होते चले गए.






























