बहरीन और कुवैत पर ईरानी हमला, इन दोनों देशों ने क्या कहा?

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मध्य-पूर्व में गहराए संकट के बीच बहरीन और कुवैत ने कहा है कि उनके हवाई क्षेत्र में मिसाइल हमले हुए हैं. हालांकि दोनों ही देशों ने कहा है कि इन हमलों को वे नाकाम करने में कामयाब रहे.
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया है कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
बहरीन का आरोप है कि ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए आम नागरिकों को निशाना बनाया.
सेना के अनुसार, बहरीन की वायु रक्षा प्रणाली ने कई हवाई हमलों को बीच में ही नष्ट कर दिया.
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान के दो बैलिस्टिक मिसाइलों और 13 ड्रोन को मार गिराया.
एक्स पर जारी बयान में मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने कहा कि कुवैत के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया गया था.
सुरक्षा बलों ने सभी मिसाइलों और ड्रोन को समय रहते इंटरसेप्ट कर दिया. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
हालांकि, बाद में कुवैती अधिकारियों ने देश के कुछ क्षेत्रों में बिजली कटौती की सूचना दी.
इस बीच बुधवार को ईरान ने खाड़ी देशों के लिए चेतावनी जारी की है कि अपनी ज़मीन का इस्तेमाल अमेरिकी कार्रवाई में न होने दें.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, बीती रात ईरान के बंदर अब्बास शहर पर भी कई हमले हुए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कई विस्फ़ोट और एक परिसर से उठती आग की लपटें दिखाई दीं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिकी हमलों का लक्ष्य क्या था.
वहीं, क़तर और सऊदी अरब ने ईरान की निंदा की है.
क़तर ने दोनों पक्षों से तनाव कम करने की अपील भी की है. उसने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत हुई प्रगति को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. इस एमओयू को साइन कराने में क़तर ने पाकिस्तान के साथ मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी.






























