जी-7 की बैठक के लिए इटली में एकजुट हुए दुनिया के नेता, मोदी भी हुए रवाना

जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध, ग़ज़ा-इसराइल युद्ध, जलवायु परिवर्तन, प्रवासी मुद्दे, तकनीक और अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी है.

सारांश

  • नीट-यूजी में ग्रेस मार्क्स दिए गए 1,563 छात्रों के लिए दोबारा होगी परीक्षा. एनटीए ने नोटिफ़िकेशन जारी कर बताया 23 जून को होंगे एग्ज़ाम.
  • पीएम नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने इटली रवाना हुए. तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के बाद मोदी का यह पहला विदेश दौरा है.
  • अजीत डोभाल को एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है.
  • चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू और कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
  • पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चोओना मीन ने उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. अमेरिका में 30 भारतीय नागरिक गिरफ़्तार हुए, जानिए वजह

    बॉर्डर पुलिस

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    इमेज कैप्शन, अधिकारियों ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोगों को जल्द ही देश से बाहर भेजा जाएगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका में ऑपरेशन चेकमेट के तहत लगभग 30 भारतीय नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आरोप है कि ये लोग ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से अमेरिका में रह रहे थे और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि इन्हें जल्द ही देश से बाहर भेजा जाएगा.

    अमेरिका की कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन ने सोमवार को जानकारी दी कि 11 से 15 मई के बीच एरिज़ोना के युमा सेक्टर में बॉर्डर पेट्रोल एजेंटों ने 52 लोगों को पकड़ा. इनमें से 36 लोग सेमी-ट्रक चला रहे थे.

    गिरफ़्तार किए गए 36 ट्रक ड्राइवरों में से 30 भारत से थे. बाक़ी छह मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस से थे. इनके पास कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी किए गए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे. कुछ के पास कोई लाइसेंस नहीं था.

    ज़्यादातर के पास रोज़गार की अनुमति वाले दस्तावेज़ थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे लेकिन अब मान्य नहीं हैं. सभी को फ़ेडरल क़ानून के अनुसार प्रोसेस किया गया है और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा.

  2. मणिपुरी फ़िल्म 'बूंग' ने न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल में जीते तीन अवॉर्ड

    बाफ़्टा के मेकर्स

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    इमेज कैप्शन, यह फ़िल्म फ़रहान अख़्तर के 'एक्सेल इंटरटेनमेंट' प्रोडक्शन हाउस के तहत बनाई गई थी

    बाफ़्टा अवॉर्ड जीत चुकी मणिपुरी फ़िल्म ‘बूंग’ ने न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल में तीन अवॉर्ड अपने नाम किए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बूंग को बेस्ट डेब्यू फ़िल्म, बेस्ट डायरेक्टर (लक्ष्मीप्रिया देवी) और बेस्ट चाइल्ड एक्टर (गुगुन किपगेन के लिए) अवॉर्ड मिले.

    यह फ़िल्म फ़रहान अख़्तर के 'एक्सेल इंटरटेनमेंट' प्रोडक्शन हाउस के तहत बनाई गई थी. इसकी डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी हैं.

    दरअसल, चार दिन का न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल 2026 रविवार को अवॉर्ड सेरेमनी के साथ ख़त्म हुआ.

    इसमें भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फ़िल्मों को दस अलग-अलग कैटेगरी में सम्मान दिया गया.

    28 से 31 मई तक चले इस फ़ेस्टिवल में 15 भाषाओं की अलग-अलग फ़िल्में दिखाई गईं. इसका मक़सद यह दिखाना था कि आज के भारतीय सिनेमा में 'क्षेत्रीय कहानियों' का असर लगातार बढ़ रहा है.

  3. अमेरिका-ईरान में कब होगा समझौता, डोनाल्ड ट्रंप ने दिया ये जवाब

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज़ स्ट्रेट को खोलने से जुड़ा समझौता होगा (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ एक हफ़्ते में समझौता हो सकता है.

    उन्होंने कहा कि यह समझौता युद्धविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने से जुड़ा होगा.

    एबीसी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "हालात अच्छे दिख रहे हैं, बहुत अच्छे."

    ट्रंप ने यह भी बताया कि दिन में एक छोटा-सा मसला सामने आया था, लेकिन उन्होंने उसे तुरंत सुलझा लिया. राष्ट्रपति के मुताबिक़, यह मसला ईरान की नाराज़गी से जुड़ा था, जो लेबनान पर हो रहे इसराइली हमलों की वजह से था.

    उन्होंने कहा, "मैंने हिज़्बुल्लाह से बात की और कहा गोली मत चलाओ. मैंने नेतन्याहू से बात की और कहा गोली मत चलाओ. दोनों ने एक-दूसरे पर गोली चलाना बंद कर दिया."

    ट्रंप ने माना कि यह प्रक्रिया आसान नहीं है क्योंकि दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी है.

    उन्होंने कहा, "आप एक बहुत बड़े देश की बात कर रहे हैं जो समझौता करना चाहता है. उनके लिए आसान नहीं है, हमारे लिए भी आसान नहीं है. लेकिन हमें जो चाहिए, वह मिल रहा है."

  4. शैतान को कंकड़ मारने के वायरल वीडियो पर वसीम अकरम और उनके दोस्त ने क्या कहा?

  5. आरसीबी को आईपीएल चैंपियन बनते ही लगा बड़ा झटका, इस खिलाड़ी के ख़िलाफ़ हुआ एक्शन

    टिम डेविड

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    इमेज कैप्शन, आरसीबी के खिलाड़ी को आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने आईपीएल 2026 का फ़ाइनल मुक़ाबला जीत लिया, लेकिन इसके बाद टीम के बल्लेबाज़ टिम डेविड पर कार्रवाई हुई है. टिम को आईपीएल 2027 के पहले मैच से सस्पेंड कर दिया गया है.

    दरअसल, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए फ़ाइनल मुक़ाबले में टिम डेविड ने गुजरात टाइटंस की पारी के 10वें ओवर के दौरान अंपायर नितिन मेनन की तरफ़ आइस बैग फेंक दिया था. इसे आचार संहिता का लेवल-1 उल्लंघन माना गया.

    डेविड को आईपीएल की आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया. यह नियम कहता है कि मैच के दौरान गेंद या कोई उपकरण (जैसे पानी की बोतल) किसी खिलाड़ी, टीम अधिकारी, अंपायर या मैच रेफ़री की तरफ़ ग़लत और ख़तरनाक तरीक़े से फेंकना अपराध है."

    इसके बाद टिम डेविड पर मैच फ़ीस का 50 फ़ीसदी जुर्माना भी लगाया गया है. डेविड को इस मामले में दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए गए. इस तरह इस सीज़न में उनके कुल डिमेरिट पॉइंट पांच हो गए हैं.

    नियम कहता है कि पांच डिमेरिट पॉइंट होने पर खिलाड़ी को अगले सीज़न के पहले मैच में सस्पेंड किया जाता है.

  6. एयर इंडिया क्रैश में बेटे को खोने वाली मां का दर्द: 'वह हर जगह मेरे साथ रहता है दिन-रात'

  7. हिज़्बुल्लाह और इसराइल के बीच 'युद्धविराम' को लेकर हुआ अहम समझौता

    हिज़्बुल्लाह

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    इमेज कैप्शन, हिज़्बुल्लाह की ओर से अमेरिकी प्रस्ताव को मानने की पुष्टि हुई है, जिसमें दोनों तरफ से हमले रोकने की बात है (फ़ाइल फ़ोटो)

    हिज़्बुल्लाह ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को मान लिया है, जिसमें तय हुआ है कि वह इसराइल पर हमला नहीं करेगा और इसराइल भी बेरूत पर हमला नहीं करेगा. यह जानकारी लेबनान की ओर से दी गई है.

    अमेरिका में लेबनान के दूतावास ने बताया कि हिज़्बुल्लाह की ओर से अमेरिकी प्रस्ताव को मानने की पुष्टि हुई है, जिसमें दोनों तरफ से हमले रोकने की बात है.

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी इस समझौते की पुष्टि की. लेकिन साथ ही चेतावनी देते हुए कहा, "अगर हिज़्बुल्लाह हमारे शहरों और आम लोगों पर हमला नहीं रोकता तो बेरूत पर हमले जारी रहेंगे."

    सोमवार देर रात लेबनान के दूतावास ने बताया, "इस प्रस्ताव के तहत इसराइल बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर हमले बंद करेगा और बदले में हिज़्बुल्लाह इसराइल पर हमले नहीं करेगा. युद्धविराम पूरे लेबनान में लागू होगा."

    ये बयान तब आए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू और हिज़्बुल्लाह के प्रतिनिधियों से बात की है. ट्रंप ने कहा कि दोनों ने मान लिया है कि गोलीबारी बंद होगी.

  8. लेबनान का पेंच कैेसे फंसा US-Iran के बीच?

  9. मणिपुर: अंतहीन संघर्ष की दास्तां

  10. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. मुझे यानी बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  11. इराक़ में ट्रेनिंग एक्सरसाइज़ के दौरान ब्रिटिश सैनिक की मौत

    ब्रिटेन का रक्षा मंत्रालय

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    इमेज कैप्शन, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने संसद में इसकी जानकारी दी

    उत्तरी इराक़ में रविवार को एक ट्रेनिंग एक्सरसाइज़ के दौरान हुई दुर्घटना में ब्रिटिश आर्मी के एक सैनिक की मौत हो गई.

    ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.

    ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने इस सैनिक की मौत की जानकारी सोमवार को हाउस ऑफ़ कॉमन्स में दी.

    उन्होंने कहा, "मुझे गहरे दुख के साथ सदन को सूचित करना पड़ रहा है कि कल उत्तरी इराक़ में एक ट्रेनिंग के दौरान एक दुर्घटना हुई, जिसमें ब्रिटिश सेना के एक सैनिक की मौत हो गई."

    रक्षा मंत्री ने बताया कि परिवार को इसकी सूचना दे दी गई है.

    उन्होंने अनुरोध किया है कि आगे की जानकारी सार्वजनिक किए जाने से पहले उन्हें कुछ समय दिया जाए.

    उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि इस दुखद समय में पूरे सदन की संवेदनाएं परिवार और संबंधित सैन्य इकाई के साथ हैं."

  12. यूरोपीय संघ की नेता पाकिस्तान दौरे पर बोलीं- आपने कई मौक़ों पर युद्ध के ख़तरे को टाला

    काया कलास और इसहाक़ डार

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    इमेज कैप्शन, ईयू की प्रतिनिधि काया कलास और पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार

    यूरोपीय संघ की उच्च प्रतिनिधि काया कलास सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार से मुलाक़ात की.

    उनके साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों ने अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग शुरू होने से रोकने में मदद की है."

    काया कलास ने कहा कि यह एक छोटी यात्रा है, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण समय पर हो रही है.

    उन्होंने कहा, "आज उप प्रधानमंत्री और मैंने मध्य पूर्व सहित दुनिया के अहम घटनाक्रमों पर चर्चा की. पाकिस्तान.. अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में अहम भूमिका निभा रहा है. आपके राजनयिक प्रयासों ने कई मौकों पर पूर्ण युद्ध के ख़तरे को टालने में मदद की है."

    उन्होंने कहा कि यूरोप में पाकिस्तान के इन प्रयासों की बहुत सराहना की जाती है.

    काया कलास ने कहा, "आपका समर्थन अब युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने का एक अहम राजनयिक अवसर प्रदान करता है."

    "हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी अस्थायी समझौते के बाद ईरान के परमाणु भंडार और दूसरे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होगी, और स्थायी स्थिरता के लिए और व्यापक समाधान की ज़रूरत होगी."

    उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय संघ एक स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भूमिका निभाने के लिए तैयार है.

    उन्होंने कहा, "हमारे पास आर्थिक प्रभाव है, परमाणु मामलों में विशेषज्ञता है, खाड़ी क्षेत्र के साझेदारों के साथ अच्छे संबंध और ईरान के साथ सीधी बातचीत की क्षमता है."

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  15. ईरान ने नेतन्याहू के इस एलान के बाद अमेरिका के साथ बातचीत बंद करने का किया फ़ैसला

    बिन्यामिन नेतन्याहू और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी तसनीम के मुताबिक ईरान ने अमेरिका से मध्यस्थ के ज़रिए हो रही बातचीत को निलंबित करने का फैसला किया है.

    ईरान का कहना है कि लेबनान में सीज़फ़ायर भी युद्धविराम की शर्तों में से एक था और अब लेबनान सहित सभी मोर्चों पर इस युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है इसलिए ईरान की नेगोशिएसन टीम ने अप्रत्यक्ष बातचीत को रोकने का फैसला किया है.

    रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान और गज़ा पर इसराइली हमलों को फौरन बंद करने और लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से पूरी तरह से वापसी होने तक कोई बातचीत नहीं होगी.

    सैन्य और सुरक्षा संस्थानों के करीबी माने जाने वाली इस समाचार एजेंसी ने लिखा है कि, रेज़िस्टेंस फ्रंट और ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने और बाब अल-मंडाब स्ट्रेट सहित अन्य मोर्चों को सक्रिय करने और नए मोर्चे खोलने का लक्ष्य रखा है.

    पिछले कुछ घंटों में, वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों ने लेबनान में इसराइली हमलों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिनमें विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची भी शामिल हैं.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, “इस युद्धविराम का किसी एक मोर्चे पर उल्लंघन, सभी मोर्चों पर इसके उल्लंघन के समान माना जाएगा. युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन के परिणामों की ज़िम्मेदारी अमेरिका और इसराइल पर होगी.”

    नेतन्याहू ने क्या कहा

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने सेना को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाक़ों पर हमला करने का आदेश दिया है.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, नेतन्याहू ने जिस जगह पर हमला करने का आदेश दिया गया है उसे 'दहिया' कहा जाता है और यह हिज़्बुल्लाह का अहम गढ़ माना जाता है.

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  17. ईरान की एक अदालत ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े दो लोगों को फांसी देने की घोषणा की

    महरदाद मोहम्मदी-निया और अश्कान मालेकी

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    इमेज कैप्शन, महरदाद मोहम्मदी-निया और अश्कान मालेकी को फांसी की सजा सुनाई गई है

    ईरान की एक अदालत ने जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े दो लोगों को आज फांसी देने की घोषणा की है.

    न्यायपालिका की समाचार एजेंसी मीज़ान के मुताबिक, महरदाद मोहम्मदी-निया और अश्कान मालेकी को दंगों, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने के आरोपों में दोषी ठहराया गया था.

    बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, ईरानी न्यायपालिका ने कहा कि मुकदमे के बाद दोनों व्यक्तियों को दोषी पाया गया और उन्हें मौत की सजा और संपत्ति की जब्ती की सजा सुनाई गई, और इन सजाओं को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था.

    वहीं, मानवाधिकार संगठन हेंगाव का दावा है कि दोनों को अंतिम बार परिवार से मिलने का अवसर नहीं दिया गया और मुकदमे के दौरान उन्हें निष्पक्ष सुनवाई के बुनियादी अधिकार भी नहीं मिले.

    ईरानी अधिकारियों ने उस दौर के प्रदर्शनों को "दंगा" और "तख्तापलट की कोशिश" बताया है.

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