रूस के क़ब्ज़े में आया अहम दक्षिणी शहर ख़ेरसोन? मेयर ने दिए संकेत
उधर रूस ने स्वीकार किया है कि यूक्रेन में जारी 'सैन्य अभियान' में उसके 498 सैनिक मारे जा चुके हैं.
लाइव कवरेज
मोहम्मद शाहिद, कमलेश मठेनी, दीपक मंडल and दिलनवाज़ पाशा
नवीन के पिता की पीएम मोदी से मांग- यूक्रेन से लाया जाए बेटे का शव
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा है कि यूक्रेन के खारकीएव शहर में मारे गए भारतीय छात्र नवीन का शव लाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है.
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नवीन के दोस्तों ने उनके शव की तस्वीर भेजी है. बासवराज बोम्मई ने बताया कि इस तस्वीर को पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय भेजा गया है.
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मुख्यमंत्री बोम्मई ने कहा- हम भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं ताकि शव को सुरक्षित किया जा सके. उन्होंने कहा कि नवीन के परिवार को मुआवज़ा दिया जाएगा. एक दिन पहले ही भारत के कर्नाटक के नवीन शेखरप्पा की खारकीएव में मौत हो गई थी.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया था कि नवीन की मौत गोलाबारी में हुई. जानकारी के मुताबिक़ नवीन पास की दुकान में खरीदारी करने गए थे. बाद में अधिकारियों ने नवीन के दोस्तों को फ़ोन करके बताया कि उनकी मौत हो चुकी है. नवीन के पिता ने मीडिया को ये जानकारी दी है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें फ़ोन किया था. नवीन के पिता के मुताबिक़ उन्होंने अपने बेटे का शव लाने की मांग की है.
यूक्रेन के खारकीएव में हुए हमले में 21 लोगों की मौत, 112 घायल
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यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीएव के मेयर के मुताबिक
रूसी हमले में 21 लोगों की मौत हो गई और 112 घायल हो गए हैं.
हालांकि, खारकीएव रीज़नल स्टेट एमिनिस्ट्रेशन के गवर्नर ने
कहा कि खारकीएव पर मंगलवार को और पूरी रात हुई भारी बमबारी के बावजूद सभी रूसी
हमलों को नाकाम कर दिया गया है और वापस पकड़ बना ली गई है.
ये माना जा रहा है कि रूसी सैनिकों ने शहर के उत्तरपूर्वी
और उत्तरी क्षेत्रों में प्रवेश किया है क्योंकि खारकीएव पर जेट विमानों से बमबारी
की गई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन के खारकीएव शहर में रॉकेट हमला, आग की लपटों में इमारतें
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यूक्रेन के खारकीएव शहर में पुलिस विभाग की इमारत पर रॉकेट से हमला हुआ है.
यूएनआईएएन समाचार एजेंसी ने ये रिपोर्ट दी है.
यूक्रेन की सरकार के टेलिग्राम चैनल पर एक वीडियो पोस्ट की गई है, जिसमें एक इमारत को आग की लपटों में देखा जा सकता है.
यूक्रेन में गृह मंत्रालय के सलाहकार एंटन गेरासचेन्को ने कहा है कि हमले के बाद कराजडिन नेशनल यूनिवर्सिटी की इमारत में भी आग लग गई है. बीबीसी इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है.
यूक्रेन से 220 भारतीय छात्रों को दिल्ली लेकर पहुँचा विमान, मंत्रियों ने की मुलाक़ात
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यूक्रेन में फँसे भारतीयों को भारत सरकार धीरे-धीरे अपने
देश वापस ला रही है. आज भी एक विमान भारतीयों को लेकर दिल्ली पहुँचा है.
करीब 220 छात्रों को लेकर विमान इस्तांबुल के रास्ते भारत
आया. यहाँ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह छात्रों के स्वागत के लिए दिल्ली हवाई अड्डे
पर मौजूद थे.
जितेंद्र सिंह ने बताया, ‘‘करीब 220 छात्र इस्तांबुल के रास्ते आए हैं. मैंने
एक लड़की को राज्य के अनुसार पूछा कि वो कहाँ से हैं, लेकिन लड़की ने जवाब दिया कि
वो भारत से हैं. वो इतने तनाव में हैं कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि वो
भारत वापस आ गए हैं. हम सुनिश्चित करेंगे कि वो अपने माता-पिता से बात कर पाएँ.’’
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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद कई भारतीय यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फँसे हुए हैं. उन्हें यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुँचने के लिए कहा जा रहा है. भारत सरकार ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत भारतीयों को वहाँ से वापस लेकर आ रही है.
यूक्रेन से वापस लौटे एक शख़्स कृष्ण कुमार ने कहा, ‘‘मैं भारत लौटकर बहुत खुश हूँ. मुझे उम्मीद है कि दूसरे भारतीयों को भी जल्द ही वापस लाया जाएगा. ऑपरेशन गंगा बहुत मददगार है. मैं भारत सरकार का शुक्रिया अदा करता हूँ.’’
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वहीं, गोवा के देबोलिम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुँची एक छात्रा रुपाली गोसावी ने भी सुरक्षित वापसी के लिए पीएम मोदी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को धन्यवाद किया.
गोवा के परिवहन मंत्री रुपाली को लेने के लिए हवाई अड्डे पर पहुँचे. रुपाली मंगलवार को ऑपरेशन गंगा के तहत दिल्ली पहुँची थीं.
दिल्ली पहुँचे भारतीयों से महिला एवं बाल विकासमंत्री स्मृति ईरानी ने भी दिल्ली हवाई अड्डे पर मुलाक़ात की.
उन्होंने यात्रियों से कहा, ‘‘आपके परिवार बेसब्री से आपका इंतज़ार कर रहे हैं. आपने बहुत हिम्मत दिखाई है. फ्लाइट के क्रू को भी धन्यवाद कहते हैं.’’
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वहीं, भारतीय वायुसेना के दो विमानों ने यूक्रेन से भारतीयों को लाने के लिए हिंडन एयरबेस से रोमानिया और हंगरी के लिए उड़ान भरी है.
कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी भारत आए लोगों से बात की. उन्होंने मीडिया से कहा- हम संतुष्ट हैं कि हमारे लोग घर वापस आ गए हैं. युद्ध के बीच ये एक बहुत मुश्किल अभियान था. हमारा अभियान भारतीयों को सुरक्षित वापस लाना था. भारतीय वायुसेना और निजी एयरलाइन्स को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद.
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यूक्रेन के एक और शहर में रूसी हमले का निशाना बने आवासीय इलाक़े, दो की मौत
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यूक्रेन का कहना है कि रूस के मिसाइल हमले में कम से कम दो नागरिक मारे गए हैं. ये हमला राजधानी कीएव से पश्चिम में स्थित ज़ोटेमर में हुआ.
अधिकारियों का कहना है कि हमले का निशाना शहर का एक एयरबेस था, लेकिन निशाना बने पास के आवासीय मकान.
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यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि इस हमले में दो लोग मारे गए, जबकि 16 अन्य घायल हुए हैं. हालाँकि टेलिग्राम पर एक सरकारी अधिकारी एंटन गेराशचेन्को ने कहा था कि मरने वालों की संख्या और ज़्यादा है. उनका कहना था कि एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हुई है.
फ़ेसबुक और टेलिग्राम पर यूक्रेन के सरकारी अकाउंट से धमाके के बाद का वीडियो शेयर किया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि राहतकर्मी मलबे में से जीवित लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि एक इमरात, जिस पर रूस ने हमला किया, वो एक मैटरनिटी होम था.
Live: यूक्रेन से पोलैंड के रास्ते लौटे युवकों की आपबीती.
दिल्ली एयरपोर्ट से बीबीसी संवाददाता आमिर पीरजादा.
रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने से इस देश ने किया साफ़ इनकार
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मैक्सिको के राष्ट्रपति आंद्रे मैनुएल लोपेज़ ओब्राडोर ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस पर कोई आर्थिक पाबंदी नहीं लगाएगा.
उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों की इस बात के लिए आलोचना की कि वे रूस की सरकारी मीडिया की सेंसरशिप कर रही हैं.
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मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लोपेज़ ने कहा- हम किसी भी तरह का आर्थिक प्रतिशोध नहीं लेने जा रहे हैं क्योंकि हम दुनिया की सभी सरकारों से अच्छा संबंध रखना चाहते हैं. मैक्सिको का रुख़ दुनिया के कई देशों के बिल्कुल अलग है, जो यूक्रेन पर हमला करने के कारण रूस पर कई तरह की पाबंदियाँ लगा चुके हैं. अमेरिका सहित कई देशों ने खुलकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के क़दम की आलोचना भी की है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ मैक्सिको के वामपंथी नेता लोपेज़ ने कई बार अमेरिका के विदेश नीति की आलोचना भी की है. हालाँकि माना जाता है कि अमेरिका और मैक्सिको के बीच रिश्ते काफ़ी मज़बूत हैं. जबकि रूस के साथ उसके रिश्ते सीमित ही हैं. रॉयटर्स के मुताबिक़ मंगलवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मैक्सिको के विदेश मंत्री से फ़ोन पर बात की.
पुतिन यूक्रेन को समझने में क्या रणनीतिक ग़लती कर बैठे
यूक्रेन पर रूस के हमले के लिए उत्तर कोरिया ने अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया
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संयुक्त
राष्ट्र में उत्तर कोरिया के दूत ने यूक्रेन पर रूस के हमले के लिए अमेरिका को
ज़िम्मेदार ठहराया है.
इसके साथ ही
उन्होंने कहा है कि वॉशिंगटन की ‘आधिपत्य की नीति’दूसरे देशों की सुरक्षा को भी
ख़तरा पहुंचा रही हैं.
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप ने बताया है कि
संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए आपातकालीन सत्र के दौरान किम सॉन्ग ने यह बात कही
है.
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मंगलवार को इस सत्र के दौरान सॉन्ग ने कहा, “अमेरिका और पश्चिम ने रूस की
सुरक्षा की गारंटी की मांग की अवहेलना की. नेटो के पूर्व में विस्तार करने के लिए
हथियार प्रणाली तैनात करने की कोशिशों के तहत यूरोप के सुरक्षा वातावरण को व्यवस्थित
रूप से कमज़ोर किया गया.”
इससे पहले 28
फ़रवरी को उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए अमेरिका की ‘आधिपत्य नीति’ को रूस-यूक्रेन विवाद के लिए
ज़िम्मेदार ठहराया था.
वहीं संयुक्त राष्ट्र में दक्षिण कोरिया के दूत चो ह्युन ने कहा है कि यूक्रेन
संघर्ष रूस का ‘ख़ुदचुना गया युद्ध’ है.
खारकीएव पर क़ब्ज़े की लड़ाई शुरू, रूस के पैराट्रूपर्स उतरे
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यूक्रेन की सेना ने पुष्टि की है कि रूसी पैराट्रूपर्स खारकीएव
में उतरे हैं. इस शहर को पहले ही रूसी सेना ने घेर रखा है.
यूक्रेनी सेना के मुताबिक़, खारकीएव और इसके आसपास के
इलाक़ों में एयर रेड सायरन्स के बाद हवाई हमले शुरू हुए हैं.
इस बयान में बताया गया है कि रूसी सैनिकों ने क्षेत्रीय
सैन्य अस्पताल पर हमला किया है और लड़ाई जारी है.
इस शहर में अधिकतर रूसी भाषा बोली जाती है और हालिया दिनों
में यूक्रेन में सबसे अधिक हिंसा खारकीएव में ही देखी गई है.
मंगलवार को एक सरकारी इमारत पर मिसाइल हमला हुआ था जिसमें
कारों और आसपास की इमारतों को नुक़सान पहुंचा था.
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मंगलवार को ही दूसरा हमला एक रिहाइशी इमारत पर हुआ था. यूक्रेनी
राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले को युद्ध अपराध बताया था.
मंगलवार को खारकीएव में हुए हमलों में 17 लोगों की मौत हुई
थी जिनमें एक भारतीय छात्र भी शामिल था.
कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि रूस ने रिहाइशी जगह पर इसलिए
हमले किए हैं ताकि यूक्रेनियों को रूस के ख़िलाफ़ लड़ाई में कमज़ोर किया जा सके.
खारकीएव, सूमी और मारियुपोल शहर में रूसी हमले का जवाब यूक्रेनी जवान मुस्तैदी
से दे रहे हैं.
खारकीएव में भारी लड़ाई हो रही है और यूक्रेनी जवान रूसी सेना से
लड़ रहे हैं.
पाकिस्तान से 22 देशों ने रूस की निंदा के लिए मांगा समर्थन
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यूरोपीय संघ के देशों समेत 22 देशों के शीर्ष राजनयिकों
ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वो संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन के ख़िलाफ़
रूस के हमले की निंदा प्रस्ताव का समर्थन करे.
बीते सप्ताह रूस की सेना जिस दिन यूक्रेन में दाख़िल हुई
तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान मॉस्को में थे और उन्होंने राष्ट्रपति
व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात की थी.
पाकिस्तान ने इस हमले को लेकर चिंता जताई थी लेकिन उसने
इसकी निंदा नहीं की थी.
22 देशों के राजनयिकों ने एक साझा बयान में कहा, “इस्लामिक
रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान में मिशन के प्रमुख होने के नाते हम मांग करते हैं कि रूस
की कार्रवाई की निंदा में पाकिस्तान में हमारे साथ आए.”
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इस साझा बयान में यूरोपीय संघ के सदस्य देश फ़्रांस,
जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, इटली, पुर्तगाल, पोलैंड, स्पेन, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम समेत
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, नॉर्वे और ब्रिटेन भी शामिल हैं.
193 सदस्यों वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस सप्ताह
मॉस्को की कार्रवाई के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव
के ख़िलाफ़ रूस ने वीटो का प्रयोग किया था.
अमेरिका ने यूक्रेन के लिए अब तक क्या-क्या किया?
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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मंगलवार की रात अमेरिकी संसद
को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिका के फ़ैसलों से देश और संसद को
अवगत कराया.
उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत अपनी और अन्य देशों की विदेश
नीति से की.
यूक्रेन पर रूस के हमले को सात दिन हो चुके हैं. आइये जानते
हैं इस दौरान यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिका ने क्या कुछ किया है:
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35 करोड़ डॉलर के हथियार यूक्रेन को दिए
5.4 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता जारी की
चुनिंदा रूसी बैंकों को वैश्विक स्विफ़्ट मैसेजिंग
सिस्टम से हटाया
रूसी केंद्रीय बैंक को रूबल को बचाने से रोका
ओलिगार्क (रूस के कुलीन तंत्र के सदस्य या समर्थक) की संपत्ति को ज़ब्त करने के लिए
ट्रांस-अटलांटिक टास्क फ़ोर्स में शामिल
रूसी विमानों और रूस से संचालित विमानों
के लिए अमेरिकी हवाई क्षेत्र को बंद किया
व्हाइट हाउस ने संसद से अगले कुछ महीनों के लिए
आपातकालीन सहायता के लिए अतिरिक्त 6.4 अरब डॉलर की मांग की.
हालांकि बाइडन ने यह भी बताया कि यूक्रेन में रूस से
लड़ाई के लिए अमेरिका अपनी सेना नहीं भेजेगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, बाइडन ने रूस के सभी विमानों के अमेरिका में आने पर लगाई रोक
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने संसद को संबोधित करते हुए इस
बात की पुष्टि की है कि रूस की सभी उड़ानें अब अमेरिकी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं
कर पाएंगी.
उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि इन रूसी उड़ानों में
सभी प्रकार की कमर्शियल और प्राइवेट उड़ानें शामिल हैं.
इसी तरह का क़दम पहले ही यूरोपीय राष्ट्र और कनाडा उठा चुके
हैं.
बाइडन ने कहा है कि यह प्रतिबंध रूस को और अलग-थलग करेगा और
उसकी अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डालेगा.
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उन्होंने यह भी बताया कि रूसी मुद्रा रूबल और स्टॉक मार्केट
पहले ही अपनी वैल्यू 30 से 40 फ़ीसदी गंवा चुके हैं.
राष्ट्रपति बाइडन ने अमेरिकियों से यूक्रेनी लोगों से
प्रेरणा लेने को भी कहा.
उन्होंने कहा,“पुतिन टैंक्स से कीएव को ज़रूर घेर सकते हैं लेकिन वो
कभी भी यूक्रेनी लोगों के दिलों को नहीं जीत पाएंगे.”
बाइडन ने पुतिन को दी चेतावनी: तानाशाह क़ीमत चुकाता है
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने
अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा है कि अमेरिका और नेटो ने दिखाया है कि यूक्रेन
के साथ पश्चिम एकजुटता से खड़ा है.
उन्होंने कहा कि इतिहास दिखाता है कि ‘जब तक तानाशाह
अपने हमले की क़ीमत नहीं चुकाता तब तक वो और अराजकता पैदा करता है.’
“हम हालात ठीक होते देखेंगे, जब
इतिहास लिखा जाएगा तो यूक्रेनके ख़िलाफ़ पुतिन का युद्ध रूस को और कमज़ोर करेगा
और दुनिया को और मज़बूत करेगा.”
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उन्होंने कहा, “छह दिन पहले
रूस के व्लादिमीरपुतिन ने आज़ाद दुनिया की नींव को
हिलाना चाहा. उन्होंने सोचा कि वो अपने ख़तरनाक तरीक़ों से इसे झुका सकते हैं.
लेकिन उन्होंने इसका ग़लत आंकलन किया.”
बाइडन ने अपने
यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूक्रेनी नागरिकों की तारीफ़ की.
उन्होंने उन्हें निडर, बहादुर बताते हुए कहा कि वो दुनिया को प्रेरित कर रहे हैं.
एप्पल ने रूस में अपने उत्पादों की बिक्री पर लगाई रोक
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एप्पल ने अपने सभी उत्पादों की
रूस में बिक्री पर रोक लगा दी है. यूक्रेन पर हमले के कारण ऐसा फ़ैसला लेने वाली एप्पल
सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.
एप्पल के अलावा ऊर्जा कंपनी
एक्सॉनमॉबिल ने भी रूस में अपना काम बंद करने और निवेश रोकने की घोषणा की है.
आईफ़ोन निर्माता कंपनी ने कहा है कि वो रूस के हमले से ‘बेहद चिंतित’है और उनके साथ खड़ी है जो ‘हिंसा से पीड़ित’ हैं.
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इसके साथ ही रूस में एप्पल पे और एप्पल मैप जैसी
सेवाओं को भी सीमित कर दिया गया है.
गूगल ने रूस के सरकारी सहायता प्राप्त मीडिया आरटी को
भी अपने फ़ीचर्स से हटा दिया है.
समाचार एजेंसी आरआईए के मुताबिक़, रूस के वीटीबी बैंक
जैसे ऐप अब एप्पल के आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम में रूसी भाषा में नहीं चल पाएंगे.
एप्पल ने अपने बयान में बताया है कि उसने यूक्रेन में
एप्पल मैप्स में ‘यूक्रेनी नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज़ से’ट्रैफ़िक और लाइव इंसिडेंट्स को डिसेबल्ड कर दिया है.
अमेरिका में रूसी विमानों के प्रवेश पर बाइडन लगा सकते हैं बैन
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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिकी सरकार जल्द ही
रूसी विमानों के अपना हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा सकती है.
यूरोपीय देश और कनाडा पहले ही रूस के लिए अपना हवाई
क्षेत्र बंद कर चुके हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन मंगलवार रात को संसद
को संबोधित करने जा रहे हैं और उम्मीद है कि अगले 24 घंटों में अमेरिका का हवाई
क्षेत्र रूस के लिए बंद किया जा सकता है.
वहीं पहले से ही ऐसे क़दम उठाए जा चुके हैं जिसके
कारण कई उड़ानें रद्द हैं और कई के मार्ग बदले गए हैं.
रूस ने अभी तक संकेत नहीं दिए हैं कि वो इसका जवाब
कैसे देगा.
कीएव की तरफ़ बढ़ रहे रूसी सेना के क़ाफ़िले की धीमी हुई रफ़्तार
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इमेज कैप्शन, रूस की सेना के क़ाफ़िले की ये तस्वीर यूक्रेन में दाख़िल होने से पहले ली गई थी.
रूसी सेना का विशाल क़ाफ़िला राजधानी कीएव की तरफ़ बढ़ रहा है. लेकिन सवाल ये है कि ये कब तक शहर के किनारे पर पहुंच जाएगा.
यूक्रेन पर रूस की सेना के आक्रमण को छह दिन हो चुके हैं. मंगलवार को कीएव के टीवी टॉवर पर हमला हुआ है जिसमें पांच लोग मारे गए हैं.
रूस के रक्षा मंत्री ने कीएव के लोगों को गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस की सेना हमले करने जा रही है और लोग अहम सैन्य ठिकानों से दूर हो जाएं.
इसी बीच अमेरिका ने कहा है कि रूस के कुछ सैनिकों ने यूक्रेन में आत्मसमर्पण किया है लेकिन हालात गंभीर बने हुए हैं.
वीडियो कैप्शन, अस्पतालों में बीमार लोगों के इलाज में आ रही हैं मुश्किलें और किस हाल में है वहां के लोग.
एक वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने पेंटागन के रूसी सेना
के ताज़ा विश्लेषण के बारे में बात की है.
अमेरिकी सैन्य अधिकारी के मुताबिक़ इस समय रूस के कुछ
सैनिकों के हौसले पस्त हैं क्योंकि छह दिन बाद भी रूस खारकीएव पर क़ब्ज़ा नहीं कर
सका है. रूस अभी तक यूक्रेन के आसमान पर नियंत्रण करने में भी नाकाम रहा है.
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक रूस की सेना की कुछ यूनिटों ने
आत्मसमर्पण कर दिया है. मारियूपोल के बंदरगाह पर भी रूस अभी तक क़ब्ज़ा नहीं कर
सका है. हालांकि रूस ने तटीय शहर बर्डयांस्क और पश्चिम में मेलितपोल पर क़ब्ज़ा कर
लिया है.
वीडियो कैप्शन, यूक्रेन छोड़ने की कोशिश कर रहे कई लोग जो गोरे नहीं हैं, वो रंगभेद का आरोप लगा रहे हैं.
पेंटागन के अनुमान के मुताबिक़ रूस अब तक 400 मिसाइलें यूक्रेन पर दाग चुका है. बावजूद इसके यूक्रेन का
एंटी-मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम अभी भी काम कर रहा है.
अमेरिकी खुफ़िया एजेंसी का ये भी कहना है कि थर्मोबारिक
हथियार दागने वाले लॉन्चर यूक्रेन के भीतर मौजूद हैं लेकिन अभी तक ऐसे किसी हथियार
का इस्तेमाल हुआ है या नहीं इसकी पुष्टि मुश्किल है.
पेंटागन के अनुमान के मुताबिक़ यूक्रेन की घेराबंदी करने वाले 80 फ़ीसदी रूसी सैनिक इस समय देश में दाख़िल हो चुके हैं. ऐसे
संकेत भी हैं कि रूस की सेना की कुछ यूनिटों की रफ़्तार ईंधन और खाद्य आपूर्ति न
होने की वजह से धीमी पड़ी हैं.
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