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बांग्लादेश के सीताकुंड शहर में डिपो में आग लगने से अब तक 40 की मौत
बांग्लादेश के एक दक्षिण-पूर्वी शहर सीताकुंड में एक कंटेनर डिपो में आग लगने और उसके बाद हुए विस्फ़ोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है.
मरने वालों में पांच दमकलकर्मी भी शामिल हैं.
सीताकुंड देश के दूसरे सबसे बड़े शहर चटगांव से केवल 40 किलोमीटर की दूरी पर है.
चटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निदेशक ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद शमीम अहसन ने बताया कि अभी तक 34 शव अस्पताल आ चुके हैं.
आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. साथ ही सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए हैं.
आग पर काबू पाने के दौरान हुआ विस्फोट
सीताकुंड शहर में एक कंटेनर-स्टोरेज डिपो में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों को बुलाया गया था और उसी दौरान यह धमाका हो गया.
आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि डिपो में रखे कुछ कंटेनर्स में केमिकल था, जिसके कारण आग भड़क गई.
आसपास के अस्पताल घायलों से भर चुके हैं और लोगों से ब्लड-डोनेट करने की अपील की जा रही है.
कुछ घायलों की हालत अभी भी नाज़ुक है और ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
एक लॉरी ड्राइवर तुफ़ैल अहमद ने न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी को बताया कि जिस समय विस्फोट हुआ, वह एक जगह खड़े थे और विस्फ़ोट होने के साथ ही वो अपनी जगह से 10 मीटर दूर जा गिरे. इस हादसे में उनके हाथ और पैर जल गए हैं.
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जिस जगह आग लगी है वहां अभी और भी शव हो सकते हैं.
बहुत तेज़ था धमाका
धमाका इतना तेज़ था कि आस-पास की कुछ इमारतों की खिड़कियां तक टूट गईं.
लोगों ने बताया कि घटनास्थल से क़रीब चार किलोमीटर दूरी तक धमाके की आवाज़ सुनाई दी.
एक स्थानीय दुकानदार ने संवाददाताओं से बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे आग की बारिश हो रही है.
विस्फोट के बाद की जो तस्वीरें सामने आयी हैं उनमें बर्बाद हो चुके कंटेनर्स साफ़ नज़र आ रहे हैं.
इसके अलावा वेयरहाउस की छत पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है.
रविवार की सुबह दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन इस दौरान लगातार हो रहे विस्फोट के कारण उन्हे भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.
इसके साथ ही समुद्र में रसायनों के बहाव को रोकने के लिए सेना को तैनात किया गया है.
एक क्षेत्रीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि कंटेनर डिपो में लाखों डॉलर के कपड़े मौजूद थे. जिन्हें पश्चिमी खुदरा विक्रेताओं को निर्यात किजा जाना था.
बांग्लादेश पश्चिमी देशों का एक बड़ा निर्यातक देश है. और पिछले एक दशक में यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वस्त्र निर्यातक बन गया है.
नियमों की अनदेखी और लापरवाही के कारण बांग्लादेश में अक्सर इस तरह की दुर्घटनाएं सामने आयी हैं. जिसके कारण हाल के सालों में सैकड़ों मौतें हुई हैं.
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