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अमरीका: फ़िलाडेल्फ़िया में काले शख़्स की पुलिस की गोली से मौत के बाद आगज़नी और लूटपाट
अमरीका के फ़िलाडेल्फ़िया शहर में एक काले नागरिक की मौत को लेकर दूसरे दिन भी हंगामा जारी है.
फ़िलाडेल्फ़िया पुलिस ने कहा है कि तनाव के बीच सैकड़ों लोगों की भीड़ ने सड़कों पर लूटपाट और आगज़नी की.
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, फ़िलाडेल्फ़िया शहर में अतिरिक्त पुलिस बल और नेशनल गार्ड तैनात करने पड़े हैं.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़, उग्र भीड़ को नियंत्रित करने में अब तक 30 से अधिक पुलिसकर्मियों को चोट पहुँची है.
पुलिस का कहना है, "27 वर्षीय वॉल्टर वॉलेस से पुलिसकर्मियों ने उनके आदेश मानने को कहा था, पुलिस ने उनसे कहा था कि उनके हाथ में जो चाक़ू है, उसे वो नीचे डाल दें, लेकिन वे नहीं माने, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें गोली मार दी."
वॉलेस के परिवार का कहना है कि वे मानसिक स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे थे.
फ़िलाडेल्फ़िया में कैसी है स्थिति?
मंगलवार रात फ़िलाडेल्फ़िया पुलिस ने चेतावनी जारी की कि 'शहर के कास्टर और अरामिंगो इलाक़े में लगभग 1,000 लोगों की भीड़ लूटपाट कर रही है, इन इलाक़ों में जाने से बचें.'
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से यह भी अपील की कि 'वॉल्टर वॉलेस की मौत को लेकर हो रहे प्रदर्शन कुछ जगहों पर उग्र हो गए हैं, इसलिए स्थानीय नागरिक बाहर निकलने से बचें और अपने घरों में ही रहें.'
फ़िलाडेल्फ़िया पुलिस के अनुसार, "प्रदर्शनकारियों का कई जगह पुलिस से टकराव हुआ. भीड़ ने कई जगहों पर पुलिस के बैरिकेड उखाड़ दिए. भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस को 'मिर्च के स्प्रे' का प्रयोग करना पड़ा."
मंगलवार शाम को शहर की सभी दुकानें वक़्त से काफ़ी पहले बंद करा दी गई थीं और शहर के कई रास्तों को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया था.
शहर के अधिकारी क्या कह रहे हैं?
मेयर जिम केनी डेमोक्रेट नेता हैं. उन्होंने कहा है कि "सोमवार को हुई वॉल्टर वॉलेस की शूटिंग का वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े करता है जिनके जवाब दिए जाने चाहिए."
उन्होंने विस्तार से इस बारे में कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि 'वॉल्टर वॉलेस, उनके परिवार, अधिकारियों और फ़िलाडेल्फ़िया के लिए एक तेज़ और पारदर्शी हल निकलना ज़रूरी है.'
फ़िलाडेल्फ़िया की पुलिस कमिश्नर डैनियल आउटलॉ ने कहा कि "वे घटनास्थल का मुआयना कर चुकी हैं और मानती हैं कि स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफ़ी ग़ुस्सा है."
मंगलवार को प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा, "अभी और तनाव देखने को मिल सकता है. लोगों में काफ़ी ग़ुस्सा है. लेकिन हम सभी ज़रूरी तैयारियाँ कर रहे हैं, ताकि परिस्थिति ना बिगड़े और क़ानून व्यवस्था बनी रहे. शहर में कुछ मुख्य जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय किया गया है."
इसी साल, मिनेसोटा में जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद भी फ़िलाडेल्फ़िया में काफ़ी उग्र प्रदर्शन हुए थे. जॉर्ज फ़्लॉयड को उनके अंतिम वीडियो में साँस न आने की तकलीफ़ ज़ाहिर करते देखा गया था, लेकिन गोरे पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन ने उनकी गर्दन से तब तक अपना घुटना नहीं हटाया, जब तक जॉर्ज की मौत नहीं हो गई.
जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद पूरी दुनिया में नस्लभेद और पुलिस की बर्बरता के ख़िलाफ़ बड़े प्रदर्शन हुए थे.
बहरहाल, सोमवार को वॉल्टर वॉलेस की मौत के बाद 300 से ज़्यादा लोग सड़क पर प्रदर्शन करने उतरे थे, जिनमें से 91 लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.
ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और लोग मंगलवार सुबह तक अपनी जगहों पर बने रहे. पुलिस के अनुसार, रात में कई बार भीड़ हिंसक भी हुई. लेकिन मंगलवार शाम तक पूरा माहौल गर्म हो गया और लूटपाट-आगजनी की ख़बरें आने लगीं.
गोलीबारी के बारे में जो पता है?
पुलिस का कहना है कि 'घटना सोमवार शाम 4 बजे की है, जब दो पुलिस अधिकारियों को पश्चिमी फ़िलाडेल्फ़िया के कॉब्स क्रीक इलाक़े से एक शख़्स की शिकायत मिली कि वो हाथ में चाक़ू लेकर घूम रहा है.'
पुलिस की प्रवक्ता तान्या लिटिल ने प्रेस से बातचीत में कहा, "एक शख़्स जिसकी बाद में वॉल्टर वॉलेस के रूप में पहचान हुई, उसने हाथ में एक चाक़ू लिया हुआ था. जब पुलिस अफ़सर मौक़े पर पहुँचे, तो उन्होंने उनसे चाक़ू नीचे डालने को कहा, लेकिन चाक़ू फेंकने की बजाय वो पुलिसकर्मियों की तरफ़ बढ़े."
उन्होंने बताया, "दोनों अफ़सरों ने कई फ़ायर किए, कुछ गोलियाँ वॉलेस के सीने और कंधे पर लगीं."
उनमें से एक अधिकारी वॉल्टर वॉलेस को अस्पताल लेकर दौड़ा, लेकिन अस्पताल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
सोशल मीडिया पर इस घटना का जो वीडियो शेयर हो रहा है, उसमें देखा जा सकता है कि वॉल्टर वॉलेस दोनों पुलिस अधिकारियों की ओर बढ़ रहे हैं और दोनों ने उन पर बंदूक़ें तानी हुई हैं.
पुलिस विभाग का कहना है कि मौक़े पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने पीछे हटते हुए वॉल्टर वॉलेस को हथियार डालने की चेतावनी दी थी.
वॉलेस के पिता ने जाँचकर्ताओं से कहा है कि उनका बेटा मानसिक स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा था, जिसके लिए उसकी दवा चल रही थी.
उनके पिता ने सवाल किया कि 'पुलिसकर्मियों ने टेज़र गन (करंट मारने वाली बंदूक़) क्यों नहीं ले रखी थी?'
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों ने सात-सात फ़ायर किए, जिनमें से कुछ वॉलेस को लगे. पुलिस विभाग ने दोनों अधिकारियों के नाम तो नहीं बताए, लेकिन कहा गया कि दोनों ने बॉडी-कैमरा पहना हुआ था और दोनों के पास शॉट गन (छर्रे वाली बंदूक़) नहीं थी.
इस बीच वॉलेस परिवार की वकील ने कहा कि 'वॉल्टर की मानसिक स्थिति को देखते हुए परिवार ने एंबुलेंस बुलाई थी, पुलिस नहीं.'
वकील शाका जॉनसन ने बताया कि 'वॉल्टर की गर्भवती पत्नी के अनुसार वो बाइपोलर मनोरोग से ग्रस्त थे और उनकी दवा चल रही थी.'
डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन और उनकी सहयोगी कमला हैरिस ने इस घटना पर दुख ज़ाहिर किया है.
उन्होंने एक बयान में कहा कि 'इस घटना से उनका दिल दुखा है. वे नहीं चाहेंगे कि कभी किसी मनोरोग से ग्रसित शख़्स का अंत इस तरह की मौत से हो.'
फ़िलाडेल्फ़िया पेन्सिलवेनिया प्रांत का सबसे बड़ा शहर है, जिसे अगले सप्ताह होने वाले चुनाव के लिहाज़ से काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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