एक ख़ास पत्थर से रातों-रात करोड़पति बन गया ये शख़्स

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तंज़ानिया के एक छोटे खदानकर्मी ने न केवल अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खोज की है, बल्कि उनकी यह खोज देश की भी सबसे बड़ी खोज है.

सैनीनियु लाइज़र को दो बड़े कच्चे तंज़ानाइट पत्थर मिले हैं. इनका कुल वज़न 15 किलो है.

यह कीमती पत्थर पृथ्वी पर मिलने वाला एक दुर्लभ पत्थर है. इस खोज से उन्हें 34 लाख डॉलर यानी तक़रीबन 25 करोड़ रुपये की रकम मिली है.

देश के खनन मंत्रालय से इतनी मोटी रकम पाकर वो रातोंरात करोड़पति बन गए हैं.

इसे लेकर उनकी क्या प्रतिक्रिया है?

लाइज़र ने कहा, "मैं एक बड़ी पार्टी करूंगा." लाइज़र 30 से अधिक बच्चों के पिता हैं.

तंज़ानाइट की इतनी क़ीमत क्यों है?

तंज़ानाइट केवल उत्तरी तंज़ानिया में पाया जाता है और यह ज्वैलरी के लिए इस्तेमाल होने वाला एक मशहूर रत्न है. इसका इस्तेमाल अंगूठियों, ब्रेसलेट्स और नेकलेस में होता है. इससे अन्य तरह के आभूषण भी बनाए जाते हैं.

यह धरती पर मिलने वाले दुर्लभ रत्नों में से है. एक स्थानीय जियोलॉजिस्ट का अनुमान है कि इसकी सप्लाई अगले 20 साल में पूरी तरह से ख़त्म हो जाएगी.

हरे, लाल, बैंगनी और नीले जैसे विविध रंग इस क़ीमती पत्थर का मुख्य आकर्षण हैं.

इसकी क़ीमत इसके दुर्लभ होने पर आधारित होती है. जितना रंग या स्पष्टता होगी उतनी ही इसकी क़ीमत ज़्यादा होती है.

लाइज़र ने पिछले हफ़्ते 9.2 किलो और 5.8 किलो वज़न के इन पत्थरों को खनन करके निकाला था. लेकिन, बुधवार को उन्होंने मान्यारा में हुए एक ट्रेडिंग कार्यक्रम में इन्हें बेच दिया.

इसके पहले खनन करके निकाला गया सबसे बड़ा तंज़ानाइट पत्थर 3.3 किलो का था.

लाइज़र की इस खोज के लिए राष्ट्रपति जॉन मैगुफुली ने उन्हें फ़ोन करके बधाई भी दी है.

राष्ट्रपति ने कहा, "छोटे खननकर्ताओं का यही फ़ायदा है और इससे यह भी पता चलता है कि तंज़ानिया अमीर है."

मैगुफुली खनन सेक्टर में देश के हितों की रक्षा करने और इस सेक्टर से सरकार की कमाई बढ़ाने के वादे के साथ ही 2015 में सत्ता में आए थे.

वो इतनी बड़ी रक़म ख़र्च कहां करेंगे?

52 साल के लाइज़र की चार पत्नियां हैं. लाइज़र ने कहा कि जश्न मनाने के लिए वो अपने एक पशु को काटेंगे.

उनकी मन्यारा के सिमांजिरो ज़िले में अपने समुदाय पर यह पैसा निवेश करने की योजना है.

वो कहते हैं, "मैं एक शॉपिंग मॉल और एक स्कूल बनाना चाहता हूं. मैं यह स्कूल अपने घर के पास बनाना चाहता हूं. यहां तमाम ग़रीब लोग हैं जो कि अपने बच्चों को स्कूल नहीं ले जा सकते हैं."

वो कहते हैं, "मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं, लेकिन मैं चीज़ों को पेशेवर तरीक़े से करना चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे पेशेवर तरीक़े से कारोबार को चलाएं."

लाइज़र जैसे कुछ छोटे खननकर्ताओं ने सरकार से लाइसेंस हासिल किए हैं. लेकिन, ख़ासतौर पर बड़ी कंपनियों की माइंस के अवैध खनन जारी है.

2017 में राष्ट्रपति मैगुफुली ने मन्यारा में मेरेलानी माइनिंग साइट के क़रीब 24 किलोमीटर के घेरे में एक दीवार बनाने का आदेश सेना को दिया था. माना जाता है कि यह दुनिया में तंज़ानाइट का सबसे बड़ा स्रोत है.

एक साल बाद सरकार ने माइनिंग सेक्टर से होने वाली अपनी कमाई में इज़ाफ़ा दिखाया और इसकी वजह दीवार का बनना बताया था.

इतनी बड़ी कमाई से उनकी ज़िंदगी बदल जाएगी?

लाइज़र कहते हैं कि उन्हें इतना पैसा हाथ आने के बावजूद कोई अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत नहीं है.

वो कहते हैं, "यहां पर्याप्त सुरक्षा है. कोई दिक्कत नहीं होगी. यहां तक कि मैं रात में टहलने भी निकल जाता हूं."

उन्होंने यह भी कहा कि मशहूर होने और पैसे आने के बावजूद वो अभी भी अपनी 2,000 गायों की देखभाल करने की योजना पर कायम रहेंगे.

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