प्रशांत भूषण का मामला जुर्माने के बाद भी निपटा नहीं? - प्रेस रिव्यू

प्रकाशित
पढ़ने का समय: 5 मिनट

वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुरू किये गए आपराधिक अवमानना केस के नतीजे अभी ख़त्म नहीं हुए हैं.

द टेलीग्राफ़ अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) ने अवमानना मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये जाने के बाद 1 रुपये जुर्माने की सांकेतिक सज़ा पाने वाले प्रशांत भूषण का मामला दिल्ली बार काउंसिल के पास विवेचना करने और क़ानून सम्मत फ़ैसला लेने के लिए भेजा है.

राज्य की बार काउंसिल ही एक व्यक्ति को वक़ालत करने का लाइसेंस प्रदान करती है और उसे अधिवक्ता क़ानून के तहत कुछ परिस्थितियों में अपने सदस्य के वक़ालत करने के अधिकार निलंबित करने का हक़ है. बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया की आम परिषद की 3 सितंबर को संपन्न हुई बैठक में उच्चतम न्यायालय के फ़ैसले पर विचार किया गया.

बीसीआई ने इस बैठक में दिल्ली बार काउंसिल को, जहाँ प्रशांत भूषण अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हैं, निर्देश देने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि वह नियमों के मुताबिक़ इस मामले की विवेचना करे और जल्द इस पर निर्णय ले.

प्रशांत भूषण जुर्माने का एक रुपया जमा करा चुके हैं. पूर्व जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने न्यायपालिका के प्रति अपमानजनक ट्वीट करने के कारण प्रशांत भूषण को 14 अगस्त को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया था और 31 अगस्त को कोर्ट ने उन पर 1 रुपये का सांकेतिक जुर्माना लगाया था.

भारत के आर्मी चीफ़ ने बताया, कैसे हैं चीन सीमा पर हालात

भारत के आर्मी चीफ़ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा है कि 'वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हालात वाक़ई नाज़ुक और तनावपूर्ण हैं.'

द हिन्दू अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन के लद्दाख दौरे पर गये जनरल नरवणे ने कहा है कि 'एलएसी पर स्थिति वाक़ई गंभीर है लेकिन हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं.'

उन्होंने कहा, "देश सेना पर भरोसा कर सकता है, हमने एलएसी पर एहतियात के तौर पर अतिरिक्त तैनाती की है, एलएसी पर पहले वाली स्थिति हो, इसके लिए लगातार फ़ौज और राजनयिक स्तर पर बातचीत चल रही है. हमें यकीन है कि बातचीत से हल निकाला जा सकता है."

बताया गया है कि पाँचवें दिन की ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत में भी भारत और चीन के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी. अब सबकी नज़रें दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक बातचीत पर जा टिकी हैं.

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पड़ने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव के बीच शुक्रवार को भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चीनी रक्षा मंत्री से मॉस्को में मुलाक़ात हुई.

नवभारत टाइम्स अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, क़रीब ढाई घंटे चली इस बैठक में सिंह ने कहा कि 'विश्वास का माहौल, ग़ैर-आक्रामकता और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता शांति के लिए ज़रूरी पहलू हैं.'

उन्होंने चीनी रक्षा मंत्री से कहा कि 'क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए आक्रामक तेवर ठीक नहीं, इसे मिलकर रोकना होगा.'

इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है. उन्होंने कहा है कि भारत और चीन के बीच विवाद सुलझाने में अमरीका हर संभव मदद के लिए तैयार है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि 'भारत चीन सीमा पर हालात काफ़ी ख़राब हैं.'

उन्होंने कहा कि "पश्चिमी हिमालय से गुज़रने वाली पर्वतीय भारत-चीन सीमा को लेकर जो विवाद है, उसे सुलझाने में अमरीका हर मदद को तैयार है. अगर अमरीका इस मामले में कुछ कर सकता है, तो हम इसमें शामिल होना और मदद करना पसंद करेंगे."

नीट-जेईई परीक्षाओं से जुड़ी पुनर्विचार याचिका भी ख़ारिज

शनिवार को प्रकाशित सभी बड़े अख़बारों ने 'सुप्रीम कोर्ट द्वारा नीट-जेईई परीक्षाओं से जुड़ी पुनर्विचार याचिका ख़ारिज' किये जाने की ख़बर को जगह दी है.

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि जेईई (मेंस) और नीट की परीक्षाएं अपने तय समय पर होंगी. इसमें कोई फ़ेरबदल नहीं होगा. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए रास्‍ता साफ़ कर दिया. कोर्ट ने छह ग़ैर-भाजपा शासित राज्‍यों के कैबिनेट मंत्रियों की याचिका ख़ारिज कर दी. इन्‍होंने न्‍यायालय से अपने 17 अगस्‍त के आदेश पर पुनर्विचार करने की अपील की थी.

कोर्ट ने नीट-यूजी और जेईई (मेंस) की परीक्षाओं को आयोजित कराने का आदेश दिया था. यानी अब जेईई की परीक्षाएं 1-6 सितंबर और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को पहले की तरह आयोजित होगी.

जस्टिस अशोक भूषण, बीआर गवल और कृष्‍ण मुरारी की पीठ ने मंत्रियों की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया. यह याचिका पश्चिम बंगाल, महाराष्‍ट्र, झारखंड, पंजाब, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ के मंत्रियों की ओर से बीते शुक्रवार को दाखिल की गई थी. अपनी याचिका में इन्‍होंने कहा था कि कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, इसमें बड़ी संख्‍या में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और परीक्षा होने पर 25 लाख छात्रों को इससे ख़तरा है.

लेकिन तीन सदस्‍यीय पीठ ने कहा कि इस याचिका का कोई आधार नहीं है.

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि अगर 17 अगस्‍त के आदेश पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो बड़ा नुक़सान हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को सितंबर 2020 में होने वाली नीट और जेईई परीक्षा को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी थी. कोरोना महामारी को देखते हुए संयुक्‍त प्रवेश परीक्षा (जेईई-मेंस) को पहले दो बार टाला जा चुका था. अब ये परीक्षाएं चल रही हैं. इन्‍हें 1 सितंबर से 6 सितंबर तक होना है. जेईई महामारी के बीच आयोजित हो रही पहली बड़ी परीक्षा है.

चीन के लिए दूसरे देशों के ज़रिये भारत में सामान बेचना होगा मुश्किल

द इकोनॉमिक टाइम्स अख़बार ने ख़बर दी है कि भारत सरकार ने 'व्यापार के नियमों में कुछ बदलाव किये' हैं जिनके बाद चीन दूसरे देशों के ज़रिये भी भारत को सामान नहीं बेच पायेगा.

रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी लद्दाख में जारी सीमा विवाद के बीच सरकार ने मुक्त व्यापार समझौते के तहत चीन से आयात कम करने के लिए यह पहल की है.

अख़बार ने लिखा है कि भारत सरकार के आयात क़ानून के तहत 'रूल्स ऑफ़ ओरिजन' नियम के नये दिशानिर्देश जारी किये गए हैं जिसकी वजह से चीन पर आसानी से लगाम लगाई जा सकेगी.

रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व विभाग ने सीमा शुल्क नियम, 2020 को अधिसूचित कर दिया है और नये नियम 21 सितंबर 2020 से लागू होने वाले हैं.

अख़बार ने लिखा है कि इसके बाद चीन अब वियतनाम, इंडोनेशिया और थाइलैंड जैसे देशों के रास्ते भारत में सामान नहीं भेज सकेगा. ख़राब गुणवत्ता वाले उत्पादों का आयात रोकने और एफ़टीए में भागीदार देशों के जरिये किसी तीसरे देश के उत्पादों की डंपिंग को रोकने के लिए यह क़दम उठाया गया है.

रूल्स ऑफ़ ओरिजन में कहा गया है कि ये नियम भारत में आयातित उन उत्पादों पर लागू होंगे जिनपर आयातक व्यापार समझौते के तहत शुल्क में छूट या रियायत का दावा करेंगे. इन प्रावधानों के तहत जिस देश ने भारत के साथ एफ़टीए किया है वह किसी तीसरे देश के उत्पाद को सिर्फ़ लेबल लगाकर भारतीय बाजार में डंप नहीं कर सकता. उसे संबंधित उत्पाद को भारतीय बाजार में निर्यात करने के लिए एक निर्धारित मूल्यवर्धन करना होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)