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जया बच्चन: हैदराबाद घटना के दोषियों की हो 'लिंचिंग'
हैदराबाद के नज़दीक 27 वर्षीय वेटरेनरी डॉक्टर के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा है कि इसमें शामिल लोगों की लिंचिंग (पीट-पीटकर मार डालना चाहिए) होनी चाहिए.
सोमवार को समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन ने कहा, "मैं जानती हूं कि यह बहुत कठोर है लेकिन इस तरह के लोगों को जनता के सामने लाना चाहिए और पीट-पीटकर मार डालना चाहिए."
दूसरी पार्टियों के कई सांसदों ने भी इस घटना की निंदा की है.
बीते सप्ताह हुई इस घटना में सामूहिक बलात्कार के बाद युवती को ज़िंदा जला दिया गया था जिसके बाद से देशभर में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि उसने सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया है.
सोमवार को इस घटना के ख़िलाफ़ लोगों का ग़ुस्सा सड़कों के साथ-साथ संसद में भी देखने को मिला. कई सांसदों ने सरकार से पूछा कि वो महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कर रही है.
महिला अधिकारों के मुद्दों पर बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन काफ़ी मुखर रही हैं और सांसदों के साथ उन्होंने पीड़िता के लिए इंसाफ़ की मांग की.
उन्होंने कहा, "मैं मानती हूं कि यह समय है जब जनता सरकार से उचित और निश्चित जवाब मांग रही है."
तमिलनाडु से आने वाली सांसद विजिला सत्यानंद ने कहा कि देश महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है, उन्होंने मांग की कि 'अपराध करने वाले चारों लोगों को 31 दिसंबर से पहले फांसी दी जाए. न्याय में देरी होना न्याय से वंचित होना है.'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह हरकत पूरे देश के लिए एक शर्म की बात है जिसने सबको दुख दिया है और उन्होंने कहा कि इस घटना की निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुई सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद जो नए क़ानून बनाए गए थे उसके बाद से उम्मीद थी कि महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध कम होंगे हालांकि ऐसा हुआ नहीं.
राजनाथ सिंह ने कहा, "महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों के मुद्दों पर बात करने के लिए सरकार तैयार है और इस तरह की घटनाओं के लिए कड़े क़ानून बनाने के बारे में सोच सकती है."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर अभी तक कुछ नहीं कहा है.
पीड़िता के साथ क्या हुआ था?
बुधवार को शाम 6 बजे के क़रीब डॉक्टर को दिखाने के लिए युवती घर से निकली थी.
इसके बाद उन्होंने अपनी बहन को फ़ोन करके कहा कि उनकी स्कूटी पंक्चर हो गई है और एक ट्रक ड्राइवर ने उनकी मदद करने की पेशकश की है. उन्होंने कहा कि वो टोल प्लाज़ा के पास इंतज़ार कर रही हैं.
इसके बाद युवती से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका पता नहीं चला. अगली सुबह गुरुवार को फ़्लाइओवर के नज़दीक एक दुध वाले ने उनका जला हुआ शव पाया.
भारतीय क़ानून के हिसाब से रेप पीड़िता की मौत के बाद भी उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है लेकिन शुक्रवार को युवती के नाम से एक हैशटैग टॉप ट्रेंड कर रहा था जिसमें उनके लिए न्याय की मांग की गई थी.
उनकी लिए जो न्याय की मांग कर रहे थे वो उनकी तस्वीर भी शेयर कर रहे थे.
क्या सार्वजनिक प्रतिक्रिया हुई?
शनिवार को हैदराबाद में एक थाने के बाहर हज़ारों लोगों ने इकट्ठा होकर अभियुक्तों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया और उन्हें मौत की सज़ा देने की मांग की.
इसके अलावा देश के कई हिस्सों में पीड़िता को लेकर प्रदर्शन और जुलूस निकाले गए.
वहीं, पीड़िता के परिजनों ने राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात करके जल्द कार्रवाई की मांग की.
युवती हैदराबाद के शमशाबाद के एक इलाक़े में रहती थीं. वहां के नागरिकों ने इलाक़े के मुख्य दरवाज़े को बंद कर दिया और वहां बोर्ड लगा दिया, "नो मीडिया, नो पुलिस, नो ऑटसाइडर्स - नो सिम्प्थी, ऑनली एक्शन, जस्टिस."
पीड़िता के परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था उनका कहना था कि उन्होंने लड़की को तुरंत ढूंढने की कोशिश नहीं की, जिसके बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.
युवती के परिजनों ने राष्ट्रीय महिला आयोग से कहा है कि अफ़सरों ने कहा था कि उनकी लड़की शायद भाग गई होगी.
बीते कई सालों में भारत में महिलाओं के ख़िलाफ़ बलात्कार और यौन हिंसा एक मुख्य विषय बना हुआ है लेकिन ऐसा दिखता नहीं है कि महिला विरोधी हिंसा में कमी आई है.
सरकारी आपराधिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2017 में महिलाओं के साथ 33,658 बलात्कार के मामले सामने आए थे, यानी प्रतिदिन औसतन 92 महिलाओं के साथ ऐसा हो रहा था.
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