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महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोटिंग ख़त्म
महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गए हैं. सत्तारूढ़ बीजेपी इन दोनों राज्यों में दोबारा सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी को लग रहा है कि वो आसानी से दोनों राज्यों में फिर से सत्ता पर क़ाबिज होगी.
21 अक्तूबर की सुबह सात बजे महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए. शुरआत में वोटिंग धीमी रही, दोपहर के वक्त मतदान प्रतिशत में भी तेज़ी देखी गई लेकिन कुल मिलाकर बीते चुनाव की तुलना में मत प्रतिशत में गिरावट आई है.
चुनाव आयोग के मुताबिक महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शाम 6 बजे तक 60.05 फ़ीसदी वोट डाले गए हैं. महाराष्ट्र में विधानसभा के साथ साथ एक लोकसभा सीट सतारा पर भी उपचुनाव कराया गया था, जहां वोटिंग प्रतिशत 60.50 फ़ीसदी रहा.
दूसरी ओर हरियाणा में शाम 6 बजे तक 65 फ़ीसदी मतदान किए गए हैं.
वहीं देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस इसी साल अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव में मिली क़रारी हार से अब तक नहीं उबर पाई है. कांग्रेस दोनों राज्यों में आपसी फूट और कलह से जूझ रही है. दोनों राज्यों में कई नेताओं ने पार्टी से बाग़ी रुख़ अख्तियार करते हुए पार्टी छोड़ दी.
288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव बीजेपी और शिवसेना साथ मिलकर लड़ रही हैं. हालांकि पिछले पाँच सालों में दोनों के रिश्तों में काफ़ी उठापटक रही.
कई राज्यों में उपचुनाव
उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा की 11 सीटों पर उपचुनाव हुए. इसके साथ ही देश भर के कुल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 53 सीटों पर उपचुनाव हुए.
सोमवार सुबह ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पीयूष गोयल ने मतदान किए. नितिन गडकरी ने मतदान के बाद कहा, ''बीजेपी और सेना महाराष्ट्र में बड़ी जीत दर्ज करने जा रही है और फडणवीस एक बार फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे.''
महाराष्ट्र में 288 सीटों वाली विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को ख़त्म हो रहा है.
हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल दो नवंबर को ख़त्म हो रहा है. मतगणना 24 अक्टूबर को होगी.
चुनाव आयोग के अनुसार महाराष्ट्र में कुल 95,473 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. यहां कुल मतदाता 895 लाख हैं. हरियाणा में 19,425 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और कुल मतदाता 182 लाख हैं.
अहम बातें
- महाराष्ट्र में बीजेपी 150 और शिव सेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. 288 सीटों वाली विधानसभा में बाक़ी सीटें एनडीए के छोटे सहयोगी दलों के पास है. दूसरी तरफ़ कांग्रेस 146 पर और एनसपी 117 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बीजेपी और शिव सेना के पास अभी 217 सीटें हैं जबकि कांग्रेस एनसीपी के पास महज 56 सीटें.
- महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन एनडीए में हुए समझौते के अनुसार बीजेपी के पास मुख्यमंत्री का पद होगा और शिव सेना को उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाएगा. बीजेपी ने घोषणा कर दी है कि चुनाव जीतने के बाद देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री बनेंगे. अगर एनडीए की जीत होती है तो 29 साल के आदित्य ठाकरे उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं. हालांकि आदित्य के पिता उद्धव ठाकरे ने इन संभावनाओं को नकारते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति को राजनीति में क़दम रखने के साथ ही शीर्ष पद पर नहीं जाना चाहिए.
- आदित्य ठाकरे इस परिवार के पहले सदस्य हैं जो चुनाव लड़ने जा रहे हैं. आदित्य ठाकरे के बाबा बाल ठाकरे ने शिव सेना की स्थापना की थी तब से इस परिवार के किसी सदस्य ने चुनाव नहीं लड़ा था. आदित्य ठाकरे वर्ली से चुनावी मैदान में हैं.
हरियाणा में कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है. भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, ''जननायक जनता पार्टी और आईएनएलडी कांग्रेस के लिए कोई परेशानी नहीं है. लड़ाई कांग्रेस और बीजेपी में है और कांग्रेस बहुमत से सरकार बनाएगी.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लोगों ने वोट देने की अपील की है.
गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट लोगों से वोट देने की अपील की है. अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा है, ''वीरभूमि हरियाणा के विकास के लिए जातिवाद, परिवारवाद और भ्रष्टाचार सबसे बड़े अवरोधक हैं. विकासवाद और राष्ट्रवाद के लिए दिया गया आपका एक वोट हरियाणा को प्रगति के पथ पर अग्रसर रखेगा. हरियाणा के मेरे सभी भाई और बहन जलपान से पहले मतदान कर प्रदेश की विकासयात्रा में भागीदार बनें.''
महाराष्ट्र का समीकरण
महाराष्ट्र में इस बार भी फिर सीटों के बंटवारे को लेकर शिवसेना और बीजेपी में तनाव रहा है.
2019 के चुनावों में बीजेपी 150 सीटों पर और शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि बची 14 सीटों पर गठबंधन के अन्य सहयोगियों को मौक़ा दिया गया है.
लेकिन विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी के सामने भी चुनौतियां कम नहीं हैं. दोनों पार्टियों से कई अहम नेताओं ने चुनाव से पहले साथ छोड़ दिया.
कांग्रेस के राधाकृष्ण विखे पाटिल, हर्षवर्धन पाटिल, नीतेश राणे और एनसीपी के गणेश नाईक, धनंजय महादिक और उदयनराजे भोंसले बीजेपी में शामिल हो गए थे.
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में मतदान के बाद कहा, ''मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 225 सीटों पर जीत मिलने जा रही है. विपक्ष की विश्वसनीयता ख़त्म हो चुकी है और ये कहीं से भी मुक़ाबले में नहीं हैं. महाराष्ट्र की जनता मोदी जी और फ़डणवीस जी के साथ है.''
एनसीपी नेता और शरद पवार की बेटी सुप्रीया सुले ने बारामती में मतदान के बाद कहा कि उनकी ही सरकार आएगी. सुप्रीया ने कहा कि इस बार उनके गठबंधन का चुनाव प्रचार काफ़ी अच्छा रहा.
बीबीसी संवाददाता मयूरेश कोण्णूर बताते हैं कि महाराष्ट्र में जो सीटें अहम हैं उनमें से एक है नागपुर वेस्ट जहां से मौजूदा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस लगातार तीसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं. उनका मुख्य मुक़ाबला कांग्रेस के युवा नेता आशीष देशमुख से है जो दो साल पहले तक बीजेपी में थे.
अन्य अहम सीटों में मुंबई का वर्ली शामिल हैं, जहां से शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे चुनावी मैदान में हैं. ठाकरे परिवार के वो पहले सदस्य हैं जों चुनाव में उतर रहे हैं. 1966 में शिव सेना के गठन के बाद से ठाकरे परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ा है.
एनसीपी नेता प्रफुल पटेल ने मतदान के बाद कहा, ''कांग्रेस शासन में महाराष्ट्र हर क्षेत्र में आगे था लेकिन पिछले पाँच सालों में कुशासन के कारण महाराष्ट्र पिछड़ गया है. इस बार कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन सत्ता में आएगी.''
बॉलिवुड अभिनेता आमिर ख़ान ने मुंबई में वोट डालने के बाद कहा, ''मैं महाराष्ट्र के नागरिकों से अपील करता हूं कि वो बड़ी संख्या में वोट देने निकलें.''
बीजेपी राज्य प्रमुख चंद्रकांत पाटिल पुणे के कोठरूड से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके ख़िलाफ़ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के किशोर शिंदे हैं.
साथ ही करजत जामखेड़ से एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार खड़े हैं. उनको चुनौती दे रहे हैं बीजेपी के राम शिंदे जिन्होंने 2009 में और फिर 2014 विधानसभा चुनाव में इसी सीट से जीत हासिल की थी.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे गोपीनाथ मुंडे की बेटी पंकजा मुंडे पारली से अपने चचेरे भाई एनसीपी के धनंजय मुंडे के ख़िलाफ़ मैदान में हैं. इस सीट से पंकजा एमएलए हैं.
कराड साउथ से राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान, बांद्रा वेस्ट से बीजेपी के आशिष शेलार और कणकौली सीट से पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे नीलेश (बीजेपी) पर भी नज़र रहेगी.
हरियाणा में कैसा रहेगा मुक़ाबला
हरियाणा में मुख्य मुक़ाबला सत्तारूढ़ बीजेपी, कांग्रेस, इंडियन नेशनल लोकदल (ओम प्रकाश चौटाला) और जननायक जनता पार्टी के बीच है.
रोहतक से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सत सिंह बताते हैं कि इस बार सबसे महत्वपूर्ण है करनाल सीट जहां से बीजेपी की तरफ़ से मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मैदान में हैं. खट्टर राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री हैं. उनके सामने हैं कांग्रेस की तरफ से त्रिलोचन सिंह.
गढ़ीसांपला किलोई सीट भी बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से कांग्रेस से वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा का भविष्य दांव पर है. भूपिंदर सिंह हुड्डा 2005 से 2014 तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे थे और जाने-माने जाट नेता माने जाते हैं. उनका मुख्य मुक़ाबला बीजेपी के सतीश नामदल से माना जा रहा है.
इसके अलावा सरकार में ताक़तवर माने जाने वाली बीजेपी के नेता कैप्टन अभिमन्यु नारनौन्द से चुनावी मैदान में हैं.
कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकीं बबीता फोगाट चरखी दादरी से बीजेपी की उम्मीदवाद हैं. माना जा रहा है कि उनको बड़ी चुनौती निर्दलीय उम्मीदवार सोमवीर सांगवान से मिलेगी.
हाल में बीजेपी में शामिल हुए ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त बड़ौदा से अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं.
विधानसभा की 51 सीटों के लिए उपचुनाव
18 राज्यों की 51 विधानसभा सीटों और लोकसभा की कुल दो सीटों के लिए भी मतदान हो रहे हैं.
इनमें उत्तर प्रदेश की 11, गुजरात की छह, बिहार की पाँच, असम की चार, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु की दो-दो, पंजाब की चार, केरल की पाँच, सिक्किम की तीन, राजस्थान की दो और अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पुदुचेरी, मेघालय और तेलंगाना की एक-एक सीटों के लिए मतदान जारी है.
बिहार के समस्तीपुर और महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा सीटों के लिए भी मतदान हो रहे हैं.
समस्तीपुर सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामचंद्र पासवान की मृत्यु की वजह से चुनाव हो रहा है.
वहीं एनसीपी के टिकट पर 2014 में सतारा सीट पर जीते उदयनराज भोंसले हाल में पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे जिस कारण ये सीट खाली हो गई थी.
उत्तर प्रदेश के लखनऊ की कैंट, बाराबंकी की जैदपुर, चित्रकुट की मानिकपुर, सहारनपुर की गंगोह, अलीगढ़ की इगलास, रामपुर, कानपुर की गोविंदनगर, बहराइच की बलहा, प्रतापगढ़, मऊ जिले की घोसी और आंबेडकरनगर की जलालपुर विधानसभा सीटों पर भी मतदान हो रहा है.
लखनऊ से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र बताते हैं कि उपचुनाव में सबसे अहम है रामपुर सीट. इसे जीतने में बीजेपी ने पूरी ताक़त लगा रखी है. यह सीट भी बीजेपी कभी नहीं जीत पाई है.
साल 1980 से लगातार यहां से आज़म ख़ान ही विधायक हो रहे हैं, सिवाए 1996 के, जब उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार अफ़रोज़ अली के हाथों पराजय मिली थी.
ये सीट आज़म ख़ान के लोकसभा चुनाव जीतने से खाली हुई थी. समाजवादी पार्टी ने यहां से उनकी पत्नी और राज्यसभा सदस्य तंज़ीम फ़ातिमा को चुनावी मैदान में उतारा है.
सिक्किम में पोकलोक कामरांग सीट से मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और गेगतोक से भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रहे बाईचुंग भूटिया चुनाव में उतर रहे हैं.
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