You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

लाइव, फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: ईरान का पहला मैच रहा ड्रॉ, दूसरे मैचों के क्या नतीजे रहे

फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ग्रुप जी में ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया मुक़ाबला ड्रॉ पर ख़त्म हुआ. दोनों ही टीमों ने 2-2 गोल दागे.

सारांश

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: ईरान का पहला मैच रहा ड्रॉ, दूसरे मैचों के क्या नतीजे रहे

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ग्रुप जी में ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच खेला गया मुक़ाबला ड्रॉ पर ख़त्म हुआ. दोनों ही टीमों ने 2-2 गोल दागे.

    मैच में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की. ईरान के लिए रामिन रेज़ाइयान और मोहम्मद मोहेबी ने 1-1 गोल किया.

    लॉस एंजेलिस में खेले गए इस मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड के फ़ॉरवर्ड इलायजा जस्ट ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई.

    न्यूज़ीलैंड के लिए दोनों गोल इलायजा जस्ट ने दागे. इन दोनों गोल्स को क्रिस वुड ने असिस्ट किया.

    सोमवार को और कौन-से मैच हुए?

    ईरान और न्यूज़ीलैंड मैच के अलावा सोमवार को हुए मुक़ाबलों में सबसे ज़्यादा चर्चा ग्रुप एच में स्पेन और काबो वर्दे (केप वर्दे) के मैच की रही.

    काबो वर्दे की टीम पहली बार फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का हिस्सा बनी है, जबकि स्पेन एक बार फ़ीफ़ा चैंपियन रह चुका है.

    लेकिन, काबो वर्दे की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन से मैच 0-0 के स्कोर पर ड्रॉ कराया. इसमें सबसे अहम भूमिका काबो वर्दे के गोलकीपर वोज़ीन्हा की रही, जिन्होंने स्पेन के खिलाड़ियों की ओर से गोल पोस्ट पर दागे गए कई टारगेट रोके.

    इसके अलावा ग्रुप एच में सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच भी मैच हुआ. यह मैच 1-1 के स्कोर पर ड्रॉ पर ख़त्म हुआ.

    वहीं, ग्रुप जी में खेले गए बेल्जियम और मिस्र के बीच का मुक़ाबला भी ड्रॉ रहा. यह मैच 1-1 की बराबरी पर ख़त्म हुआ.

  2. अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद लेबनान के विस्थापित अपने घरों की ओर लौटे

    अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के वक़्त इसमें लेबनान में भी युद्ध समाप्त होने की बात कही गई.

    हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से बाद में आए बयान में कहा गया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है.

    वहीं, इसराइल की ओर से कहा गया कि उसकी सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी.

    इस समझौते के पूरे प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं, ऐसे में इससे जुड़े कई सवाल अब भी बने हुए हैं.

    इस बीच, बड़ी संख्या में लेबनान के लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं, हालांकि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हालात अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं.

    दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों में सोमवार को लोग अपने घरों की ओर लौटना शुरू हो गए हैं. ये लोग अपने घरों और आसपास के इलाक़ों में हुए नुक़सान का जायज़ा ले रहे हैं.

  3. ईरान के शीर्ष नेताओं ने अमेरिका के साथ समझौते पर क्या कहा

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि देश के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने अमेरिका के साथ समझौते में 'देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने वाले प्रावधानों को शामिल कराने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है.'

    एक्स पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा, "अगर सभी प्रावधानों को सही ढंग से लागू किया जाता है, तो इसे देश के लिए गौरवान्वित करने वाला दस्तावेज़ माना जा सकता है."

    अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर ईरान के सुप्रीम लीडर की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं आई है. मार्च में सर्वोच्च नेता बनने के बाद से मोजतबा ख़ामेनेई सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं.

    उन्होंने अपने पिता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई की जगह यह पद संभाला था.

    वहीं, अमेरिका के साथ बातचीत में शीर्ष वार्ताकार की भूमिका निभाने वाले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने कहा कि ईरान ने 'अंतिम जीत की ओर एक बड़ा क़दम उठाया' है.

    उन्होंने ईरान की जनता के 'ऐतिहासिक प्रतिरोध' की सराहना की है.

    एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट में उन्होंने कहा कि ईरानी जनता के व्यवहार और 'उन लोगों के ख़िलाफ़ सशस्त्र बलों की बहादुरी, जो इस राष्ट्र का अस्तित्व मिटाना चाहते थे', ने ईरान को 'अंतिम जीत की दिशा में एक बड़ा क़दम बढ़ाने' में मदद की है.

  4. नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद कहा, 'लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई'

    अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के एलान के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सोमवार को यरूशलम में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित किया.

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इसराइल को "पूरी तरह तबाह होने से बचा लिया है", लेकिन "लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है."

    हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल को "सतर्क रहना होगा" और "ज़रूरत पड़ने पर अपनी रक्षा और बचाव करना होगा."

    नेतन्याहू का बयान ऐसे समय पर आया है, जब इसराइल में अमेरिका-ईरान डील को लेकर असहजता दिख रही है.

    इस समझौते के एलान के बाद इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री और कट्टर दक्षिणपंथी नेता इतामार बेन-ग्वेर ने कहा कि उनका देश इस समझौते को मानने के लिए 'बाध्य नहीं' है.

    वहीं, इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा, "प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और मैं एक साफ़ नीति पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत इसराइली सेना लेबनान, सीरिया और ग़ज़ा के बफ़र ज़ोन में अनिश्चित समय तक रहेगी."

    नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह भी कहा कि इसराइल "अपनी सुरक्षा के लिए जब तक ज़रूरत होगी, तब तक सिक्योरिटी ज़ोन में बना रहेगा."

    नेतन्याहू ने कहा कि कुछ मामलों में उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय एक जैसी नहीं होती, लेकिन वह इसराइल के हितों की रक्षा करेंगे.

    उन्होंने कहा कि जब भी ज़रूरत होगी, वह इसराइल के हितों के लिए मज़बूती से खड़े रहेंगे.

    नेतन्याहू ने कहा कि वह उत्तरी इसराइल के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उत्तरी इसराइल की सीमा लेबनान से लगती है.

  5. फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में ईरान और न्यूज़ीलैंड आमने-सामने, भारतीय मूल के इस खिलाड़ी को मिला मौक़ा

    फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान और न्यूज़ीलैंड के बीच सोमवार (उत्तरी अमेरिका के समयानुसार) को लीग मुक़ाबला खेला जा रहा है. दोनों ही टीमें ग्रुप जी का हिस्सा हैं.

    इस मैच में न्यूज़ीलैंड की ओर से भारतीय मूल के सरप्रीत सिंह को मौक़ा मिला है. सरप्रीत सिंह के खेलने की ख़बर सुनकर उनके जानने वाले उत्साहित हैं.

    उन्हें अटैकिंग मिडफ़ील्डर के तौर पर न्यूज़ीलैंड की टीम में जगह मिली है.

    मैच में सबसे पहले न्यूज़ीलैंड के इलायजा जस्ट ने गोल मारकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई. इस गोल में शुरुआती भूमिका टीम के स्ट्राइकर क्रिस वुड ने निभाई.

    हालांकि, ईरान ने दूसरे हाफ़ में एक गोल दागकर मैच में वापसी की. ईरान की ओर से रामिन रेज़ाइयान ने गोल दागा.

    ख़बर लिखे जाने तक, दोनों ही टीमों का स्कोर 1-1 की बराबरी पर है.

  6. कैलिफ़ोर्निया में अमेरिकी वायु सेना का बी-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश, आठ लोगों की मौत, मैक्स मैत्ज़ा

    दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद अमेरिकी वायु सेना का एक बी-52 बॉम्बर प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई.

    यह हादसा सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 11:20 बजे हुआ, जब विमान एक रूटीन टेस्ट मिशन पर था. हादसे के बाद आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार उठा, जिसे कई मील दूर से देखा गया.

    कर्नल जेम्स हेज़ ने पत्रकारों से कहा, "आज एडवर्ड्स एयर फ़ोर्स बेस ने एक भयानक त्रासदी देखी और हमने आठ ग्रेट अमेरिकियों को खो दिया है." उन्होंने बताया कि मृतकों में सैन्यकर्मी, सरकारी कर्मचारी और सरकारी ठेकेदार शामिल थे.

    इससे पहले एयर बेस ने कहा था कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि इस दुर्घटना में किसी के बचने की संभावना नहीं थी.

    हेज़ ने कहा कि शुरुआती वीडियो फ़ुटेज की समीक्षा के बाद इसे "ऐसा हादसा माना गया जिसमें मलबे की बरामदगी संभव नहीं थी और किसी के जीवित बचने की संभावना भी नहीं थी."

    उन्होंने दोपहर की ब्रीफ़िंग में कहा कि मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा रही है और उसके 24 घंटे बाद उनकी पहचान सार्वजनिक की जाएगी.

  7. ट्रंप ने अमेरिका-ईरान डील साइन होने की बात कही, समझौते के बारे में अब तक ये बातें आईं सामने

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल-ईरान युद्ध को ख़त्म करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं और इस समझौते का ब्योरा 'बहुत जल्द' सार्वजनिक किया जाएगा.

    सोमवार को जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे यह बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि इस पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. समझौते पर पूरे हस्ताक्षर हो चुके हैं."

    अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समझौते की कुछ जानकारी साझा करनी शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि शुक्रवार (19 जून) को होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा. इसी दिन जिनेवा में इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे.

    अधिकारियों ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तकनीकी स्तर की बातचीत इस हफ़्ते शुरू होने की उम्मीद है. वहीं, प्रतिबंधों में किसी भी तरह की राहत या संपत्तियों की रिहाई इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान समझौते के तहत अपने वादों को पूरा करता है या नहीं.

    उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को सीएनएन के जेक टैपर से बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ एमओयू 'क़रीब डेढ़ पन्ने' का है और यह एक बहुत ही सामान्य दस्तावेज़ है.

    वेंस ने यह भी कहा कि कई बारीक़ जानकारियां भविष्य की बातचीत के दौरान तय की जाएंगी.

    इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के ज़रिए बताया कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है.

    इसके अलावा उन्होंने उन दावों को भी ख़ारिज कर दिया है, जिनमें अमेरिका की ओर से ईरान को 30 करोड़ डॉलर की राशि देने की बात कही गई थी.

  8. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.