You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
दुबई: इंफ़्लुएंसर पर बॉयफ़्रेंड की हत्या का आरोप, कहा- अपने प्रेमी से था जान का ख़तरा
- Author, कैथरीन इवांस
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 4 मिनट
दुबई में 23 साल की एक टिकटॉक इन्फ्लुएंसर पर अपने बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा है.
दरअसल, ब्रिटेन के केंट के ग्रेवसेंड की रहने वाली ब्रुक जॉर्ज पर अपने बॉयफ्रेंड को चाकू मारने का आरोप है. दोनों की मुलाकात ऑनलाइन हुई थी, जिसके बाद वे रिलेशनशिप में आए. यह जानकारी 'डिटेन्ड इन दुबई' नाम के संगठन ने दी है.
संगठन का कहना है कि ब्रुक ने बताया कि उन्होंने अपने पार्टनर के हिंसक हमले से बचने के लिए आत्मरक्षा में चाकू उठाया था.
संगठन ने मांग की है कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए और इस मामले को घरेलू हिंसा के तौर पर देखा जाए.
संगठन ने कहा है कि अगर वह दोषी पाई जाती हैं, तो उन्हें फायरिंग स्क्वॉड के जरिए मौत की सजा हो सकती है.
'पुरुष पुलिसकर्मियों के सामने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया'
ब्रिटेन के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने कहा कि वह यूएई में हिरासत में रखी गई एक ब्रिटिश महिला और उसके परिवार की मदद कर रहा है.
ब्रिटिश ब्रांड जॉन लुईस में काम कर चुकीं ब्रुक को 22 जून की सुबह गिरफ्तार किया गया और उन पर पहले 'योजना बनाकर हत्या करने' का आरोप लगाया गया.
अगर वह दोषी पाई जाती हैं, तो यूएई के कानून के तहत उन्हें मौत की सजा हो सकती है.
'डिटेन्ड इन दुबई' ने बताया कि ब्रुक ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बिना, पुरुष पुलिसकर्मियों के सामने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए 'बहुत शर्मनाक और तकलीफदेह' था.
'पार्टनर ने मुक्का मारा, पासपोर्ट अपने पास रख लिया'
जब ब्रुक पहली बार दुबई घूमकर लौटीं, तो उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का सबसे अच्छा समय बताया था.
'डिटेन्ड इन दुबई' की सीईओ राधा स्टर्लिंग के मुताबिक, दुबई की दूसरी यात्रा के दौरान उनका बॉयफ़्रेंड हिंसक हो गया.
स्टर्लिंग ने कहा, "ब्रुक का दावा है कि उनका पार्टनर धीरे-धीरे उन पर ज्यादा नियंत्रण रखने लगा था और हिंसक हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टनर ने उन्हें मुक्का मारा, उनका पासपोर्ट अपने पास रख लिया और फ्लैट में उन पर हमला किया. इसके बाद वे दुबई छोड़ने की कोशिश कर रही थीं."
ब्रुक का कहना है कि उन्हें अपनी जान का डर था, जिसके बाद उन्होंने पास में रखा चाकू उठाकर आत्मरक्षा की.
ब्रुक की मां थेरेजा जॉर्ज ने बयान में कहा, "जब ब्रुक दूसरी बार दुबई गईं, तो दोनों के रिश्ते में साफ बदलाव आ गया था."
उन्होंने कहा, "घटना से एक दिन पहले वह पहले जैसी नहीं लग रही थीं. वह शांत थीं और हमेशा की तरह खुश नहीं थीं, लेकिन उन्होंने मुझे वजह नहीं बताई. उस शाम दोनों दुबई के एक बार में गए थे. घटना के तुरंत बाद जब मेरी बेटी ब्रुक से बात हुई, तो वह बहुत डरी हुई थीं. मैंने अपनी बेटी को कभी इतना डरा हुआ नहीं देखा था. वह लगातार रो रही थीं. उनकी एक आंख बहुत सूज गई थी और बंद होने लगी थी."
थेरेजा जॉर्ज ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर "बहुत चिंता" है.
वह आगे कहती हैं, "मुझे पूरा भरोसा है कि वह किसी तरह घर लौटना चाहती थीं और जो कुछ उनके साथ हुआ था, उससे दूर जाना चाहती थीं."
'डिटेन्ड इन दुबई' की सीईओ राधा स्टर्लिंग ने कहा, "ब्रुक के करीब रहने वाले लोगों को धीरे-धीरे शक होने लगा था कि उन्हें झूठ बोलकर दुबई बुलाया गया, ताकि उनका गलत फायदा उठाया जा सके."
उन्होंने कहा, "उनकी चिंता इसलिए बढ़ी क्योंकि उनके पार्टनर का व्यवहार अचानक बदल गया था. ब्रुक के लिए सिर्फ एक तरफ का टिकट लिया गया था. पहली यात्रा के दौरान उनका बिकिनी में प्रोफेशनल फोटोशूट कराया गया था. दूसरी यात्रा के बाद उनके पासपोर्ट को अपने पास रखने का आरोप भी लगाया गया. ब्रुक ने अपने दोस्तों से कहा था कि सब कुछ ठीक नहीं है और वे किसी तरह वहाँ से निकलना चाहती हैं."
'दूतावास से मिलने की इजाज़त नहीं दी गई'
'डिटेन्ड इन दुबई' ने कहा कि ब्रुक को ब्रिटिश दूतावास के अधिकारियों से मिलने की इजाजत नहीं दी गई और उन्हें बिना वकील के बयान देना पड़ा.
स्टर्लिंग ने कहा कि यह मामला महिलाओं के खिलाफ हिंसा, आत्मरक्षा के अधिकार, कानूनी प्रक्रिया और विदेश में हिरासत में रखे गए ब्रिटिश नागरिकों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाता है.
उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि जांच पूरी होने तक ब्रुक को जमानत पर रिहा किया जाए. यूएई में कई बार ऐसा हुआ है कि जब महिलाओं ने हिंसा की शिकायत की, तो उल्टा उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई और उन्हें फिर से परेशान किया गया."
'डिटेन्ड इन दुबई' ने मांग की है कि जांच के दौरान ब्रुक को सुरक्षा, उचित इलाज, कानूनी मदद और तुरंत ब्रिटिश दूतावास की सहायता उपलब्ध कराई जाए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.