ज्योतिरादित्य के जाने के बाद राहुल गांधी को याद आए टॉलस्टॉय: सोशल

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जाने-माने कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में हुए सियासी उठापटक पर प्रतिक्रिया दी है.

राहुल गांधी ने 13 दिसंबर 2018 को किए गए एक ट्वीट को एक बार फिर री-ट्वीट किया है जिसमें राहुल गांधी के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ खड़े दिख रहे हैं.

ट्वीट में मशहूल लेखक लियो टॉस्लटॉय का लिखा एक वाक्य है, "दो सबसे बड़े योद्धा हैं धैर्य और वक्त."

इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा.

उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री जी जब आप चुनी हुई कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे थे आपने शायद ध्यान नहीं दिया होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें 35 फीसदी तक कम हो गई हैं. क्या आप इसका फायदा भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगे और पेट्रोल की कीमतें कम करेंगे. इससे मंथर गति से चल रही अर्थव्यवस्था को थोड़ी मदद मिलेगी."

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और मध्य प्रदेश के सियासी संकट को लोकतंत्र की हत्या करार दिया.

उन्होंने लिखा, "इतनी बेशर्मी से हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है, कोई सोच नहीं सकता है. ये पता नहीं देश को कहां ले जाएंगे. जिस तरह लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं वो सबके सामने है. पूरा देश देख रहा है और समय आने पर इनको सबक सिखाएगा."

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, "अवसरवादी लोग पहले ही चले जाते तो ठीक रहता. इनको कांग्रेस ने बहुत कुछ दिया 17-18 साल में, विभिन्न पदों पर रखा, मेंबर ऑफ पार्लियामेंट बनाया, केंद्रीय मंत्री बनाया और मौक़ा आने पर मौक़ापरस्ती दिखाई."

वहीं राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और ज्योतिरादित्य के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने ट्वीट किया,"ज्योतिरादित्य का कांग्रेस छोड़ कर जाना दुग्भाग्यपूर्ण है. काश ये मामला पार्टी के भीतर ही मिलजुल कर सुलझा लिया गया होता."

उत्तर पूर्व से कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इस पूरे मामले पर कहा कि, "देश आर्थिक और सामाजिक संकट से गुज़र रहा है और देश में इस वक्त ऐसी सरकार है जो लोगों पर पाबंदिया लगा कर उनकी आज़ादी पर हमला कर रही है. हमें आज अपने मूल्यों का साथ देना होगा. ये वक्त है जब हमें खुद से आगे देश को रखना होगा."

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसी सप्ताह कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी का दामन थामने का फ़ैसला किया था.

बुधवार को बीजेपी में शामिल होने के मौक़े पर उन्होंने कहा कि "जनसेवा के उनके लक्ष्य की पूर्ति आज कांग्रेस के माध्यम से नहीं हो पा रही. वर्तमान में जो स्थिति कांग्रेस में है, पार्टी आज वैसी नहीं रही जैसी पहले थी."

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी में उन्हें जनसेवा का मौक़ा मिलेगा.

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