भारतीय दूतावास की ओर
से गुरुवार को यूक्रेन में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए तीसरी एडवायज़री जारी
की गयी है.
इससे पहले भारतीय
दूतावास दो बार ऐसी ही एडवायज़री जारी कर चुका है.
इस एडवायज़री में विदेश
मंत्रालय की ओर से भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित
रहें.
“जैसा कि आप जानते हैं कि यूक्रेन
में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है. इसकी वजह से आवाजाही मुश्किल हो गयी है.
ऐसे सभी छात्र जो कि
किएफ़ में फंस गए हैं और रुकने के लिए जगह नहीं है, मिशन ऐसे सभी छात्रों की व्यवस्था
करने के लिए सरकारी संस्थाओं के संपर्क में है.
हमें इस बात की
जानकारी है कि कुछ स्थानों पर हवा में गूंजते एयर सायरन के साथ – साथ बमबाजी से
जुड़ी चेतावनियां भी दी जा रही हैं.
अगर आप ऐसी स्थिति में
फंसे हैं तो गूगल मैप पर नजदीकी बम शेल्टर की लिस्ट है जोकि ज़मीन के अंदर बनाए गए
हैं.
अगर आप किएफ़ में हैं
तो केडीएमए किएफ़ सिटी एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट का लिंक नीचे दिया गया है.”
इसके साथ ही बताया गया है कि जहां एक ओर मिशन इस स्थिति का संभावित समाधान तलाश रहा है तब आप अपने आसपास के हालातों से अवगत रहें, सुरक्षित रहें, और जब तक बहुत ज़रूरत न हो तब तक अपने घर न छोड़ें और अपने दस्तावेज़ हमेशा अपने साथ रखें.
इसके साथ ही यूक्रेन में भारतीय राजदूत
पार्थ सतपथी ने कहा है कि “किएफ़ स्थित भारतीय
दूतावास लगातार यूक्रेन में रह रहे भारतीय को सुरक्षित रखने की दिशा में काम कर रहा
है. अगर कोई किएफ़ में फंस गया है तो अपने दोस्तों, परिवारों, भारतीय समुदाय के
सदस्यों और भारतीय दूतावास में संपर्क करे.”
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इससे पहले भी यूक्रेन में रहने वाले छात्रों समेत अन्य भारतीय नागरिकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे.
इससे पहले जारी की गई एक एडवायज़री में भारतीय छात्रों को व्यापारिक उड़ानों के माध्यम से यूक्रेन से निकलने की सलाह दी गयी थी.
यही नहीं, कुछ दिनों पहले एक विशेष विमान से कुछ भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से भारत लाया जा चुका है.
और यूक्रेन में छात्रों और अन्य भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए दिल्ली में विदेश मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष का विस्तार किया जा रहा है जो कि 24 घंटे और सातों दिन काम करेगा.
बता दें कि यूक्रेन में 20,000 से अधिक भारतीय छात्र हैं.