कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान सार्वजनिक क्यों कर रही है असम सरकार

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अभी हाल ही में पुणे में अधिकारियों ने उन लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों की पहचान को सार्वजनिक कर रहे थे.
लेकिन इसके बिलकुल उलट असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अपने लगभग हर संवाददाता सम्मेलन में राज्य में कोविड 19 संक्रमित मरीजों के नाम और उनका पता प्रेस कांफ्रेंस में बता रहे हैं.
ऐसे में ये सवाल लाजमी है कि क्या ऐसा करने से उन मरीजों और उनके परिवार की सामाजिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी? क्या उनके रिश्तेदारों के साथ 'छुआछूत' जैसा दुर्व्यवहार होगा?
क्योंकि बीते दिनों में देशभर से ऐसी खबरें सामने आई थी जहां डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ पर मकान मालिक किराए के घर खाली करने का दबाव बना रहे थे.
इन मकान मालिकों को लगता था कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की सेवा कर रहे डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ के कारण उनको भी यह बीमारी हो जाएगी.















