पाकिस्तानः इमरान ख़ान ने जेल से परिवार के ज़रिए देश को भेजा ये संदेश

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने जेल से अपने परिवार के ज़रिए देशवासियों के नाम एक संदेश भेजा है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अभिजीत श्रीवास्तव

  1. किसान आंदोलन: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सड़क पर कंक्रीट स्लैब, कंटीले तार- देखें वीडियो

    हरियाणा के कुरुक्षेत्र में तैनात सुरक्षा बल

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    अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की ओर रवाना हुए किसानों को रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली में बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में की गईं तैयारियों का एक वीडियो जारी किया है.

    दो मिनट के इस वीडियो में नज़र आता है कि सड़क पर कंक्रीट की स्लैब लगाईं गईं हैं. स्लैब के बीच में कंटीले तार लगाए गए हैं.

    रास्ते में कीलें भी लगाई गईं हैं, जिससे किसानों के वाहन आगे नहीं जा सकें. बैरिकेड के करीब बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों के जवानों को भी तैनात किया गया है. इनमें महिलाकर्मी शामिल हैं.

    हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन को लेकर कल (सोमवार) को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि मामला बातचीत से हल हो जाएगा.

    इस बीच उन्होंने ये संकेत भी दिए कि अगर बातचीत नाकाम रही तो भी सरकार ने अपनी तरफ से पूरी तैयार की हुई है.

    देखें वीडियो

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  2. ब्रेकिंग न्यूज़, किसान आंदोलन पर बोले कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, किया आगाह

    अर्जुन मुंडा

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    केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच अधिकांश मामलों पर सहमति बन चुकी थी. उन्होंने आशंका जाहिर की है कि आंदोलन में शामिल लोगों में से कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जो समाधान के बजाए इसे समस्या के रूप में देखना चाहते हैं. कृषि मंत्री का कहना है कि किसानों को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए.

    किसानों के कई संगठनों के प्रतिनिधि अपनी कई मांगों को लेकर दिल्ली की ओर आने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अर्जुन मुंडा ने कहा, "कुछ बातों पर सहमति बनी, और अधिकांश बातों पर सहमति बनी. कुछ बातों पर हम अभी भी ओपन हैं, बातचीत के लिए. उसके विकल्प वो (किसान) भी दे सकते हैं. मैं भी दे सकता हूं. एक विकल्प से हम उसका समाधान ढूंढ सकते हैं."

    उन्होंने कहा कि विकल्प का मतलब है कि समाधान के लिए रास्ते कैसे हों?

    किसान नेताओं की कल चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के तीन मंत्रियों से बातचीत हुई थी. इस बातचीत में अर्जुन मुंडा भी शामिल थे. इस बातचीत में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद थे.

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    'आगे बढ़ चुकी थी बात'

    अर्जुन मुंडा ने बताया, " सरकार की ऐसे कई मामलों में सहमति बन चुकी थी और उस पर बात आगे बढ़ चुकी थी लेकिन कुछ विषय को लेकर मुझे ऐसा लगता है कि कुछ ऐसे लोग भी उसमें हो सकते हैं कि जो इसके समाधान के बजाए समस्या के रूप में देखना चाहते हैं पर मैं किसानों से यही निवेदन करूंगा कि वैसे लोगों के जो वातावरण को प्रतिकूल बनाना चाहते हैं, उसने सावधान रहें."

    उन्होंने कहा, "जो सरकार को जानकारी मिल रही है, बहुत सारे ऐसे लोग जो इसमें कोशिश करेंगे कि इस तरह की स्थिति बने जिससे एक वातावरण प्रदूषित हो."

    कृषि मंत्री ने कहा, "मैं ऐसे किसान भाइयों से भी कहूंगा कि इन सारी चीजों से वो बचें, क्योंकि भारत सरकार प्रतिबद्ध है किसानों के हितों को लेकर."

  3. हल्द्वानी हिंसा के मुख्य अभियुक्त को नगर निगम ने दिया 2.44 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस

      • Author, राजेश डोबरियाल
      • पदनाम, देहरादून से बीबीसी हिंदी के लिए
    हिंसा के बाद इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

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    इमेज कैप्शन, हिंसा के बाद इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

    हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई हिंसा के बाद यहां के नगर निगम ने मुख्य अभियुक्त अब्दुल मलिक को कथित तौर पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए 2.44 करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस जारी किया है.

    इस नोटिस में कहा गया है कि 'मलिक का बग़ीचा' इलाके में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर मलिक के समर्थकों ने हमला किया और नगर निगम की संपत्ति को क्षति पहुंचाई.

    इस नोटिस में हिंसा वाले दिन यानी आठ फ़रवरी को दर्ज की गई उस एफ़आईआर का भी ज़िक्र है, जिसमें मलिक का नाम शामिल है.

    नगर निगम ने कहा है कि शुरुआती आंकलन के अनुसार मलिक की वजह से 2.44 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. मलिक को 15 फ़रवरी तक ये राशि नगर निगम में जमा कराने को कहा गया है.

    नोटिस के अनुसार अगर मलिक पैसे नहीं देते हैं तो फिर ये रकम क़ानूनी रास्तों से वसूली जाएगी.

    आठ फ़रवरी को हुई हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हो गए हैं. ये हिंसा कथित रूप से अवैध मदरसे को गिराने के बाद शुरू हुई थी.

  4. पाकिस्तान के चुनावों में धांधली के आरोपों पर अमेरिका ने ये कहा

    मैथ्यू मिलर

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    अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने पाकिस्तान के चुनाव में अनियमितताओं के आरोपों पर चिंता व्यक्त की है और पाकिस्तान से कहा है कि वो जनता के फ़ैसले का सम्मान करे.

    एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, "हम राजनीतिक हिंसा और इंटरनेट और फ़ोन सेवाओं के निलंबन की निंदा करते हैं. इसने चुनावी प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव डाला. हम चाहते हैं कि पाकिस्तान की न्याय प्रणाली हस्तक्षेप करे और धोखाधड़ी के दावों की पूरी जाँच करे. हम आने वाले दिनों में इस पर नज़र रखेंगे."

    मैथ्यू मिलर से पूछा गया था कि क्या धांधली के आरोपों के बावजूद अमेरिका पाकिस्तान की सरकार के साथ काम करने को इच्छुक है. इस पर उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान में कोई नई सरकार आई है. सरकार गठन पर अभी चर्चा चल रही है."

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    मिलर से पूछा गया कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जीत गए तो क्या अमेरिका ऐसी सरकार बनने पर चिंतित होगा, जिसमें वे शामिल न हों.

    इस पर उन्होंने कहा, "चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला जिसमें लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव में अनियमितताएं हुई हैं और हम इसकी जाँच कराना चाहते हैं. लेकिन हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और सरकार बनने पर उनके साथ काम करने को तैयार हैं."

    पाकिस्तान के चुनाव में जीत हासिल करने वालों में सबसे बड़ी संख्या पूर्व पीएम इमरान ख़ान के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों की है. इनकी संख्या 93 है. वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज़ को नेशनल असेंबली चुनाव में 75 सीटों पर जीत मिली है. जबकि, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने 54 सीटें जीती हैं.

    फिलहाल पीपीपी और पीएमएलएन दोनों ही गठबंधन पर वार्ता कर रहे हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन के पास कुल 265 सीटों में से 133 का समर्थन होना चाहिए.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली की ओर आ रहे किसानों पर शंभू बॉर्डर के पास पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

    किसानों पर आंसू गैस के गोले

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    दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर से कुछ किलोमीटर पहले ही पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं.

    ये इलाक़ा अंबाला के पास पड़ता है.

    ये प्रदर्शनकारी किसान फ़सलों के लिए एमएसपी की गारंटी सहित कई अन्य मांगों के साथ दिल्ली कूच कर रहे हैं.

    दिल्ली में भी किसानों को सीमा पर रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं. जगह-जगह बैरिकेडिंग और कंटीली तारें लगाई गई हैं.

    मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता अभिनव गोयल के अनुसार पंजाब के किसान शंभू बॉर्डर की ओर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर, ट्रॉली लेकर निकले हैं.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शंभू बॉर्डर पर कुछ प्रदर्शनकारी किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

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    इन मांगों के साथ दिल्ली आ रहे किसान

    • एमएसपी खरीद की गारंटी दें, नोटिफिकेशन जारी करें
    • स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करें
    • किसानों की लागत खर्चे पर 50 फ़ीसदी मुनाफ़ा दिया जाए
    • किसानों के क़र्ज़ माफ़ किए जाएं
    • किसान आंदोलन के दौरान जो केस दर्ज किए गए थे, वो वापस लिए जाएं
    • मनरेगा में 200 दिन काम देने और दिहाड़ी 700 रुपये करें
  6. पटना से LIVE: बिहार के हज़ारों नियोजित शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, आपराधिक मानहानि केस में तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

      • Author, उमंग पोद्दार
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    तेजस्वी यादव

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    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की गुजरातियों पर दी एक टिप्पणी के खिलाफ़ दर्ज मामले को ख़ारिज कर दिया है.

    अप्रैल 2023 में ऑल इंडिया एंटी-करप्शन एंड क्राइम प्रिवेंटिव काउंसिल के उपाध्यक्ष हरेश मेहता ने अहमदाबाद में तेजस्वी यादव की 'सिर्फ़ गुजराती ही ठग हो सकते हैं' वाली टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी.

    तेजस्वी यादव ने इस केस को गुजरात से बाहर स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

    लेकिन शीर्ष न्यायालय ने ये मामला इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि तेजस्वी यादव ने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगते हुए इस बयान को वापस ले लिया था.

  8. पंजाब के फतेहगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हुए किसान, तस्वीरों में देखिए...

    किसान आंदोलन

    दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा के किसानों ने अपनी कई मांगों के लिए दिल्ली कूच कर दिया है.

    पंजाब के फतेहगढ़ से किसानों ने दिल्ली के लिए रवाना होना शुरू कर दिया है.

    किसानों को सीमा पर रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी है, जिससे कई अहम सड़कों पर जाम लग गया है.

    गाड़ियां धीरे-धीरे चल रही हैं और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं.

    किसान आंदोलन

    इन मांगों के साथ दिल्ली आ रहे किसान

    • एमएसपी खरीद की गारंटी दें, नोटिफिकेशन जारी करें
    • स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करें
    • किसानों की लागत खर्चे पर 50 फ़ीसदी मुनाफ़ा दिया जाए
    • किसानों के क़र्ज़ माफ़ किए जाएं
    • किसान आंदोलन के दौरान जो केस दर्ज किए गए थे, वो वापस लिए जाएं
    • मनरेगा में 200 दिन काम देने और दिहाड़ी 700 रुपये करें
    किसान आंदोलन
    किसान आंदोलन
  9. किसानों के दिल्ली पहुंचने से पहले कई अहम सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें

    दिल्ली की सड़कों पर जाम

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    किसानों के प्रदर्शन को लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली की कई अहम सड़कों पर भारी जाम की स्थिति हो गई है.

    अभी जिन इलाकों से जाम की तस्वीरें आनी शुरू हुई हैं, उनमें दिल्ली-गाज़ियाबाद के बीच गाज़ीपुर बॉर्डर और दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर शामिल हैं.

    गाज़ीपुर बॉर्डर की सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें दिख रही हैं और धीरे-धीरे सरकती दिख रही हैं.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सिंघु बॉर्डर के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, "किसानों के दिल्ली चलो मार्च की वजह से पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर भारी जाम."

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    हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसानों ने आज दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसकी वजह से दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है.

    किसानों के राजधानी आने के एलान को देखते हुए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की सीमा पर बड़ी संख्या में बैरिकेडिंग लगाई गई है. दिल्ली की ओर आती मुख्य सड़कों पर भी कंटेनर, बसों और क्रेन रखी गई हैं. कुछ जगहों पर सीमेंट की बैरिकेटिंग लगाई गई हैं.

    दिल्ली पुलिस ने पूरे प्रदेश में धारा 144 लगा दी है जिसके तहत पाँच या इससे अधिक लोगों के एक जगह जुटने पर प्रतिबंध लगाया गया. किसी भी तरह की रैली, पैदल मार्च और विरोधी प्रदर्शन की अनुमति नहीं है. साथ ही, लाउडस्पीकर, नारेबाज़ी और भाषण देने की भी इजाज़त नहीं होगी.

    किसानों की मांग क्या है?

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  10. LIVE: दिल्ली कूच के लिए प्रदर्शनकारी किसान फ़तेहगढ़ साहिब पहुँचे

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  11. दिल्ली कूच से पहले पंजाब किसान मज़दूर संघर्ष समिति के नेता ने क्या कहा

    सरवन सिंह पंढेर

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    इमेज कैप्शन, सरवन सिंह पंढेर

    किसानों के दिल्ली कूच से पहले पंजाब किसान मज़दूर संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि उन्होंने सरकार के साथ बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की कोशिश की लेकिन ये नहीं हुआ.

    उन्होंने कहा, "हम पूरे देश के सामने ये बात रखना चाहते हैं, कि हमने भरसक कोशिश की ताकि कल की मीटिंग में कोई निर्णय निकल जाए, जिससे हम सरकार से टकराव से बचें और कुछ हमें मिली. जिसकी हमें आशा थी. भरोसा करके ही हम पाँच घंटे मीटिंग में बैठे रहे."

    "हमने उनके समक्ष हरियाणा की पोज़िशन रखी. हरियाणा को आपने बिलकुल कश्मीर की वैली बना दिया है. आप हरियाणा में हर गाँव में पुलिस भेज रहे हैं, वॉटर कैनन भेजे आपने, हर गाँव में पटवारी जा रहे हैं. हरियाणा के किसानों के रिश्तेदारों को तंग किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि पासपोर्ट रद्द कर देंगे. इस तरह की प्रताड़ना अधिक से अधिक है. ऐसा लगता है कि पंजाब और हरियाणा भारत के दो राज्य नहीं, बल्कि इंटरनेशनल बॉर्डर बन गए हैं."

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    दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा के किसानों ने अपनी कई मांगों के लिए दिल्ली कूच का आह्वान किया है. इससे पहले सरकार के साथ सोमवार रात हुई कई घंटों की वार्ता बेनतीजा रही.

  12. किसान संगठनों और सरकार की बातचीत रही बेनतीजा, अब दिल्ली कूच करने का फ़ैसला

  13. किसान आंदोलन: सड़कें बंद और एयरपोर्ट पहुँचने वालों के लिए भी एडवाइज़री

    किसान आंदोलन

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    दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसानों के प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनज़र दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एडवाइज़री जारी की है.

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के किसानों ने मंगलवार को दिल्ली कूच का आह्वान किया है. इसके मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जगह-जगह बैरिकेडिंग हुई है.

    दिल्ली एयरपोर्ट की एडवाइज़री में कहा गया है कि किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए 13 फ़रवरी को ट्रैफ़िक डायवर्जन होगा. कमर्शियल वाहनों के लिए ये ट्रैफ़िक से जुड़े प्रतिबंद और डायवर्ज़न 12 फ़रवरी से ही लागू हैं. "यात्रियों से अनुरोध है कि वे इसको ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा प्लान करें और संभावित देरी और वैकल्पिक रास्तों के बारे में जानकारी हासिल कर के निकलें."

    "आप समय पर पहुंचे ये सुनिश्चित करने के लिए हम यात्रियों से आग्रह करते हैं कि वे टर्मिनल एक पर आने के लिए मजेंटा लाइन मेट्रो या फिर टी3 जाने के लिए एयरपोर्ट लाइन मेट्रो का इस्तेमाल करें."

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    प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी कई अहम सड़कों को बंद रखने का एलान किया है और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है.

    दिल्ली में सुरक्षा

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    दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने बताया है कि दिल्ली और यूपी के बीच गाज़ीपुर बॉर्डर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, बहादुरगढ़, रोहतक की ओर जाने वाले कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं.

    दिल्ली में सुरक्षा

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    दिल्ली पुलिस के अनुसार दिल्ली से गाज़ीपुर बॉर्डर होते हुए गाज़ियाबाद जाने के लिए अक्षरधाम के सामने वाली पुश्ता रोड या फिर पटपड़गंज/मदर डेयरी वाली रोड या चौधरी चरण सिंह मार्ग आईएसबीटी आनंद विहार होते हुए निकलें और महाराजपुर या अप्सरा बॉर्डर से बाहर जाएं.

    किसान आंदोलन

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    इसके अलावा एनएच-44 से हरियाणा जाने वालों के लिए भी कई बदलाव किए गए हैं.

    दिल्ली पुलिस की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि 13 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक), किसान मजदूर मोर्चा और कुछ और किसान संगठनों ने दिल्ली चलो का एलान किया है. वो अपनी मांगों को लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करना चाहते हैं.

    किसानों के आंदोलन से तनाव, सामाजिक सद्भाव बिगड़ने और हिंसा फैलने की आशंका है. लिहाजा खुफिया अलर्ट को देखते हुए धारा 144 लगाने का फैसला किया गया है.

  14. अशोक चव्हाण के इस्तीफ़े और बीजेपी जाने की अटकलों पर कांग्रेस बोली- वॉशिंग मशीन...

    अशोक चव्हाण

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    महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने प्रतिक्रिया दी है.

    जयराम रमेश ने बिना नाम लिए ही कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को उनकी काबिलियत से भी बढ़कर काफ़ी कुछ दिया गया है, इसलिए उदासी होती है और मायूसी भी लेकिन उनके जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं होगा.

    जयराम रमेश ने बीजेपी पर तंज़ करते हुए कहा, "ये साफ़ हो गया एक विशेष वॉशिंग मशीन चलती है हमारे देश में, वह बहुत प्रभावशाली है. विचारधारा, निष्ठा, ईमानदारी से भी ऊपर इस वॉशिंग मशीन का प्रभाव होता है. कुछ लोगों को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि उनके जाने से कांग्रेस नहीं टूट जाती."

    "उनको कांग्रेस ने बहुत कुछ दिया है. उनकी योग्यता से भी ऊपर दिया है. उनके जाने से दरवाज़े खुल जाते हैं और लाखों युवा जिनको इन वरिष्ठ नेताओं, जाने-माने नेताओं के कारण मौका नहीं मिल पाता, उनको नए मौके मिल जाते हैं. उदासी है, पर मैं नहीं समझता कि इससे हमारी पार्टी पर असर पड़ने वाला है."

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    वहीं, अशोक चव्हाण के इस्तीफ़े के बाद कांग्रेस की सहयोगी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने भी आदर्श हाउसिंग स्कैम का ज़िक्र छेड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.

    चव्हाण के इस्तीफ़े के बाद से ही ये अटकलें हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि, चव्हाण ने कहा कि उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई फ़ैसला नहीं लिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार छत्रपति संभाजीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, "पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डिप्टी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नांदेड़ (चव्हान का गृह ज़िला) गए और वहां अशोक चव्हाण के भ्रष्टाचार के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि चव्हाण ने शहीद सैनिकों के परिवारों का अपमान किया. लेकिन अगर प्रधानमंत्री उन्हें (चव्हाण) राज्यसभा भेजते हैं, तो ये हमारे सैनिकों का अपमान करने जैसा होगा."

  15. पीएम मोदी के दौरे से पहले भारत में यूएई राजदूत ने क्या कहा

    मोदी का यूएई दौरा

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    आज से शुरू हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे की अहमियत को रेखांकित करते हुए इस खाड़ी देश के राजदूत ने कहा है कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझीदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 और 14 फ़रवरी को दो दिवसीय दौरे पर यूएई में रहेंगे. इस दौरान वह यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाह्यान से मिलेंगे और अबू धाबी के में हिंदू मंदिर का उद्घाटन भी करेंगे.

    ये साल 2015 से लेकर अब तक प्रधानमंत्री का सातवां यूएई दौरा है.

    भारत में संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "ये दौरा बहुत महत्वपूर्ण है. ये भारत और यूएई के संबंधों के लिहाज़ से बहुत अहमियत रखता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे मेहमान बन रहे हैं, इससे हमें सम्मानित महसूस हो रहा है. मुझे भरोसा है कि ये दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा."

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबू धाबी में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन भी करेंगे. ये मंदिर करीब 27 एकड़ ज़मीन पर बना है और इसका निर्माण साल 2019 से हो रहा है. इस मंदिर के लिए ज़मीन यूएई सरकार ने डोनेट की थी.

    यूएई में तीन और हिंदू मंदिर हैं जो दुबई में है. ये अबू धाबी का पहला हिंदू मंदिर होगा. प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन 14 फ़रवरी को करेंगे.

    अलशाली ने कहा, "मुझे यकीन है कि आने वाले समय में आप दोनों देशों के बीच और कई क्षेत्रों में सहयोग देखेंगे. आप इस रिश्ते को और मज़बूत होते देखेंगे."

  16. किसानों के 'दिल्ली कूच' से पहले सुरक्षा कड़ी, राजधानी की कई अहम सड़कें बंद

    दिल्ली

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    दिल्ली कूच का नारा देने वाले पंजाब, यूपी और हरियाणा के किसानों के आंदोलन को देखते हुए पूरी दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कई मुख्य सड़कों के ट्रैफिक को डायवर्ट भी किया गया है.

    दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने बताया है कि दिल्ली और यूपी के बीच गाज़ीपुर बॉर्डर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, बहादुरगढ़, रोहतक की ओर जाने वाले कई रास्ते बंद कर दिए गए हैं.

    दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिल्ली से गाज़ीपुर बॉर्डर होते हुए ग़ाज़ियाबाद जाने के लिए अक्षरधाम के सामने वाली पुश्ता रोड या फिर पटपड़गंज/मदर डेयरी वाली रोड या चौधरी चरण सिंह मार्ग आईएसबीटी आनंद विहार होते हुए निकलें और महाराजपुर या अप्सरा बॉर्डर से बाहर जाएं.

    इसके अलावा एनएच-44 से हरियाणा जाने वालों के लिए भी कई बदलाव किए गए हैं.

    पुलिस के अनुसार, रोहतक रोड से होकर बहादुरगढ़, रोहतक की ओर जाने वाले भारी और कमर्शियल वाहनों को नजफ़गढ़-नांगलोई रोड से होते हुए निकलें.

    दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने सभी डायवर्जनों के लिए अपने सोशल मीडिया हैंडलों से विस्तृत जानकारी दी है.

    इससे पहले एक आदेश में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि पूरे प्रदेश में अगले एक महीने तक धारा 144 लागू होगी और इसके तहत आने वाले सभी प्रतिबंध भी लागू रहेंगे.

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, नित्यानंद राय और अर्जुन मुंडा ने देर रात तक किसानों से बात कर के समाधान निकालने की कोशिशें की लेकिन ये वार्ता सफल नहीं हो सकी. किसानों ने एलान किया कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. तीन राज्यों के किसान मंगलवार यानी आज सुबह 10 बजे दिल्ली की ओर बढ़ेंगे.

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    क्या कहा दिल्ली पुलिस ने?

    दिल्ली पुलिस की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि 13 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक), किसान मजदूर मोर्चा और कुछ और किसान संगठनों ने दिल्ली चलो का एलान किया है. वो अपनी मांगों को लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करना चाहते हैं.

    किसानों के आंदोलन से तनाव, सामाजिक सद्भाव बिगड़ने और हिंसा फैलने की आशंका है. लिहाजा खुफिया अलर्ट को देखते हुए ये फैसला किया गया है.

    पुलिस ने कहा है प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर ट्रॉली का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे अन्य वाहन चालकों को असुविधा हो सकती है. इसके देखते हुए नई दिल्ली में ट्रैक्टरों के चलने पर बैन लगा दिया गया है.

  17. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

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