पाकिस्तानः इमरान ख़ान ने जेल से परिवार के ज़रिए देश को भेजा ये संदेश

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने जेल से अपने परिवार के ज़रिए देशवासियों के नाम एक संदेश भेजा है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and अभिजीत श्रीवास्तव

  1. पाकिस्तानः इमरान ख़ान ने जेल से परिवार के ज़रिए देश को भेजा ये संदेश

    Imran Khan, इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने जेल से अपने परिवार के ज़रिए देशवासियों के नाम एक संदेश भेजा है. इसमें उन्होंने देश की जनता का आभार प्रकट करते हुए साफ़ लहजे में कहा कि उनकी पार्टी किसी भी अन्य पार्टी के साथ नहीं जुड़ेगी.

    उन्होंने लिखा, "मैं दो तिहाई बहुमत के साथ पीटीआई को ज़िम्मेदारी सौंपने के लिए देश की जनता का दिल से आभार प्रकट करता हूं. इतनी बड़ी संख्या में मतदान को देखकर मुझे ख़ुशी हुई. महिलाएं और बच्चों समेत परिवारों के साथ वोट करना- सच में लोकतंत्र के मूल सिद्धांत का उदाहरण है."

    "मैं सबसे आगे रहने की अथक कोशिशों के लिए हमारी सोशल मीडिया की ख़ास सराहना करना चाहूंगा."

    "मैं उन पोलिंग एजेंट्स के किरदार की भी सराहना करता हूं जिन्होंने उत्पीड़न और धमकियों का सामना करने के बावजूद फ़ॉर्म 45 को सुरक्षित रखा."

    "अब पाकिस्तान की जनता ने स्पष्ट रूप से अपना फ़ैसला सुना दिया है तो पाकिस्तान के चुनाव में लोकतंत्र और निष्पक्षता की सख़्त ज़रूरत है. मैं चुराए गए वोटों के आधार पर सरकार बनाने से आने वाली विपदा के ख़िलाफ़ चेतावनी देता हूं."

    "दिनदहाड़े हुई इस तरह की डकैती न केवल नागरिकों का अपमान है बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को और नीचे की ओर ले जाएगी."

    "पीटीआई लोगों की इच्छाओं से कभी समझौता नहीं करेगी और मैंने अपनी पार्टी को इस लूटे गए जनादेश के ख़िलाफ़ पीपीपी, पीएमएलएन और एमक़्यूएम समेत किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ने का निर्देश दिया है."

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  2. पीएम मोदी ने अबू धाबी में कहा- भारत और यूएई एक बेहतर भाग्य का हिसाब लिख रहे हैं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    अबू धाबी में 'अहलान मोदी' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के साथ संबंधों का ज़िक्र करते हुए दोनों देशों की दोस्ती की बात की और बोले कि हम एक अच्छे भविष्य की बेहतरीन शुरुआत कर रहे हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत और यूएई की दोस्ती हमारी साझा दौलत है. हम वक़्त की कलम से दुनिया की किताब पर एक बेहतर भाग्य का हिसाब लिख रहे हैं. हक़ीक़त में हम एक अच्छे भविष्य की एक बेहतरीन शुरुआत कर रहे हैं. हम दोनों देश साथ मिल कर चले हैं. साथ मिल कर आगे बढ़े हैं. आज यूएई भारत का तीसरा बड़ा ट्रेड पार्टनर है. आज भारत में यूएई सातवां बड़ा निवेशक है."

    "टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी भारत और यूएई की पार्टनरशिप लगातार मज़बूत हो रही है. कम्यूनिटी और कल्चर के मामले में भारत और यूएई ने जो हासिल किया है वो दुनिया के लिए एक मॉडल है."

    अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह यूएई का उनका सातवां दौरा है.

    इस दौरान उन्होंने अपनी पहली यूएई यात्रा का ज़िक्र किया और बोले, "मुझे 2015 में अपनी पहली (यूएई) यात्रा याद है जब मुझे केंद्र में आए कुछ ही समय हुआ था. तीन दशकों के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की संयुक्त अरब अमीरात की पहली यात्रा थी. कूटनीति की दुनिया मेरे लिए नई थी. उस समय एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत तत्कालीन युवराज और आज के राष्ट्रपति ने अपने पांच भाइयों के साथ किया था... वह स्वागत अकेले मेरे लिए नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए था..."

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    इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, "2015 में जब मैंने उनसे (शेख मोहम्मद बिन ज़ायद से) यहां मंदिर का प्रस्ताव रखा था तो उन्होंने कहा था कि जिस ज़मीन पर तुम लकीर खींच लोगे वो मैं दे दूंगा. अब अबूधाबी में भव्य दिव्य मंदिर (BAPS) के लोकार्पण का समय आ गया है."

  3. यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भारतीय कुश्ती संघ पर लगा निलंबन हटाया

    कुश्ती

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    यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने भारतीय कुश्ती संघ का निलंबन तुरंत प्रभाव से हटा दिया है.

    बीते साल 23 अगस्त को यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने चुनाव न कराने को लेकर कुश्ती संघ को निलंबित कर दिया था.

    यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने 9 फ़रवरी को बैठक के दौरान भारतीय कुश्ती संघ के निलंबन की समीक्षा की थी और इसके बाद उसने निलंबन हटाने का फ़ैसला किया.

    बीते साल दिसंबर में कुश्ती संघ के चुनाव में पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के क़रीबी संजय सिंह की जीत हुई थी. इसके बाद महिला पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती छोड़ने का ऐलान किया था.

    पहलवानों के विरोध के बाद खेल मंत्रालय ने नवनिर्वाचित भारतीय कुश्ती संघ को निलंबित कर दिया था.

  4. मैं पीएम कैंडिडेट नहीं, मेरी पार्टी मुस्लिम लीग- नवाज़ को बाहर से समर्थन देगी: बिलावल भुट्टो

    बिलावल भुट्टो

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    पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी देश में सरकार के गठन को सुनिश्चित करने के लिए मुस्लिम लीग- नवाज़ के (प्रधानमंत्री) प्रत्याशी के पक्ष में वोट करेगी. हालांकि उन्होंने ये स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सरकार में शामिल नहीं होगी.

    हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि उनकी पार्टी को केंद्र सरकार में शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं है.

    बिलावल भुट्टों ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा कि पीपुल्स पार्टी के पास सरकार बनाने का जनादेश नहीं है इसलिए वो पीएम पद के उम्मीदवार नहीं हैं.

    उन्होंने कहा कि पीपीपी (पीएमएल- एन के लिए) महत्वपूर्ण अवसरों पर मुद्दों के आधार पर वोट करेगी.

    बिलावल भुट्टो ने कहा कि उनकी पार्टी एक कमिटी बना रही है जो अन्य राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करेगी.

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    बिलावल भुट्टो ने कहा कि 'पाकिस्तान को संकट की स्थिति से बाहर निकालना होगा और देश में स्थिरता लौटनी होगी.

    बिलावल भुट्टो ने कहा कि मुस्लिम लीग नवाज़ को बहुमत नहीं है, जबकि पीटीआई ने कहा कि वो पीपुल्स पार्टी के साथ कोई समझौता नहीं करेगी.

    पीपीपी अध्यक्ष का कहना है कि देश फिर से चुनाव कराने की स्थिति में नहीं है, और यह देश की स्थिरित के लिहाज से भी अच्छा नहीं होगा.

    उन्होंने कहा कि हम भले ही सरकार में नहीं होंगे पर मुद्दे आधारित फैसले लेंगे और इसके लिए एक कमिटी की गठन करेंगे जो हमें सलाह देगी.

    बिलावल भुट्टो ने यह भी काह कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार बने और पाकिस्तान को अभी फिर से चुनाव न कराना पड़े.

  5. तमिलनाडु के किसानों ने दिल्ली आने से रोके जाने पर त्रिची में ऐसे किया प्रदर्शन

    त्रिची में किसानों का प्रदर्शन

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    तमिलनाडु के त्रिची में किसानों के एक समूह ने मंगलवार को दिल्ली कूच कर रहे किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया.

    पंजाब के किसानों के ‘दिल्ली चलो’ के आह्वान के समर्थन में त्रिची के किसानों ने हाथों में इंसानी कंकाल लेकर और सड़कों पर लेट कर प्रदर्शन किया.

    त्रिची में किसानों का प्रदर्शन

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    कई किसानों को पास के मोबाइल फ़ोन टावर पर चढ़ते भी देखा गया.

    त्रिची में किसानों का प्रदर्शन

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    किसान नेता पी अयाकन्नू ने कहा, “भारत के संविधान के मुताबिक हम देश किसी भी हिस्से में जाने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन पुलिस हमें दिल्ली जाने की इजाजत नहीं दे रही है.”

    वे बोले, “अगर प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी तमिलनाडु के किसी भी सीट से आगामी चुनाव में उतरते हैं तो उनके ख़िलाफ़ एक किसान खड़ा होगा.”

  6. जेल में बंद तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी ने दिया कैबिनेट से इस्तीफ़ा

    सेंथिल बालाजी

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    इमेज कैप्शन, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन (दाएं) के साथ वी सेंथिल बालाजी

    तमिलनाडु के गिरफ़्तार मंत्री वी सेंथिल बालाजी ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने राजभवन के हवाले से ये जानकारी दी है.

    राजभवन ने कहा हा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की ओर से 12 फ़रवरी को भेजी गई चिट्ठी के आधार पर सेंथिल बालाजी के मंत्री पद से दिए इस्तीफ़े को राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया है.

    सेंथिल बालाजी को बीते साल प्रवर्तन निदेशालय ने कथित रोज़गार संबंधित घोटाले को लेकर गिरफ़्तार किया था. उन्हें इसके बाद से पुझहल जेल में रखा गया है.

    इस्तीफ़े से पहले वह तमिलनाडु कैबिनेट में बिना किसी पोर्टफ़ोलियो के मंत्री थे.

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  7. क़तर से पूर्व नौसैनिकों की रिहाई में शाहरुख़ ख़ान के कथित किरदार पर आया उनकी मैनेजर का बयान

    क़तर से छुड़ाए गए भारत के पूर्व नौसैनिक

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    बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मंगलवार को एक ट्वीट कर क़तर से भारत के पूर्व नौसैनिकों को छुड़ाए जाने में शाहरुख़ ख़ान की भूमिका बताई थी. इस पर शाहरुख़ ख़ान के ऑफ़िस का बयान आया है. यह बयान उनकी मैनेजर पूजा दडलानी ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने भी इसकी पुष्टि की है.

    दरअसल, मंगलवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि अगले दो दिनों मैं विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने यूएई और क़तर के दौरे पर रहूंगा, जिससे इन दो देशों से भारत के द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे."

    उनके इस ट्वीट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा, "मोदी को सिनेमा स्टार शाहरुख़ ख़ान को क़तर साथ ले जाना चाहिए क्योंकि विदेश मंत्रालय और एनएसए क़तर के शेख को मनाने में विफल रहे थे तब मोदी ने शाहरुख़ ख़ान से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था और इस तरह क़तर के शेख के साथ हमारे नौसैनिक अधिकारियों को छुड़ाने का एक महंगा सौदा हुआ."

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    इसी मामले में शाहरुख़ ख़ान के दफ़्तर से ये बयान आया है.

    शाहरुख़ ख़ान की मैनेजर पूजा ददलानी ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर एक टेक्स्ट इमेज पोस्ट की जिसे 'शाहरुख़ ख़ान के दफ़्तर का आधिकारिक बयान' शीर्षक दिया गया.

    इसमें लिखा गया कि "क़तर से भारतीय नौसेना अधिकारियों की रिहाई में शाहरुख़ ख़ान की कथित भूमिका से जुड़ी रिपोर्टों पर शाहरुख़ ख़ान के दफ़्तर का कहना है कि उनकी भागीदारी के ऐसे कोई भी दावे निराधार हैं. इस बात पर ज़ोर देते हुए कि इसकी सफलता सिर्फ़ और सिर्फ़ भारत सरकार के अधिकारियों की वजह से रही है और हम इसमें शाहरुख़ ख़ान की किसी भी भागीदारी से इनकार करते हैं."

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    इसमें आगे ये भी लिखा गया कि "कूटनीति और सरकार के शासन से जुड़े सभी मामलों को हमारे सक्षम नेता अपने सबसे बेहतरीन तरीके से किया जाता है. अन्य भारतीयों की तरह शाहरुख़ ख़ान भी बहुत ख़ुश हैं कि नौसेना अधिकारी अब अपने घर पर सुरक्षित हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं."

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  9. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिकी सीनेट से मिली यूक्रेन, इसराइल और ताइवान के लिए 95 बिलियन डॉलर के पैकेज की मंजूरी

    अमेरिकी सीनेट

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    अमेरिकी सीनेट ने महीनों तक चली बहस के बाद यूक्रेन, इसराइल और ताइवान के लिए बहुप्रतीक्षित 95 बिलियन डॉलर की मदद के पैकेज की मंजूरी दे दी है.

    डेमोक्रेट जहां विधेयक को पारित करने के पक्ष में थे वहीं रिपब्लिकन के मत बंटे हुए थे जिन्होंने पहले इसे ख़ारिज कर दिया था.

    इस पैकेज में सबसे अधिक मदद 60 बिलियन डॉलर यूक्रेन को तो हमास के ख़िलाफ़ चल रहे इसराइल के युद्ध के लिए 14 बिलियन डॉलर और ग़ज़ा समेत संघर्ष के इलाकों मानवीय मदद के लिए 10 बिलियन डॉलर की रक़म शामिल है.

    इस पैकेज के पास होने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इसे पारित करने के लिए सीनेटरों का धन्यवाद दिया.

  10. पीएम मोदी ने यूएई में बने मंदिर के लिए राष्ट्रपति जायद को कहा शुक्रिया, बोले- ' ये दर्शाता है संबंधों की शक्ति'

    मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूएई के दौरे पर पहुंचे. अबूधाबी में उन्होने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाक़ात की.

    इस दौरान दौरान दोनों नेताओं ने यूपीआई रुपे कार्ड सेवा की शुरुआत की. दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते भी हुए.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई और भारत के मजबूत होते संबंधों की चर्चा की. उन्होंने वहां बने मंदिर में मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे दोनों देशों के अनोखे संबंधों की शक्ति बताया. पीएम मोदी ने इस मुलाकात का वीडियो अपने एक्स अकाउंट पर भी शेयर किया है.

    पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से कहा, "आपका भारत के प्रति जो लगाव है और यूएई के उज्जवल भविष्य के लिए जो विजन है, उसका एक उदाहरण मैं देख रहा हूं कि यहां बीएपीएस (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) का मंदिर बनना. आपके सहयोग के बिना ये संभव नहीं था.मेरी पहली मुलाकात में मैंने आपको सिंपली रिक्वैस्ट की कि ज़रा आप देख लीजिए और पलक झपकते ही आपने उसका निर्णय करके बता दिया कि जगह पर आप उंगली रख दीजिए, आपको जगह मिल जाएगी. ये अनोखे संबंधों की शक्ति को दर्शाता है."

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इस मंदिर का उद्घाटन करने वाले हैं.

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    सात महीने में पांचवीं मुलाकात

    पीएम मोदी ने कहा, "ये भी खुशी की बात है कि हम लोग बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी करने जा रहे हैं. इसका भी एक लंबा प्रभाव होने जा रहा है. ख़ासकर जी 20 समूह के देश हैं, उनके लिए भी ये एक बड़ी ख़बर बनेगी."

    पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति के गुजरात दौरे को भी याद किया.

    उन्होंने कहा, "आप समय निकालकर, मेरा निमंत्रण स्वीकर कर मेरे होम स्टेट (गुजरात) आए, वाइब्रेंट गुजरात समिट को आपने एक नई ऊंचाई दी. उसके कारण विश्व में उस इवेंट की प्रतिष्ठा बढ़ी है."

    पीएम मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं की सात महीने में ये पांचवीं मुलाक़ात है.

    मोदी ने कहा, "मुझे भी यहां सात बार आने का मौका मिला है. हर क्षेत्र में हम लोग जिस प्रकार से आगे बढ़े हैं, आज भारत और यूएई के बीच में हर क्षेत्र में एक साझी भागेदारी हो रही है."

  11. किसान आंदोलन: अंबाला सिविल अस्पताल में दाखिल सात घायल सुरक्षाकर्मी, डॉक्टर ने क्या बताया

    संगीता गोयल

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    अंबाला की प्रिसिंपल मेडिकल ऑफ़िसर संगीता गोयल के मुताबिक किसान आंदोलन के दौरान घायल हुए सात सुरक्षाकर्मियों की हालत ठीक है.

    किसान आंदोलन के दौरान हुई झड़पों में इन्हें चोटें आई हैं. इन्हें अंबाला के सिविल हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है.

    संगीता गोयल ने बताया, "हमारे पास अभी तक सात केस हैं. (इनमें से) चार हरियाणा पुलिस के ऑफिसर्स और तीन रैपिड एक्शन फोर्स से हैं. सभी ठीक हैं. होश में हैं."

    घायलों में से एक डीएसपी भी हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उनके बारे में पूछने पर संगीता गोयल ने बताया, "सिर पर चोट लगी है. टांग पर. गिरे हैं वो. सिर से खून बह रहा था. सीटी स्कैन करा लिया है, बिल्कुल ठीक आया है."

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    उन्होंने बताया कि अंबाला के अस्पताल में किसी भी स्थिति के लिए पूरी तैयारी की गई है.

    उन्होंने कहा, "हमारे सारे डॉक्टर अंदर बैठे हैं."

    अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की ओर जा रहे किसानों को पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. शंभू बॉर्डर और दूसरी जगहों पर किसानों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें होने की रिपोर्टें सामने आई हैं.

  12. ओवैसी बोले- 'किसानों को सरकार ऐसे रोक रही है जैसे...'

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

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    इमेज कैप्शन, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से उनकी मांगों को मानने का आग्रह किया है और साथ ही किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए राजधानी की सीमाओं पर की गई व्यवस्था की कड़ी आलोचना की है.

    ओवैसी ने कहा, “मोदी सरकार की नाकामी है कि जो किसानों की एमएसपी को लेकर लीगल गारंटी की मांग थी उसे पूरा किया जाना चाहिए था. उन्होंने जुलाई 2022 में एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई उसका क्या हुआ नहीं मालूम. तो किसानों को जो ये मुतालबा (मांग) है- समूचे उपज पर एमएसपी की गारंटी और स्वामीनाथन कमेटी के फ़ॉर्मूले को लागू करने की मांग, ये दो चीज़ें करना ज़रूरी हैं. सरकार क्यों टाइमपास कर रही है.”

    उन्होंने किसानों को दिल्ली की सीमा पर रोकने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की.

    वे बोले, “अब किसानों को सरकार दिल्ली बॉर्डर पर ऐसे रोक रही है जैसे पड़ोस के देश से एक फ़ौज आने वाली है. अरे किसान हैं भाई, क्या होने वाला है? आप कीलें लगा रहे हैं, रोड ब्लॉक कर रहे हैं. आपने एक अजीब माहौल कर के रख दिया है. एमएसपी पर उनकी मांग को प्रधानमंत्री को कुबूल करना चाहिए, चुनाव आ रहे हैं उनको ही फ़ायदा होगा.”

  13. राहुल गांधी बोले- 'किसानों को उनका हक़ मिलना चाहिए, यह कांग्रेस की पहली गारंटी है'

    Rahul Gandhi, राहुल गांधी

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    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना कहते हुए कहा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो किसानों को एमएसपी की क़ानूनी गारंटी देंगे.

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर किसानों को संबोधित करते अपने एक पोस्ट में आज के दिन ऐतिहासिक बताया.

    राहुल गांधी ने लिखा, “किसान भाइयों आज ऐतिहासिक दिन है! कांग्रेस ने हर किसान को फ़सल पर स्वामीनाथन कमीशन के अनुसार MSP की क़ानूनी गारंटी देने का फ़ैसला लिया है.यह कदम 15 करोड़ किसान परिवारों की समृद्धि सुनिश्चित कर उनका जीवन बदल देगा. न्याय के पथ पर यह कांग्रेस की पहली गारंटी है.”

    किसान आज अपनी कई मांगों को लेकर दिल्ली की ओर आ रहे हैं. सरकार और प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली की सीमा पर कड़े बंदोबस्त किए हैं. कई जगह किसानों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की भी ख़बर है.

    राहुल गांधी ने आज छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भी किसानों की बात की.

    राहुल गांधी ने कहा, "आज किसान दिल्ली की ओर चले जा रहे हैं. पैदल जा रहे हैं. उनको रोका जा रहा है. उन पर टीयर गैस चलाई जा रही है. उनको जेल में भरा जा रहा है और वो क्या कह रहे हैं, सिर्फ़ ये कह रहे हैं कि हमारी मेहनत का फल हमें मिलना चाहिए. "

    उन्होंने कहा, "स्वामीनाथन जी को बीजेपी की सरकार ने भारत रत्न दिया मगर जिस चीज के लिए स्वामीनाथन जी ने अपनी ज़िंदगी दी, हिंदुस्तान के किसानों के लिए जो उन्होंने मेहनत की, जो स्वामीनाथन जी ने कहा, उसको करने के लिए तैयार नहीं हैं."

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    दो दिन पहले भी राहुल गांधी ने किसानों के समर्थन में एक पोस्ट किया था और उसमें वे केंद्र सरकार पर हमलावार दिखे थे.

    राहुल गांधी ने तब केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की थी.

    उन्होंने लिखा था, “दिन रात ‘झूठ की खेती’ करने वाले मोदी ने 10 वर्षों में किसानों को सिर्फ ठगा है.दो गुनी आमदनी का वादा कर मोदी ने अन्नदाताओं को MSP के लिए भी तरसा डाला."

    "महंगाई तले दबे किसानों को फसलों का सही दाम न मिलने के कारण उनके कर्ज़े 60% बढ़ गए - नतीजा, लगभग 30 किसानों ने रोज़ अपनी जान गंवाई. धोखा जिसकी USP हो, वो MSP के नाम पर किसानों के साथ सिर्फ राजनीति कर सकता है, न्याय नहीं.”

    इसके साथ ही उन्होंने किसानों को न्याय और मुनाफा देने की बात भी कही.

    वे बोले, “किसानों की राह में कीलें बिछाने वाले भरोसे के लायक नहीं हैं, इनको दिल्ली से उखाड़ फेंको, किसान को न्याय और मुनाफा कांग्रेस देगी.”

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  14. किसानों का विरोध प्रदर्शनः दिल्ली मेट्रो ने आठ स्टेशनों पर कुछ गेटों को किया बंद

    किसानों का विरोध प्रदर्शन

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    अपनी मांगों को लेकर किसानों के राजधानी दिल्ली कूच करने को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने मंगलवार को अपने कई स्टेशनों पर गेटों को बंद रखने का एलान किया है.

    जिन स्टेशनों पर गेटों को बंद रखने के एलान किया गया है उनमें सेंट्रल सेक्रेट्रिएट, राजीव चौक, उद्योग भवन, पटेल चौक, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, जनपथ, ख़ान मार्केट और लोक कल्याण मार्ग शामिल हैं.

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    सोशल मीडिया एक्स पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अपने एक पोस्ट में इससे जुड़ी एक अपडेट में लिखा,“सुरक्षा निर्देशों को देखते हुए निम्नलिखित स्टेशनों पर कुछ गेट बंद किए जा सकते हैं, हालांकि स्टेशन चालू हैं.”

    इससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि वो किसानों को किसानों को दिल्ली तक मार्च करने से रोकने के लिए बवाना स्टेडियम को जेल में बदलने की सहमति नहीं दे सकती.

    आप ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र किसान विरोधी है और इसलिए वो इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को रोकने पर आमदा है.

    आप ने अपने एक एक्स पोस्ट में कहा, “इस देश के अन्नदाताओं के प्रति मोदी की नफ़रत के ये कंटीली तारें और बैरिकेड गवाह हैं. अन्नदाता किसान देश के लोगों के भोजन के लिए ज़मीनों पर अन्न उगाते हैं. मोदी ने किसानों को रोकने के लिए कंटीली तारों का पूरा जाल लगाया है.”

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    इधर पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर दिल्ली की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने पुलिस बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की. किसानों को अपने ट्रैक्टरों से सीमेंट की बैरिकेड को हटाने की कोशिश करते देखा गया.

    वहीं इन प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया.

    किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को देखते हुए हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कंटीली तारें, लोहे की कीलें, बैरिकेड्स, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है.

    किसानों का प्रदर्शन

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    किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान किया है. उनकी मांगों में कृषि पैदावार के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को सुनिश्चित करने वाले क़ानून और कर्ज़ माफ़ी शामिल हैं.

    ये विरोध प्रदर्शन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, जो इसी साल अप्रैल-मई में होने हैं.

  15. अबूधाबी में पीएम मोदी के स्वागत की कैसी है तैयारी- देखें वीडियो

    अबूधाबी में जुटी महिलाएं

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई और क़तर के दो दिन के दौरे पर हैं. वो अबूधाबी में एक मंदिर का उद्घाटन करेंगे.

    पीएम मोदी आज ‘अहलन मोदी’ नाम के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. अहलन अरबी का शब्द है जिसका मतलब स्वागत होता है.

    ये कार्यक्रम आज (मंगलवार) शाम अबूधाबी के ज़ाएद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में होगा. इसमें करीब 60 हज़ार लोग हिस्सा लेंगे. आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 60 हज़ार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.

    कार्यक्रम में पीएम मोदी के स्वागत के लिए ख़ास तैयारी की गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने कार्यक्रम में लोकनृत्य पेश करने वाली चार महिलाओं का वीडियो जारी किया है. महाराष्ट्र की पारंपरिक साड़ी में सजी ये महिलाएं वंदे मातरम गा रही हैं.

    देखें वीडियो

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    वीडियो में नज़र आ रहीं डॉक्टर पल्लवी ने बताया कि वो भारत के महाराष्ट्र राज्य हैं और पीएम मोदी के सामने उनका ग्रुप महाराष्ट्र का पारंपरिक लेझिम का प्रदर्शन करेंगी.

    उनके मुताबिक ये महाराष्ट्र का लोकनृत्य है.

  16. किसान आंदोलन: शंभू बॉर्डर पर आंदोलनकारियों ने फ्लाईओवर बैरियर तोड़ा- देखें वीडियो

    शंभू बॉर्डर

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    हरियाणा और पंजाब की सीमा स्थित शंभू बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने एक फ़्लाईओवर पर सुरक्षा के लिए लगे बैरियरों को तोड़ दिया.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने इसका वीडियो जारी किया है.

    वीडियो में देखा जा सकता है कि किसान फ्लाईओवर के किनारों पर लगी शीट को तोड़ रहे हैं. वहीं फ्लाईओवर के नीचे कई लोग खड़े हैं और इस पूरे घटनाक्रम को देख रहे हैं.

    किसान संगठनों की अपील पर पंजाब और हरियाणा और दूसरे राज्यों से सैकड़ों किसानों ने आज दिल्ली की ओर कूच किया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लिया है.

    पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सड़कों पर कई बाधाएं लगाई हैं. किसान इन्हें तोड़ने की कोशिश करते नज़र आए हैं.

    शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. किसानों ने जब इस बॉर्डर से दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश की तो उन्हें रोक दिया गया.

    पुलिस ने किसानों को तितर बितर करने के लिए आँसू गैस के गोलों और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. किसान इससे बचने के लिए पास के खेतों में दाखिल होते दिखाई दिए.

    देखें वीडियो

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    'किसानों को ट्रैक्टर से आने की इजाज़त नहीं'

    समाचार एजेंसी एएनआई ने अंबाला रेंज के आईजी सिबाश कविराज के हवाले से बताया, “हम पंजाब से आ रहे किसानों का स्वागत करते हैं लेकिन अगर वो ट्रैक्टर से आते हैं तो इससे लोगों को दिक्कत पैदा होगी.”

    उन्होंने कहा, “वो बस से, ट्रेन से या फिर पैदल आ सकते हैं.”

    आईजी कविराज ने कहा, “लेकिन अगर वो ट्रैक्टर से आते हैं तो हम उन्हें इजाज़त नहीं देंगे. यहां धारा 144 लगाई गई है.”

  17. किसानों के आंदोलन में शामिल होने को लेकर राकेश टिकैत ने दिया ये बयान

      • Author, सलमान रावी
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
    राकेश टिकैत

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    भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) भी पंजाब और हरियाणा के किसानों के आंदोलन में शामिल हो सकता है.

    इस आंदोलन में देश भर के कई किसान संगठन शामिल हैं लेकिन राकेश टिकैत वाला बीकेयू अभी इस से दूर है. बेंगलुरु से बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में टिकैत ने कहा कि वो बुधवार शाम को दिल्ली आ रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "हमारी नज़र बनी हुई है. सरकार और किसानों की बातचीत बेनतीजा साबित हुई क्योंकि सरकार का रुख अड़ियल है. हम आंदोलन का हिस्सा अभी तक तो नहीं हैं. मगर इसका मतलब नहीं है कि हम किसानों के आंदोलन को समर्थन नहीं दे रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में किसान नेताओं और सरकार के मंत्रियों के बीच सहमति नहीं बन पाई क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य देने पर सरकार सहमत नहीं हो रही है और मामले को लटकाये रख रही है.

    उधर, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों के आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया है.

    कार्ड

    बीबीसी से टिकैत का कहना था कि किसानों के पिछले आंदोलन को समाप्त हुए 13 महीने बीत गए हैं लेकिन ना तो आंदोलन कर रहे किसानों पर से आपराधिक मामले वापस हुए हैं और ना ही उन्हें अपनी फसलों का सही मूल्य ही मिल पा रहा है.

    उन्होंने कहा, "स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू करने में अभी भी आनाकानी चल रही है जिसकी वजह से पूरे देश के किसान नुकसान उठा रहे हैं. इस आंदोलन में हम शामिल नहीं थे, लेकिन नाइंसाफ़ी हुई तो हम भी आंदोलन में कूदने पर मजबूर हो जाएंगे.

  18. किसान आंदोलन: राजस्थान के कृषि मंत्री मीणा बोले- 'इसमें है विपक्ष की राजनीति'

    किरोड़ी लाल मीणा

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    राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों के आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने दावा किया है कि ये आंदोलन किसानों के हित में नहीं है. उनका आरोप है कि इसका मक़सद राजनीतिक पार्टियों को फ़ायदा पहुंचाना है.

    अपनी कई मांगों को लेकर किसान दिल्ली की ओर आ रहे हैं. किसान नेताओं का दावा है कि इस आंदोलन में देश के नौ राज्यों के 200 से ज़्यादा किसान और मज़दूर संगठन शामिल हैं.

    किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा और दूसरे राज्यों में बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, “देखो, (किसानों ने) चुनाव के नजदीक आकर आंदोलन किया है, इससे आप स्पष्ट रूप से समझ सकते हो कि इसमें विपक्षी दलों की राजनीति है.”

    उन्होंने दावा किया, “ये आंदोलन किसानों के हित में नहीं है. ये राजनीतिक पार्टियों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए है. किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं है.”

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  19. महाराष्ट्र: अशोक चव्हाण कांग्रेस से इस्तीफ़े के अगले ही दिन बीजेपी में शामिल

    अशोक चव्हाण बीजेपी में शामिल

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    महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के एक दिन बाद ही बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

    अशोक चव्हाण ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ा था.

    हालांकि, उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा लगातार बनी हुई थी.

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    मिलिंद देवरा, बाबा सिद्दीक़ी के बाद अशोक चव्हाण तीसरे नेता हैं जिन्होंने पिछले एक महीने में कांग्रेस पार्टी छोड़ी है.

    अशोक चव्हाण ने मुंबई में बीजेपी कार्यालय में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली.

    उनके साथ पूर्व कांग्रेस एमएलसी अमर राजुरकर भी बीजेपी में शामिल हुए.

  20. किसान आंदोलन: कांग्रेस का केंद्र सरकार से सवाल- 'अन्नदाता के रास्ते में कील और कंटीले तार क्यों?'

    रणदीप सुरजेवाला

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    फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित कई मांगों के साथ दिल्ली आ रहे पंजाब-हरियाणा और यूपी के किसानों को सीमा पर रोके जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरा है.

    कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस मामले में मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की और बीजेपी सरकार से पाँच सवाल किए.

    उन्होंने कहा, "क्या देश के अन्नदाता न्याय मांगने दिल्ली नहीं आ सकते?"

    "क्या सरकार मानती है कि किसान दिल्ली की सत्ता पर कब्ज़ा करना चाहते हैं? देश के अन्नदाता प्रधानमंत्री और देश की सरकार से न्याय न मांगे, तो कहां जाएं? जब किसान आंदोलन पूरी तरह शांतिप्रिय है तो फिर किसान की राह में कीलें और कंटीली तारें क्यों? क्या मोदी सरकार को देश की मिट्टी का दर्द और आत्महत्या करते अन्नदाताओं की वेदना सुनाई नहीं देती?"

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    सुरजेवाला ने कहा, "जब भी इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल को किसानों के खिलाफ क्रूरता, बर्बरता, दमन और दंशकाल के रूप में जाना जाएगा."

    उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज़ को दबाने के लिए बीजेपी सरकार ने देश की राजधानी दिल्ली को ‘पुलिस छावनी’ में तब्दील कर दिया है, जैसे किसी दुश्मन ने दिल्ली की सत्ता पर हमला बोल दिया हो.

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