इसराइल-हमास युद्ध पर यूएन में मतदान जल्द, अब तक की जानकारी
इसराइल और हमास के बीच पिछले कई हफ़्तों से जारी भीषण युद्ध पर लाए गए प्रस्ताव पर आज संयुक्त राष्ट्र में मतदान होने जा रहा है.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and अनंत प्रकाश
इसराइल-हमास युद्ध पर यूएन में मतदान जल्द, अब तक की जानकारी
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Author, नादा तौफ़ीक
पदनाम, बीबीसी न्यूज़, यूएन मुख्यालय, न्यूयॉर्क से
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इसराइल और हमास के बीच पिछले कई हफ़्तों से जारी भीषण युद्ध पर लाए गए प्रस्ताव पर आज संयुक्त राष्ट्र में मतदान होने जा रहा है.
पिछले कई दिनों से इस प्रस्ताव की भाषा को लेकर खींचतान जारी थी.
संयुक्त अरब
अमीरात शुरुआत में अपने ड्राफ़्ट रिजॉल्युशन (प्रस्ताव) पर रविवार को मतदान कराना चाहता था.
लेकिन अमेरिका की ओर से वीटो लगाए जाने की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए पिछले
कुछ दिनों में इसे कई बार टाला गया. मंगलवार तक इस पर चर्चाएं जारी रहीं.
लेकिन तब तक संयुक्त राष्ट्र में इसे लेकर सकारात्मकता में कमी आने लगी. अमेरिकी सहमति के लिए ड्राफ़्ट में कई बदलाव भी किए गए.
लेकिन आख़िर में ये
पता चला कि अमेरिका ग़ज़ा पहुंचने वाली मदद की निगरानी रखने के लिए सयुंक्त
राष्ट्र की ओर से व्यवस्था किए जाने के ख़िलाफ़ था.
ऐसे में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य इसराइल – हमास युद्ध पर अपने
कदम पर अमेरिका की ओर से तीसरे वीटो के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं.
अमेरिका और ब्रिटेन ने इस मामले में अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है. लेकिन
बीबीसी को लगता है कि इस प्रस्ताव को सुरक्षा परिषद में भारी समर्थन मिलेगा.
इसके बाद हमें सुरक्षा परिषद के सदस्यों के भाषणों में निराशा, खेद और नाराज़गी
का मिश्रण देखने को मिल सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने केरल में मिले कोविड-19 वैरिएंट पर जारी की ये चेतावनी
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में केरल
में मिले कोविड-19 वायरस के वैरिएंट जेएन-1 को “वैरिएंट ऑफ़ इंटरेस्ट”
का दर्जा दिया है.
पिछले दिनों ये वैरिएंट एकाएक कई देशों
में नज़र आया है. इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में भी तेजी से इज़ाफा
हुआ है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक्स पर लिखा है
कि इसका संक्रमण तेजी से फैलने की वजह से जेएन.1 को अलग से वैरिएंट ऑफ़ इंटरेस्ट
की संज्ञा दी जा रही है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन किसी वैरिएंट को ये
दर्जा तब देता है जब वह चाहता है कि इस वैरिएंट पर निगाह रखी जाए, संक्रमण रफ़्तार
पर नज़र रखी जाए और लगातार मॉनिटरिंग की जाए.
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को इस
बाबत राज्य सरकारों से कहा है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए और कोविड-19 के बढ़ते
मामलों को लेकर सतर्कता बरती जाए.
विश्व
स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि “यह अनुमान लगाया गया है कि ये वैरिएंट विशेष रूप से
उन देशों में वायरल और बैक्टिरियल संक्रमण में उछाल के बीच सार्स-कोव-2 मामलों में
वृद्धि ला सकता है, जहां अब सर्दियां आ रही हैं."
इस वैरिएंट के मामले अमेरिका, चीन और सिंगापुर और भारत में दर्ज किए गए हैं.
चीन में अब तक इसके सात मामले दर्ज किए गए हैं.
अमित शाह जब लोकसभा में बोले, 'ओवैसी साहब हंस रहे हैं, इनके मन में है कि आपने...'
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी को लेकर जो कहा, उसका वीडियो वायरल हो रहा है.
बीजेपी के कई नेताओं ने इसे शेयर किया है. आज लोकसभा में अमित शाह अपराधों से जुड़े तीन क़ानूनों पर अपनी बात रख रहे थे.
इसी दौरान ओवैसी हंसे तो उन्होंने इसका ज़िक्र किया.
अमित शाह ने कहा, "ओवैसी साहब हंस रहे हैं. ओवैसी साहब मैं भी थोड़ा साइक्लॉजी पढ़ा हूं. विज्ञान का विद्यार्थी हूं. इनके मन में है कि आपने बदलकर दिखा दिया."
इसके बाद स्पीकर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि हमने राजद्रोह की जगह देशद्रोह की स्थिति रखी. अब ये देश आज़ाद हो चुका है. लोकतांत्रिक देश है. शासन की टीका तो कोई भी कर सकता है. इसके लिए अब किसी को जेल में नहीं जाना पड़ेगा चाहे हमारा शासन हो."
उन्होंने कहा, "बड़े कटाक्षमय तरीके से ओवैसी साहब हंस रहे हैं, इसलिए मैं फ़र्क समझा रहा हूं, इस देश के ख़िलाफ़ कोई बोल नहीं सकता. इस देश के हितों को कोई नुक़सान कर नहीं सकता. इस देश के झंडे, इस देश की सीमाएं, इस देश संसाधनों के साथ अगर कोई खिलवाड़ करेगा को निश्चित रुप से उसे जेल में जाना होगा."
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मोहम्मद शमी को मिला अर्जुन अवॉर्ड, किसे मिला खेल रत्न अवॉर्ड?
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भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी को इस साल अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने वाले 18 खिलाड़ियों में शामिल किया गया है.
इसके साथ ही बैडमिंटन के दो खिलाड़ियों को ध्यान चंद खेल रत्न पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है.
इन खिलाड़ियों के नाम चिराग चंद्रशेखर शेट्टी और रंकीरेड्डी सात्विक साईं राज हैं.
अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले दूसरे खिलाड़ियों में अदिति गोपीचंद स्वामी (आर्चरी), पारुल चौधरी (एथलेटिक्स), ईशा सिंह (शूटिंग) और पवन कुमार (कबड्डी) जैसे तमाम खिलाड़ी हैं.
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"...मन इटली का है तो समझ नहीं आएगा", अमित शाह ने संसद में क्यों कही ये बात
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को संसद में अपराधों से जुड़े तीन क़ानूनों पर अपनी बात रखते हुए इटली का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "पहली बार हमारे संविधान की स्पिरिट के हिसाब से कानून मोदी जी के नेतृत्व में बनने जा रहे हैं. तीनों क़ानूनों को 150 साल के बाद बदलने का और बिल को पायलट करके इस सदन में लाने का मुझे गौरव मुझे प्राप्त हुआ है."
इसके बाद उन्होंने कहा, "जो कहते थे कि हम नहीं समझते हैं. मैंने कहा कि अगर मन खुला रखोगे और मन भारतीय रखोगे तो समझ में आ जाएगा. मन अगर इटली का है तो कभी समझ नहीं आएगा."
"मान्यवर मन का सवाल होता है. भाषा का सवाल नहीं होता है. मन अगर यहां का है तो तुरंत समझ में आ जाता है. मन अगर यहां का नहीं है तो कभी समझ में नहीं आएगा."
पुराने क़ानूनों की जगह लेने वाले क़ानून
भारतीय दंड संहिता, 1860 की जगह भारतीय न्याय संहिता लेगा.
सीआरपीसी, 1998 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 अमल में आएगा.
भारतीय साक्ष्य क़ानून, 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 अमल में आएगा.
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अमित शाह ने ये भी कहा, "ये क़ानून, एक विदेशी शासक की ओर से अपने शासन को बनाए रखने के लिए बनाए गए क़ानून थे, एक ग़ुलाम प्रजा पर शासन करने के लिए बनाए गए क़ानून थे और इसकी जगह अब ये जो क़ानून आ रहे हैं, वो हमारे संविधान के तीन मूल चीज़ें व्यक्ति की स्वतंत्रता, मानव के अधिकार और सबके साथ समान व्यवहार के आधार पर बनाए जा रहे हैं."
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सीएम मोहन यादव के बगल में बैठे शिवराज सिंह चौहान ने जब नरेंद्र तोमर की तारीफ़ की
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इमेज कैप्शन, शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज
सिंह चौहान बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में मौजूदा सीएम मोहन यादव के साथ
बैठे नज़र आए.
इस दौरान उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की तारीफ़ की.
उन्होंने कहा, “हम लोग साथ विधायक रहे, मंत्री रहे. संगठन का काम हमने साथ-साथ किया. जब 2008
में विधानसभा का चुनाव आया तो जब ये विचार हुआ कि हम किसके नेतृत्व में चुनाव
लड़ें तो एक ही नाम समझ में आया कि नरेंद्र सिंह तोमर अगर अध्यक्ष बन जाएंगे तो
सबको साथ लेकर चलेंगे.”
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शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “2013 में भी यही हुआ. ये आपका विराट व्यक्तित्व है. फिर लगा कि नरेंद्र सिंह तोमर जी आ जाएं. और अभी भी जब चुनाव का प्रबंधन संभालने पर बात हुई तो हमें एक नाम ध्यान आया – नरेंद्र सिंह तोमर."
"मुझे पूरा विश्वास है कि उनका विशाल व्यक्तित्व, सबको साथ लेकर चलने की सोच, स्वभाव और व्यवहार है, उसके कारण वह विधानसभा में अध्यक्ष पद की गरिमा बढ़ाएंगे. और इस सदन का अद्भुत संचालन करेंगे. सरकार तो अपना काम करेगी ही लेकिन प्रतिपक्ष भी अपनी बात कहेगा.”
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जेडीयू सांसद ने कहा- 'इंडिया' गठबंधन की मीटिंग चाय-बिस्कुट पर समाप्त हो गई...
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इमेज कैप्शन, जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू
बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के एक सांसद ने कहा है कि मंगलवार को हुई विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है.
जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने इस बारे में समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "देखिए... सबसे बड़ी बात है कि कल की जो बैठक थी, सारे विपक्ष के बड़े नेता आए थे, मुख्यमंत्रीगण आए थे. सीटों का बंटवारा होना था. परंतु उस पर कोई चर्चा नहीं हुई..."
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कांग्रेस पार्टी के पास फंड की कमी का जिक्र करते हुए सुनील कुमार पिंटू ने कहा, "...और कल की मीटिंग रह गई चाय-बिस्कुट तक. मैंने इससे पहले भी एक बार कहा था कि इंडिया एलायंस की बैठक में चाय-समोसे पर ही मीटिंग सिमट जाती है."
"परंतु कल चाय बिस्कुट पर इसलिए सिमट कर रह गई थी क्योंकि कांग्रेस ने अभी हाल में दो दिन पहले ये कहा था कि कांग्रेस पार्टी के पास फंड की कमी है. 138 रुपया, 1380 रुपया या 13,800 रुपया, वे लोगों से चंदा माग रहे हैं. डोनेशन अभी आने में विलंब है. तब तक के लिए बिना समोसे के ही चाय-बिस्कुट पर चर्चा होकर समाप्त हो गई. किसी सीरियस मुद्दे पर बिना कोई चर्चा हुए."
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इसराइल-हमास के बीच एक बार फिर अस्थाई युद्ध-विराम की संभावनाएं बढ़ीं
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इमेज कैप्शन, हमास नेता इस्माइल हानिया
हमास
नेता इस्माइल हानिया ग़ज़ा के मुद्दे पर मिस्र के नेताओं से मिलने के लिए इन दिनों काहिरा में मौजूद हैं.
उनके
इस दौरे को इसराइल के साथ अस्थाई युद्ध विराम की दिशा में बातचीत शुरू
होने के ताजा संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
पिछले
महीने दोनों पक्षों के बीच हुए अस्थाई युद्ध विराम को कराने में मिस्र ने एक अहम भूमिका
निभाई थी.
कुछ
ख़बरों के मुताबिक़, इसराइल ने बार-बार कहा है कि अब हमास की ओर से छोड़े जाने
वाले बंधक इसराइली नागरिकों में महिलाओं और कमजोर पुरुषों को शामिल किया
जाना चाहिए.
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इसके साथ ही गंभीर मामलों में जेल भेजे गए फ़लस्तीनी नागरिकों की रिहाई भी संभव दिख रही है.
हमास ने बीते सात अक्टूबर को इसराइल पर अभूतपूर्व हमला करके 200 से ज़्यादा इसराइली नागरिकों को अगवा कर लिया था.
इन नागरिकों को इसराइली जेलों में बंद फ़लस्तीनी नागरिकों के बदले में धीरे-धीरे छोड़ा जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस संघर्ष को विराम देने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर आज मतदान हो सकता है. इस प्रस्ताव की भाषा को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा जारी है.
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भारत से हज़ारों मजदूर ले जाने के सवाल पर इसराइल बिल्डर्स एसोसिएशन ने क्या बताया
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हज़ारों की संख्या में कंस्ट्रक्शन मजदूरों की भर्ती के लिए इसराइल की एक टीम ने पिछले हफ़्ते भारत का दौरा किया था और अगले हफ़्ते एक और टीम इसी सिलसिले में भारत आने वाली है.
इसराइल बिल्डर्स एसोसिएशन ने बुधवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इसराइल की कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में मजदूरों की जबर्दस्त कमी है. इसे देखते हुए भारत से हज़ारों मजदूरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
इसराइल बिल्डर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता और डिप्टी डायरेक्टर जनरल शे पॉज़नर ने कहा, "हम दिल्ली और चेन्नई में अगले हफ़्ते 27 दिसंबर को भर्ती प्रक्रिया शुरू करेंगे. फिलहाल हम सरकार की मंजूरी के मुताबिक़ दस हज़ार मज़दूरों को लाने की योजना पर काम कर रहे हैं. निकट भविष्य में हम इसे 30 हज़ार मजदूरों तक ले जा सकते हैं लेकिन ये आने वाले समय पर निर्भर करेगा."
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया अगले हफ़्ते शुरू होगी और 10-15 दिनों तक चलेगी.
यूक्रेन युद्ध में रूसी कमांडरों की 'ख़राब' रणनीति से गई कई सैनिकों की जान
मिमिक्री विवाद पर हुआ सवाल तो राहुल गांधी ने मीडिया पर साधा निशाना
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कथित तौर पर मज़ाक उड़ाए जाने से जुड़े विवाद में अपना पक्ष रखते हुए मीडिया को निशाने पर लिया है.
बीते मंगलवार सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है.
इस वीडियो में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कथित तौर पर नकल उतारते दिख रहे हैं. वहीं, राहुल गांधी उनका वीडियो बनाते दिख रहे हैं.
उपराष्ट्रपति धनखड़ और बीजेपी ने इस मसले
पर गंभीर आपत्ति जताई है.
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इसी मसले पर राहुल गांधी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, "अपमान किसने किया? कैसे किया? वहां पर सांसद बैठे हुए थे. मैंने उनका वीडियो लिया. मेरा वीडियो मेरे फोन पर है. मीडिया दिखा रहा है. मीडिया कह रहा है. मोदी जी कह रहे हैं. किसी ने कुछ कहा ही नहीं है. हमारे 150 सांसदों को बाहर कर दिया गया."
"उसके बारे में मीडिया में कोई चर्चा नहीं हो रही. अदानी जी पर कोई चर्चा नहीं हो रही है. रफाएल पर फ्रांस ने कहा है कि कोई जांच नहीं करने दी जा रही है, उस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है. बेरोजगारी पर कोई चर्चा नहीं हो रही है. हमारे सांसद बाहर बैठे हैं, दुखी हैं, उन पर आप चर्चा कर रहे हो.”
जो बाइडन के काफ़िले से कार टकराई, हैरान-परेशान दिखे
वीडियो कैप्शन, जो बाइडन के काफ़िले से कार टकराई, हैरान-परेशान दिखे
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन डेलावेयर की एक सड़क पर हैरान-परेशान हालत में नज़र आए.
कुछ ही पलों में उनके सुरक्षाकर्मी एक घेरा बनाकर उन्हें कार तक ले गए. ये सब हुआ एक ज़ोरदार आवाज़ के बाद. यह आवाज़ जो बाइडन के काफ़िले की कार से एक अन्य कार के टकराने की थी.
इंग्लैंड के आदिल राशिद टी20 प्लेयर्स रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंचे
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इमेज कैप्शन, आदिल राशिद
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के स्पिनर आदिल
राशिद आईसीसी टी 20 प्लेयर्स रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं.
वेस्ट इंडीज़
और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सिरीज़ में दोनों टीमें 2-2 मैच जीत
चुकी हैं. एक मैच होना शेष है.
इस सिरीज़ में राशिद का प्रदर्शन काफ़ी अच्छा
रहा है. राशिद ने पिछले हफ़्ते हुए तीन मैचों में पांच विकेट झटके हैं.
इस प्रदर्शन के साथ ही वह अफ़ग़ानिस्तान के राशिद ख़ान और भारत के रवि बिश्नोई को पीछे छोड़कर अपने करियर में गेंदबाजों की लिस्ट में पहली बार पहले पायदान पर पहुंच गए हैं.
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राशिद ने पिछली बार सितंबर 2023 में दूसरे स्थान पर जगह बनाई थी.
दक्षिण अफ़्रीका के बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर तबरेज़ शम्सी और भारत के कुलदीप यादव की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है. शम्सी टॉप दस खिलाड़ियों में पहुंच गए हैं.
वहीं, कुलदीप यादव ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ तीसरे और फाइनल मुक़ाबले में पांच विकेट लेकर 13 स्थान उछलकर 24वें स्थान पर जगह बनाई है.
76 साल की उम्र में पेंटिंग कर नाम कमा रही हैं दलजीत कौर
वीडियो कैप्शन, 76 साल की उम्र में पेंटिंग करके नाम कमाने वाली दलजीत कौर की कहानी
दलजीत कौर 76 साल की उम्र में प्रोफ़ेशनल पेंटिंग आर्टिस्ट बनने का ख़्वाब पूरा कर रही हैं.
दलजीत को बचपन से पेंटिंग से प्यार था, लेकिन पिता की माली हालत बहुत अच्छी ना होने की वजह से वो इसे आगे नहीं बढ़ा सकी थीं.
साल 1997 में पति की रिटायरमेंट के बाद उन्होंने पेंटिंग की पढ़ाई बहाल करने के बारे में सोचा भी लेकिन बढ़ती उम्र की वजह से किसी कॉलेज में उन्हें दाख़िला नहीं मिला. लेकिन कोरोना लॉकडाउन के समय उन्होंने घर पर दोबारा पेंटिंग करनी शुरू कर दी.
न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता, साक्ष्य विधेयक लोकसभा में पेश: क्या बोले अमित शाह
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इमेज कैप्शन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को
संसद में आपराधिक क़ानूनों में संशोधन के लिए तीन नए विधेयक पेश किए हैं.
लेकिन लोकसभा में अपने भाषण के दौरान
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा कि सन् 1860 में बनने वाली
भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य, न्याय देना नहीं, दंड देना था.
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पुराने क़ानूनों की जगह लेने वाले क़ानून
भारतीय दंड संहिता, 1860 की जगह भारतीय न्याय संहिता लेगा.
सीआरपीसी, 1998 की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 अमल में आएगा.
भारतीय साक्ष्य क़ानून, 1872 की जगह भारतीय साक्ष्य विधेयक, 2023 अमल में आएगा.
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अमित शाह ने कहा कि ये क़ानून, एक विदेशी शासक की ओर से अपने शासन को बनाए रखने के लिए बनाए गए क़ानून थे, एक ग़ुलाम प्रजा पर शासन करने के लिए बनाए गए क़ानून थे और इसकी जगह अब ये जो क़ानून आ रहे हैं, वो हमारे संविधान के तीन मूल चीज़ें व्यक्ति की स्वतंत्रता, मानव के अधिकार, और सबके साथ समान व्यवहार के आधार पर बनाए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इन वर्तमान क़ानूनों में न्याय की कल्पना ही नहीं है, दंड देने की बात को ही न्याय माना जाए. हमारे विचारों में दंड की कल्पना न्याय से उपजी है.
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उन्होंने कहा कि "अभी हम जो क़ानून निरस्त करने जा रहे हैं, उनमें मानव वध और किसी महिला के साथ अत्याचार से पहले सरकारी ख़जाना लूटने की सज़ा, रेलवे की पटरी उखाड़ने की सज़ा, और ब्रिटिश ताज के अपमान की सज़ा को रखा गया है."
"प्राथमिकता अत्याचार और दुर्व्यवहार की पीड़ित महिला को न्याय दिलाना नहीं था, प्राथमिकता ख़जाने, रेलवे की रक्षा के साथ ही ब्रिटिश राज की सलामती थी. अब इसे बदलकर महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध को प्राथमिकता दी गयी है."
इसराइली-फ़लस्तीनियों के बीच शांति की राह कितनी मुश्किल?
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: इसराइली-फ़लस्तीनियों के बीच शांति की राह कितनी मुश्किल?
गज़ा में इसराइल-हमास जंग शुरू हुए दो महीने से ज़्यादा हो चुके हैं.
इस संघर्ष में अब तक करीब 19 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है. अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस समेत कई देश सीज़फ़ायर के लिए इसराइल पर दबाव बना रहे हैं.
दशकों से ज़मीन के टुकड़े के लिए इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच हो रहे संघर्ष में शांति की की राह कितनी मुश्किल है? कवर स्टोरी में इसी की बात.
केंद्र ने बताया- दस राज्यों ने सीबीआई से 'अन्वेषण की अनुमति' वापस ली, देखें लिस्ट
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केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि तमिलनाडु और तेलंगाना समेत दस राज्यों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो से अपने क्षेत्राधिकार वाले इलाके में किसी मामले की जांच करने को लेकर दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली है.
दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिशमेंट (डीएसपीई) एक्ट, 1946 के सेक्शन 6 के प्रावधान के तहत सीबीआई को संबंधित राज्य सरकार से उनके क्षेत्राधिकार वाले इलाके में जांच पड़ताल के लिए सहमति लेने की ज़रूरत पड़ती है.
कार्मिक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि पंजाब, झारखंड, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मिज़ोरम, तेलंगाना, मेघालय और तमिलनाडु ने सीबीआई से ये जनरल कंसेंट वापस लिया है.