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बीच सिरीज़ में ही ऑस्ट्रेलिया ने ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, जोश इंग्लिश और सीन एबॉट को ऑस्ट्रेलिया वापस भेजने का फ़ैसला किया है.
वर्ल्ड कप में भारत की हार का जश्न मनाने का आरोप, यूएपीए के तहत केस दर्ज, सात कश्मीरी छात्र गिरफ़्तार- प्रेस रिव्यू
'महात्मा गांधी को महापुरुष और पीएम मोदी को युगपुरुष' बताने वाले बयान पर कांग्रेस नेता का जवाब
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उपराष्ट्रपति
जगदीप धनखड़ ने सोमवार को महात्मा गांधी को पिछली सदी का महापुरुष बताते हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस सदी का युगपुरुष बता दिया.
उनके इस पर बयान पर कांग्रेस ने कहा है कि यह इस सदी के महान शख्सियत का अपमान
है.
धनखड़ ने कहा के बयान पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, "जब दुनिया में लोग उत्पीड़न और प्रतिरोध के नाम पुर युद्ध और हिंसा ही जानते
थे उस समय महात्मा गांधी ने अहिंसा की पहल को मज़बूत किया और उसे चलन में लेकर आए.
वो एक सेक्यूलरिस्ट थे."
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"महात्मा गांधी को 20वीं सदी की सबसे ऊंची शख्सियत माना गया है. बाद में जो किसी हद तक उनके कद तक पहुंच पाए वो थो नेल्सन मंडेला. महात्मा गांधी की तुलना किसी से भी कर देना महात्मा गांधी का अपमान है. ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 20वीं सदी के सबसे महान आदमी की को इस तरह कमतर दिखाया जा रहा है."
धनखड़ ने क्या कहा था?
जैन विचारक श्रीमद राजचंद्रजी की जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, ''महात्मा गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से हमें अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराया. भारत के सफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें उस रास्ते पर ले गए, जहां हम हमेशा जाना चाहते थे. मैं आपलोगों को एक बात बताना चाहता हूं. महात्मा गांधी पिछली सदी के महापुरुष थे. नरेंद्र मोदी इस सदी के युगपुरुष हैं.''
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उन्होंने कहा, "इस राष्ट्र के विकास का विरोध करने वाली ताक़तें और इस देश के उत्थान को पचा न पाने वाली ताक़तें एक साथ आ रही हैं. जब भी देश में कुछ अच्छा होता है तो ये लोग एक अलग मुद्रा में आ जाते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए."
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ग़ज़ा में इसराइल और हमास के युद्धविराम समझौते का पांचवां दिन, हो सकती है और बंधकों की रिहाई
इमेज स्रोत, Israel Defense Forces/Handout via REUTERS
ग़ज़ा में इसराइल और हमास का युद्धविराम समझौता पांचवें दिन में पहुंच गया है. इससे पहले दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर रहे क़तर ने युद्धविराम के 48 घंटे बढ़ाए जाने की घोषणा की थी.
युद्धविराम की इस अवधि के दौरान तीन फलस्तीनी क़ैदियों को इसराइली जेलों से रिहा किया जाएगा. इसके बदले ग़ज़ा से भी हमास तीन बंधकों को रिहा करेगा.
रिहा किए जाने वाले क़ैदियों और बंधकों की लिस्ट तैयार की जा रही है.
लेकिन हमास का कहना है कि बंधक बनाए गए सभी लोगों को उसने ग़ज़ा पट्टी में नहीं रखा हुआ है.
हमास के इस बयान से माना जा रहा है कि स्थिति और जटिल हो सकती है.
संयुक्त राष्ट्र ने युद्धविराम की स्थिति का लाभ उठाते हुए ग़ज़ा के लोगों के लिए सहायता सामग्री की सप्लाई बढ़ा दी है.
लेकिन संयुक्त राष्ट्र ने इस बात को लेकर चेताया भी है कि फिलहाल भेजी जा रही सहायता सामग्री समंदर की एक बूंद के समान है.
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बिहार के स्कूलों में रक्षाबंधन, मकरसंक्रांति जैसे त्योहारों पर छुट्टी नहीं, गिरिराज सिंह ने फ़ैसले को बताया ‘तुगलक़ी फरमान’
....में
Author, चंदन कुमार जजवाड़े
पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से
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बिहार में स्कूलों की
छुट्टियों में कटौती का सरकारी आदेश विवादों में आ गया है. शिक्षा विभाग ने साल 2024 के लिए सरकारी स्कूलों में छुट्टियों की जो सूची जारी की
है उसमें कई त्यौहारों पर छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है.
सरकारी आदेश के मुताबिक़
स्कूलों में मकर संक्रांति, रक्षाबंधन, भाई दूज, जितिया
और हरितालिका तीज जैसे त्योहारों पर छुट्टी नहीं होगी.
शिक्षा विभाग के मुताबिक़
साल में कम से कम 220 दिन
स्कूल खुले रहेंइसके
लिहाज से छुट्टियों की सूची तैयार की गई है.
बिहार में छुट्टियों के इस
कैलेंडर पर सियासत भी तेज़ हो गई है.
केंद्रीय मंत्री और
बेगूसराय से सांसद ने इस बदले हुए कैलेंडर को नीतीश कुमार सरकार का ‘तुगलकी फरमान’ बताया है.
उन्होंने
कहा- “ हिंदुओं के महापर्व शिवरात्रि, जन्माष्टमी पर छुट्टियां काट
दी गई हैं और ईद और बकरीद जैसे मुसलमानों के त्योहार पर भी छुट्टियां बढ़ा दी गई
हैं. इससे साफ़ ज़ाहिर होता है बिहार सरकार इस्लामिक धर्म के आधार पर काम कर रही
है. इसी कारण से अररिया, पूर्णियां और कटिहार के स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी
दी जा रही है. ऐसा लगता है कि ये सरकार शुक्रवार को इस्लामिक छुट्टी की योजना बना
रही है. अगर उन्होंने ये छुट्टियां बहाल नहीं की तो इसका नतीजा उन्हें भुगतना
होगा.”
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बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि बिहार सरकार ने हिन्दुओं की भावनाओं के खिलाफ़ फ़ैसला किया है. सुशील मोदी ने आरोप लगाया है, “हिन्दुओं के पर्व त्योहार चाहे वो रामनवमी हो, जन्माष्टमी हो, रक्षा बंधन हो, उन सारे पर्व त्योहारों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है. और दिवाली, छठ और दुर्गा पूजा की छुट्टियों में कटौती कर दी है. इतना ही नहीं मुसलमानों के त्योहारों की छुट्टियों को बढ़ा दिया है.”
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यही नहीं बिहार बीजेपी ने छुट्टियों के कैलेंडर के जुड़ी एक ख़बर को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ बिहार’ बताकर पोस्ट किया है.
स्कूलों में छुट्टियों को लेकर चल रहे इस विवाद पर जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार का कहना है कि बीजेपी इस मामले पर दुष्प्रचार कर रही है. नीरज कुमार ने बीबीसी से कहा, “बसंत पंचमी और शिवरात्रि की छुट्टी ख़त्म नहीं हुई है और दशहरे की छुट्टी एक दिन बढ़ा दी गई है. यह भी सही है कि अल्पसंख्यकों की छुट्टी बढ़ा दी गई है. हालांकि शब ए बारात की छुट्टी घटा दी गई है.”
नीरज कुमार का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत साल में 220 दिन स्कूल खुले होने चाहिए. इस तरह पहले भी सालभर में 60 छुट्टियां थीं और अब भी 60 छुट्टियां रखी गई हैं. इसका समायोजन कैसे हो शिक्षा विभाग इसपर फिर से विचार करे.
इससे पहले भी शिक्षा विभाग ने इस साल यानी साल 2023 के लिए सितंबर से दिसंबर महीने के दौरान स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव किए थे, जिसका काफ़ी विरोध हुआ था. इस विरोध के बाद सरकार ने शिक्षा विभाग के फ़ैसले को वापस करने का आदेश दिया था. माना जा रहा है कि छुट्टियों में इस नए बदलाव के बाद सरकार फिर से इसमें दख़ल दे सकती है.
उत्तरकाशी पहुंचे सीएम धामी, बताया क्यों 57 मीटर तक की ड्रिलिंग अहम है
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आसिफ़ अली और अनंत झणाणें
उत्तरकाशी से
मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल पहुँचे.
सीएम धामी
ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि “52 मीटर तक ड्रिलिंग का काम पूरा हो चुका है और 57 मीटर पर ब्रेकथ्रू मिल सकता है.”
उन्होंने बताया, “कल से मैन्युअल
ड्रिलिंग जारी है.”
41 मजदूर
टनल में 17
दिनों से फंसे हुए हैं. 17 दिनों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चल है.
उत्तरकाशी टनल में सोमवार
शाम से मैन्यूअल ड्रिलिंग शुरू हो चुकी है.
मैन्यूअल ड्रिलिंग के लिए
दिल्ली से एक्सपर्ट लोग बुलाये गये हैं.
यह कुल 12 लोगों की टीम है जो रैट माइनिंग तकनीक पर काम करती है.
दिल्ली से आयी इस टीम के
सदस्य कुदाल जैसे औज़ारों के ज़रिए खुदाई का काम कर रहे हैं.
जब सोमवार को इस टीम ने
काम शुरू किया था तो 12 मीटर का मलबा था, आज, मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक टीम ने छह
मीटर तक मलबा बाहर निकाल दिया है.
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इस 12 सदस्यीय टीम का नेतृत्व वक़ील हसन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी टीम कैसे काम कर रही है.
उन्होंने बीबीसी को बताया, “800 एमएम डायमीटर के पाइप में दो लोग अंदर जाकर अपने हाथों से खोदकर मलबा बाहर भेजते हैं.”
“दो लड़के अपने हाथों से मलबा हटाने का काम करते हैं, जिसके बाद उस मलबे को बाहर हाथ से बनाई गाड़ी से हटाया जाता है.”
उन्होंने बताया, “वह अब तक 12 में से 6 मीटर तक मलबा बाहर निकाल चुके हैं.”
“अब बचा हुआ क़रीब 6 मीटर मलबा हटाया जाना बाक़ि है.”
उन्होंने बताया कि अगर कोई अड़चन सामने नहीं आयी तो आज शाम तक सारा मलबा बाहर निकाल दिया जाएगा.
उत्तरकाशी से LIVE: सिल्क्यारा सुरंग में फंसे मज़ूदरों को निकालने का अभियान किस हाल में?
उत्तरकाशी से LIVE: सिल्क्यारा सुरंग में फंसे मज़ूदरों को निकालने का अभियान किस हाल में? बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें (कैमरा- संदीप यादव)
मारुति सुजुकी, महिंद्रा और आउडी की कारें जनवरी से होंगी महंगी
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कार मेकर कंपनी मारुति सुजुकी,
महिंद्रा एंड महिंद्रा और आउडी जनवरी से अपनी कारों की कीमत बढ़ा देंगी.
इन कंपनियों ने मुद्रास्फ़ीति और कमोडिटी की दरों में वृद्धि को इस फ़ैसले की वजह
बताया है.
इसके अलावा टाटा मोटर्स और
मर्सटीज़-बेन्ज भी भारत में अगले साल जनवरी से अपनी कारों के दाम बढ़ाने पर विचार
कर रही हैं.
मारुति सुजुकी भारत की सबसे बड़ी कार
मेकर कंपनी है. ये एंट्री लेवल छोटी कार ऑल्टो (कीमत 3.54 लाख) से लेकर मल्टी
यूटीलिटी कार इनविक्टो(कीमत 28.42 लाख) तक बनाती है.
सोमवार को मारुति सुजुकी ने अपने
फ़ैसले का एलान किया है और बताया कि जनवरी से कंपनी के हर मॉडल की कीमत बढ़ जाएगी.
पीटीआई के साथ बातचीत में मारुति
सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी (विपणन और बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने
कहा कि कुछ मॉडलों की कीमत में "अच्छी वृद्धि" होगी.
उन्होंने कहा, "चारो ओर मुद्रास्फीति का दबाव है, जिसमें कमोडिटी में अस्थिरता भी शामिल है, यही कारण
है कि हमने जनवरी में कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है."
महिंद्रा एंड महिंद्रा के सीईओ
(ऑटोमोटिव डिवीजन) नलिनीकांत गोलागुंटा ने भी कहा कि मुद्रास्फीति और कमोडिटी
कीमतों को देखते हुए "हम जनवरी 2024 से प्रभावी रूप से अपनी कारों की
कीमत बढ़ाएंगे.”
अमेरिका में भारत के राजदूत के साथ गुरुद्वारे में धक्का-मुक्की के मामले में सिख संस्था का आया बयान
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इमेज कैप्शन, तरणजीत सिंह संधू
एक अमेरिकी सिख संस्था ने न्यूयॉर्क
के एक गुरुद्वारे में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू के साथ धक्का-मुक्की की कोशिश के
मामले मे गुरुद्वारे के प्रबंधन से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है.
सिख ऑफ़ अमेरिका ने सोमवार को एक
बयान जारी कर कहा कि गुरुद्वारा पूजा-अर्चना करने की जगह है इसे व्यक्तिगत राजनीति
से दूर रखना चाहिए.
संधू गुरु पूरब के मौके पर न्यूयॉर्क
के हिक्सविल के एक गुरुद्वारे में गए थे जहां पर ख़ालिस्तान समर्थकों ने उनके साथ
धक्का-मुक्की की कोशिश की लेकिन उन्हें सिख समुदाय के सदस्यों ने सुरक्षा घेरे में
ले लिया.
संधू ने रविवार को सोशल
मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करके गुरुद्वारे में जाने की जानकारी दी थी.
उन्होंने लिखा था, “गुरु पूरब के मौक़े पर लॉन्ग आईलैंड के गुरु नानक दरबार की
स्थानीय संगत में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसमें अफ़ग़ानिस्तान से भी
लोग शामिल हुए, कीर्तन सुना और गुरु
नानक के एकजुटता, एकता, बराबरी के संदेश के बारे में भी बताया और सबका आशीर्वाद
लिया.”
संधू का गुरुद्वारे में गर्मजोशी से स्वागत किया गया था लेकिन इसी दौरान कुछ
ख़ालिस्तान समर्थकों ने उनका विरोध किया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ लोगों ने ख़ालिस्तान समर्थक हरदीप
सिंह निज्जर की हत्या को लेकर उनके साथ धक्का-मुक्की करने की कोशिश की लेकिन
उन्हें सिख समुदाय के सदस्यों ने सुरक्षित तरीक़े से बाहर निकाला.
सोमवार को इसस घटना पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया है.
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने एक्स पर बताया है कि ‘ख़ालिस्तानियों
ने भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू के साथ आधारहीन सवालों पर धक्का-मुक्की की
कोशिश की.’
आरपी सिंह लिखा- “ वो गुरपतवंत की हत्या की नाकाम योजना
और ख़ालिस्तान जनमत संग्रह अभियान के आधारहीन सवालों पर उनसे धक्का-मुक्की की
कोशिश कर रहे थे.”
“हिक्सविल गुरुद्वारे में हिम्मत सिंह
ने ख़ालिस्तान समर्थकों का नेतृत्व किया जो राजदूत संधू पर आरोप लगा रहे थे. वो
सरे गुरुद्वारे के अध्यक्ष और ख़ालिस्तान जनमत संग्रह के कनाडा चैप्टर के संयोजक
हैं.”
शादी करने इंफ़ाल पहुंचे अभिनेता रणदीप हुड्डा, कहा- मणिपुर की शांति के लिए प्रार्थना की
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हिंदी सिनेमा के अभिनेता रणदीप हुड्डा और मणिपुरी मॉडल और
अभिनेता लिन लैशराम शादी के लिए इंफाल पहुंचे हैं.
सोमवार को इंफ़ाल के एक मंदिर में पूजा करने पहुंचे इस कपल ने
मीडिया से बात की.
रणदीप हुड्डा ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा- “मैंने बेहतर
भविष्य के लिए प्रार्थना की. मणिपुर की शांति के लिए प्रार्थना की और पूरी दुनिया
में शांति के लिए प्रार्थना की है. मैंने भगवान से एक बेहतर शादी-शुदा ज़िंदगी मांगी है.”
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वो
शादी को लेकर नवर्स हैं? इस सवाल पर उन्होंने
कहा- हां, सभी ऐसे समय में नर्वस होते हैं.
29 नवंबर को रणदीप और लिन लैशराम शादी कर रहे हैं. ये
शादी समारोह मणिपुर में होगा.
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लिन लैशराम रंगून और जाने जां जैसी फ़िल्मों में काम कर चुकी हैं. वहीं रणदीप हुड्डा,. सरबजीत, हाइवे, लव आजकल 2 और सुल्तान सहित कई फ़िल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम बीते तीन साल से रिलेशनशिप में हैं.
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा- महात्मा गांधी महापुरुष और मोदी इस सदी के युगपुरुष हैं
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को
महात्मा गांधी को पिछली सदी का महापुरुष बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को
इस सदी का युगपुरुष बता दिया.
जैन विचारक श्रीमद राजचंद्रजी की जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने
कहा, ''महात्मा गांधी ने
सत्याग्रह और अहिंसा के माध्यम से हमें अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराया. भारत
के सफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें उस रास्ते पर ले गए, जहां हम हमेशा
जाना चाहते थे. मैं आपलोगों को एक बात बताना चाहता हूं. महात्मा गांधी पिछली सदी
के महापुरुष थे. नरेंद्र मोदी इस सदी के युगपुरुष हैं.''
उन्होंने कहा, ‘‘इस राष्ट्र के विकास का विरोध करने वाली ताकतें और इस देश
के उत्थान को पचा न पाने वाली ताकतें एक साथ आ रही हैं. जब भी देश में कुछ अच्छा
होता है तो ये लोग एक अलग मुद्रा में आ जाते हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए.’’
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“खतरा बहुत बड़ा है. जिन देशों को आप (हमारे) आसपास देखते हैं, उनका इतिहास 300 या 500 या 700 साल पुराना है, जबकि हमारा इतिहास 5,000 साल पुराना है.”
उपराष्ट्रपति के इस बयान पर बसपा के सांसद दानिश अली ने पूछा है कि संसद में बीजेपी के ही सांसद ने जब एक समुदाय विशेष के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया था तो वो किस नए युग की शुरुआत थी?
दानिश अली ने एक्स पर लिखा-“आज उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछली शताब्दी के महापुरुष महात्मा गांधी थे, इस शताब्दी के युगपुरुष नरेंद्र मोदी हैं. मैं उपराष्ट्रपति जी से पूछना चाहूँगा की संसद में प्रधानमंत्री के ही दल के सांसद द्वारा एक समुदाय विशेष को अपशब्द इस्तेमाल करने की छूट दे कर किस नये युग की शुरुआत की गई है.”
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इसराइल- हमास के बीच बढ़े युद्धविराम की नई शर्तें क्या हैं
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इसराइल और हमास के बीच अस्थायी युद्धविराम दो दिन के लिए
बढ़ाने पर सहमति बन गई है.
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया
है कि इस बढ़े हुए समझौते के तहत हमास 20
और इसराइली बंधकों को छोड़ेगा.
इसके साथ ही इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी
है कि वह बढ़ी हुई डील में 50 अतिरिक्त फ़लस्तीनी कैदियों को अपनी जेल से रिहा
करेगा.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मंगलवार को सुबह कहा गया, “सरकार ने
अतिरिक्त इसराइली बंधकों की रिहाई की स्थिति में अतिरिक्त 50 फलस्तीनी महिला कैदियों की
रिहाई को मंजूरी दे दी है.”
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बीती रात हमास ने 11 इसराइली कैदियों को रिहा किया. जिसमें जर्मन, फ्रेंच और अर्जेंटीनियाई नागरिक भी शामिल थे. वहीं इसराइसल ने भी देर रात 33 फ़लस्तीनी नागरिकों को अपनी जेलों से रिहा किया.
क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद एल अंसारी ने एक्स पर लिखा कि छोड़े गए 11 इसराइली लोगों में से कई लोग के पास दो देशों की नागरिकता है.
उन्होंने ब्यौरा देते हुए लिखा- “ ग़ज़ा से रिहा किए गए इसराइलियों में तीन फ़्रेंच नागरिक, दो जर्मन और छह अर्जेंटीना के नागरिक शामिल हैं. ”
हमास और ग़ज़ा के स्थानीय मीडिया के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि जिन 33 लोगों को इसराइल ने सोमवार की देर रात रिहा किया है उसमें 30 लड़के और तीन महिलाएं हैं.
इस अस्थायी युद्ध विराम के बढ़ने से राहत सामग्रियों से भरी और भी गाड़ियां ग़ज़ा तक पहुंच सकेंगी.
सात अक्टूबर को हमास ने इसराइल पर हमला किया था जिसमें 1200 लोगों की मौत हुई थी और 240 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था.
इसके बाद इसराइल लगातार ग़ज़ा पर हमले कर रहा है जिसमें 14500 लोगों की मौत हो चुकी है.
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