''शब्दों में नहीं बयां कर सकती खुशी'' - सुरंग से निकले मज़दूर के परिजन ने कहा

उत्तराखंड की सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद उनके परिजनों की ओर से ख़ुशी ज़ाहिर की जा रही है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and प्रेरणा

  1. उत्तरकाशी सुरंग हादसा: टनल के बाहर कैसा है माहौल, बीबीसी संवाददाता ने बताया- आंखों-देखा हाल

    उत्तरकाशी की सिल्कयारा टनल के बाहर मौजूद बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें
    इमेज कैप्शन, उत्तरकाशी की सिल्कयारा टनल के बाहर मौजूद बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें

    रेस्क्यू ऑपरेशन का ये 17वां दिन है. सुरंग में 57 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है.

    एनडीआरएफ के कर्मियों ने नारे लगाते हुए सुरंग के अंदर प्रवेश किया है और अब मज़दूरों को बाहर निकालने का काम शुरू कर चुके हैं.

    स्ट्रेचर के माध्यम से मज़दूरों को बाहर निकाला जाएगा.

    20 से ज़्यादा एम्बुलेंस तैनात हैं, पुलिसकर्मियों की मौजूदगी है.

    जैसे ही मज़दूरों को बाहर निकाला जाएगा, उन्हें बीस किलोमीटर की रेंज में मौजूद अस्पताल ले जाया जाएगा. यहां उनकी मेडिकल जांच की जाएगी.

    मज़दूरों के साथ उनके परिजन भी एम्बुलेंस में मौजूद रहेंगे.

  2. उत्तराखंड: जब सुरंग में फंसे मज़दूर ने बाहर खड़े भाई से की बात

    वीडियो कैप्शन, उत्तराखंड: जब सुरंग में फंसे अपने भाई ने बाहर खड़े एक भाई से की बात

    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक सुरंग में फंसे क़रीब 40 मज़दूर फंसे हुए हैं. जिन्हें रेस्क्यू करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं.

    उत्तरकाशी-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगाँव तक निर्माणाधीन टनल में रविवार को भूस्खलन होने के बाद से ये मज़दूर फंसे हुए हैं.

    इन 40 मज़दूरों में झारखंड के विश्वजीत भी हैं. उनके भाई इंद्रजीत ने उनसे बात की और उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश की.

  3. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: टनल के भीतर मेडिकल सुविधाओं के क्या हैं इंतज़ाम

    उत्तरकाशी की सिल्कयारा टनल

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    उत्तरकाशी की सिल्कयारा टनल से निकलने का इंतज़ार कर रहे मजदूरों के लिए सुरंग के भीतर अस्थायी मेडिकल सुविधाओं का इंतज़ाम किया गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, वहां फंसे मज़दूरों को बाहर निकाले जाने के बाद इसी जगह पर उनकी शुरुआती मेडिकल देखभाल की जाएगी.

    अगर कोई समस्या आई तो वहां डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम तैनात है.

    स्वास्थ्य विभाग ने टनल के भीतर 8 बिस्तरों का इंतज़ाम किया है.

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  4. उत्तराखंड में सुरंग में फँसे मज़दूर कब तक बाहर आएंगे?

    वीडियो कैप्शन, उत्तराखंड में सुरंग में फंसे मजदूर कब तक बाहर आएंगे?
  5. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: किसी भी व़क्त टनल से निकाले जा सकते हैं मज़दूर, क्या बोले परिजन

    मज़दूर

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    इमेज कैप्शन, फंसे मज़दूरों में से एक के परिजन

    उत्तरकाशी के सिल्कयारा टनल में फंसे 41 मज़दूरों के रिश्तेदार, परिवार के लोग और परिजन उनके सुरंग से बाहर निकलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

    एक मज़दूर के रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वो पिछले दो हफ़्तों से इस दिन का इंतज़ार कर रहे थे और उन्हें तभी तसल्ली मिलेगी जब वो बाहर आ जाएंगे.

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    वहीं एक अन्य मज़दूर के रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ''हम खुश हैं कि उन्हें जल्द बाहर निकाल लिया जाएगा. हम उनका स्वागत करेंगे. हमने उन्हें बताया है कि बचाव दल जल्द उन तक पहुंचेगा.''

  6. उत्तराखंड की टनल में फंसे मज़दूरों का पहला वीडियो

    वीडियो कैप्शन, उत्तराखंड की टनल में फंसे मज़दूरों का पहला वीडियो सामने आया
  7. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: परिजनों को अपनों के बाहर आने का बेसब्री से इंतज़ार

      • Author, आसिफ अली
      • पदनाम, उत्तरकाशी से, बीबीसी हिंदी के लिए
    उत्तरकाशी

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    उत्तरकाशी की सिल्कयारा टनल से किसी भी समय वो ख़बर मिल सकती है जिसका सभी 17 दिन से इंतज़ार कर रहे हैं.

    कभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने की घोषणा हो सकती है और 41 श्रमिक बाहर आ सकते हैं.

    पिछले 17 दिन से 41 श्रमिक इस सुरंग में क़ैद हैं जो आज खुली हवा में सांस लेंगे.

    उत्तरकाशी

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    सुरंग के बाहर एम्बुलेंस और डॉक्टर तैयार खड़े हैं.

    आसपास के इलाक़े के लोग यहाँ ऊँचाई वाली जगहों पर आकर खड़े हैं.

    यहाँ पहुँचे सभी परिजनों को अपनों के बाहर आने का बेसब्री से इंतज़ार है.

    उत्तरकाशी

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  8. सुरंग में फंसे बेटे के लिए पत्नी के गहने गिरवी रख पहुंचे पिता ने कहा- दुआ मांग रहा हूँ

  9. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: टनल से बाहर निकाल लिए जाने के बाद सीधे यहां लाए जाएंगे मज़दूर

    अस्पताल

    इमेज स्रोत, ANI

    उत्तरकाशी के निर्माणाधीन सुरंग में पिछले 17 दिनों से फंसे मज़दूरों को अब अगले कुछ घंटे में सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ख़ुद ये जानकारी दी है.

    मिली जानकारी के अनुसार सुरंग में पाइप बिछाने का काम पूरा हो गया है और अब बस मज़दूरों के बाहर आने की देर है.

    मज़दूरों के बाहर निकलते ही उन्हें एम्बुलेंस से सीधा चिन्यालीसौड़ के स्वास्थ्य केंद्र लाया जाएगा. डॉक्टर्स की निगरानी में उनका यहां इलाज किया जाएगा.

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    समाचार एजेंसी एएनआई ने स्वास्थ्य केंद्र के अंदर की एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें बताया गया है कि मज़दूरों के लिए बेड तैयार कर लिए गए हैं.

  10. उत्तराखंडः सुरंग में फंसे मज़दूरों को निकालने आए विदेशी एक्सपर्ट

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  11. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: टनल साइट के बाहर एम्बुलेंस, डॉक्टर तैयार खड़े

    सुरंग

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    उत्तरकाशी के निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 मज़दूरों को जल्द निकाला जा सकता है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बारे में जानकारी दी है. कुछ देर पूर्व ही धामी टनल साइट पर पहुंचे हैं.

    केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) और पीएमओ के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे भी वहां मौजूद हैं. वे कुछ देर पहले सिल्क्यारा सुरंग से बाहर आए हैं.

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    इसके साथ ही सुरंग के बाहर एम्बुलेंस, स्ट्रेचर और डॉक्टर भी तैयार खड़े हैं.

    मज़दूरों को जैसे ही बाहर निकाला जाएगा, उन्हें डॉक्टर के निरीक्षण में रखा जाएगा.

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    अंदर फंसे मज़दूर के परिजनों ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि वो बेसब्री से इस पल का इंतज़ार कर रहे हैं.

  12. उत्तरकाशी से LIVE: सिलक्यारा की सुरंग में फंसे मज़दूरों के बचाव अभियान में अचानक बढ़ी हलचल, ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें और उनके साथ हैं संदीप यादव.

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  13. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: सीएम धामी ने बताया- टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हुआ

    टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के काम का जायजा लेते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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    इमेज कैप्शन, टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के काम का जायजा लेते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    उत्तरकाशी टनल में फंसे मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ताज़ा जानकारी देते हुए बताया है कि श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है.

    उन्होंने कुछ देर पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है.

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "बाबा बौख नाग जी की असीम कृपा, करोड़ों देशवासियों की प्रार्थना एवं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे सभी बचाव दलों के अथक परिश्रम के फलस्वरूप श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए टनल में पाइप डालने का कार्य पूरा हो चुका है. शीघ्र ही सभी श्रमिक भाइयों को बाहर निकाल लिया जाएगा."

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    इससे पहले सिल्कयारा सुरंग बचाव अभियान पर अतिरिक्त सचिव तकनीकी, सड़क और परिवहन महमूद अहमद ने कहा, "कुल 86 मीटर में से वर्टिकल ड्रिलिंग 44 मीटर तक हो गयी है. हर विकल्प पर काम लगातार चल रहा है. टीएचडीएस ने भी सुबह से सात ब्लास्ट किए हैं."

    "हॉरिज़ोन्टल ड्रिलिंग की बात करें तो 55.3 मीटर तक ड्रिलिंग हो गई है. आपको पता है कि हम मैनुअली ये काम कर रहे हैं तो हम मलबा निकालेंगे और फिर पाइप डाला जाएगा. पांच मीटर अभी और लगेगा. ठीक-ठीक तो कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर सबकुछ ठीक रहा तो आज शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है."

  14. उत्तराखंड सुरंग हादसा: जो मज़दूर फंसे हैं, आम दिनों में उनकी ज़िंदगी कैसी होती है

    वीडियो कैप्शन, उत्तराखंड सुरंग हादसा: जो मज़दूर फंसे हैं, आम दिनों में उनकी ज़िंदगी कैसी होती है

    उत्तराखंड की सुरंग में जो मज़दूर फंसे हैं, उनके साथियों ने बताया कि आम दिनों में भी उनकी ज़िंदगी कोई ख़ास अच्छी नहीं है.

    ये लोग दूसरे राज्यों से उत्तराखंड में मज़दूरी करने आए हैं और एक कमरे में आठ लोग तक रहते हैं. 2018 में टनल बनाने का काम शुरू हुआ था और हादसे से पहले क़रीब चार सौ मज़दूर टनल निर्माण के काम में लगे हुए थे.

  15. उत्तरकाशी सुरंग बचाव अभियान: 'शाम तक कुछ अच्छी ख़बर मिल सकती है...'

      • Author, आसिफ अली
      • पदनाम, उत्तरकाशी से, बीबीसी हिंदी के लिए
    उत्तरकाशी

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    इमेज कैप्शन, उत्तरकाशी सुरंग के आसपास के इलाक़े में हल्की बूंदाबांदी हो रही है

    उत्तरकाशी टनल में अब मैनुअल ड्रिलिंग के ज़रिये मलबे को हटाया जा रहा है. मैनुअल ड्रिलिंग के लिए दिल्ली से एक्सपर्ट लोग बुलाए गए हैं.

    सिल्कयारा सुरंग बचाव अभियान पर अतिरिक्त सचिव तकनीकी, सड़क और परिवहन महमूद अहमद ने उम्मीद जताई है कि शाम तक हमें कुछ अच्छी खबर मिल सकती है.

    उत्तरकाशी

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    नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल ने पत्रकारों को बातचीत के दौरान बताया कि, "टनल में अभी तक 55.3 मीटर तक ड्रिलिंग हो चुकी है."

    उत्तरकाशी

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    उन्होंने बताया कि "अभी क़रीब 5 मीटर ओर आगे ड्रिल करना होगा. जिसमें थोड़ा ओर वक़्त लगेगा. जब भी ये ऑपरेशन पूरा होगा उसके बाद एनडीआरएफ/एसडीआरएफ एक-एक करके मज़दूरों को बाहर निकलेंगे."

    उत्तरकाशी

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    उन्होंने बताया कि, "एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने पहले ही इसकी पूरी तैयारी कर ली है. अगर डाक्टरों की टीम की ज़रूरत होगी तो वो भी अंदर जाएगी. बाहर आने के बाद सबसे पहले डाक्टरों की टीम ही मज़दूरों से मिलेगी."

    उत्तरकाशी

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    सिल्कयारा सुरंग बचाव अभियान पर अतिरिक्त सचिव तकनीकी, सड़क और परिवहन महमूद अहमद ने कहा, "कुल 86 मीटर में से वर्टिकल ड्रिलिंग 44 मीटर तक हो गयी है. हर विकल्प पर काम लगातार चल रहा है. टीएचडीएस ने भी सुबह से सात ब्लास्ट किए हैं."

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    उन्होंने कहा, "हॉरिज़ोन्टल ड्रिलिंग की बात करें तो 55.3 मीटर तक ड्रिलिंग हो गई है. आपको पता है कि हम मैनुअली ये काम कर रहे हैं तो हम मलबा निकालेंगे और फिर पाइप डाला जाएगा. पांच मीटर अभी और लगेगा. ठीक-ठीक तो कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर सबकुछ ठीक रहा तो आज शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है."

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  16. तेलंगाना चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनुमुला रेवंत रेड्डी क्या बोले

    वीडियो कैप्शन, तेलंगाना चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी क्या बोले

    तेलंगाना में जारी चुनावों के बीच प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख अनुमुला रेवंत रेड्डी पर कई लोगों को निगाह है. केसीआर, भाजपा और ओवैसी को वो कितनी बड़ी चुनौती मानते हैं.

    इन चुनावों में जीत को लेकर कितने आश्वस्त दिख रहे हैं, और जनता के लिए वो कौन-कौन से काम करना चाहते थे, इस बारे में बीबीसी की सर्वप्रिया सांगवान ने उनसे बातचीत की.

  17. मुंबई में अग्निवीर की ट्रेनिंग ले रही 20 साल की महिला ने कथित तौर पर की खुदकुशी

    आत्महत्या

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    भारतीय नौसेना के लिए अग्निवीर की ट्रेनिंग ले रही एक 20 साल की महिला ने मुंबई स्थित आईएनएस हामला के हॉस्टल के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.

    महिला केरल की रहने वाली थीं और मुंबई में आईएनएस हामला में अग्निवीर की ट्रेनिंग ले रही थीं.

    बताया जा रहा है कि उन्होंने सोमवार सुबह अपने कमरे में कथित रूप से खुदकुशी की.

    हालांकि उनके पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया गया है.

    वीडियो कैप्शन, आत्महत्या की तरफ बढ़ते युवाओं को कैसे रोकें? Duniya Jahan

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि ऐसा लगता है कि महिला ने ये क़दम व्यक्तिगत कारणों के कारण उठाया है.

    अपनी बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद महिला बीते 15 दिनों से आईएनएस हामला में ट्रेनिंग कर रही थीं.

    पुलिस ने बताया है कि इस मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी एडीआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है.

    वीडियो कैप्शन, ख़ुदकुशी रोकने की दिशा में अनूठी पहल

    महत्वपूर्ण जानकारी-

    मानसिक समस्याओं का इलाज दवा और थेरेपी से संभव है. इसके लिए आपको मनोचिकित्सक से मदद लेनी चाहिए, आप इन हेल्पलाइन से भी संपर्क कर सकते हैं-

    समाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में उपलब्ध)

    इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमूनबिहेवियरएंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820

    हितगुजहेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 - 26995000

  18. उत्तरकाशी टनल: जिस 'रैट होल माइनिंग' ने जगाई उम्मीद, वो क्या होती है?

  19. दक्षिण अफ्रीका की प्लैटिनम खान में दुर्घटना, 11 मजदूरों की मौत

    इम्पाला प्लैटिनम की रुस्टेनबर्ग माइन

    इमेज स्रोत, ALEXANDER JOE/AFP via Getty Images

    इमेज कैप्शन, इम्पाला प्लैटिनम की रुस्टेनबर्ग माइन (फाइल फोटो)

    दक्षिण अफ्रीका की एक प्लैटिनम माइन में हुई दुर्घटना के कारण 11 लोगों की मौत और दर्जनों घायल हो गए हैं.

    राजधानी प्रिटोरिया के पश्चिम में स्थित रुस्टेनबर्ग माइन में ये दुर्घटना सोमवार को हुई.

    माइन का संचालन करने वाली कंपनी इम्पाला प्लैटिनम ने इस घटना को कंपनी के इतिहास का सबसे दुखद दिन बताया है.

    रुस्टेनबर्ग माइन में खनन का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्घटना में 86 मजदूर शामिल थे. 75 घायलों को क्षेत्र के चार अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

    इम्पाला प्लैटिनम दक्षिण अफ्रीका के उन प्लैटिनम प्रोड्यूसर्स में से एक है जो दुनिया के सबसे गहरे और पुराने खानों में ऑपरेट करती है.

    कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि अस्थायी रूप से खनन रोकने के फ़ैसले को बुधवार तक के लिए बढ़ाया जा सकता है.

  20. युद्धविराम बढ़ा फिर भी ग़ज़ा बॉर्डर पर क्यों घूम रहे हैं इसराइली टैंक