इसराइल, हमास के बाद अब रेड क्रॉस ने भी इसराइली बंधकों के रिहा होने की पुष्टि की

इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत बंदियों की रिहाई हुई है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and चंदन शर्मा

  1. जस्टिस फातिमा बीवी: सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज के निधन पर शोक संदेश में पीएम मोदी ने क्या कहा

    जस्टिस फातिमा बीवी

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    सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज और तमिलनाडु की पूर्व गवर्नर जस्टिस फातिमा बीवी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया है.

    प्रधानमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जारी बयान में पीएम मोदी की ओर से कहा गया है, "जस्टिस एम फातिमा बीवी के निधन से दुखी हूं. वे सच्चे अर्थों में मार्गदर्शक थीं. अपनी असाधारण यात्रा में उन्होंने कई बाधाओं और चुनौतियों का सामना किया और आगे बढ़ीं. वे महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत थीं. क़ानून के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा सराहा जाएगा. उनके परिवार और मित्रजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे."

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    केरल के एक निजी अस्पताल में गुरुवार को जस्टिस एम फातिमा बीवी का निधन हो गया था. वे 96 वर्ष की थीं.

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  2. LIVE: सुरंग में फंसे 41 मज़दूरों के लिए चलाया जा रहे राहत अभियान

    सिल्क्यारा से LIVE: उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे 41 मज़दूरों के लिए चलाया जा रहे राहत अभियान में क्या है ताज़ा जानकारी.

    बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणें (कैमरा- संदीप यादव)

  3. जम्मू: राजौरी एनकाउंटर में सेना के पांच जवानों की मौत, दो चरमपंथी मारे गए

    राजौरी एनकाउंटर

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    जम्मू के राजौरी में चरमपंथियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के दो कैप्टन समेत पांच जवानों की मौत हुई है.

    शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

    राजौरी के कालाकोट में बुधवार से गुरुवार तक चली मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो चरमपंथियो को मारा गया है. इसमें से एक लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर कारी था.

    सेना के बयान के अनुसार, “लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष कमांडर कारी और उसके एक सहयोगी एनकाउंटर में मारे गए हैं. मुठभेड़ की जगह से बड़ी मात्रा में युद्ध के सामान बरामद किए गए हैं. कारी को डांगरी घटना का मास्टरमाइंड माना जाता है.”

    इस मुठभेड़ में सेना के पांच जवानों की मौत हुई है.

    जिनकी पहचान मंगलुरु के रहने वाले कैप्टन एम.वी.प्रांजल, यूपी के आगरा से आने वाले कैप्टन शुभम गुप्ता, जम्मू- कश्मीर के पुंछ से आने वाले हवलदार अब्दुल माजिद, नैनीताल के रहने वाले लांस नायक संजय बिष्ट और अलीगढ़ के रहने वाले पैराट्रूपर सचिन लोर के रूप में की गई है.

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  4. उत्तरकाशी: रेस्क्यू ऑपरेशन में ड्रिलिंग क्यों रोकनी पड़ी, पीएमओ के पूर्व सलाहकार ने बताया

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, उत्तरकाशी से
    उत्तरकाशी

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    उत्तरकाशी के सिलक्यारा में भूस्खलन के बाद निर्माणाधीन टनल में फँसे 41 मज़दूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का आज 13वां दिन है.

    57 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम अब भी जारी है और बताया जा रहा है कि अब 14 से 15 मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम बाक़ी है.

    गुरुवार शाम से कुछ तकनीकी कारणों की वजह से ड्रिलिंग रोकी गई है.

    प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर ख़ुलबे ने बताया कि ड्रिलिंग करने वाली ऑगर मशीन जिस सतह पर रखी गयी थी वो थोड़ा कमज़ोर हो गया था और रात भर से उसे ठीक करने का काम किया गया.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा-“ रात में हमें दो हिस्सों पर काम करना था. एक तो हमें मशीन के प्लेटफॉर्म को पुख्ता करना था वो हमने कर दिया. पाइप के मुंह पर दबाव था जिसे हटाने के लिए पाइप को काटने का काम चल रहा है.”

    “उम्मीद करता हूं कि एक घंटे में वो काम पूरा हो जाना चाहिए, इसके बाद हम ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम फिर शुरू करेंगे. हमारे लिए राहत की बात ये है कि पार्सन्स कंपनी ने ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार का इस्तेमाल करके जो स्टडी की है उसमें हमने पाया है कि अगले पांच मीटर तक कोई मैटेलिक अवरोध नहीं है.”

    “इसका मतलब है कि ड्रिलिंग में कोई दिकक्त नहीं आएगी. इससे पहले जब हम मलबा निकाल रहे थे तो उसमें हमें दो बिलकुल ही घूमे हुए पाइप मिले, वो पहले हमारे लिए उलझनें पैदा कर रहे थे. 11.30 बजे तक ड्रिलिंग का काम फिर से शुरू होगा."

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  5. हमास-इसराइल जब एक दूसरे पर भरोसा ही नहीं करते हैं तो ये डील कैसे हुई?

      • Author, टॉम बैटमैन
      • पदनाम, मध्यपूर्व संवाददाता, बीबीसी
    हमास-इसराइल

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    इसराइली बंधकों के परिवारों की ओर से जो एक बात बार-बार कही जा रही है वो ये कि जब तक उनके प्रियजन उनके पास नहीं आ जाते तब तक उन्हें यकीन नहीं है कि वो आने वाले हैं.

    ये बात दिखाती है कि दोनों ही पक्षों को एक दूसरे पर विश्वास नहीं है और ऐसा होने की ज़ाहिर वजहें भी हैं.

    इस सप्ताह की शुरुआत में मैं इसराइली बंधकों के एक पूर्व नेगोशिएटर की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गया था उन्होंने बताया कि एक बात जो साफ़ है कि इसराइल और हमास दोनों ही एक दूसरे पर बिलकुल भरोसा नहीं करते, तो डील में दोनों ही पक्ष मध्यस्थ पर भरोसा भी जताते हैं और उनका सम्मान भी करते हैं. मध्यस्थता के मामले में क़तर काफ़ी अच्छा कर रहा है.

    उन लोगों ने कई जटिल शर्तों पर दोनों पक्षों को राज़ी किया. रेड क्रॉस भी बंधकों को छोड़े जाते समय वहां मौजूद होगा.

    इसराइल ग़ज़ा पर छह घंटे तक ड्रोन सर्विलांस भी रोकेगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि हमास को डर है कि अगर सर्विलांस नहीं रोका गया तो इसराइल ये पता लगा सकता है कि बाकी के बंधक कहां रखे गए हैं.

    हालांकि इसराइली अधिकारी ये कह चुके हैं कि ड्रोन के अलावा भी उनके पास इटेलीजेंस जुटाने के कई तरीके हैं.

    क़तर ने बताया है कि इसराइल और हमास के बीच बंधकों को लेकर हुई डील के तहत अस्थायी युद्ध विराम शुक्रवार सुबह 7 बजे (स्थानीय समयानुसार) से लागू होगा.

    ये युद्ध विराम उत्तरी और दक्षिणी ग़ज़ा दोनों ही हिस्सों में लागू होगा. 13 इसराइली बंधक शुक्रवार शाम 4 बजे छोड़े जाएंगे और ये सभी महिलाएं और बच्चे होंगे.

    डील के मुताबिक़ हमास 50 इसराइली बंधकों को छोड़ेगा और इसराइल 150 फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा. साथ ही चार दिनों तक युद्ध विराम रहेगा.

  6. भारत में अफ़ग़ानिस्तान का दूतावास और राजनयिक मिशन हुआ बंद

    अफ़ग़ानिस्तान

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    भारत में अफ़ग़ानिस्तान के दूतावास और राजनयिक मिशन को स्थायी रूप से बंद किया जा रहा है.

    नई दिल्ली में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत फ़रीद मामुन्दज़ई ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है. ये फ़ैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा.

    उन्होंने बयान जारी कर कहा, “ हमें ये बताते हुए दुख हो रहा है कि नई दिल्ली में अफ़ग़ानिस्तान का दूतावास और राजनयिक मिशन तत्काल प्रभाव से स्थायी तौर पर बंद किया जा रहा है."

    "हमें भारत सरकार की ओर से लगातार चुनौतियां मिल रही थीं. 30 सितंबर को हमने दूतावास का संचालन बंद किया था और उम्मीद थी कि भारत सरकार का रुख दूतावास को लेकर बदलेगा और अफ़ग़ानिस्तान इस्लामिक गणराज्य के पक्ष में होगा, लेकिन आठ सप्ताह के बाद भी राजनयिकों के वीज़ा की अवधि नहीं बढ़ी और ना ही भारत सरकार के रूख़ में कोई बदलाव आया. ऐसे में तालिबान और भारत सरकार से लगातार बढ़ रहे दबाव के बीच दूतावास को ये कठिन फ़ैसला लेना पड़ा.”

    “ साल 2001 से भारत अफ़ग़ानिस्तान गणराज्य का रणनीतिक साझेदार रहा है. हम समझते हैं कि भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में संतुलन की नीति अपनाना ज़रूरी है और इसे लेकर भारत की अपनी सीमा और चिताएं हैं. इसलिए हम मानते हैं कि दूतावास को बंद करना और इसकी कस्टडी अभी के लिए होस्ट देश (भारत) को देना अफ़ग़ानिस्तान के हित में सबसे उचित फ़ैसला है.”

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    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

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    साल 2021 में तालिबान सत्ता में आया, इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान का नाम अफ़ग़ानिस्तान इस्लामिक रिपब्लिक से बदल कर इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान कर दिया गया.

    भारत में जो दूतावास है वो अफ़ग़ानिस्तान की अशरफ़ गनी सरकार के अफ़ग़ानिस्तान इस्लामिक रिपब्लिक का है. लेकिन अब अफ़ग़ानिस्तान के हालात बदल गए हैं ऐसे में ये दूतावास बंद हो रहा है.

  7. पाकिस्तान आखिर शरणार्थियों से क्यों वसूल रहा है 2 लाख 34 हज़ार रुपये

    पाकिस्तान

    कैरोलीन डेविस

    बीबीसी न्यूज़, पाकिस्तान

    पाकिस्तान ने बताया है कि जिन शरणार्थियों के पास ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं हैं, उनसे पाकिस्तान छोड़ने के लिए 2 लाख 34 हज़ार पाकिस्तानी रुपये (830 डॉलर) फ़ीस ली जा रही है.

    ये फ़ीस उन लोगों से ली जा रही है जो वीज़ा के बिना पाकिस्तान आए.

    अक्टूबर महीने में पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि 17 लाख विदेशी जो बिना दस्तावेज़ों के पाकिस्तान में रह रहे हैं उन्हें एक नवंबर तक देश छोड़ना होगा और जो लोग ऐसा नहीं करेंगे उन्हें पाकिस्तान डिपोर्ट करेगा.

    इनमें बड़ी संख्या में अफ़ग़ान शरणार्थी हैं जिन्होंने साल 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद देश छोड़ कर पाकिस्तान में शरण ली.

    वो लोग जिनके वीज़ा की वैधता की अवधि निकल चुकी है उनसे भी ये फ़ीस वसूली जाएगी, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि वो मान्य अवधि से कितने अधिक वक्त के लिए पाकिस्तान में ठहरे.

    पाकिस्तान रिफ़्यूजी कन्वेंशन का सदस्य नहीं है और उसने कहा है कि वह अपने देश में रहने वाले किसी भी अफ़ग़ान को शरणार्थी के रूप में मान्यता नहीं देता है.

    एक वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिक ने बीबीसी को बताया कि ये फ़ीस परेशान करने वाली है क्योंकि ये उनसे ली जा रही है जिन्हें मानवीय संकट के कारण यहां रहना पड़ रहा है.

    उन्होंने कहा-“कई ऐसे देश हैं जो वीज़ा की अवधि पूरी होने के बाद रहने पर फीस लेते हैं या तो श़ख्स को डिपोर्ट कर देते हैं. लेकिन यहां दिक्कत ये हैं कि ये लोग मानवीयता के आधार पर मिले वीज़ा पर रह रहे हैं. जो लोग हमारे लिए काम कर रहे है हम बस उन्हें ही अपने देश में नहीं रख रहे हैं बल्कि कई लोग जिन्हे यूएन रिफ़्यूजी मानता है वो लोग भी यहां रह रहे हैं. उन लोगों से फ़ीस लेना एक बुरा उदाहरण पेश करता है.”

  8. आयरलैंड में बच्चों पर चाकू से हमले के बाद भड़का दंगा, जानिए पूरा मामला

    डबलिन

    इमेज स्रोत, PA Media

    आयरलैंड की राज़धानी डबलिन में गुरुवार को एक स्कूल के बाहर लोगों पर चाकू से हमला किया गया, जिसमें तीन बच्चों सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए.

    इसके बाद अति दक्षिणपंथी लोगों की भीड़ ने शहर भर में हिंसा शुरू कर दी.

    गुरुवार की दोपहर 1.30 बजे डबलिन में एक स्कूल के सामने कुछ लोगों पर चाकू से हमला हुआ. हमले में पांच साल का एक बच्चा और 30 साल की उम्र की एक महिला बुरी तरह घायल हो गए.

    इसके अवाला छह साल की एक अन्य बच्ची और पांच साल के एक बच्चे को भी हमले में गंभीर चोटें आयीं.

    पुलिस ने 40 साल के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया और कहा है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है.

    बीबीसी को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावर आइरिश नागरिक है जो बीते 20 साल से आयरलैंड में रह रहा था.

    इस घटना के बाद शाम के छह बजे पुलिस और भीड़ के बीच हिंसक झड़पें होने लगी. भीड़ ने पूरे शहर में हिंसा की, कई वाहनों को जला दिया गया, दुकानों को लूटा गया.

    पुलिस का कहना है कि ये हिंसा “दक्षिणपंथी उपद्रवियों का एक वर्ग कर रहा है.”

    देश की न्याय मंत्री हेलेन मैकेन्टी ने कहा है कि देश का एक छोटा सा तबका जिसका मकसद सिर्फ़ अराजकता पैदा करना है वो ये हिंसा कर रहे हैं.

    उन्होंने कहा-“ ये ना तो अप्रवासन से जुड़ा है और ना ही उन बच्चों के लिए है जिन पर हमला हुआ है.ये अपराधी और ठग हैं जो सिटी सेंटर आए और बच्चों पर हुए भयानक हमले को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल किया.”

    पुलिस के मुताबिक़ जब भीड़ प्रदर्शन कर रही थी तो अप्रवासी लोगों के विरोध में नारेबाज़ी की जा रही थी.

    अभी डबलिन में रात के एक बज रहे हैं और पुलिस के मुताबिक़ शहर में शांति है.

  9. नमस्कार!

    आपका दिन शुभ हो.

    ये लाइव पेज 24 घंटे के लिए उपलब्ध रहेगा.

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