ग़ज़ा के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप में धमाका, कम से कम 50 लोगों की मौत
उत्तरी ग़ज़ा के जबालिया शरणार्थी कैंप में हुए धमाके से कई लोगों के मारे जाने और घायल होने की ख़बर है.
हमास शासित स्वास्थ्य मंत्रालय और पास के इंडोनेशियन अस्पताल का कहना है कि इस धमाके में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है.
मंत्रालय ने कहा है कि ये धमाका इसराइली हवाई हमले की वजह से हुआ.
हालांकि, इस कथित धमाके पर इसराइल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी की टीम धमाके के बाद जबालिया रिफ़्यूजी कैंप पहुंची है. एजेंसी का कहना है कि मौके से मिले फुटेज ये बताते हैं कि कम से कम 47 शव मलबे से निकाले गए हैं.
यहां रहने वाले एक शख्स रग़ेब अक़्ल ने कहा कि हमें ऐसा लगा जैसे 'भूचाल' आया हो.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के एक फ़ोटोग्राफ़र ने जबालिया रिफ़्यूजी कैंप की कुछ तस्वीरें खींची हैं.
इन तस्वीरों में लोगों को धमाके के बाद मलबे में अपनों की तलाश करते देखा जा सकता है.
रॉयटर्स के फोटोग्राफ़र ने जो तस्वीरें ली हैं उसमें इस शरणार्थी कैंप का एक बड़ा हिस्सा ज़मींदोज़ हुआ दिख रहा है.
कई तस्वीरें इतनी विचलित करने वाली हैं, कि उन्हें प्रकाशित करना सही नहीं. कई लोग मलबे में ज़िंदा बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं.
ग़ज़ा शहर के उत्तरी इलाके में स्थित जबालिया कैंप ग़ज़ा के आठ शरणार्थी कैंपों में से सबसे बड़ा है.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार जुलाई 2023 तक यहां करीब 1 लाख 16 हज़ार से अधिक फ़लस्तीनी शरणार्थियों ने पंजीकरण करवाया है.
वर्ष 1948 की जंग के बाद से यहां शरणार्थी आकर बसने लगे थे. ये एक छोटा लेकिन घनी आबादी वाला इलाका है.
जबालिया में 16 स्कूली इमारतों में 26 स्कूल चल रहे हैं, यहां एक फूड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर और दो स्वास्थ्य केंद्र भी हैं. साथ ही लोगों के लिए एक लाइब्रेरी भी है.
जिस जगह धमाका हुआ है वहां का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में धमाके के बाद बना एक बड़ा सा गड्ढा देखा जा सकता है.
हमास के अधिकारियों ने धमाके के लिए इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया है लेकिन इसराइल ने फ़िलहाल इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है.