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ग़ज़ा के सबसे बड़े शरणार्थी कैंप में धमाका, कम से कम 50 लोगों की मौत

हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि ये धमाका इसराइली हवाई हमले की वजह से हुआ.

लाइव कवरेज

स्नेहा and चंदन शर्मा

  1. पेगासस के बाद अब दूसरे तरीके से विपक्ष की जासूसी कर रही है 'बी जासूस पार्टी': राहुल गांधी

    विपक्ष के कई नेताओं के आरोप लगाने के बाद अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर एप्पल के आईफोन हैक करने का आरोप लगाया है.

    राहुल गांधी ने एक संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को कहा कि देश के विपक्षी नेताओं को एप्पल की ओर से एक नोटिस आया है, जिसमें लिखा है कि सरकार आपके फोन को हैक करने की कोशिश कर रही है.

    उन्होंने कहा कि ये मैसेज मेरे ऑफिस के लोगों के साथ ही विपक्ष के कई नेताओं को आया है. हमारे पास इसकी पूरी लिस्ट है.

    गांधी ने आरोप लगाया कि 'बी जासूस पार्टी' ने पहले 'पेगासस' का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं और संस्थानों पर ताक-झाँक की, अब दूसरे तंत्र से जासूसी चालू है! इंडिया अर्थात भारत ऐसी धमकियों से नहीं डरेगा!

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी देश के लोगों का ध्यान भटकाकर देश की पूंजी अदानी को दे रहे हैं. इससे सबसे ज़्यादा नुकसान हिंदुस्तान के युवाओं का हो रहा है.

    "ये एक तरफ आपसे झूठे भविष्य का वादा करते हैं और फिर दूसरी तरफ आपका धन दूसरे के हाथ में सौंप देते हैं. ये हिंदुस्तान की सच्चाई है."

    राहुल गांधी ने अदानी और प्रधानमंत्री मोदी की कथित दोस्ती को बताने के लिए एक दंतकथा का सहारा लिया.

    उन्होंने कहा कि पुराने समय में एक राजा था, जिसकी आत्मा एक तोते में बसती थी. उसी तरह मोदी जी की आत्मा अदानी के अंदर बसती है.

    गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की एक ही रट है- "अदानी बचाओ और लोकतंत्र मिटाओ!"

    यह बात विपक्ष को पता चल चुकी है. इसलिए अदानी को हमने ऐसा घेरा है कि वो बचकर नहीं निकल सकते.

    गांधी के अनुसार, देश में जिस तरह से मोनोपॉली हावी हो रही है, उसका सभी के ऊपर असर पड़ रहा है. उनके अनुसार आज हाल ये है कि कोयले में अदानी, एयरपोर्ट में अदानी, पोर्ट्स में अदानी.

    इस कारण आज हिंदुस्तान दो भागों में बंट रहा है. उन्होंने बताया कि 'प्रो मोनोपॉली' का मतलब 'अदानी के कंट्रोल' से है, जबकि 'एंटी मोनोपॉली' का अर्थ 'जनता के कंट्रोल' से है.

    उनके अनुसार, हिंदुस्तान के भविष्य के लिए सबसे जरूरी चीज न्याय है. अगर जनता को न्याय नहीं मिलेगा, तो देश आगे नहीं बढ़ेगा.

    उन्होंने जाति जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि इसके बिना इस देश के युवाओं को न्याय नहीं मिल सकता है.

    हालांकि कुछ विपक्षी नेताओं के इस दावे के बाद कि "स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स ने उनके आईफोन हैक करने की कोशिश की", आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल ने अपना पक्ष रखा है.

    समाचार एजेंसी एएनआई और प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "एप्पल किसी चेतावनी वाले संदेश के लिए किसी विशिष्ट स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर को जिम्मेदार नहीं ठहराती है. स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स की ठीकठाक फंडिंग होती है और वे जटिल तरीके से काम करते हैं और उनके हमले वक्त के साथ बेहतर होते हैं."

    "इस तरह के हमले की पहचान ख़तरे के ख़ुफ़िया सिग्नल पर आधारित होते हैं और कई बार सटीक नहीं होते हैं और अधूरे होते हैं. ऐसा संभव है कि हमले की चेतावनी वाले कुछ मैसेज फॉल्स अलार्म हो सकते हैं या हो सकता है कि अटैकर्स का पता ही न लगे. हम किन हालात में ऐसे ख़तरों से जुड़ी सूचनाएं जारी करते हैं, ये नहीं बता सकते क्योंकि ऐसा करने पर स्टेट-प्रायोजित हमलावर, भविष्य में ऐसी हरकत पकड़े जाने से बचने का रास्ता खोज लेंगे."

  2. ग़ज़ा में सड़क पर चल रही कार को इसराइली टैंक ने उड़ाया, वीडियो सामने आया

  3. क्या इसराइल बंधकों के बदले फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा?

      • Author, योलांद नेल
      • पदनाम, मिडिल ईस्ट संवाददाता, यरुशलम

    हमास ने सात अक्टूबर को इसराइल पर हमला किया था और सैंकड़ों लोगों की हत्या के बाद वो क़रीब 200 लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले गए.

    इसराइल ने इसके बाद ग़ज़ा पर बमबारी शुरू की. हमास का इसराइल से लोगों को बंधक बनाकर ले जाने के पीछे का मकसद इसराइल की जेल में बंद फ़लस्तीनियों कैदियों को मुक्त करने का प्रस्ताव रखना बताया जा रहा है.

    इसराइल प्रिजन सर्विस के आंकड़ों के हवाले से इसराइली एनजीओ हामोकेड़ ने बताया है कि, अक्टूबर की शुरुआत में इसराइल की जेल में 5,192 फ़लस्तीनी बंद थे. इनमें 2,410 ऐसे कैदी थे, जिन्हें सजा सुनाई जा चुकी है. वहीं 1,463 रिमांड पर हैं और 1,319 ऐसे हैं जिन्हें बिना मुकदमे के ही जेल में रखा गया है.

    हालांकि, सात जुलाई के बाद से जेल में बंद फ़लस्तीनी लोगों की संख्या बढ़ी है.

    फ़लस्तीनी प्रिजनर्स क्लब के अनुसार, इसराइल के कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक और पूर्वी यरूशलम से 1,680 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    वहीं, ग़जा पट्टी के 4,000 वर्कर्स को भी गिरफ़्तार किया गया है, जिनके पास इसराइल में होने की अनुमति थी. कुल मिलाकर ये संख्या 11,000 के करीब है.

    सोमवार को इसराइली सेना ने बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक हमास के 700 सदस्यों को वेस्ट बैंक से गिरफ़्तार किया गया है.

    पूर्व में, इसराइल ने फ़लस्तीनी सशस्त्र गुटों और लेबनान के चरमपंथी समूह हिज़बुल्लाह के साथ कैदियों को छोड़ने पर सहमति जताई थी.

    सबसे ज़्यादा चर्चा इसराइली सैनिक गिलाद शालित के बदले 1,027 कैदियों की रिहाई थी.

    इन कैदियों में से ज़्यादातर फ़लस्तीनी थे. उस समय बिन्यामिन नेतन्याहू ही इसराइल के प्रधानमंत्री थे.

    कैदियों को छोड़े जाने का घटनाक्रम काफी विवादित था क्योंकि जिन्हें छोड़ा गया था, उन पर करीब 600 इसराइली लोगों की हत्या के आरोप थे.

  4. दाग़िस्तान एयरपोर्ट पर फ़लस्तीनी समर्थक यहूदियों को कैसे निशाना बनाने पहुंचे

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, 'स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स ने आईफोन हैक करने की कोशिश की', विपक्षी नेताओं के इस दावे पर एप्पल ने दिया जवाब

    कुछ विपक्षी नेताओं के इस दावे के बाद कि "स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स ने उनके आईफोन हैक करने की कोशिश की", आईफोन बनाने वाली कंपनी ने अपना पक्ष रखा है.

    समाचार एजेंसी एएनआई और प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "एप्पल किसी चेतावनी वाले संदेश के लिए किसी विशिष्ट स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर को जिम्मेदार नहीं ठहराती है. स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स की ठीकठाक फंडिंग होती है और वे जटिल तरीके से काम करते हैं और उनके हमले वक्त के साथ बेहतर होते हैं."

    "इस तरह के हमले की पहचान ख़तरे के ख़ुफ़िया सिग्नल पर आधारित होते हैं और कई बार सटीक नहीं होते हैं और अधूरे होते हैं. ऐसा संभव है कि हमले की चेतावनी वाले कुछ मैसेज फॉल्स अलार्म हो सकते हैं या हो सकता है कि अटैकर्स का पता ही न लगे. हम किन हालात में ऐसे ख़तरों से जुड़ी सूचनाएं जारी करते हैं, ये नहीं बता सकते क्योंकि ऐसा करने पर स्टेट-प्रायोजित हमलावर, भविष्य में ऐसी हरकत पकड़े जाने से बचने का रास्ता खोज लेंगे."

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस के शशि थरूर और उनकी पार्टी के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मैसेज का स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर किया है.

    महुआ मोइत्रा ने लिखा है, "एप्पल से टेक्स्ट और ईमेल मिला है जिसमें ये चेतावनी दी गई है कि सरकार मेरा फोन और ईमेल हैक करने की कोशिश कर रही है."

    प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ऐसा ही एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है जिसमें उन्होंने ये दावा किया है कि ये मैसेज उन्हें एप्पल से मिला है. प्रियंका चतुर्वेदी ने गृह मंत्रालय से ये सवाल पूछा है कि क्या इसकी जांच की जाएगी?

    एप्पल की ओर से कथित रूप से भेजे गए इस संदेश में कहा गया है, "एप्पल का मानना है कि आप स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स कहीं दूर से आपकी एप्पल आईडी से जुड़े आईफोन को हैक करने की कोशिश कर रहे हैं. ये अटैकर्स आपको इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि आप कौन हैं और आप क्या काम करते हैं."

  6. आंध्र प्रदेश में ट्रेन हादसे के चश्मदीद और ज़िंदा बचे लोगों ने क्या बताया

    आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में हुए ट्रेन हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से ज़्यादा लोग घायल हैं.

    घटना के चश्मदीदों और अपनों को खोने वाले लोगों ने बीबीसी से बात करते अपना दर्द बताया है.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, वर्ल्ड कप: बांग्लादेश ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया

    कोलकाता में खेले जा रहे वर्ल्ड कप के सुपर लीग मुक़ाबले में बांग्लादेश ने आज टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया है.

    पाकिस्तानी टीम के कप्तान बाबर आज़म ने कहा कि वो पहले बल्लेबाज़ी करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि पिछले गेम में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन जीत नहीं मिली.

    बाबर आज़म ने कहा कि उन्हें खुद से भी अच्छी बल्लेबाज़ी की उम्मीद है. इमाम, शादाब और नवाज़ इस मैच में नहीं खेल रहे हैं.

    पाकिस्तान ने अब तक छह मैच खेले हैं, जिनमें से सिर्फ़ दो में ही उन्हें जीत मिली है. वहीं बांग्लादेश की टीम ने भी छह मैच खेले हैं, जिनमें से सिर्फ़ एक मैच में टीम जीत हासिल कर पाई है.

  8. इसराइल के हवाई हमलों के बीच एक महिला के माँ बनने की त्रासदी

    इसराइल हमास संघर्ष से पहले ग़ज़ा की पत्रकार जुमाना इमाद नौ महीने की गर्भवती थीं और किसी भी वक़्त डिलीवरी हो सकती थी.

    उन्होंने सोचा था कि उनका दूसरा बच्चा सुरक्षित और शांति माहौल में पैदा होगा लेकिन ग़ज़ा पर इसराइली हमले के कारण ऐसा न हो सका. उनका परिवार ग़ज़ा सिटी से विस्थापित हो चुका है और उन्होंने तनाव के माहौल के बीच बच्चे को जन्म दिया है.

  9. विपक्षी नेताओं का दावा- 'स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स ने उनका फोन हैक करने की कोशिश की'

    कुछ विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को ये दावा किया कि उन्हें आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल से ये चेतावनी मिली है कि "स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स उनके फोन से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं."

    कम से कम चार नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस चेतावनी भरे संदेश के कथित स्क्रीन शॉट अपने हैंडल पर पोस्ट किए हैं.

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस के शशि थरूर और उनकी पार्टी के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मैसेज का स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    महुआ मोइत्रा ने लिखा है, "एप्पल से टेक्स्ट और ईमेल मिला है जिसमें ये चेतावनी दी गई है कि सरकार मेरा फोन और ईमेल हैक करने की कोशिश कर रही है."

    प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ऐसा ही एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है जिसमें उन्होंने ये दावा किया है कि ये मैसेज उन्हें एप्पल से मिला है. प्रियंका चतुर्वेदी ने गृह मंत्रालय से ये सवाल पूछा है कि क्या इसकी जांच की जाएगी?

    तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तंज करते हुए कहा है कि "खुशी है कि खाली बैठे सरकारी अधिकारी मेरे जैसे टैक्स पेयर की कीमत पर बिज़ी हैं. उनके पास और कुछ महत्वपूर्ण काम नहीं है."

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूछा है कि "प्रिय मोदी सरकार, आप ऐसा क्यों कर रहे हैं?"

    एप्पल की ओर से कथित रूप से भेजे गए इस संदेश में कहा गया है, "एप्पल का मानना है कि आप स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स कहीं दूर से आपकी एप्पल आईडी से जुड़े आईफोन को हैक करने की कोशिश कर रहे हैं. ये अटैकर्स आपको इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि आप कौन हैं और आप क्या काम करते हैं."

    विपक्षी नेताओं के इन आरोपों पर भारत सरकार की ओर से भी अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के अमित मालवीय ने इस मामले पर बयान दिया है.

    उन्होंने कहा, "ये संदिग्ध 'स्टेट स्पॉन्सर्ड' हमले को लेकर तूफान मचा रहे हैं और खुद को शहीद साबित करने की कोशिश में लगे हैं. लेकिन इस बार का शोरगुल भी पिछली बार की तरह खाली साबित होगा. स्पष्टीकरण के लिए एप्पल के बयान की प्रतीक्षा क्यों नहीं की जा रही? क्या ऐसा करना हंगामा करने का अवसर गंवाने जैसा है?"

  10. पाकिस्तान में तारिक़ जमील के बेटे आसिम जमील की मौत, पुलिस ने क्या बताया

    पाकिस्तान के चर्चित इस्लामिक धर्मगुरु मौलाना तारिक़ जमील के बेटे आसिम जमील की मौत हो गई है.

    आसिम की मौत पाकिस्तान के पंजाब में तलम्बा इलाके में उनके घर पर हुई, कथित तौर पर इसे आत्महत्या बताया जा रहा है. आसिम जमील की उम्र 30 साल थी.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, जापान के एक अस्पताल में गोलीबारी, दो व्यक्ति घायल

    जापान के टोडा के एक अस्पताल में गोलीबारी की ख़बरें आ रही हैं.

    स्थानीय मीडिया में छपी ख़बरों के अनुसार, दो व्यक्ति के घायल होने की ख़बर है जिसमें से एक डॉक्टर और दूसरा व्यक्ति मरीज है.

    मीडिया में स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि संदिग्ध अपने 40-50 साल के बीच में हो सकता है.

    अधिकारियों ने आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर ली है.

    टोडा जापान के साइतामा प्रांत का एक शहर है, जहां की आबादी 140,000 है.

  12. ब्रिटेन के लिए काम कर चुके अफ़ग़ानी क्यों हैं परेशान?

    पाकिस्तान ने अपने यहां रह रहे कई अफ़ग़ान शरणार्थियों को देश छोड़ कर जाने को कहा है.

    ये वो हज़ारों लोग हैं, जिन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सरकार के साथ या उनके लिए काम किया और फिर तालिबान के सत्ता में आने के बाद भाग कर पाकिस्तान आए. लेकिन उन्हें अब भी ब्रिटेन में शिफ्ट होने का इंतज़ार है.

    देखिए इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता कैरोलिन डेविस की ये रिपोर्ट.

  13. आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को मिली अंतरिम जमानत

    आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू को स्किल डेवलपमेंट मामले में चार सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हाई कोर्ट के वकील सुंकारा कृष्णमूर्ति ने ये जानकारी दी है.

    तेलुगु देशम पार्टी के प्रवक्ता के पट्टाभी राम ने कहा, "आज हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत दे दी. चंद्रबाबू नायडू को आज छोड़ दिया जाएगा. हम सभी को पता है कि पिछले कुछ दिनों से चंद्रबाबू नायडू की तबीयत बिगड़ी हुई है और डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल आंख की सर्जरी कराने और भर्ती होने की सलाह दी है."

    तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को सितंबर में गिरफ़्तार किया गया था.

    उनकी गिरफ़्तारी आंध्र प्रदेश पुलिस की सीआईडी ने कथित स्किल डिवेलपमेंट घोटाले में की थी. आरोप है कि ये घोटाला नायडू के 2014 से 2019 के बीच मुख्यमंत्री रहते हुआ था.

  14. COVER STORY: किस ओर जा रहा है इसराइल-हमास संघर्ष?

    ग़ज़ा में लोग दोतरफ़ा मार झेल रहे हैं.

    आसमान से हमले हो रहे हैं और ज़मीन पर लोग भूख-प्यास से जूझ रहे हैं.

    राहत शिविरों में रहने वाले लोगों के हालात ऐसे कि वो मान रहे हैं कि ऐसी ज़िंदगी से मौत अच्छी है.

    आख़िर कहां जा रही है ये जंग, कवर स्टोरी में आज इसी की बात.

  15. ईडी दो नवंबर को केजरीवाल को गिरफ़्तार कर सकती है: आतिशी

    आम आदमी पार्टी ने ये आशंका जताई है कि प्रवर्तन निदेशालय दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में दो नवंबर को पूछताछ के बाद गिरफ़्तार कर सकता है.

    ये मनी लॉन्ड्रिंग केस दिल्ली के कथित एक्साइज पॉलिसी स्कैम से जुड़ा हुआ है.

    दिल्ली में सत्तारूढ़ 'आप' का ये भी आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी उसके वरिष्ठ नेताओं को सलाखों के पीछे पहुंचाकर उसे ख़त्म करने की कोशिश कर रही है.

    अरविंद केजरीवाल को प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी के दिल्ली दफ़्तर में दो नवंबर को अरविंद केजरीवाल का बयान दर्ज किया जाएगा.

    ये पहली बार है कि ईडी ने इस केस में अरविंद केजरीवाल को समन जारी किया है. अप्रैल में केंद्रीय जांच ब्यूरो इस केस में उनसे पूछताछ कर चुकी है.

    मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी ने दावा किया कि बीजेपी जानती है कि वो चुनावों में अरविंद केजरीवाल को हरा नहीं सकती है, इसलिए वो आम आदमी पार्टी को निशाना बनाने के लिए ये तरीके अपना रही है.

    उन्होंने कहा, "ऐसी रिपोर्टें हैं कि केजरीवाल दो नवंबर को गिरफ़्तार करेगी. अगर वो गिरफ़्तार किए जाते हैं तो ये भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से नहीं होगा बल्कि इसलिए होगा क्योंकि वे बीजेपी के ख़िलाफ़ बोलते हैं."

    "आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी को दो बार हराया है और एमसीडी चुनावों में भी हराया है. पीएम मोदी अरविंद केजरीवाल से डर गए हैं. बीजेपी जानती है कि वो आप को चुनावों में नहीं हरा सकती है."

  16. पाकिस्तान चाहकर भी इसराइल-हमास संघर्ष पर खुलकर क्यों नहीं बोल पा रहा है?

  17. मराठा आरक्षण: कर्नाटक ने महाराष्ट्र के लिए बस सर्विस बंद की

      • Author, इमरान क़ुरैशी
      • पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए

    महाराष्ट्र में चल रहे मराठा आरक्षण आंदोलन को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने पड़ीसी राज्य के लिए बस सेवाएं बंद कर दी हैं.

    ये फ़ैसला महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन में भाग ले रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा कर्नाटक की एक बस को जला दिए जाने के बाद लिया गया है.

    महाराष्ट्र के उस्मानाबाद ज़िले के तुरोरी गांव में बीती रात बस जलाने की ये घटना हुई है. बस कर्नाटक के बीदर से पुणे जा रही थी. इस घटना में किसी यात्री को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है.

    रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से बस में आग लगाने से पहले यात्रियों को उतरने के लिए कहा था.

    स्थानीय पुलिस इस मामले को देख रही है और घटना की जांच की जा रही है.

    कर्नाटक के ट्रांसपोर्ट मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने बीबीसी हिंदी को बताया, "जब से ये घटना हुई है, हमने महाराष्ट्र के लिए बस सेवाएं रोक दी हैं. वहां क़ानून और व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बस सेवाएं बहाल किए जाने पर फ़ैसला किया जाएगा."

    ये घटना ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) ने कर्नाटक के बेलगावी ज़िले को महाराष्ट्र में विलय कराए जाने की मांग के समर्थन में नवंबर की पहली तारीख को 'ब्लैक डे' मनाए जाने की घोषणा की है.

    कर्नाटक का गठन इसी दिन हुआ था और इसे 'राज्योत्सव दिवस' के रूप में मनाया जाता है.

    माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कल होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में अपना प्रतिनिधि भेज सकते हैं.

  18. हिलेरी क्लिंटन के हमास पर दिए बयान की क्यों हो रही है चर्चा

  19. इसराइल-हमास संघर्ष में अब तक कम से कम 31 पत्रकारों की मौत

    इसराइल-हमास संघर्ष में अब तक कम से कम 31 पत्रकारों की मौत हो चुकी है.

    कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने बताया है कि अब तक 26 फ़लस्तीनी, चार इसराइली और एक लेबनानी पत्रकार की मौत हुई है.

    संगठन ने एक बयान में कहा, "खासतौर पर ग़ज़ा में पत्रकारों को असाधारण ख़तरे का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें इसराइल की ख़तरनाक बमबारी और ज़मीनी हमले से गुजरना पड़ रहा है."

    मृतकों में फ़लस्तीनी फ़िल्ममेकर रोशदी सराज और रॉयटर्स के बेरुत के वीडियोग्राफ़र इसाम अब्दल्लाह हैं.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दावा किया था कि पत्रकार की मौत इसराइल की ओर से लेबनान सीमा पर गोले दागे जाने के दौरान हुई थी.

    इसराइली सेना का कहना है कि वो इस दावे की जांच कर रहे हैं. आईडीएफ़ ने रॉयटर्स और एफ़पी समाचार एजेंसियों से कहा है कि वो ग़ज़ा में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते हैं.

  20. क़तर में नौसेना के पूर्व अधिकारियों को सज़ा-ए-मौत से बचाने के लिए क्या कर सकता है भारत?