लॉ कमीशन ने मांगी यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आम लोगों से राय
बाइसवें विधि आयोग ने यूनीफ़ॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर आम लोगों और सरकारी मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के विचार मांगे हैं.
लाइव कवरेज
कीर्ति दुबे and प्रभात पांडेय
पहलवानों के साथ 'फिर से उत्पीड़न' हो रहा है- सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस लोकुर
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मदन बी. लोकुर ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़
दर्ज मामलों से निपटने और प्रदर्शनकारी पहलवानों के साथ किए गए बर्ताव को लेकर
दिल्ली पुलिस की को आलोचना की.
‘पहलवानों का संघर्ष: संस्थानों की
जवाबदेही' विषय पर एक परिचर्चा में भाग लेते हुए मंगलवार को जस्टिस
लोकुर ने कहा कि पीड़ितों का ‘फिर से उत्पीड़न' हुआ है, क्योंकि पहलवान अब तक न्याय
का इंतज़ार कर रहे हैं
उन्होंने कहा, ‘‘यह फिर से उत्पीड़न का एक स्पष्ट मामला है, पहलवानों ने कहा है कि वे
दबाव में हैं.''
जस्टिस लोकुर ने कहा कि
पहलवानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह
के ख़िलाफ़ उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने प्रक्रिया में देरी के
लिए दिल्ली पुलिस की आलोचना की.
जस्टिस लोकुर ने कहा कि कुश्ती महासंघ के पास यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए
समिति नहीं है, जो कानून के ख़िलाफ़ है.
उन्होंने कहा, ‘‘जब
जनवरी में विरोध शुरू हुआ, तो ऐसा नहीं था कि उन्होंने सीधे
जंतर-मंतर जाने का फ़ैसला किया था. उन्होंने शिकायतें कीं, लेकिन
कुश्ती महासंघ में कोई शिकायत समिति नहीं थी.''
जस्टिस लोकुर ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को ख़तरे की आशंका के बारे में भी
बात की.
उन्होंने कहा, ‘‘हमने 28 मई को हुए वीभत्स दृश्य देखे...पीड़ितों को बताया जा
रहा है कि वे अपराधी हैं, क्योंकि उन्होंने विरोध
प्रदर्शन किया.''
दस्तावेज़ मामले में कोर्ट के सामने पेश हुए ट्रंप, बाइडन पर बरसे
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप संवेदनशील फ़ाइलों को लापरवाही से रखने के मामले में फ़्लोरिडा की
अदालत के सामने ख़ुद को बेकसूर बताया है.
ट्रंप पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन पर संघीय आपराधिक
अभियोग का केस चल रहा है.
इस मामले में दूसरी बार कोर्ट में पेश हो रहे ट्रंप सुनवाई
के दौरान अदालत में काले रंग का सूट पहने गंभीर भाव के साथ बैठे रहे.
सुनवाई के बाद ट्रंप न्यू जर्सी के
बेडमिंस्टर स्थित अपने गोल्फ़ क्लब पहुंचे,जहां उन्होंने समर्थकों
को संबोधित किया.
रैली में उन्होंने कहा कि उनके पास दस्तावेज़ों को रखने का "पूरा
अधिकार" था, लेकिन वक़्त की
कमी के कारण दस्तावेज़ के "सभी बॉक्स वह देख नहीं सके थे."
अपनी रैली में ट्रंप ने जो
बाइडन पर जमकर हमला बोला. उन्होंने अपने ख़िलाफ़ चल रहे मुकदमे के लिए बाइडन को
ज़िम्मेदार बताया.
उन्होंने कहा- "भ्रष्ट मौजूदा राष्ट्रपति अपने शीर्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को फ़र्ज़ी और मनगढ़ंत आरोपों में गिरफ्तार करा
रहे हैं. राष्ट्रपति चुनाव के समय ये सब हो रहा है. इस चुनाव में वो बुरी तरह हार
रहे हैं."
ट्रंप पर कोर्ट ने राष्ट्रीय
या अंतरराष्ट्रीय किसी भी तरह की यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है.
ट्रंप के वकील टोड ब्लैंच ने
कहा है कि इस मामले में वह ‘नॉट गिल्टी’ याचिका दायर की जाएगी.
ट्रंप राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद
सरकारी दस्तावेज़ों को अपने फ़्लोरिडा स्थित घर में रखने के आरोप में जांच का
सामना कर रहे हैं.
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स्मृति ईरानी और केरल सरकार के पत्रकारों को ‘धमकाने-डराने’ पर एडिटर्स गिल्ड का बयान
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‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया’ ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट
पार्टी (माकपा) सरकार के पत्रकारों को कथित
तौर पर डराने-धमकाने और उनके उत्पीड़न पर मंगलवार को चिंता जताई.
गिल्ड ने एक बयान में कहा कि “केंद्रीय मंत्री ईरानी ने नौ जून को अपने लोकसभा क्षेत्र अमेठी की यात्रा के
दौरान एक पत्रकार को डराया-धमकाया था और उस हिंदी दैनिक के मालिकों को फ़ोन करने की
भी धमकी दी, जिसके लिए वह काम कर
रहे थे.”
“गिल्ड केंद्रीय
मंत्री के इस धमकाने और डराने वाला रवैया देख कर परेशान है. हम स्मृति ईरानी को
याद दिलाना चाहते हैं कि इस तरह पत्रकारों को डराना, प्रेस की आज़ादी पर हमला है."
"हम ये भी दोहराना
चाहते हैं कि मीडिया संस्थान इस तरह नेताओं के आगे दबाव में आ कर झुके नहीं. दैनिक
भास्कर ये गुज़ारिश है कि वह पत्रकार को नौकरी पर वापस रखें.
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प्रेस कल्ब ऑफ़ इंडिया ने भी की निंदा
प्रेस
कल्ब ऑफ़ इंडिया ने भी इस मामले पर बयान जारी किया है.
क्लब
ने कहा, “ प्रेस कल्ब ऑफ़ इंडिया हालिया घटनाओं से बेहद परेशान है जहां
नेताओं ने पत्रकारों को डराया-धमकाया. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें उत्पीड़न
अपनी नौकरी करते हुए झेलना पड़ रहा है. राजनेताओं का ये करना प्रेस की आज़ादी को
कमतर करने जैसा है. ”
अमेठी में क्या हुआ था
दरअसल, अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी अपने लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर थीं. इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे कुछ कहा जिस पर स्मृति ईरानी ने पत्रकार पर उनके लोकसभा क्षेत्र का अपमान करने का आरोप लगाया. साथ ही पत्रकार जिस अख़बार के लिए काम करने का दावा कर रहे थे उनके मालिक को फ़ोन लगाने की बात कही.
इस घटना का जो वीडिया सामने आया है उसमें स्मृति ईरानी कह रही हैं, “मेरे लोकसभा क्षेत्र का अपमान मत करो तुम भास्कर से हो तो क्या. दैनिक भास्कर से हो लेकिन सलून विधानसभा मेरे लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. आप उसका अपमान मत करो. आप अगर मेरे क्षेत्र काअपमान करेंगे तो मैं आपके मालिक को फ़ोन करके कहूंगी. पत्रकार को अधिकार नहीं है कि वह क्षेत्र की जनता का अपमान करे. भरत अग्रवाल जी है ना भास्कर में, मैं फ़ोन करूंगी और कहूंगी. मेरी क्षेत्र की जनता का अपमान मत कीजिए. आप होंगे बड़े रिपोर्टर लेकिन आपको जनता का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है. आइंदा मेरे क्षेत्र की जनता का अपमान मत कीजिएगा, बहुत प्यार से निवेदन कर रही हूं.”
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए दैनिक भास्कर ने कहा कि वह पत्रकार उनके संस्थान का नहीं है.
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भास्कर ने लिखा- “केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और एक पत्रकार के बीच बहस का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें विपिन यादव नाम को जो पत्रकार खुद का दैनिक भास्कर (डीबी कॉर्प) का रिपोर्टर बता रहा है, वह गलत है. अमेठी लोकसभा के इस क्षेत्र में दैनिक भास्कर का कोई स्थायी पत्रकार कार्यरत नहीं है. यहां दैनिक भास्कर अपने स्ट्रिंगर नेटवर्क से खबरें देता है. लेकिन विपिन भास्कर के स्ट्रिंगर नहीं है.”
केरल में पत्रकार के साथ क्या हुआ
10 जून को केरल में एक वरिष्ठ महिला पत्रकार पर राज्य पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है. ये एफ़आईआर सत्तारूढ़ माकपा की छात्र शाखा स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की एक शिकायत पर की गई है.
गिल्ड ने बयान में कहा कि ये घटनाएं पत्रकारों और फोटो पत्रकारों के लिए परेशान करने वाली है और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा है.
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पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले वहां के एनएसए से मुलाक़ात, ड्रोन डील पर क्या बनेगी बात
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से पहले अमेरिका के राष्ट्रीय
सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन भारत के दौरे पर हैं और मंगलवार को उन्होंने पीएम मोदी
से मुलाक़ात की.
प्रधानमंत्री मोदी 21 से 24 जून तक
अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक़ सुलिवन ने दोनों
देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति के बारे
में पीएम मोदी को जानकारी दी.
सुलिवन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा
को लेकर सकारात्मक हैं.
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक सामरिक
साझेदारी के बढ़ने और गहराते संबंधों पर संतोष व्यक्त किया.
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ड्रोन डील पर अमोरिका का फ़ोकस
पीएम मोदी के दौरे से पहले अमेरिकी समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्टमें कहा गया है कि इस यात्रा से पहले बाइडन प्रशासन भारत पर दर्जनों अमेरिकी सशस्त्र ड्रोन की डील करने को लेकर ज़ोर दे रहा है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत लंबे समय से अमेरिका से बड़े सशस्त्र ड्रोन खरीदने में दिलचस्पी दिखाता रहा है. लेकिन नौकरशाही बाधाओं के कारण सीगार्डियन ड्रोन के लिए अब तक सौदा नहीं हो सका है. इन ड्रोन की कीमत दो से तीन बिलियन डॉलर तक तक हो सकती है.
अमेरिका 22 जून को होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस यात्रा से उम्मीद लगाए हुए है. अमेरिका की कोशिश है कि इस दौरे पर ड्रोन डील को लेकर बात आगे बढ़े.
पीएम नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडेन के आधिकारिक बुलावे पर अमेरिका जा रहे हैं. इस यात्रा में 22 जून को होने वाला राजकीय रात्रिभोज भी शामिल है.
तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी. सेंथिलबालाजी को ईडी ने हिरासत में लिया
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प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले
में तमिलनाडु के बिजली मंत्री वी. सेंथिलबालाजी को हिरासत में लिया है. हिरासत में
लेने से पहले ईडी की एक टीम ने चेन्नई स्थित उनके आवास पर उनसे 18 घंटे की पूछताछ की
थी.
देर रात लगभग दो बजे सेंथिलबालाजी
को मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल ले जाया गया. युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि
स्टालिन,
स्वास्थ्य मंत्री एम सुब्रमण्यम और पीडब्ल्यूडी मंत्री ईवी
वेलू अस्पताल में सेंथिलबालाजी से मिलने
पहुंचे.
उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि
पार्टी क़ानूनी उपायों पर विचार करेगी और "बीजेपी की धमकी और दबाव के आगे नहीं
झुकेगी."
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हिरासत में लिए जाने से पहले ईडी ने 13 जून को सेंथिलबालाजी के दफ़्तर, राज्य सचिवालय और उनसे जुड़ी कई जगहों पर पहले छापे मारे थे.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बीजेपी पर ईडी का इस्तेमाल कर पीछे के दरवाज़े से डराने का आरोप लगाया.
छापे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा- “यह मायने नहीं रखता कि छापेमारी किस पर की गई, लेकिन यह मायने रखता है कि छापेमारी कहां की गई. सचिवालय में छापेमारी करना संघीय ढांचे के ख़िलाफ़ है.”
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इस छापे की शरद पवार, मल्लिकार्जुन खड़गे, सीताराम येचुरी, अरविंद केजरीवाल , ममता बनर्जी सहित विपक्ष के कई नेताओं ने आलोचना की है.
किस मामले में ईडी कर रही जांच
अब तक ईडी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है. हालांकि माना जा रहा है कि उन्हें साल 2011-15 के बीच हुए कथित नौकरी घोटाले के मामले में हिरासत में लिया गया है. ये मनीलॉन्ड्रिंग का मामला उस समय हुआ जब सेंथिलबालाजी जयललिता सरकार में परिवहन मंत्री थे.
आरोप है कि महानगर परिवहन निगम में नौकरी के लिए रिश्वत मांगी गई थी.
नमस्कार!
बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है.
ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 13 जून के अपडेट्स के लिए आप यहांक्लिककर सकते हैं.