हरियाणा ने कुरुक्षेत्र में धरने पर बैठे किसानों की मानी बात, हाईवे से हटेंगे आंदोलनकारी
किसानों के आंदोलन की वजह से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया था. आख़िर क्या थी किसानों की मांगे
लाइव कवरेज
नेपाल के राष्ट्रपति फिर अस्पताल में भर्ती
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इमेज कैप्शन, रामचंद्र पौडेल
नेपाल के राष्ट्रपति 78 वर्षीय रामचंद्र पौडेल को सीने में दर्द की शिकायत के बाद मंगलवार को काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनकी सेहत सामान्य है.
पौडेल का इलाज कर रहे डॉक्टर नीरज बाम ने बताया, “राष्ट्रपति की सेहत ठीक है. चिंता की कोई बात नहीं है.”
अस्पताल के मुताबिक़ सब कुछ ठीक रहा तो उन्हें बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.
इसी साल अप्रैल में भी उन्हें पेट दर्द और सांस की समस्या के बाद दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था और जब उन्हें आराम नहीं मिला तो उन्हें 19 अप्रैल को दिल्ली लाया गया जहां उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था.
एम्स में सफल इलाज के बाद वो वापस नेपाल लौट गए थे.नेपाली कांग्रेस के नेता पौडेल इसी साल मार्च में नेपाल के राष्ट्रपति बने थे.
हरियाणा ने कुरुक्षेत्र में धरने पर बैठे किसानों की मानी बात, हाईवे से हटेंगे आंदोलनकारी
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सूरजमुखी के एमएसपी की मांग को लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली
चंडीगढ़ हाईवे को जाम किए किसानों को आखिरकार हरियाणा सरकार से आश्वासन मिल गया.
कुरुक्षेत्र के डीसी शांतनु शर्मा ने कहा है कि हरियाणा सरकार हमेशा से ही
किसानों के समर्थन में खड़ी रही है. मुख्यमंत्री सूरजमुखी फसल पर एमएसपी बढ़ाने पर
राज़ी हो गए हैं.
इसके कुछ देर बात कुरुक्षेत्र एसपी सुरिंदर सिंह भोरिया ने कहा कि हमने
किसानों से प्रदर्शन ख़त्म करने की अपील की है. हरियाणा सरकार और पुलिस किसानों के
साथ है. प्रदर्शन के जल्द समाप्त होने की हमें उम्मीद है.
इसके साथ ही राकेश टिकैत ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी.
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि 'हमारा आंदोलन था कि एमएसपी पर ख़रीद शुरू हो. हम वही रेट मांग रहे थे जिसकी बात देश के पीएम ने की थी. ये लड़ाई तो पीएम और सीएम के बीच थी. हम आगे भी एमएसपी पर सारे देश में लड़ाई लड़ेंगे. जो केंद्र सरकार का रेट है वो सभी राज्यों में देना पड़ेगा. एमएसपी गारंटी के लिए आंदोलन की ज़रूरत पड़ेगी.'
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हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम
किसानों के प्रदर्शन की वजह से नेशनल हाईवे-44 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है.
सोमवार को किसानों ने पिपली अनाज मंडी में किसान रैली बुलाई थी, जिसमें कोई हल नहीं निकलने पर किसानों ने पिपली में गीता द्वार के पास नेशनल हाईवे-44 को जाम कर मोर्चा लगा दिया.
किसान नेता रमनदीप सिंह मान ने बीबीसी से बातचीत में बताया, "सोमवार को पिपली अनाज मंडी में किसान महारैली थी. करीब 25 हजार किसान पहुंच गए थे. एक बजे किसानों को फैसला सुनाना था, लेकिन तभी स्थानीय प्रशासन ने हमें कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर किसानों से बात करना चाहते हैं."
हमने पांच सदस्य कमेटी बनाकर एक दल मुलाकात के लिए करनाल भेजा. जब किसान पहुंचे तो हमें कहा गया कि सीएम चंडीगढ़ चले गए हैं. उसके बाद माहौल थोड़ा और गर्म हो गया."
उन्होंने कहा, "इसके बाद फैसला हुआ कि जब तक हमारी मांगे सरकार पूरी नहीं करेगी हम चंडीगढ़ हाईवे से नहीं उठेंगे और हमने सोमवार दोपहर तीन बजे से हाईवे जाम कर दिया."
नेपाल के व्यापारियों ने भारत से आलू, प्याज आयात करना बंद किया
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नेपाल के व्यापारियों ने मंगलवार को कहा कि बढ़े टैक्स की वजह से उन्होंने भारत
से आलू, प्याज़ और अन्य सब्जियों को आयात करना बंद कर दिया है.
13 प्रतिशत वैट लगाने से वो इनका आयात नहीं करेंगे.
पिछले महीने भारत से आने वाले इन सामानों पर नेपाल सरकार ने 13 प्रतिशत का वैट
लगा दिया है.
विपक्ष ने नेपाल सरकार के इस कदम का भारी विरोध किया है और कहा है कि कम आय वाले परिवारों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और पहले से ही आसमान
छूती महंगाई और बढ़ेगी.
29 मई को संसद में पेश वित्त विधेयक के मुताबिक, प्याज, आलू, अन्य सब्जियों और
फलों के आयात पर अब 13 प्रतिशत वैट लगेगा.
सरकार का कहना है कि ये कदम देसी किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया
है.
पिछले साल नेपाल ने भारत से 1,73,829 टन प्याज का आयात किया था.
पाकिस्तान में साइक्लोन बिपरजोय के कारण एक लाख लोगों को निकालने के लिए सेना तैनात
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इमेज कैप्शन, साइक्लोन बिपरजोय के कारण कराची में लोगों को तट खाली करने को कहा गया है.
पाकिस्तान के कराची शहर की ओर बढ़ रहे साइक्लोन बिपरजोय के कारण तटीय इलाकों से एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सरकार ने सेना को तैनात किया है.
तूफ़ान देश के दक्षिणी सिंध प्रांत की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
पाकिस्तान मौसम विभाग की ताज़ा सूचना के मुताबिक, बिपरजोय कराची तट से छह घंटे दूर 410 किलोमीटर दक्षिण में और ठट्टा से 400 किलोमीटर दूर है.
इसे अत्यंत ख़तरनाक की श्रेणी से बेहद ख़तरनाक की श्रेणी में रखा गया है. सिंध के तटीय इलाक़ों में 15 जून तक इस साइक्लोन के पहुंचने की आशंका है.
15 जून को ही ये साइक्लोन भारत के गुजरात के तट पर भी टकराएगा.
पाकिस्तान के मौसम विभाग के अनुसार, 17-18 जून तक इसकी तीव्रता के कमज़ोर होने की संभावना है.
केंद्र में हवाओं की रफ़्तार 170 किलोमीटर प्रति घंटे और सतह पर 140-150 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी. इससे उठने वाली लहरों की ऊंचाई के अधिकतम 30 फ़ुट होने की आशंका है.
सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने मीडिया को बताया कि इलाक़े में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है और सेना और नेवी को 80,000 लोगों को ख़तरे वाली जगहों से निकालने के लिए लगाया गया है.
उन्होंने कहा कि हम अपील नहीं कर रहे हैं, हम आदेश जारी कर रहे हैं. और इसके लिए सोशल मीडिया, मस्जिद और रेडियो स्टेशनों का सहारा ले रहे हैं.
शाह ने बताया कि ठट्टा, केटी बंदर, सुजावल, बदीन, थारपारकर और उमेरकोट ज़िलों में पहले ही बड़े पैमाने पर लोगों को निकालने का काम किया जा चुका है.
लोगों को ज़्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है जापान सरकार
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जापान अपने यहां लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है कि वे ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें और उसके लिए सहायता पैकेज की घोषणा भी की गई है.
जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने देश में जन्म दर में तेज गिरावट को रोकने के लिए कई नीतियों की घोषणा की है.
किशिदा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह दशक जापान के लिए अपनी बूढ़ी होती आबादी से निपटने का आखिरी मौका है.
घोषित नीतियों को अगले साल से लागू किया जाएगा. इसमें बच्चों को आर्थिक मदद, माता-पिता के लिए ज्यादा छुट्टियां, बच्चों की परवरिश पर होने वाले खर्च में मदद करना शामिल है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि वे देश में टैक्स को बिना बढ़ाए इस नीति को लागू करने की कोशिश करेंगे.
हालांकि कुछ विश्लेषकों को लगता है कि इस नीति में काफी पैसा खर्च होगा जिसकी वजह से उन्हें नहीं लगता कि यह लागू हो पाएगी.
साक्षी मलिक एक्सक्लूसिव : दिनभर-पूरा दिन, पूरी ख़बर प्रेरणा और मोहम्मद शाहिद के साथ
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पाकिस्तान के गृहमंत्री का दावा, इमरान ने माना- उनके पास हत्या की साज़िश का कोई सबूत नहीं
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पाकिस्तान के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने कहा है, “इमरान ख़ान ने क़बूल किया है कि उनके पास उनकी हत्या की साज़िश के कोई सबूत नहीं हैं. जांच के दौरान इमरान ने कहा था कि किसी ने उन्हें इस साज़िश के बारे में बताया था.”
गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी पाकिस्तान तहरीके इंसाफ़ के नेता इमरान ख़ान ने आरोप लगाया था कि सेना के आला अधिकारी और शहबाज़ शरीफ़ सरकार उनकी हत्या की साज़िश रच रही है.
इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान राना सनाउल्लाह ने कहा, “इमरान ख़ान ने अपनी हत्या की साज़िश का जो आरोप लगाया था उसी सिलसिले में जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की तो इमरान ने बयान दिया कि उनके पास इसका कोई सबूत नहीं है.”
सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान ने मनगढ़ंत आरोप लगाकर देश के युवाओं को गुमराह किया.
सनाउल्लाह ने दावा किया कि इमरान के ये सारे बयान लिखित में दर्ज हैं.
वहीं इमरान ख़ान ने ट्विटर पर लिखा, “जब मैं जनरल फ़ैसल नसीर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करा ही नहीं पाया तो कहां से सबूत मुहैया कराता. जनरल फ़ैसल नसीर ने ना सिर्फ़ राना सनाउल्लाह और शहबाज़ शरीफ़ के साथ मिलकर मुझे मारने की साज़िश की बल्कि बाद में अपने इन करतूतों पर लीपापोती करने की कोशिश भी की.
"अगर आगे इस मामले को लेकर स्वतंत्र जांच होती है तो मैं साबित कर दूंगा कि उन्होंने हमारी जनता के हितों के ख़िलाफ़ गंभीर अपराध किए हैं.”
पिछले महीने इमरान ख़ान को जब भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में इस्लामाबाद पुलिस ने गिरफ़्तार किया था तो उसके बाद इमरान समर्थकों ने बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की थी और पुलिस के साथ उनकी झड़पें हुई थीं, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी.
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जैक डोर्सी का दावा- भारत सरकार ने दी थी ऑफ़िस बंद करने की धमकी, अब तक किसने क्या कहा
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ट्विटर के पूर्व सीईओ और सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि किसान आंदोलन के समय भारत सरकार ने ट्विटर का भारत में दफ़्तर बंद करने की धमकी दी थी और कर्मचारियों के घरों पर छापा मारने की भी धमकी दी थी और छापे मरवाए भी गए.
जैक डोर्सी ने सोमवार को यूट्यूब चैनल ब्रेकिंग पॉइंट को दिए गए इंटरव्यू में ये बात कही.
इसे लेकर केंद्र सरकार, विपक्षी पार्टियां और कई लोग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. सरकार के मंत्री ने जैक डोर्सी के दावों को ख़ारिज किया है तो वहीं कांग्रेस ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर आरोप लगाया है कि पीएम मोदी लोगों की आवाज़ दबा रहे हैं.
टेक्नॉलजी मंत्री ने क्या कहा?
मोदी सरकार में इलेक्ट्रॉनिक एवं टेक्नॉलजी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक बयान में कहा है कि भारत में ना ही ट्विटर के दफ़्तर पर छापा मारा गया था और ना ही किसी को जेल भेजा गया था.
राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “जैक डोर्सी के नेतृत्व में ट्विटर और उनकी टीम लगातार भारतीय नियमों का उल्लंघन कर रही थी. तथ्य ये है कि साल 2020 से 2022 के बीच उन्होंने लगातार भारत के क़ानूनों का पालन नहीं किया. ट्विटर ने अंततः जून 2022 में क़ानूनों का पालन किया.”
“ट्विटर ने ऐसा व्यवहार किया जैसे भारत के क़ानून उस पर लागू ही नहीं होते हैं. भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसे ये सुनिश्चित करने का अधिकार है कि भारत में काम कर रही सभी कंपनियां भारतीय क़ानूनों का पालन करें.”
“जनवरी 2021 के प्रदर्शनों के दौरान, बहुत सी भ्रामक जानकारियां थीं और यहां तक की जनसंहार तक की रिपोर्टें आ रहीं थीं जो बिल्कुल फ़र्ज़ी थीं. भारत सरकार प्लेटफॉर्म से ऐसी जानकारियां हटवाने के लिए बाध्य थी क्योंकि ऐसी फ़र्ज़ी ख़बरें हालात को और गंभीर बना सकती थीं.”
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तत्कालीन आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने क्या कहा?
तत्कालीन आईटी मंत्री और वर्तमान सांसद रविशंकर प्रसाद ने जवाब दिया है.
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये लोग महिलाओं की गलत तस्वीरें ट्वीट करने वालों पर कार्रवाई करने से इनकार करते थे. ये ट्विटर के लोग वही थे जो अमेरिकी कांग्रेस में पेश होंगे, ब्रिटिश संसद में पेश होंगे लेकिन भारत की संसदीय समिति के सामने पेश नहीं होंगे. उस समय ना ही ये भारत का संविधान मानते थे और ना ही भारत का क़ानून मानते थे.”
“सबसे बड़ी बात हमने कही थी कि आप अपने अकाउंट को वेरीफाई कीजिए. कई बार अनवेरीफाइड अकाउंट से पाकिस्तान से ट्वीट होता था जो आतंकवादियों के समर्थन में होता था. ये सारे काम नहीं किए, जैक डोर्सी ने क्या किया है वो सारी चीज़ें सामने आ रही हैं. एक बात साफ़ है भारत में हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सम्मान है, भारत एक लोकतंत्र है लेकिन भारत का क़ानून मानना होगा.”
“जैक डोर्सी का दावा गलत है. अगर लाल किले पर तिरंगे का अपमान किया गया, जो सच है और अगर उस कंटेंट को रोकने को कहा गया तो इसमें क्या गलत है. पहले उन्होंने कहा ये फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन है बाद में वो हमारी बात माने. ट्विटर पर महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें परोसी जा रही थी उस पर कार्रवाई नहीं हो रही थी. हमने कहा आपको कार्रवाई करनी होगी."
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मल्लिकार्जुन खड़गे-
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश को शर्मिंदा करने में बीजेपी अव्वल है. अंग्रेजों की गुलामी से बीजेपी ने केवल तानाशाही की टूलकिट अपनाई है.
उन्होंने कहा, "किसान आंदोलन को कुचलने के लिए मोदी सरकार ने क्या कुछ नहीं किया. खुद पीएम मोदी जी ने अन्नदाता किसानों को आंदोलनजीवी बुलाया. यूपी के मुख्यमंत्री ने किसानों पर विदेशी फंडिग लेने का आरोप लगाया."
खड़गे ने कहा, "750 किसानों की जान गई. उनको श्रद्धांजलि और मुआवजा देना तो दूर, उन शहीदों के लिए संसद में एक मिनट का मौन भी नहीं रखा गया."
कपिल सिब्बल -
यूपीए सरकार में टेलीकॉम मंत्री रहे और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि जैक डोर्सी के पास झूठ बोलने की कोई वजह नहीं है, वहीं सरकार के पास झूठ बोलने की सारी वजहें हैं.
अखिलेश यादव-
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ''वैश्विक स्तर पर स्वतंत्र अभिव्यक्ति के मंच ट्विटर तक पर जब बीजेपी सरकार दबाव डाल सकती है तो देश के मीडिया का क्या कहना. दुनियाभर में देश की छवि खराब करने के लिए बीजेपी सरकार ‘भारत देश’ से माफी मांगे.
अरविंद केजरीवाल-
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''अगर देश के अंदर किसान आंदोलन को रोकने की कोशिश की गई तो ये तो गलत बात है.''
कांग्रेस ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस ने इस मामले पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, “ट्विटर के फाउंडर और पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने बताया है कि मोदी सरकार ने उन्हें धमकाया- अगर किसान आंदोलन दिखाया तो ट्विटर के ऑफिस और कर्मचारियों के घर पर छापे पड़ेंगे. ट्विटर को भारत में बैन कर दिया जाएगा. जब देश के किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे, तो पीएम मोदी उनकी आवाज दबा रहे थे.”
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जैक डोर्सी ने क्या कहा है
जैक डोर्सी ने ये दावा सोमवार को यूट्यूब चैनल ब्रेकिंग पॉइंट के साथ साक्षात्कार में किया है.
जैक डोर्सी से ‘ताक़तवर लोगों’ की मांगों के संबंध में सवाल पूछा गया था. इस सवाल में भारत का नाम भी नहीं लिया गया था.
इसके जवाब में डोर्सी ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान भारत सरकार ने ट्विटर को बंद तक करने की धमकी दी थी.
जैक डोर्सी से पूछा गया था, “दुनियाभर के ताक़तवर लोग आपके पास आते हैं और कई तरह की मांगें करते हैं, आप नैतिक सिद्धांतों वाले व्यक्ति हैं, इन हालात से आप कैसे निकलते हैं?”
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मिसाल के तौर पर भारत एक ऐसा देश है, जहाँ से किसान आंदोलन के दौरान हमारे पास बहुत सी मांगें आ रहीं थीं. कुछ ख़ास पत्रकार सरकार के आलोचक थे, उनके बारे में. एक तरह से हमसे कहा गया कि हम भारत में ट्विटर को बंद कर देंगे, भारत हमारे लिए बड़ा बाज़ार है. आपके कर्मचारियों के घरों पर छापे मार देंगे, जो उन्होंने किया. हम आपके आफ़िस बंद कर देंगे, अगर आप हमारी बात नहीं मानेंगे. ये भारत में हो रहा था, जो लोकतांत्रिक देश है.”
राजस्थान: बीजेपी का अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन, नेताओं ने दी गिरफ्तारियां
....में
Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ़ मंगलवार को बीजेपी ने महा जनघेराव रैली निकाली.
बीजेपी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और पेपर लीक का आरोप लगाया है. और उसी को लेकर ये रैली की गई थी.
बीजेपी नेता और कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय पर सभा के बाद सचिवालय घेराव के लिए निकले.
पुलिस ने बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रास्ते में बैरिकेडिंग कर रोक लिया. इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई. प्रदेश महामंत्री घायल हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है.
पुलिस ने वाटर कैनन के ज़रिए कार्यकर्ताओं को तितर बितर किया गया. बीजेपी नेताओं ने इस दौरान गिरफ्तारियां दी.
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बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी और अशोक गहलोत की कड़ी आलोचना की.
बीजेपी ने इस कार्यक्रम में चालीस हज़ार लोगों के जुटने का दावा किया था, लेकिन रैली में पहुंचने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं की संख्या बहुत कम रही.
कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यक्रम में खाली पड़ी कुर्सियों का ज़िक्र करते हुए रैली को असफल बताया है.
ज़ेलेंस्की के शहर पर मिसाइल हमले, 11 लोगों की मौत
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यूक्रेन ने दावा किया है कि राष्ट्रपति वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की के गृहनगर क्रीफ़ी रीह में रूसी मिसाइल हमलों में अब तक 11 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है और 28 घायल हो गए हैं.
स्थायीन अधिकारी ओलेक्सेंद्र विलकुल के मुताबिक़ मिसाइल हमलों से ढेर हुई इमारतों के मलबे में एक शख़्स के दबे होनी की आशंका है और राहत कार्य ज़ोरों से चल रहे हैं.
ख़बरों के मुताबिक़ एक बिज़नेस सेंटर से छह शव मिले वहीं एक दूसरी पांच मंज़िला इमारत से चार शव बरामद किए गए.
वहीं रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी सेना ने लगातार दूसरी बार दोनेत्सक में यूक्रेनी सेना के हमले को नाकाम कर दिया है.
रूस ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना को ज़बरदस्त नुक़सान पहुंचा है और उसने यूक्रेन के आठ लेपर्ड टैंक तबाह कर दिए हैं.
यूक्रेन को अपने पश्चिमी सहयोगियों से ये टैंक मिले थे.
यूक्रेन ने रूस के दावे पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ये ज़रूर कहा है कि उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने कीएव इलाके में रूस के संभावित हमलों को रोक दिया है.
कोलंबिया के जंगल में बच्चों को खोजने वाला कुत्ता लापता, तलाश जारी
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कोलंबिया के घने जंगलों में 40 दिनों तक भटकने के बाद बच्चों को बचाया गया लेकिन खोज अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है.
देश की सेना का कहना है कि बचाव अभियान में एक कुत्ता भी शामिल था जिसका नाम विल्सन है.
छह साल के विल्सन ने जंगल में बच्चों से जुड़े कई सुराग ढूंढने में मदद की थी, जो घने जंगल में गुम हो गए थे.
एक मई को हुए विमान हादसे के वक़्त से ये बच्चे लापता थे. चारों बच्चे उस हल्के विमान में सफ़र कर रहे थे, जो एक मई को तड़के अमेज़न के घने जंगलों के बीच दुर्घटना का शिकार हो गया था.
इस हादसे में बच्चों की मां की मौत हो गई थी. जिसके बाद 13 साल, 9 साल, चार साल और एक साल के ये बच्चे उन घने जंगलों के बीच फंस गए थे, जहां पर ज़हरीले सांपों, ख़तरनाक जगुआर और मच्छरों का बसेरा है.
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सेना का कहना है कि शुरुआत में जब बचाव अभियान शुरू किया गया तो उसमें विल्सन काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ. उसकी वजह से ही बचाव दल को जंगल में एक बच्चे की बोलत मिली थी जिसके बाद लोगों को उम्मीद जगी कि बच्चे जिंदा हैं.
सेना का मानना है कि जंगल की जटिलता, नमी और मौसम की स्थिति के कारण कुत्ता विचलित हो गया होगा.
बच्चों के अधिकारों की देखरेख करने वाली संस्था कोलम्बियाई इंस्टीट्यूट फॉर फैमिली वेलफेयर के निदेशक एस्ट्रिड कैसरेस के अनुसार जंगल से बचाए गए नाबालिग बच्चों ने संकेत दिए हैं कि जंगल में एक कुत्ता भी उनके साथ था.
हालांकि यह साफ नहीं है कि यह कुत्ता विल्सन ही था या कोई और था.
बच्चों ने कुछ चित्र बनाए हैं जिसमें एक कुत्ता भी दिखाई दे रहा है.
सेना का कहना है कि विल्सन ने जो मदद की है उसे भुलाया नहीं जा सकता और उसे जंगल में पीछे नहीं छोड़ा जाएगा.
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बिपरजोय से कराची समेत पाकिस्तान के कई तटीय इलाकों पर मंडराया खतरा
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत में डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि साइक्लोन बिपरजोय से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भयंकर ख़तरा है.
सरकार के मुताबिक़ तूफ़ान की वजह से भारी बारिश और बाढ़ का अंदेशा है.
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वो मंगलवार शाम तक अपने घरों को छोड़कर सरकारी राहत कैंपों में चले जाएं. क़रीब 80 हज़ार लोगों को सुरक्षित जगहों की ओर ले जाया जा रहा है.
अंदेशा है कि ये कल सुबह कराची तक पहुंच जाएगा. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक़ ये कराची में 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से टकराएगा.
सिंध प्रांत के ठट्टा, सुजावल और बदिन ज़िलों में भी साइक्लोन से भारी नुक़सान की आशंका जताई जा रही है. ग्वादर और बलोचिस्तान में भी नुक़सान होने का अंदेशा जताया जा रहा है.
स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं इस वजह से स्कूल की इमारतें खाली पड़ी हुई हैं. ऐसे में इन्हें राहत कैंपों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
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ताबूत में सांस लेती मिली 'मृत महिला'
इक्वाडोर की एक बुज़ुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में जुटे लोग उस वक्त हैरान रह गए, जब वह अपने ताबूत में सांसें ले रही थी.
बाबाहोयो कस्बे के एक अस्पताल ने 76 वर्षीय बेला मोंटेया को दिल का दौरा पड़ने के बाद मृत घोषित कर दिया गया था.
बेला के मृत पाए जाने पर उनके परिजनों ने उसे एक ताबूत में रखा और अंतिम संस्कार के लिए ले गए.
उन्हें श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा गया था. बेला करीब पांच घंटे तक ताबूत में रहीं.
दफनाने से पहले उनके कपड़े बदलने के लिए जब ताबूत को खोला गया तो लोगों ने पाया कि बेला मोंटेया सांस ले रहीं थीं.
बेला के बेटे गिल्बर्ट बलबेरन ने कहा, "मां अपना बायां हाथ हिला रहीं थीं, उनकी आंखें खुली हुई थीं और वे सांस लेने की कोशिश कर रहीं थीं.
उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां फ़िलहाल वो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं.
जीतन राम मांझी के बेटे ने नीतीश कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दिया
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Author, चंदन कुमार जजवाड़े
पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से
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बिहार सरकार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन ने मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.
संतोष सुमन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी के बेटे हैं.
संतोष सुमन ने अपने इस्तीफ़े के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि अपनी पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए उन्होंने यह फ़ैसला लिया है.
उनका कहना है, “हमारी पार्टी का अस्तित्व ख़तरे में था. हम पर अपनी पार्टी का विलय जेडीयू में करने का प्रस्ताव आ रहा था. हमने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. हमने पहले भी कहा है कि हमारी विचारधारा महागठबंधन की विचारधारा है. हमारे नेता जीतन राम मांझी जी ने साफ़ कहा है जब तक हमें रखेंगे हम महागठबंधन के साथ हैं.”
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माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी नीतीश सरकार से नाराज़ चल रहे हैं. इससे पहले 23 जून को पटना में महागठबंधन की बैठक के लिए जीतन राम मांझी को न्योता नहीं दिया गया था.
23 जून की इस बैठक से पहले बिहार के महागठबंधन में इसे एक बड़ी दरार के तौर पर देखा जा रहा है. बिहार की सियासत में यह भी संभावना जताई जा रही है कि जीतन राम मांझी एनडीए का दामन थाम सकते हैं.
संतोष सुमन के इस्तीफ़े पर जेडीयू विधायक और बिहार सरकार में मंत्री लेसी सिंह ने कहा है कि इससे सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
लेसी सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है, “उनको हमारे नेता ने मुख्यमंत्री तक बना दिया. इससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है. ऐसे नेता आते-जाते रहते हैं.”
सीएम अशोक गहलोत ने बताया, उनकी कुर्सी किसने बचाई थी
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Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले में सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिर एक बार विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोप लगाए हैं.
मुख्यमंत्री ने एक सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक रमीला खड़िया की तारीफ़ की.
उन्होंने कहा, "रमीला ने मेरी सरकार नहीं बचाई होती तो आज मैं मुख्यमंत्री के रूप में आपके सामने खड़ा नहीं होता."
सीएम गहलोत ने कहा, "रमीला खड़िया के लिए लोग पैसा ले कर आ गए, गाड़ी की डिक्की में पैसे भी रख दिए. लेकिन, इस महिला ने बिल्कुल हाथ नहीं लगाया और उन लोगों को कहा कि आप चले जाइए यहां से."
सीएम ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का ज़िक्र करते हुए विधायक रमीला खड़िया के लिए कहा, "इन्होंने हमारी सरकार के लिए मदद की. नहीं तो महाराष्ट्र में सरकार चली गई, मध्यप्रदेश में हमारी सरकार चली गई. यहां भी जा सकती थी. लेकिन, इस महिला ने बहुत हिम्मत का काम किया."
अशोक गहलोत ने बीते महीने धौलपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए भारत के गृह मंत्री अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान और गजेंद्र सिंह शेखावत पर सरकार गिराने का षड्यंत्र करते हुए विधायकों को पैसा बांटने के आरोप लगाए थे."
सरकार का रोज़गार मेले में 70 हज़ार नौकरियां देने का दावा, कांग्रेस ने मेले को बताया 'विश्वगुरु का तमाशा'
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लखनऊ में चल रहे रोज़गार मेले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए 70 हज़ार लोगों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र बांटे.
इस मौक़े पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दावा किया, “पिछले नौ साल में आठ लाख 80 हज़ार लोगों को सरकारी नौकरियां दी गईं. जिनमें से आज एक ही दिन में 70 हज़ार लोगों को नौकरियां दी गईं.
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार के इस दावे पर तंज़ कसा है.
उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “रोज़गार मेले में किसी को कोई नई नौकरी नहीं दी जा रही है. लोगों को जो नौकरियां मिलीं वो पहले से ही स्वीकृत पोस्ट थीं. जो सालों से अस्तित्व में रही प्रक्रिया का हिस्सा हैं.प्रधानमंत्री मोदी जी पिछले नौ सालों में नई नौकरियों को क्रिएट करने में बिलकुल नाकामयाब साबित हुए हैं.”
जयराम रमेश ने आगे कहा, “जिन लोगों को सामान्य तौर पर भी नियुक्ति पत्र मिलता उन्हें सबके सामने स्वघोषित विश्वगुरु तमाशा बनाकर नियुक्ति पत्र दे रहे हैं.”
जयराम रमेश ने कहा कि लोगों ने कड़ी मेहनत करके परीक्षा पास करके नौकरी हासिल की और ऐसा जताया जा रहा है जैसे प्रधानमंत्री और उनकी सरकार उन लोगों पर कोई एहसान कर रही है.
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अमेरिका में भी ट्रक पर सवार हुए राहुल गांधी, ड्राइवर से पूछा कितना कमाते हो
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका में ट्रक ड्राइवर तलजिंदर सिंह के साथ उनके ट्रक में सफर किया.
सफर का यह वीडियो राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया है.
वीडियो में राहुल गांधी ट्रक ड्राइवर तलजिंदर से कहते हैं, "भारत में जो ट्रक मालिक हैं, उन्हें ड्राइवर की सुख सुविधा से कुछ लेना देना नहीं है."
सफर करते हुए राहुल गांधी तलजिंदर से पूछते हैं, "कितना कमा लेते हो?"
जवाब में तलजिंदर कहते हैं, "भारत के हिसाब से तो बहुत बन जाता है. ड्राइवरी भी करते हैं तो चार-पांच लाख रुपये बन जाते हैं. यहां पर ट्रक वाला आराम से आठ से दस हजार डॉलर बना लेता है, जो भारतीय करेंसी में आठ लाख रुपये बनता है."
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तलजिंदर कहते हैं कि अमेरिका में ट्रक चलाकर व्यक्ति अच्छे से अपने परिवार को रख सकता है, लेकिन भारत में किसी ट्रक ड्राइवर के लिए अपने परिवार का खर्चा चलाना भी मुश्किल है.
इससे पहले राहुल गांधी ने ट्रक ड्राइवरों के साथ दिल्ली से चंडीगढ़ का सफर किया था.
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दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके
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दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी का कहना है कि भूकंप का केंद्र जम्मू-कश्मीर के डोडा में है और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.4 है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. ओपी मिश्रा ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 5.4 थी और भारतीय समय अनुसार 1 बजकर 33 मिनट 42 सेकंड पर भूकंप को दर्ज किया गया.
उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र जम्मू-कश्मीर के डोडा में था और भूकंप के झटके हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और आसपास के सभी इलाकों में महसूस किए गए होंगे.
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समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए श्रीनगर के एक स्थानीय निवासी ने कहा, "अभी भूकंप आया तो स्कूल में जो बच्चे थे वो घबरा गए. पिछले हफ्ते भी आया था, लेकिन आज जो आया वो तेज था. भूकंप के समय गाड़ियों में चलने वाले लोग भी बाहर आ गए थे. "
ईएमएससी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ से 30 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में था. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई है.
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काबुल में शवों को दफ़नाने के लिए अब जगह नहीं, लेकिन क्यों
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काबुल नगर पालिका का कहना है कि शहर में मौजूदा क़ब्रिस्तानों में मृतकों को दफनाने के लिए जगह नहीं बची है.
पालिका का कहना है कि अब काबुल के लोगों को अपने मृतकों को शहर के बाहर किसी दूसरे क़ब्रिस्तान में दफ़नाना होगा.
काबुल शहर में 300 से ज्यादा क़ब्रिस्तान हैं. कई दशकों के लगातार युद्ध के कारण काबुल में तेजी से क़ब्रिस्तान बनाए गए.
वहीं हाल ही में शहर में बढ़ती जनसंख्या और अवैध बस्तियों के बनने से शहर में खाली जगह की कमी हो गई है, जिसके चलते नए कब्रिस्तान नहीं बन पा रहे हैं.
काबुल नगर पालिका ने लोगों को जिस नए कब्रिस्तान का इस्तेमाल करने के लिए कहा है, वह शहर से काफ़ी दूर है.
जैक डोर्सी के आरोपों पर तब के आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का जवाब
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ट्विटर के पूर्व सीईओ और सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि किसान आंदोलन के समय केंद्र सरकार ने ट्विटर के भारत में दफ़्तरों को बंद करने की धमकी दी थी और कर्मचारियों के घर पर छापे मारे गए थे.
इस बयान पर अब तत्कालीन आईटी मंत्री और वर्तमान सांसद रविशंकर प्रसाद ने जवाब दिया है.
उन्होंने कहा है कि ट्विटर अमेरिकी कांग्रेस और ब्रिटिश संसद में पेश होता है लेकिन भारत की संसदीय समिति के सामने पेश नहीं होते. वो हमारे नियम नहीं मानते थे.
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये लोग महिलाओं की गलत तस्वीरें ट्वीट करने वालों पर कार्रवाई करने से इनकार करते थे. ये ट्विटर के लोग वही थे जो अमेरिकी कांग्रेस में पेश होंगे, ब्रिटिश संसद में पेश होंगे लेकिन भारत की संसदीय समिति के सामने पेश नहीं होंगे. उस समय ना ही ये भारत का संविधान मानते थे और ना ही भारत का क़ानून मानते थे.”
“सबसे बड़ी बात हमने कही थी कि आप अपने अकाउंट को वेरीफाई कीजिए. कई बार अनवेरीफाइड अकाउंट से पाकिस्तान से ट्वीट होता था जो आतंकवादियों के समर्थन में होता था. ये सारे काम नहीं किए, जैक डोर्सी ने क्या किया है वो सारी चीज़ें सामने आ रही हैं. एक बात साफ़ है भारत में हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सम्मान है, भारत एक लोकतंत्र है लेकिन भारत का क़ानून मानना होगा.”
“जैक डोर्सी का दावा गलत है. अगर लाल किले पर तिरंगे का अपमान किया गया, जो सच है और अगर उस कंटेंट को रोकने को कहा गया तो इसमें क्या गलत है. पहले उन्होंने कहा ये फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन है बाद में वो हमारी बात माने. ट्विटर पर महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें परोसी जा रही थी उस पर कार्रवाई नहीं हो रही थी. हमने कहा आपको कार्रवाई करनी होगी."
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जैक डोर्सी ने इंटरव्यू में कहा क्या है
जैक डोर्सी ने ये दावा सोमवार को यूट्यूब चैनल ब्रेकिंग पॉइंट के साथ साक्षात्कार में किया है.
जैक डोर्सी से ‘ताक़तवर लोगों’ की मांगों के संबंध में सवाल पूछा गया था. इस सवाल में भारत का नाम भी नहीं लिया गया था.
इसके जवाब में डोर्सी ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान भारत सरकार ने ट्विटर को बंद तक करने की धमकी दी थी.
जैक डोर्सी से पूछा गया था, “दुनियाभर के ताक़तवर लोग आपके पास आते हैं और कई तरह की मांगें करते हैं, आप नैतिक सिद्धांतों वाले व्यक्ति हैं, इन हालात से आप कैसे निकलते हैं?”
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मिसाल के तौर पर भारत एक ऐसा देश है, जहाँ से किसान आंदोलन के दौरान हमारे पास बहुत सी मांगें आ रहीं थीं. कुछ ख़ास पत्रकार सरकार के आलोचक थे, उनके बारे में. एक तरह से हमसे कहा गया कि हम भारत में ट्विटर को बंद कर देंगे, भारत हमारे लिए बड़ा बाज़ार है. आपके कर्मचारियों के घरों पर छापे मार देंगे, जो उन्होंने किया. हम आपके आफ़िस बंद कर देंगे, अगर आप हमारी बात नहीं मानेंगे. ये भारत में हो रहा था, जो लोकतांत्रिक देश है.”