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कांग्रेस मुख्यालय में बल्ले-बल्ले का माहौल, तस्वीरों में देखें...
कर्नाटक के सीएम बोम्मई के सामने भाजपा दफ्तर में निकला कोबरा, पकड़ा गया
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कर्नाटक चुनाव: रुझानों में कांग्रेस को बहुमत मिला, बीजेपी कहां?
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रुझानों में कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा छू लिया है.
विधानसभा की 224 सीटों के लिए 10 मई को मतदान हुआ था.
यहाँ किसी पार्टी को बहुमत के लिए 113 सीटों पर जीतना ज़रूरी है.
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार फिलहाल कांग्रेस 113 सीटों पर आगे चल रही है.
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कर्नाटक चुनाव: कांग्रेस ने कहा- बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना सबसे अहम
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इमेज कैप्शन, यतिंद्र सिद्धारमैया
कर्नाटक के शुरुआती रुझान आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं.
दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए बीजेपी प्रवक्ता जफ़र-उल-इस्लाम ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि बीजेपी सरकार बना लेगी.
वहीं, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतिंद्र सिद्धारमैया ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा है कि कांग्रेस के लिए सबसे अहम बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना है और उसके लिए पार्टी कुछ भी करेगी.
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शुरुआती रुझानों में कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है.
इन पर प्रतिक्रिया देते हुए जफ़र उल इस्लाम ने कहा, "ये शुरुआती रुझान है, इन्हें किसी एक नज़रिये से नहीं देखना चाहिए. जैसे-जैसे दिन ढलेगा, तस्वीर साफ़ होती जाएगी. लेकिन हम इस बात को स्वीकार करते हैं कि अभी भले ही कांटे की टक्कर दिख रही हो, 12 बजे तक तस्वीर साफ़ हो जाएगी और हम कर्नाटक में सरकार बनाने में कामयाब रहेंगे."
उन्होंने कहा, "सभी पार्टियां दावे करती हैं, हम भी अपना दावा कर रहे हैं. हम जो ज़मीनी स्तर से फ़ीडबैक मिला है, हमारे पन्ना प्रमुख ने जो हमें बताया है उसके आधार पर मैं ये कह सकता हूं कि हम बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार करेंगे और उससे कुछ अधिक सीटें प्राप्त करेंगे."
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वह जेडीएस के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस जेडीएस के साथ जाती है या नहीं, ये उनका अपना आंतरिक मामला है. हम ये कह सकते हैं कि सरकार हम बनाने जा रहे हैं. हम समान विचारधारा वाली हर ऐसी पार्टी को साथ लेकर चलते हैं जो सरकार बनाने के बाद जनता की परवाह करते हैं और जनता के लिए काम करते हैं."
वहीं कांग्रेस नेता यतिंद्र सिद्धारमैया ने भी राज्य में अपनी पार्टी के बहुमत हासिल करने का दावा किया है.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमें विश्वास है कि हम बहुमत हासिल कर लेंगे, मुझे लगता है कि हमें गठबंधन सहयोगी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन अगर हम बहुमत हासिल नहीं कर पाते हैं तो हमारे नेता तय करेंगे कि क्या करना है."
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जेडीएस के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा, "पार्टी में मेरा कद छोटा है, मैं नहीं जानता कि बहुमत ना मिलने की स्थिति में हमारे नेता क्या करेंगे, हमारा लिए अहम ये है कि हम बीजेपी को सत्ता से बाहर रखें."
यतिंद्र सिद्धारमैया ने कहा कि वो अपने पिता को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, "एक बेटे के तौर पर मैं चाहता हूं कि मेरे पिता मुख्यमंत्री बनें. राज्य के नागरिक के रूप में भी मैं कहूंगा कि उनकी पिछली सरकार बहुत अच्छी रही थी. अगर वो मुख्यमंत्री बनें तो वो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ काम करेंगे."
बेंगलुरू से LIVE: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों कौन आगे-कौन पीछे?
बेंगलुरू से LIVE: कर्नाटक विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस आगे दिख रही है, ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद. (कैमरा- केंज़ उल मुनीर)
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कर्नाटक: मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की सीटों का क्या है हाल?
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है लेकिन सत्ताधारी बीजेपी भी कई सीटों पर आगे चल रही है.
सीएम बासवराज बोम्मई शिग्गांव सीट पर आगे चल रहे हैं. वहीं उनके कांग्रेसी प्रतिद्वंद्वी पठाना यासिर अहमद ख़ान दूसरे नंबर पर है.
वहीं, पूर्व सीएम और जेडीएस नेता एच.डी कुमारस्वामी भी अपनी चन्नापटना सीट पर आगे हैं.
इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सीपी योगेश्वर से उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है.
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कर्नाटक: रुझानों में कांग्रेस का शतक, 100 से अधिक सीटों पर आगे
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव के अब तक के रुझानों में कांग्रेस को 110 सीटों पर बढ़त मिल गई है.
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एग्ज़िट पोल्स में कांग्रेस को बहुमत और जेडीएस को 30 से 32 सीटों पर जीत की संभावना बताई गई.
इसके हवाले से कुमारस्वामी ने कहा कि पूर्वानुमानों पर जाएं तो उन्हें कोई विकल्प तलाशने की ज़रूरत नहीं है.
उन्होंने कहा, "अगले 2-3 घंटे में साफ़ हो जाएगा. एग्ज़िट पोल्स में दो राष्ट्रीय पार्टियों को बढ़त दिखाई गई थी. इसमें जेडीएस को 30-32 सीटें दी गईंय.. मुझे अच्छे बदलाव की उम्मीद है."
पूर्व सीएम ने कहा, "अभी तक मुझसे किसी ने संपर्क नहीं किया है. फ़ाइनल नतीजे देखते हैं. एग्ज़िट पोल्स के मुताबिक, कोई विकल्प देखने की ज़रूरत नहीं है."
अगर भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान नहीं आई तो...: पीसीबी चीफ़ नजम सेठी
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन नजम सेठी ने ये साफ़ कर दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस साल होने जा रहे ओडीआई वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तभी भारत आएगी, जब भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए पाकिस्तान जाए.
सेठी ने ये भी कहा कि अगर भारतीय टीम पाकिस्तान आती है तो उनकी क्रिकेट टीम को भारत के किसी भी शहर में खेलने पर आपत्ति नहीं है, फिर वो अहमदाबाद ही क्यों न हो.
नजम सेठी ने ये बातें समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहीं.
पाकिस्तान ने एशिया क्रिकेट काउंसिल के सामने 'हाइब्रिड मॉडल' के तहत एशिया कप का आयोजन करने का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत चार मैच पाकिस्तान में होंगे और बाकी किसी न्यूट्रल वेन्यू पर.
अगर एशिया कप पाकिस्तान में नहीं होता तो क्या ऐसे में पाकिस्तान एशिया क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) में बनी रहेगी. इस सवाल पर नजम सेठी ने कहा कि इस पर एसीसी विचार करे. एसीसी की अध्यक्षता अब पीसीबी को करनी है. इसलिए हम इसमें बने रहना चाहते हैं. वैसे पाकिस्तान के बिना कोई एसीसी नहीं हो सकता.
इमेज कैप्शन, बीते साल एशिया कप टूर्नामेंट में मुक़ाबले के दौरान भारत-पाकिस्तान के ख़िलाड़ी
एसीसी की आमदनी सबसे ज़्यादा भारत और पाकिस्तान से होती है. इन दोनों देशों के मैच से ही ब्रॉडकास्टर राइट्स का 80 फ़ीसदी हिस्सा आता है. अगर पाकिस्तान एशिया कप नहीं खेलता तो ब्रॉडकास्टर्स को परेशानी हो सकती है.
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एशिया कप में भारत और पाकिस्तान को दो मैच खेलने हैं. अगर ये दोनों टीमें फ़ाइनल में पहुंचती हैं तो इनके बीच तीसरा मुक़ाबला होगा.
इसलिए भारत और पाकिस्तान दोनों ही एशिया कप और काउंसिल के लिए महत्वपूर्ण हैं.
अहमदाबाद में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के खेलने से जुड़े सवाल पर नजम सेठी ने कहा कि असल सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान भारत जाएगा या नहीं न कि अहमदाबाद में खेलेगा या नहीं. उन्होंने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान आकर खेले तो हम भी वहां जाएंगे, लेकिन वो पाकिस्तान में नहीं खेलते तो हम क्यों भारत जाएं?
पाकिस्तान: दो दिन हिरासत में रहने के बाद इमरान ख़ान लाहौर लौटे
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के प्रमुख इमरान ख़ान दो दिनों तक हिरासत में रहने के बाद शनिवार तड़के लाहौर स्थित अपने घर पहुंच गए हैं.
इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अल-क़ादिर ट्रस्ट मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को दो सप्ताह के लिए अंतरिम ज़मानत दी.
यहाँ उनके समर्थकों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया. इमरान सड़क के रास्ते लाहौर स्थित अपने घर पहुंचे हैं.
बेल मिलने के बाद भी इमरान ख़ान कुछ घंटों तक इस्लामाबाद हाई कोर्ट परिसर में ही रहे.
हालांकि, पूर्व पाकिस्तानी पीएम ने ये दावा किया कि इस्लामाबाद पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल ने उन्हें लाहौर जाने से रोकने के लिए भरसक कोशिशें कीं, तीन घंटे तक इंतज़ार करवाया.
एक वीडियो संदेश में इमरान ख़ान ने कहा कि उन्हें तीन घंटे तक कोर्ट में बंधक बनाकर रखा गया और तरह-तरह के बहाने बनाकर जाने नहीं दिया गया.
इस बीच इस्लामाबाद पुलिस ने ट्वीट करके दावा किया है कि इमरान ख़ान ने सुरक्षा में सहयोग नहीं किया और वो अपने किए कार्यों के लिए ख़ुद ज़िम्मेदार होंगे.
इस्लामाबाद कैपिटल पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक़, इस्लामाबाद कैपिटल पुलिस ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान ख़ान को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई थी.
इस सप्ताह भ्रष्टाचार के आरोपों में इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में हिंसा की घटनाएं हो रही थीं.
नमस्कार आपका दिन शुभ हो.
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