भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उनके ख़िलाफ़ दहेज मांगने और विवाहेतर संबंध रखने के आरोप लगाए हैं.
हसीन जहां ने अपनी याचिका में कहा है कि मोहम्मद शमी के ख़िलाफ़ दायर आपराधिक मामला चार साल से लंबित पड़ा हुआ है.
अपनी याचिका में हसीन जहां ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
हसीन जहां ने दावा किया है कि मोहम्मद शमी ने भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के साथ दौरों पर सेक्स वर्कर्स के साथ संबंध बनाए.
मोहम्मद शमी हसीन जहां के सभी आरोपों को खारिज करते रहे हैं.
हसीन जहां ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 28 मार्च 2023 के आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
हाई कोर्ट ने हसीन जहां और मोहम्मद शमी के बीच विवाद पर स्थानीय सत्र अदालत के फ़ैसले को ख़ारिज करने से इनकार कर दिया था.
सत्र अदालत ने मोहम्मद शमी के ख़िलाफ़ जारी गिरफ़्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी.
अपने बीस पन्नों की याचिका में हसीन जहां ने दावा किया है कि मोहम्मद शमी ने शादी के बाद दहेज मांगा था और शादी के बाद वो लगातार सेक्स वर्कर्स के साथ विवाहेतर संबंध बनाते रहे हैं.
हसीन का दावा है कि शमी ने बीसीसीआई की तरफ़ से उपलब्ध करवाए गए होटल के कमरों में सेक्स वर्कर की सेवाएं ली थीं.
हसीन जहां ने सबसे पहले साल 2018 में मोहम्मद शमी के ख़िलाफ़ घरेलू उत्पीड़न, हिंसा और विवाहेतर संबंधों के आरोप लगाए थे.
साल 2018 में कोलकाता पुलिस की महिला अपराध शाखा ने मोहम्मद शमी और उनके भाई मोहम्मद हसीब से पूछताछ की थी.
अलीपुर की एक अदालत ने मोहम्मद शमी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट भी जारी किया था. हालांकि बाद में इस वारंट पर स्टे लग गया था.
हसीन जहां ने शमी पर मैच फ़िक्सिंग के आरोप भी लगाए थे. हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी अपनी जांच में मोहम्मद शमी को क्लीन चिट दी थी.
इसी साल जनवरी में कोलकाता की एक अदालत ने मोहम्मद शमी को हर महीने हसीन जहां को 50 हज़ार रुपये का भत्ता देने का आदेश दिया था.
हसीन जहां ने मोहम्मद शमी से हर महीने दस लाख रुपये गुज़ारा भत्ता की मांग की है. हालांकि इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है.