चार्ल्स शोभराज आज रात भी काठमांडू की जेल में रहेंगे, शुक्रवार तक टली रिहाई

नेपाल के प्रत्यर्पण विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा है कि वो जानेमाने सिरियल किलर चार्ल्स शोभराज को रखने की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं जिसके बाद अब उन्हें एक और दिन जेल में बिताना पड़ेगा.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी and शुभम किशोर

  1. यूनिवर्सिटी जाने पर पाबंदी, क्या कहती हैं अफ़ग़ानिस्तान की महिलाएं?

  2. कोरोना वैक्सीन: दो साल बाद हम कितना जानते हैं इसके साइड इफ़ेक्ट्स के बारे में?

    Covid-19 vaccine

    इमेज स्रोत, Getty Images

    लंदन के साइंस म्यूज़ियम में एक प्रदर्शनी लगी है. यहां प्रदर्शित चीज़ों से पता चलता है कोरोना वैक्सीन की खोज से लेकर इसके निर्माण और पूरी दुनिया में इसका वितरण कितने बड़े पैमाने पर हुआ था.

    इस एग्ज़ीबिशन के एक कोने में कुछ सिरिंज और इंजेक्शन की शीशियां एक कार्ड बोर्ड में रखी गई हैं. इनका इस्तेमाल 8 दिसंबर को किया गया था. कोरोना वैक्सीन की क्लीनिकल स्टडीज़ से अलग ये पहली बार था जब कोरोना का इंजेक्शन 90 साल की एक ब्रिटिश महिला मार्गरेट कीनन को दिया गया .

    उस 8 दिसंबर से लेकर अब तक पूरी दुनिया में कोरोना वैक्सीन के करोड़ों डोज़ दिए जा चुके हैं. इसमें इम्यूनिटी बढ़ाने और कोरोना के नए वेरिएंट से बचाने वाली बूस्टर डोज़ भी शामिल है.

    तो वैक्सीनेशन के इन दो सालों में हमने क्या सीखा? इस दौरान वैक्सीन के प्रभावी होने के जो डेटा सामने आए, उनसे क्या नतीजा निकलता है? अब तक हम कोरोना वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट को कितना जान पाए हैं?

  3. जो बाइडन ने रूसी हमले को लेकर ज़ेलेंस्की से कहा- अमेरिका यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और राष्ट्रपति जो बाइडन

    इमेज स्रोत, REUTERS

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से कहा कि रूस के साथ जब तक भी युद्ध चले, अमेरिका यूक्रेन के साथ खड़ा रहेगा.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के अमेरिका दौरे पर राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, ''आप कभी अकेले नहीं होंगे.''

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की इस साल फ़रवरी में रूसी हमले के बाद पहली बार किसी विदेशी दौरे पर गए हैं.

    अमेरिकी दौरे पर ज़ेलेंस्की ने जो बाइडन से मुलाक़ात की और फिर दोनों ने एक साझा प्रेस वार्ता को संबोधित किया.

    जो बाइडन ने पुष्टि की है कि अमेरिका मदद के तौर पर यूक्रेन को दो अरब डॉलर से ज़्यादा का नया पैकेज दे रहा है.

    साथ ही अमेरिका ने 45 अरब डॉलर के एक और पैकेज का वादा किया है.

    बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान बाइडन ने मीडिया से कहा कि उन्हें यूक्रेन के सहयोग को लेकर कोई चिंता नहीं है.

    जबकि यूक्रेन के कुछ सहयोगी देश युद्ध से हो रही परेशानियों, दुनिया भर में खाने के सामान और ईंधन की कमी को लेकर चिंता ज़ाहिर कर रहे हैं.

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

    ज़ेलेंस्की ने कांग्रेस में क्या कहा

    अपने दौरे पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस को भी संबोधित किया.

    उन्होंने कांग्रेस में कहा कि उनका देश अब भी परेशानियों के आगे डटा हुआ है. उन्होंने अगले साल इस टकराव में बड़ा बदलाव होने का संकेत भी दिया.

    उन्होंने जहां यूक्रेन के कभी आत्मसमर्पण ना करने की बात कही. वहीं और हथियारों की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया.

    ज़ेलेंस्की ने कहा, ''हां, हमारे पास हथियार हैं, आपका शुक्रिया. लेकिन, क्या वो काफ़ी हैं? सच कहूं तो नहीं. रूसी सेना को पूरी तरह बाहर निकालने के लिए और अधिक हथियारों की ज़रूरत है.''

    उन्होंने अपने भाषण के अंत में संसद को यूक्रेन के शहर बहमूट से लाया गया युद्ध का एक झंडा दिया जिसमें सैनिकों के हस्ताक्षर थे.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  4. चीन में कोरोना मरीज़ों से भर रहे अस्पताल, डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता

    चीन

    इमेज स्रोत, EPA

    विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि चीन में कोविड-19 की नई लहर के बीच अस्पताल मरीज़ों से भर रहे हैं.

    डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी चीफ़ डॉक्टर माइकल रायन ने कहा कि भले ही अधिकारी मरीज़ों की संख्या कम बता रहे हैं, लेकिन इंटेंसिव केयर यूनिट्स (आईसीयू) भरी हुई हैं.

    चीन के आंकड़े बताते हैं कि बुधवार को कोविड से किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन महामारी के असल प्रभाव को लेकर संदेह है.

    चीन में कोरोना महामारी बढ़ने के साथ ही हाल के दिनों में राजधानी बीजिंग और अन्य शहरों में अस्पताल में मरीज़ों की संख्या बढ़ गई है.

    साल 2020 से चीन ने तथाकथित ज़ीरो कोविड नीति के तहत तमाम स्वास्थ्य प्रतिबंध लगाए हैं.

    लेकिन, इस नीति के अर्थव्यवस्था पर दुष्प्रभाव को देखते हुए सरकार ने दो हफ़्ते पहले कुछ नियमों में ढील भी दी है.

    तब से कोरोना के मरीज़ों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है. साथ ही बुज़ुर्गों में मौत के मामले बढ़ने का डर भी पैदा हो गया है.

    चीन

    इमेज स्रोत, GETTY IMAGES

    इस स्थिति के बावजूद चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़, कोरोना से मंगलवार को पांच और सोमवार को दो लोगों की मौत हुई है.

    डॉक्टर रायन ने चीन से कोरोना महामारी की मौजूदा स्थिति की जानकारी देने के लिए कहा है.

    उन्होंने कहा, ''चीन में आईसीयू में बहुत कम संख्या बताई जा रही है, लेकिन असल में आईसीयू भर रहे हैं.''

    ''हम हफ़्तों से ये कह रहे हैं कि इस बेहद संक्रामक वायरस को सिर्फ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक नियमों से पूरी तरह से रोकना बहुत मुश्किल है.''

    डॉक्टर रायन ने जेनेवा में कहा, ''वैक्सीनेशन इससे बाहर निकलने का रास्ता हो सकता है.''

  5. नमस्कार,बीबीसी हिंदी के लाइव पेज में आपका स्वागत है. अभिवादन स्वीकार कीजिए.

    ये लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध रहेगा. 21 दिसंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिककर सकते हैं.