ईरानी विदेश मंत्रालय ने चीन और सऊदी अरब के साझा बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है.
मंत्रालय ने तेहरान में मौजूद चीनी राजदूत को तलब कर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सऊदी अरब दौरे के बाद जारी किए चीन-सऊदी अरब साझा बयान पर 'कड़ी नाराज़गी' जताई है.
जिनपंग के दौरे के आख़िरी दिन शुक्रवार को एक साझा बयान जारी किया गया जिसमें अरब मुल्कों में बेहतर साझेदारी और विवादों के शांतिपूर्ण निपटारे पर ज़ोर दिया गया.
बयान में कहा गया, "इस पर सहमति बनी है कि अबू मूसा, ग्रेटर तुंब और लेसर तुंब से जुड़े विवाद के शांतिपूर्ण हल के लिए अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के तहत द्विपक्षीय वार्ता की संयुक्त अरब अमीरात की शांतिपूर्ण कोशिशों का सभी मुल्क समर्थन करेंगे."
ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने ट्वीट कर कहा कि "फारस की खाड़ी में मौजूद अबू मूसा, ग्रेटर तुंब और लेसर तुंब ईरान का अभिन्न हिस्सा हैं और हमेशा इसका हिस्सा रहेंगे. ईरान की क्षेत्रीय अखंडता का दूसरे मुल्कों को सम्मान करना चाहिए."
शी जिनपिंग इसी सप्ताह गल्फ़ कोऑपरेशन काउंसिल और अरब देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाक़ात करने रियाद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ओमान, क़तर और कुवैत के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाक़ात की थी.
फारस की खाड़ी में मौजूद अबू मूसा, ग्रेटर तुंब और लेसर तुंब तीन छोटे द्वीप हैं जिन पर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात दोनों की अपना दावा करते हैं.
यूएई का कहना है कि इतिहास और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के अनुसार इन तीनों द्वीपों पर यूएई का हक़ है और वो उचित मंच पर अपनी ये मांग दोहराता रहेगा.
वहीं ईरान यूएई के इस दावे को बिना आधार के और बेतुका बताता है. उसका कहना है कि इन पर दावा करना ईरान की क्षेत्रीय अखंडता पर हमला करने समान है.
अबू मूसा क़रीब 13 वर्ग किलोमीटर का, ग्रेटर तुंब क़रीब 10 वर्ग किलोमीटर का और लेसर तुंब क़रीब 2 वर्ग किलोमीटर का द्वीप है जिन पर आबादी कम है. हालांकि यहां ईरानी सेना की मौजूदगी है.
ये तीनों द्वीप होर्मूज़ की खाड़ी के पास मौजूद हैं और रणनीतिक तौर पर दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक के पास अपनी मौजूदगी के कारण दोनों मुल्कों के लिए बेहद अहम हैं.
होर्मूज़ की खाड़ी से गुज़रने वाले सभी जहाज़ों को इन तीनों द्वीपों के पास से हो कर गुज़रना पड़ता है. ऐसे में खाड़ी में जहाज़ों की आवाजाही पर नियंत्रण के लिए इन तीनों द्वीपों पर नियंत्रण अहम है.