उद्धव ठाकरे ने राज्य के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को दी बधाई

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य के नए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शपथ ग्रहण के बाद बधाई दी है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and भूमिका राय

  1. मोहम्मद ज़ुबैर ने पुलिस हिरासत के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

    मोहम्मद ज़ुबैर

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    ऑल्ट न्यूज़ के सह संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने चार दिनों की पुलिस रिमांड के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. मंगलवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने मोहम्मद ज़ुबैर को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था. दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी.

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    धार्मिक भावनाओं को आहत करने और नफ़रत फैलाने के आरोप में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को गिरफ़्तार किया था.

    उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए ओर 295ए के (जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से समुदायों के बीच सद्भाव भंग करने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने और विद्वेषपूर्ण इरादे से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने या करने की कोशिश) के तहत गिरफ़्तार किया गया है.

    दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा था कि ट्विटर हैंडल पर मिली एक शिकायत के बाद मोहम्मद ज़ुबैर के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था. शिकायत के अनुसार, मोहम्मद ज़ुबैर ने कथित तौर पर जानबूझकर एक धर्म के अपमान के इरादे से तस्वीर पोस्ट की थी.

    इस तरह के ट्वीट को सोशल मीडिया पर अन्य लोग आगे शेयर करने लगे जिससे सद्भाव बिगड़ने और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका थी. जुबैर के ख़िलाफ शिकायत 2018 के ट्वीट से संबंधित है, जिसमें उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी.

  2. उद्धव ठाकरे के त्यागपत्र के बाद राज ठाकरे ने ऐसे किया तंज़

    राज ठाकरे

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    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर तंज़ किया है. उन्होंने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा है.

    राज ठाकरे ने ट्वीट कर लिखा है- जिस दिन मनुष्य अपने सौभाग्य को ही अपना निजी कर्तव्य मानने लगता है, उसी दिन से उसके पतन का सफ़र शुरू हो जाता है.

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    राज ठाकरे ने मराठी, हिंदी और अंग्रेज़ी में ये ट्वीट किया है. पिछले दिनों शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कई विधायकों ने मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी थी.

    पहले ये बाग़ी नेता गुजरात गए, फिर असम और कल गोवा पहुँचे. बुधवार को उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया. उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता छोड़ने का भी ऐलान किया.

    उन्होंने अपने संबोधन में बाग़ी विधायकों पर भी निशाना साधा और कहा- जिन लोगों को बाला साहब ठाकरे ने बड़ा बनाया, जिन सामान्य लोगों को बाला साहेब ठाकरे और शिवसेना ने बड़ा बनाया, वे आज उन्हें भूल गए हैं.

    माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में अब बीजेपी के देवेंद्र फडणनवीस के नेतृत्व में सरकार बन सकती है, जिसे एकनाथ शिंदे का गुट समर्थन देगा.

    उद्धव ठाकरे

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    पिछले दिनों राज ठाकरे ने मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके समर्थक हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे.

    उन्होंने इसके लिए तीन मई की समयसीमा तय की थी. हालाँकि उन्होंने बाद में इसे टाल दिया. उनकी बीजेपी के बढ़ती नज़दीकियों की बात भी जानकार कर रहे हैं.

  3. कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में उदयपुर की सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    उदयपुर हिंसा

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    कन्हैया लाल हत्याकांड के विरोध में गुरुवार सुबह उदयपुर में हज़ारों की संख्या में लोग सड़क पर उतरे. लोगों ने नारेबाज़ी करते हुए दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

    स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि बीते दिन कन्हैया लाल के अंतिम संस्कार से कहीं ज़्यादा लोग आज सड़कों पर उतरे और विरोध दर्ज किया. क़रीब दस हज़ार की संख्या में लोगों ने शांतिपूर्ण तरीक़े से रैली निकाली.

    स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि रैली समाप्त होने के दौरान दिल्ली गेट चौराहे के पास कुछ पत्थर रैली पर फेंके गए. लेकिन, किसी तरह का माहौल ख़राब नहीं हुआ और विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा.

    उदयपुर एसपी मनोज कुमार ने बीबीसी से कहा, "बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल हुए है और रैली शांतिपूर्ण रही. शहर में हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं."

    हालाँकि, एसपी मनोज कुमार ने किसी भी तरह के पथराव या किसी घटना से इनकार किया है.

    आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत राज्य के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उदयपुर पहुंच रहे हैं.

    उदयपुर
    इमेज कैप्शन, जयपुर में दिखा बंद का असर

    कर्फ़्यू और धारा 144 के बीच बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. इंटरनेट सेवाएं बंद हैं और जयपुर से भी पुलिस के आला अधिकारियों को उदयपुर में तैनात किया गया है.

    कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों ने आज जयपुर में बंद का आह्वान किया है. बंद का खास असर देखने को मिल रहा है. सभी बाज़ार, दुकानें और शॉपिंग सेंटर बंद हैं.

    व्यापारिक संगठनों ने इस बंद को समर्थन दिया है. सड़कों पर लोगों की आवाजाही जारी है. लेकिन, आम दिनों के मुक़ाबले सड़कों पर कम ही लोग देखने को मिल रहे हैं.

  4. विदेशियों से शादी करने वाली यूएई की महिलाओं के लिए राष्ट्रपति नाहयान ने की अहम घोषणा

    शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायद अल-नाहयान

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    इमेज कैप्शन, यूएई के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायद अल-नाहयान

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायद अल-नाहयान ने विदेशियों से शादी करने वाली देश की महिलाओं के लिए अहम घोषणा की है.

    यूएई ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यूएई मूल की महिलाओं के बच्चों को भी देश के अन्य नागरिकों के समान सुविधाएँ देने वाले प्रस्ताव को पारित कर दिया है.

    विदेशियों से शादी करने पर यूएई में महिलाओं और पुरुषों के अलग-अलग अधिकारों को लेकर लंबे समय से आलोचना होती रही है.

    उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मामलों के मंत्री अब इस प्रस्ताव के नियमों को लागू करने के लिए दिशानिर्देश जारी करेंगे.

    यूएई की सरकारी न्यूज़ एजेंसी डब्लूएएम पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति अल-नाहयान ने कहा है कि राष्ट्रपति मामलों के मंत्रालय को सभी प्रावधान लागू करने के लिए ज़रूरी सहायता मुहैया करानी होगी.

    यूएई के राष्ट्रपति का ये फ़ैसला पिछले काफ़ी समय से महिला नागरिकों के परिवार को भी समान अधिकार मुहैया कराने की कोशिशों के तहत ही लिया गया है.

  5. उद्धव ठाकरे के इस्तीफ़ा देने के बाद कंगना रनौत ने ऐसे साधा निशाना

    कंगना रनौत

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    चर्चित अभिनेत्री कंगना रनौत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से उद्धव ठाकरे के इस्तीफ़े के बाद एक वीडियो जारी करके अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा है- जब पाप बढ़ जाता है, तो सर्वनाश होता है और उस के बाद सृजन होता है. कंगना ने आगे लिखा है- और जीवन का कमल खिलता है. उद्धव ठाकरे की अगुआई वाली महाविकास अघाड़ी सरकार के आने के बाद कंगना रनौत कई घटनाओं को लेकर विवादों में रही हैं.

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    सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुआ मामला उनके दफ़्तर का एक हिस्सा गिराए जाने तक पहुँच गया. कोर्ट की दख़ल के बाद उस पर रोक ज़रूर लगी, लेकिन तब तक उनके दफ़्तर को काफ़ी नुक़सान पहुँच चुका था. इसके बाद बयानबाज़ी का भी दौर चला. शिवसेना के सांसद संजय राउत के साथ उनकी काफ़ी तकरार भी हुई.

    उद्धव ठाकरे सरकार बनने के बाद कंगना रनौत ने बयान दिया था कि वो मुंबई में ख़ुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं. कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से की थी, जिसके बाद संजय राउत और कंगना के बीच काफ़ी समय तक ज़ुबानी जंग भी जारी रही.

    अब शिवसेना की अगुआई वाली सरकार के इस्तीफ़े के बाद अपने वीडियो संदेश में कंगना ने कहा- 1975 के बाद ये समय भारत के लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण समय है. 1975 में लोकनेता जेपी नारायण की एक ललकार 'सिंहासन छोड़ों कि जनता आती है', से सिंहासन गिर गए थे.

    कंगना ने कहा- 2020 में मैंने कहा था कि लोकतंत्र एक विश्वास है और सत्ता के घमंड में आकर जो इस विश्वास को तोड़ता है, उसका घमंड टूटना भी निश्चित है. ये किसी व्यक्ति विशेष की कोई शक्ति नहीं है. ये शक्ति है एक सच्चे चरित्र की.

    उद्धव ठाकरे

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    उन्होंने आगे कहा-हनुमान जी को शिव का 12वाँ अवतार माना जाता है और अगर शिवसेना ही हुनमान चालीसा को बैन कर दे, तो उनको शिव भी नहीं बचा सकते. हर हर महादेव. जय हिंद. जय महाराष्ट्र. बुधवार को उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

    पिछले दिनों शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में कई विधायकों ने मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी थी. पहले ये बाग़ी नेता गुजरात गए, फिर असम और कल गोवा पहुँचे. माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में अब देवेंद्र फडणनवीस के नेतृत्व में सरकार बन सकती है, जिसे एकनाथ शिंदे का गुट समर्थन देगा.

  6. Live: उद्धव ठाकरे के इस्तीफ़े के बाद अब क्या होगी बीजेपी की रणनीति, बता रहे हैं बीबीसी के मयूरेश कोण्णूर

    Live: उद्धव ठाकरे के इस्तीफ़े के बाद अब क्या होगी बीजेपी की रणनीति. मुंबई में बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस के घर के बाहर से बीबीसी के मयूरेश कोण्णूर.

  7. हनुमान चालीसा के प्रभाव से गिरी सरकार, उद्धव ठाकरे के इस्तीफ़े पर नरोत्तम मिश्र का तंज़

    नरोत्तम मिश्रा

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    मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि महाराष्ट्र में हिंदुत्व के नाम पर सरकार गिरी है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा के प्रभाव की वजह से ही 40 विधायक चले गए.

    एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने ये बयान दिया.

    उन्होंने कहा, "ये हनुमान चालीसा का ही प्रभाव है कि चालीस दिन के अंदर 40 विधायक चले गए. संजय राउत जी कह रहे थे कि हमारे विधायक अगवा हो गए हैं. वो विधायक अगवा नहीं भगवा हो गए थे."

    मिश्रा ने कहा, "ये देश है जहाँ पहली बार हिंदुत्व के नाम पर कोई सरकार गिरी है. मेरा देश बदल रहा है."

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    नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा जो भी इस पार्टी के संगत में आता है वो पूरी तरह साफ़ हो जाता है.

    मिश्रा ने कहा, "कांग्रेस की संगत में जो आता है, वो साफ़ हो जाता है. अखिलेश यादव संपर्क में आए, साफ़...तेजस्वी यादव संपर्क में आए, साफ़...उद्धव ठाकरे संपर्क में आए साफ़ हो गए."

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    महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में 39 विधायकों के बाग़ी होने के बाद बुधवार रात को उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    अब एकनाथ शिंदे गुट का बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाना लगभग तय माना जा रहा है.

    बीते महीने अमरावती की निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया था. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया.

    बीजेपी ने तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार पर इस पूरे मामले से गलत तरीके से निपटने का आरोप लगाया था.

  8. महाराष्ट्र में बीजेपी संग नई सरकार पर आया एकनाथ शिंदे का बयान

    एकनाथ शिंदे

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    सीएम पद से उद्धव ठाकरे के इस्तीफ़े के बाद महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन की हलचल शुरू हो गई है. इस बीच शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे ने बताया है कि अभी तक बीजेपी के साथ मंत्री पदों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है.

    बुधवार को ठाकरे के इस्तीफ़े के बाद से ही मंत्री पद के लिए नामों को लेकर अटकलबाज़ी शुरू हो गई थी. अब एकनाथ शिंदे ने कहा है कि मंत्रियों के नामों की ऐसी किसी भी सूची पर भरोसा न करें.

    एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया, "किसे मंत्री बनाया जाएगा और किसे कितने मंत्रिपद दिए जाएंगे, इसको लेकर बीजेपी के साथ अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है. जल्द इसपर विचार किया जाएगा. तब तक मंत्रियों की किसी भी सूची पर भरोसा न करें."

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  9. संजय राउत ने बाग़ियों पर 'तस्वीर' से साधा निशाना, बताया ईडी के सामने कब होंगे पेश

    संजय राउत

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    उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र के सीएम पद से इस्तीफ़ा देने के बाद शिवसेना नेता और सांसद संजय राउत ने कहा है कि पार्टी के अपने ही लोगों ने ग़द्दारी की. उन्होंने ये भी कहा कि वो ईडी के सामने पेशी के लिए कल दिल्ली आएंगे.

    इससे पहले राउत ने एक तस्वीर भी ट्वीट की, जिसमें एक नुकीली चीज़ से घायल पीठ दिख रही है. इसे शिवसेना के बाग़ियों पर निशाना समझा जा रहा है.

    राउत ने इस तस्वीर के साथ लिखा, "असल में यही हुआ है."

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    संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, "सर्वोच्च न्यायालय ने जिस तरह का निर्णय दिया, उसके बाद से उद्धव ठाकरे का सीएम पद पर रहना ठीक नहीं था. उद्धव ठाकरे जी को ढाई साल के कार्यकाल में सोनिया जी का, शरद पवार जी का सहयोग मिला. लेकिन उन्होंने इस्तीफ़ा देने से पहले कहा कि मेरे अपने ही लोगों ने मुझसे ग़द्दारी की, बेईमानी की...इसलिए ये सरकार अब मैं नहीं चला सकता हूं."

    संजय राउत ने कहा, "शिवसेना सत्ता के लिए नहीं पैदा हुई बल्कि सत्ता शिवसेना के लिए पैदा हुई है. ये बालासाहेब ठाकरे जी का मंत्र रहा हमेशा...हम वापस काम करेंगे और फिर एक बार अपने बलबूते सत्ता में आएंगे."

    ईडी के समन पर पेशी के सवाल पर संजय राउत ने कहा, "मैं कल जाने की कोशिश कर रहा हूं. मैं सांसद हूं. मुझे अपनी ज़िम्मेदारी पता है. मुझे मालूम है कि ये सब कौन कर रहा है, उनके पीछे कौन है और क्यों हो रहा है. ये पूरा देश जानता है. देश के सभी विपक्ष के मुख्यमंत्रियों और नेताओं के फ़ोन मेरे पास आ रहे हैं. अभी-अभी मेरी शरद पवार से भी बात हुई. मैंने उनको भी कहा कि मैं कल जा रहा हूँ. उन्होंने कहा कि संजय तुम अकेले नहीं हो. हम तुम्हारे साथे हैं... तो मुझे डर नहीं है. मैं मेरी बात रखूंगा. हमने ज़िंदगी में कोई गलत काम नहीं किया है."

    महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में अहम दल शिवसेना के 39 विधायक एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बाग़ी हो गए थे. इसके बाद राज्यपाल ने गुरुवार को उद्धव ठाकरे सरकार के शक्ति परीक्षण के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था.

    देर रात तक सुप्रीम कोर्ट में फ़्लोर टेस्ट के आदेश के ख़िलाफ़ सुनवाई चली लेकिन शीर्ष न्यायालय ने फ़्लोर टेस्ट पर रोक नहीं लगाई. इसके कुछ ही देर बाद उद्धव ठाकरे ने फ़ेसबुक लाइव में सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

  10. फ़िलीपींसः दुतेर्ते की जगह मार्कोस जूनियर बने नए राष्ट्रपति

    मार्कोस जूनियर

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    फ़िलीपींस में रोड्रिगो दुतेर्ते के बाद फ़र्डिनांड मार्कोस जूनियर नए राष्ट्रपति बन गए हैं

    मार्कोस जूनियर को प्यार से बॉन्ग-बॉन्ग भी कहा जाता है. इसी साल मई महीने में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने 60 फ़ीसदी वोट हासिल किए थे.

    उनकी जीत से मार्कोस परिवार ने फ़िलीपींस की सत्ता में ज़ोरदार वापसी की है. मार्कोस परिवार सन् 1986 के विद्रोह के बाद से सत्ता से बाहर था.

    वहीं, मौजूदा राष्ट्रपति रोड्रिगो ड्यूटर्ट की बेटी सारा दुतेर्ते ने भी आज उप-राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली.

    मार्कोस जूनियर ने गुरुवार को मनीला के नेशनल म्यूज़ियम में शपथ लेंगे. शपथग्रहण समारोह के लिए देश-विदेश के कई हस्तियों को न्योता दिया गया है.

    वहीं सुरक्षा के लिए राजधानी में 15 हज़ार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है. मार्कोस के पिता फर्डिनांड ने भी 1965 से 1986 तक फ़िलीपींस की सत्ता संभाली थी.

    लेकिन 1986 में मार्कोस परिवार के ख़िलाफ़ लाखों लोग सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद बॉन्ग-बॉन्ग सहित पूरा मार्कोस परिवार देश छोड़कर हवाई चला गया था. उस समय मार्कोस की उम्र 28 साल थी. इसके बाद सन 1991 में मार्कोस जूनियर फ़िलीपींस लौटे.

  11. राजस्थान: आज उदयपुर पहुंचेंगे सीएम अशोक गहलोत, जयपुर में आज बंद, पूरे राज्य में इंटरनेट सस्पेंड

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    अशोक गहलोत

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    राजस्थान में टेलर कन्हैयालाल की हत्या के दो दिन बाद आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उदयपुर पहुँचेंगे. उनके अलावा गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव, डीजीपी एमएल लाठर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उदयपुर जाएंगे.

    बीते दिन मुख्यमंत्री आवास पर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री समेत अन्य का उदयपुर दौरा तय हुआ.

    मुख्यमंत्री गहलोत अपने विशेष विमान से सुबह 11 बजे उदयपुर पहुँचेंगे.

    मंगलवार दोपहर दो लोगों ने दुकान में घुसकर दर्ज़ी कन्हैयालाल साहू का गला काटकर हत्या कर दी थी.

    राजस्थान पुलिस के डीजीपी एमएल लाठर ने बीबीसी को फ़ोन पर जानकारी देते हुए कहा, "अब तक दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया है. वहीं, बुधवार को कुल चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया है."

    इस हत्याकांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है. घटना के दिन ही एनआईए की टीम उदयपुर पहुंच गई थी. जबकि, राज्य सरकार की गठित एसआईटी और जांच एजेंसी एटीएस भी इस घटना की जांच में एनआईए का सहयोग करेगी.

    उदयपुर

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    इमेज कैप्शन, हत्या के बाद से पूरे उदयपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है

    दूसरी ओर, जयपुर में आज बंद रहेगा. यहाँ हिंदू संगठनों ने बंद का एलान किया है. हिंदू संगठन रविवार यानी 3 जुलाई को कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं. माना जा रहा है कि एक लाख लोग सड़कों पर विरोध करेंगे.

    उदयपुर दौरे से पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने सभी धर्मगुरुओं, जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों से आग्रह किया है कि वे सामाजिक सौहार्द्र की अपील करें ताकि शांति का वातावरण बना रहे.

    गहलोत ने प्रदेश के लोगों से ये अपील की है कि वे सोशल मीडिया में ऐसी कोई भी सामग्री या वीडियो न शेयर करें जिससे समाज में डर और अशांति का माहौल बने.

    हत्या के बाद पूरे राजस्थान में एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं और उदयपुर में धारा 144 लागू की गई है.

  12. सऊदी अरब बिना परमिट हज यात्रा करने वालों पर लगाएगा 2 लाख़ रुपये से अधिक का जुर्माना

    हज

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    बिना परमिट हज यात्रा करने वालों पर सऊदी अरब 2666 डॉलर यानी करीब 2 लाख 10 हज़ार रुपये से अधिक का जुर्माना लगा सकता है.

    इस संबंध में सऊदी अरब सरकार ने आधिकारिक बयान जारी किया है.

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    बयान के अनुसार सऊदी अरब के जन सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद अल-शुवाएरेख़ की ओर से ये बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति यदि बिना परमिट हज यात्रा करने की कोशिश करते पकड़ा गया तो उसपर 10000 रियाल का जुर्माना लगाया जाएगा.

    हज यात्रा करने की इच्छा रखने वालों को संबंधित अधिकारियों से परमिट लेना ज़रूरी है.

    मोहम्मद अल-शुवाएरेख़ ने सभी नागरिकों से कहा है कि वो हज को लेकर जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करें. उन्होंने कहा किसी भी तरह के उल्लंघन से बचने के लिए मक्का और सभी धार्मिक स्थलों पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहेंगे.

    सऊदी अरब ने इससे पहले बताया था कि इस साल दुनियाभर से आने वाले 10 लाख़ से अधिक लोगों को हज यात्रा की इजाज़त दी गई है. बीते दो सालों से कोरोना संक्रमण के कारण केवल सऊदी अरब के नागरिक ही हज यात्रा पर जा सकते थे.

  13. पेरिस हमलों के दोषी को मिली फ़्रांस के इतिहास की सबसे कठोर सज़ा, 130 लोगों की हुई थी मौत

    फ़्रांस

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    साल 2015 में पेरिस की अलग-अलग जगहों पर हुए हमलों को करने वाले गुट के एकमात्र जीवित हमलावर को आतंकवाद और हत्या का दोषी ठहराया गया है.

    सलाह अब्देसलाम को फ़्रांस के इतिहास में अब तक की सबसे कड़ी सज़ा दी गई है. इस हमले में 130 लोगों की जान गई थी. सलाह को इस अपराध के लिए आजीवन क़ैद की सज़ा दी गई है.

    अदालत ने 19 अन्य लोगों को भी मामले में दोषी पाया है. इनमें से समझा जाता है कि 6 दोषियों की मौत हो चुकी है.

    इस मामले की सुनवाई भी आधुनिक फ़्रांस के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चली. मामले में बीते साल सितंबर से सुनवाई जारी थी.

    पेरिस हमला

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    इमेज कैप्शन, हमलों के बाद हर साल लोग अपनों को याद करने घटनास्थल पहुँचते हैं

    पिछले नौ महीनों से पीड़ित, पत्रकार और मृतकों के परिजन पेरिस में इस मामले की सुनवाई के लिए विशेष तौर पर बनाए गए कोर्ट रूम में जुटते थे. ये हमला फ़्रांस के इतिहास में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे वीभत्स माना जाता है.

    13 नवंबर, 2015 को फ़्रांस में बार, रेस्तरां, नेशनल फ़ुटबॉल स्टेडियम और एक म्यूज़िक वेन्यू सहित अलग-अलग जगहों पर हमले हुए थे. इसमें सैकड़ों लोग घायल भी हुए थे.

    मुक़दमे की शुरुआत में अब्देसलाम ने ख़ुद को चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट का 'सिपाही' बताया था.

    हालाँकि, बाद में अब्देसलाम ने पीड़ितों से माफ़ी मांगी और कोर्ट को कहा कि वो हत्यारा नहीं है और उसे हत्यारोप में सज़ा देना अन्याय होगा.

    अब्देसलाम ने दावा किया कि हमलों वाली रात उसने अपने आत्मघाती जैकेट को न उड़ाने का फ़ैसला लिया था. लेकिन बाद में कोर्ट के सामने पेश सबूतों से ये पता लगा कि वास्तव में जैकेट में ख़राबी की वजह उसमें विस्फ़ोट नहीं हुआ था.

    अब्देसलाम को ताउम्र जेल में रहना होगा. फ़्रांस के कानूनों के अनुसार अब वो पैरोल के लिए भी 30 साल की सज़ा काटने के बाद ही आवेदन कर सकते हैं.

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