सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण पर रोक से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को बहुमत परीक्षण पर रोक लगाने से इनकार किया है.
लाइव कवरेज
प्रियंका झा and अनंत प्रकाश
सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, नवाब मलिक और अनिल देशमुख भी फ़्लोर टेस्ट में शामिल होंगे
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इमेज कैप्शन, एनसीपी नेता नवाब मलिक
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार शाम महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत के परीक्षण पर अहम फ़ैसला दिया है.
जस्टिस सूर्य कांत और जेबी पार्डीवाला की अवकाश पीठ ने कहा है कि एनसीपी नेता नवाब मलिक और अनिल देशमुख कल होने वाले विश्वास मत परीक्षण प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे.
एनसीपी के दोनों नेता अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं.
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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण पर रोक से किया इनकार
....में
Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
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सुप्रीम
कोर्ट ने बुधवार को महाराष्ट्र में जारी सियासी संग्राम पर अहम फ़ैसला देते हुए
कहा है कि विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट नहीं रोका जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत और जेबी पार्डीवाला की अवकाश पीठ ने शिवसेना नेता सुनील
प्रभू की याचिका पर सुनवाई के बाद ये फ़ैसला दिया है.
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बुधवार को आदेश जारी कर
30 जून की सुबह 11 बजे विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था.
इसका उद्देश्य उद्धव ठाकरे
सरकार का शक्ति परीक्षण था.
शिव सेना नेता सुरेश प्रभू ने राज्यपाल के इसी फ़ैसले को चुनौती देने के लिए
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की.
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प्रभू ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्यपाल द्वारा फ़्लोर टेस्ट कराने का
फ़ैसला ग़ैर-कानूनी है क्योंकि उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया कि डिप्टी स्पीकर
ने 39 में से 16 विधायकों को अयोग्यता नोटिस जारी किया गया है.
प्रभू ने ये भी कहा है कि 39 में से किसी भी विधायक ने महाविकास अगाड़ी सरकार
से अपना समर्थन वापस नहीं लिया है.
सिंघवी ने कोर्ट से क्या कहा?
महाविकास अघाड़ी सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पक्ष रखा.
सिंघवी ने राज्यपाल के फ़ैसले पर सवाल उठाते हुए कहा
कि जब विधायकों की अयोग्यता का मसला कोर्ट में लंबित है तो राज्यपाल, जो कि अभी ही
कोविड से उबरे हैं, नेता प्रतिपक्ष से मुलाक़ात के अगले दिन फ़्लोर टेस्ट का आदेश कैसे दे सकते हैं. क्या ये संविधान के दसवें अनुसूची को चोट नहीं पहुंचाएगा?
सिंघवी ने
कोर्ट से अपील करते हुए ये भी कहा है कि अगर कल फ़्लोर टेस्ट नहीं होगा तो आसमान नहीं
टूट पड़ेगा.
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शिवसेना पक्ष ने कोर्ट से क्या कहा?
शिवसेना के बाग़ी विधायकों के नेता
एकनाथ शिंदे की ओर से वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने अदालत में पक्ष रखा.
कौल ने कहा है कि फ़्लोर को
लेट नहीं कराया जा सकता और विधायकों की ख़रीद-फरोख़्त को रोकने का यही एक ज़रिया
है.
उन्होंने कहा है कि राज्यपाल के पास यह शक्ति,
न्यायक्षेत्र और अधिकार है और नियमानुसार फ़्लोर टेस्ट कराने का निर्देश दे सकते
हैं.
कौल ने कहा
है कि सामान्य रूप से राजनीतिक पार्टियां कोर्ट जाकर फ़्लोर टेस्ट रोकने की मांग
करती हैं क्योंकि कोई और पार्टी हाइजैक कर रहा होता है. यहां पर उल्टा हो रहा है,
पार्टी फ़्लोर टेस्ट नहीं चाहती है.
उन्होंने
ये भी सवाल उठाया कि “लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया की पालन कहां किया जाएगा?”
कौल ने बताया
है कि “फ़्लोर कराना टेस्ट बेहद ज़रूरी है क्योंकि ये पता चलना आवश्यक है कि मंत्रियों और
मुख्यमंत्री में विधायकों का समर्थन हासिल है अथवा नहीं.”
कन्हैया लाल की हत्या के 24 घंटे बाद उदयपुर में कैसा है माहौल?
....में
Author, नितिन श्रीवास्तव, बीबीसी संवाददाता
उदयपुर को भारत का ‘झीलों का शहर’ कहा जाता है लेकिन झीलों के इस शहर में फिलहाल सब कुछ बंद है. मोबाइल इंटरनेट
सेवा बंद है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती के साथ कर्फ़्यू लागू है.
कन्हैयालाल
की हत्या के बाद से उदयपुर में बहुसंख्यक हिंदुओं और अल्पसंख्यक मुसलमानों के बीच तनाव स्पष्ट
तौर पर नज़र आ रहा है.
शहर में भारी पुलिसबल
तैनात है. इस बीच कन्हैयालाल के अंतिम संस्कार में हज़ारों की संख्या में लोगों ने
शिरकत की.
हालांकि, कन्हैयालाल की हत्या के दोनों मुख्य अभियुक्तों को घटना के चार घंटे
के भीतर ही राजस्थान पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था.
इस मामले की जांच के लिए एसआईटी
का गठन किया गया है. साथ ही इस मामले में एनआईए भी जांच कर रही है. गिरफ़्तार किए गए
दोनों अभियुक्तों के चरमपंथियों से जुड़े होने की भी आशंका ज़ाहिर की जा रही है, जिसे लेकर एनआईए अपनी पूछताछ करेगी.
उदयपुर शहर
में कोई भी इस घटना को लेकर कैमरे पर बात करने को राज़ी नहीं है. जो लोग कैमरे पर आकर
बात कर भी रहे हैं, वे स्पष्ट तौर पर सांप्रदायिक तौर पर बंटे हुए हैं.
जयपाल वर्मा एक मार्केटिंग
एक्ज़ीक्यूटिव हैं.
वह कहते हैं, “हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां हिंदू बहुसंख्यक
हैं, ऐसे में ऐसा नहीं होना चाहिए था. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करता
हूं कि वे ख़ुद इस मामले को देखें, ताकि भविष्य में ऐसा
कुछ ना हो.”
उदयपुर एक घनी आबादी
वाला शहर है. जहां हिंदू-मुस्लिम दोनों ही हैं, और कई इलाक़े ऐसे
हैं जहां उनके घर एक-दूसरे के अगल-बगल हैं. जब से पुराने शहर में यह घटना हुई है तब
से कर्फ़्यू लागू है. यह कर्फ्यू इतना अचानक लगा कि लोग इसके लिए तैयार भी नहीं थे.
मुकेश गार्दिया राशन जुटाने के लिए भी जूझ रहे हैं.
वह कहते हैं, “दिहाड़ी पर काम करने वाले इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. यह पहला मौक़ा है जब
उदयपुर के लोग अपने मोहल्ले में एक कप चाय तक के लिए तरस रहे हैं. यह सब जो कुछ हुआ
है, वह हमारे लिए सदमे से कम नहीं.”
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सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से तय होगा महाराष्ट्र सरकार का भविष्य: जयंत पाटिल
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महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने बुधवार शाम कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि फ़्लोर टेस्ट होने की स्थिति में तय होगा कि ये बैठक आख़िरी है या नहीं.
उन्होंने कहा, “आज मुख्यमंत्री जी ने ढाई साल में हमारी सरकार ने जो अच्छा काम किया
उस पर आभार व्यक्त किया है.कल अगर सुप्रीम कोर्ट कहेगी कि विश्वास
मत होगा तब तय होगा कि ये बैठक आख़िरी है या नहीं.”
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‘दिनभर: पूरा दिन, पूरी ख़बर’, सुनिए मोहम्मद शाहिद और अंजुम शर्मा से
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सियासी संकट के बीच उद्धव कैबिनेट ने औरंगाबाद और उस्मानाबाद के नाम बदलने को दी मंज़ूरी
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महाराष्ट्र में कैबिनेट ने औरंगाबाद, उस्मानाबाद और नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम बदलने को मंज़ूरी दे दी है.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में मुंबई में हुई बैठक में कैबिनेट ने इसकी मंज़ूरी दे दी है.
अब औरंगाबाद का नाम संभाजी नगर, उस्मानाबाद का नाम धाराशिव और नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम डीबी पाटिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा.
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महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट के बीच कैबिनेट की मीटिंग को काफ़ी अहम माना जा रहा है. इस समय उद्धव ठाकरे की सरकार पर संकट के बादल मँडरा रहे हैं. एकनाथ शिंदे की अगुआई में शिवसेना के कई विधायकों ने मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी है.
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उनका कहना है कि वे महाविकास अघाड़ी का समर्थन नहीं करते. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव सरकार से कल यानी 30 जून को बहुमत साबित करने को कहा है. लेकिन शिवसेना ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सुनवाई चल रही है.
राजस्थान के राजसमंद में कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में प्रदर्शन, पुलिस कांस्टेबल पर तलवार से हमला
....में
Author, मोहर सिंह मीणा
पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
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राजस्थान के उदयपुर में हुई हत्या के विरोध में राजसमंद के भीम में विरोध प्रदर्शन हुआ है.
प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए पुलिस को हवाई फ़ायरिंग करनी पड़ी.
पुलिस ने ये कार्रवाई प्रदर्शनकारियों को संवेदनशील इलाक़े में जाने से रोकने के लिए की.
पुलिस वालों पर पथराव भी हुआ है.
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एक पुलिस कांस्टेबल पर तलवार से हमला हुआ है. घायल कांस्टेबल को अजमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस मामले में क़रीब 40 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. डीजीपी एमएल लाठर ने बताया है, "भीम में विरोध कर थे. इस दौरान एक पुलिस कांस्टेबल पर तलवार से हमला हुआ है. कांस्टेबल की स्थिति स्थिर है और अजमेर में इलाज जारी है."
राजसमंद के भीम से हत्या के दोनों अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हुई है. मंगलवार को उदयपुर में पेशे के दर्जी कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या कर दी गई थी.
मंगलवार को राजस्थान के उदयपुर में एक हिंदू दर्जी कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या कर दी गई. दोनों अभियुक्तों ने हत्या का वीडियो भी बनाया था और इसे बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का बदला बताया है
दोनों अभियुक्तों की पहचान मोहम्मद रियाज़ और गौस मोहम्मद के रूप में हुई है. दोनों एक वीडियो में कन्हैयालाल के सिर कलम कर देने की बात स्वीकार रहे हैं. इन्होंने इस वीडियो में पीएम मोदी की हत्या की भी धमकी दी है.
आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने कहा- मदरसों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है कि ईशनिंदा की सज़ा सर काटना है
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केरल के गवर्नर आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने उदयपुर में गला काटकर हुई हत्या के मामले में मदरसों की शिक्षा पर सवाल उठाया है.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- जब लक्षण आते हैं तो हम चिंतित होते हैं, लेकिन गहरी बीमारी पर ध्यान देने से इनकार करते हैं. मदरसों में बच्चों को ये पढ़ाया जा रहा है कि ईशनिंदा की सज़ा सर काटना है.
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उन्होंने कहा- इसे अल्लाह के क़ानून की तरह पढ़ाया जा रहा है. वहाँ क्या पढ़ाया जा रहा है, उसकी जाँच होनी चाहिए.
मंगलवार को राजस्थान के उदयपुर में एक हिंदू दर्जी कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या कर दी गई. दोनों अभियुक्तों ने हत्या का वीडियो भी बनाया था और इसे बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का बदला बताया है.
दोनों अभियुक्तों को भी पुलिस ने राजसमंद ज़िले के भीम से गिरफ़्तार कर लिया है. दोनों की पहचान मोहम्मद रियाज़ और गौस मोहम्मद के रूप में हुई है. दोनों एक वीडियो में कन्हैयालाल के सिर कलम कर देने की बात स्वीकार रहे हैं. इन्होंने इस वीडियो में पीएम मोदी की हत्या की भी धमकी दी है.
कन्हैया लाल की हत्या के बाद क्या कहा उनकी पत्नी और बेटे ने?
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इमेज कैप्शन, मृतक कन्हैया लाल के बेटे
राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के बाद उनके बेटे ने हत्यारों को एनकाउंटर या फाँसी दिए जाने की मांग उठाई है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उनके बेटे ने कहा है, “हम चाहते हैं कि या तो उनका (हत्यारों का) एनकाउंटर हो जाए
या उन्हें फांसी पर लटका दिया जाए. उनमें डर पैदा करने की ज़रूरत है.”
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राजस्थान के उदयपुर में धानमंडी इलाक़े में मंगलवार को दो लोगों ने दर्जी के रूप में काम करने वाले शख़्स कन्हैया लाल की दुकान में घुसकर हत्या कर दी थी.
इसके बाद दोनों ने हत्या का वीडियो भी बनाया था और इसे बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी का बदला बताया गया था.
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कन्हैया लाल की पत्नी ने भी कहा है कि जिन लोगों ने उनके पति की हत्या की, उन्हें फाँसी की सज़ा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि वे इसकी मांग कर रही है और उन्हें न्याय चाहिए.
अगस्त के पहले हफ़्ते में होगा उप-राष्ट्रपति पद का चुनाव
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भारतीय चुनाव
आयोग ने बुधवार को बताया है कि अगस्त के पहले हफ़्ते में उप-राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव
आयोजित किए जाएंगे.
चुनाव आयोग
ने बताया है कि नामांकन भरने की आख़िरी तारीख़ 19 जुलाई होगी.
इसके बाद 6
अगस्त 2022 को मतदान होगा.
इसके बाद छह
अगस्त की शाम को मतगणना के बाद चुनाव नतीजों की घोषणा की जाएगी.
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उदयपुर हत्याकांड पर बोले जामा मस्जिद के शाही इमाम, ‘कन्हैयालाल की हत्या ग़ैर-इस्लामी काम’
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दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने बुधवार को उदयपुर
हत्याकांड को ग़ैर-इस्लामी बताते हुए इसकी निंदा की है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा है, “उदयपुर में
हुए घिनौने क़त्ल के वाकये ने इंसानियत को हिलाकर रख दिया है. इंसानियत के ख़िलाफ़ इस घटना में, जिसमें दो शख़्स रियाज़ और गौस शामिल
बताए जा रहे हैं, उनके द्वारा कन्हैया लाल नामक शख़्स का क़त्ल किया जाना और वो भी
रहमतुल्लाह आलमीन के नाम पर...न सिर्फ़ कायरता का काम है बल्कि ये क़दम ग़ैर-इस्लामी और ग़ैर-कानूनी है. मैं अपनी और हिंदुस्तानी
मुसलमानों की तरफ़ से इसकी सख़्त शब्दों में निंदा करता हूं.”
उन्होंने ये भी कहा है कि अगर इन लोगों ने
क़ुरान के रास्ते पर कदम बढ़ाए होते तो ये काम न किया होता.
उन्होंने कहा, “वो लड़के जिन्होंने इस वहशी कृत्य को
अंजाम दिया है, वे हुज़ूर की सीरत, क़ुरानी तालिमात और शरियत के हिसाब से चले होते
तो शायद उन्होंने इस घिनौने कृत्य को अंजाम न दिया होता.”
राजस्थान के उदयपुर ज़िले में बीते मंगलवार को कपड़ों की सिलाई का काम करने वाले एक शख़्स कन्हैयालाल तेली की दो लोगों ने धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी थी.
इसके बाद से उदयपुर समेत राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. और कई स्थानों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है.
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ओवैसी को बिहार में बड़ा नुकसान, पार्टी के चार विधायकों ने राजद का दामन थामा
....में
Author, नीरज सहाय
पदनाम, नीरज सहाय, पटना से बीबीसी हिंदी के लिए
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बिहार की राजनीति में बुधवार को एक नया उलटफेर देखने को मिला.
असद्दुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस- ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पाँच में से चार विधायक बुधवार
को प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए हैं.
तेजस्वी यादव ने कहा, “एआईएमआईएम के पाँच विधायकों में से चार विधायक आज हमारी पार्टी में शामिल हो
गए हैं. हम उनका स्वागत करते हैं. अब हम बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी हैं.”
इमेज स्रोत, Neeraj Sahai/BBC
जिन विधायकों ने राजद का दामन थामा है उनमें कोचाधामन के मुहम्मद इजहार अस्फी, जोकीहाट के शाहनबाज आलम, बायसी के रुकनुद्दीन अहमद और बहादुरगंज के अंजार नइमी हैं.
एआईएमआईएम विधायकों के राजद में शामिल होने की स्वीकृति मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह सभी विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा से मिले.
एआईएमआईएम में टूट के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान दल के एकमात्र विधायक रह गए हैं.
इसके बाद बिहार की विधानसभा में राजद के 80, बीजेपी के 77 और नीतीश कुमार के 43 विधायक हो गए हैं.
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कन्हैया लाल की हत्या 'आतंक' फैलाने के लिए, UAPA के तहत मुक़दमा: अशोक गहलोत
इमेज स्रोत, MOHAR SINGH MEENA/BBC
इमेज कैप्शन, कन्हैया लाल तेली
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बताया है
कि कन्हैया लाल हत्याकांड में यूएपीए के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.
उन्होंने ट्वीट कर बताया है कि “उदयपुर की घटना पर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
की. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि घटना प्रथम दृष्टया
आतंक फैलाने के उद्देश्य से की गई है. दोनों अभियुक्तों के दूसरे देशों में भी संपर्क
होने की जानकारी सामने आई है.
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इस घटना में मुक़दमा UAPA के तहत दर्ज किया गया है इसलिए अब आगे की जाँच NIA द्वारा की जाएगी जिसमें राजस्थान ATS पूर्ण सहयोग करेगी.
पुलिस एवं प्रशासन पूरे राज्य में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करें एवं उपद्रव करने के प्रयासों पर सख़्ती से कार्रवाई करें.”
राजस्थान के उदयपुर ज़िले में बीते मंगलवार दर्ज़ी का काम करने वाले एक शख़्स कन्हैया लाल तेली की दो लोगों ने गर्दन काटकर हत्या कर दी थी.
इसके बाद से उदयपुर समेत राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. और कई स्थानों पर मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है.
शिवसेना के बाग़ी विधायक एकनाथ शिंदे ने कहा- हम सभी कल मुंबई पहुँच जाएँगे, हमारे पास बहुमत
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शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे ने कहा है कि वे लोग कल मुंबई पहुँच जाएँगे.
एकनाथ शिंदे शिवसेना के बाग़ी नेताओं के साथ गुवाहाटी में हैं, लेकिन रिपोर्टें हैं कि अब वे गोवा जाने वाले हैं.
गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- हमारे साथ 50 विधायक हैं. हमारे पास दो तिहाई बहुमत है. हम शक्ति परीक्षण से चिंतित नहीं है. हम हर चीज़ को पार कर लेंगे. हमें कोई नहीं रोक सकता. लोकतंत्र में बहुमत मायने रखता है और वो हमारे साथ है.
पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र की सियासत में उठा-पटक जारी है.
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सबसे पहले शिवसेना के विधायक एकनाथ शिंदे कुछ विधायकों के साथ गुजरात के सूरत गए और फिर वहाँ से असम के गुवाहाटी पहुँचे. धीरे-धीरे उनके कैंप में शिवसेना के विधायक आते रहे.
उनके साथ कुछ निर्दलीय विधायक भी हैं. एक दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाक़ात की और शक्ति परीक्षण की मांग की.
अब राज्यपाल ने 30 जून यानी कल उद्धव ठाकरे से विश्वास मत हासिल करने को कहा है. लेकिन शिवसेना ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर आज पाँच बजे सुनवाई होगी.
तीस्ता सीतलवाड़ पर टिप्पणी को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार को भारत की ये नसीहत
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त कार्यालय की ओर से तीस्ता सीतलवाड़ और दो अन्य लोगों के ख़िलाफ़ हुई क़ानूनी कार्रवाई को लेकर टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है.
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- हमने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय की टिप्पणी देखी है. जो तीस्ता सीतलवाड़ और दो अन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई से जुड़ी है.
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अरिंदम बागची ने अपने बयान में कहा है कि ये बयान पूरी तरह ग़ैर ज़रूरी है और भारत की स्वतंत्र न्यायिक व्यवस्था में हस्तक्षेप की तरह है. भारत में अधिकारी न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही क़ानून के उल्लंघन पर कार्रवाई होती है. अरिंदम बागची का कहना है कि इस तरह की क़ानूनी कार्रवाई को एक्टिविज़म का उत्पीड़न कहना बहकाने वाला और अस्वीकार्य है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार ने तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ़्तारी को लेकर चिंता जताई है. संस्था ने ट्वीट कर लिखा है कि तीस्ता सीतलवाड़ और दो अन्य पूर्व पुलिस अधिकारियों को तुरंत रिहा किया जाए. 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों का साथ देने और उनके काम के कारण उन पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.
पिछले दिनों गुजरात पुलिस ने तीस्ता सीतलवाड़ को मुंबई से गिरफ़्तार किया था. तीस्ता सीतलवाड़ के ख़िलाफ़ कार्रवाई गुजरात दंगों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका ख़ारिज होने के एक दिन बाद हुई.
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2002 में हुए गुजरात दंगे में पीएम मोदी और अन्य 59 को एसआईटी से मिली क्लीनचिट को चुनौती देने वाली याचिका को ख़ारिज कर दिया था. एक दशक से अधिक समय तक चली इस क़ानूनी लड़ाई में तीस्ता सीतलवाड़ के संगठन ने याचिकाकर्ता जकिया जाफ़री का साथ दिया था.
गुजरात पुलिस ने आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, अदालत के सामने झूठे साक्ष्य पेश करने के आरोप में उन्हें गिरफ़्तार किया था. मामला गुजरात दंगों से जुड़ा है.
लेकिन बीजेपी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने ट्वीट कर लिखा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार को ये पता नहीं है कि वो क्या बोल रहे हैं. आप भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद कीजिए क्योंकि आपको इस विषय की जानकारी नहीं है.
उदयपुर हत्याकांड: भारी भीड़ और नारेबाज़ी के बीच अंतिम संस्कार के लिए निकला कन्हैयालाल का शव
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राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल के शव का बुधवार को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया था.
मंगलवार को दो लोगों ने पेशे से दर्जी कन्हैयालाल की गला काटकर हत्या कर दी थी. अभियुक्तों ने बाद में वीडियो बनाकर दावा किया कि उन्होंने पैग़ंबर मोहम्मद के अपमान का बदला लेने के लिए इस हत्या को अंजाम दिया. वीडियो में पीएम मोदी को धमकी भी दी गई थी.
बुधवार को सड़कों पर भारी भीड़ और नारेबाज़ी के बीच कन्हैयालाल के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. इससे पहले कन्हैयालाल के शव को उदयपुर में उनके घर ले जाया गया था.
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हत्या के बाद से उदयपुर सहित पूरे राजस्थान में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है और इंटरनेट भी 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है. उदयपुर में हर जगह पुलिस बल तैनात है. शांति है लेकिन तनाव बरकरार है और कर्फ़्यू लगा हुआ है. सभी बाज़ार और दुकानें बंद हैं.
कन्हैयालाल की हत्या के बाद आज राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की.
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कन्हैयालाल ने अपनी जान को ख़तरा होने की सूचना पुलिस को दी थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.
मंगलवार को उदयपुर में नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने के मामले में टेलर कन्हैयालाल साहू की दुकान के अंदर घुसकर निर्मम हत्या की गई थी. परिजनों को 31 लाख रुपए और दोनों बेटों को भी नौकरी का आश्वासन दिया गया है. लापरवाही बरतने के लिए धानमंडी थाने के एएसआई भंवरलाल को निलंबित कर दिया गया है.
मोहम्मद ज़ुबैर और तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ़्तारी पर संयुक्त राष्ट्र ने क्या कहा
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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने भारत में ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर की गिरफ़्तारी के मामले में कहा कि पत्रकारों को लिखने, ट्वीट करने और कहने के लिए जेल नहीं होनी चाहिए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उन्होंने कहा कि ये ज़रूरी है कि लोगों को किसी भी तरह के उत्पीड़न डर के बिना अभिव्यक्ति की आज़ादी मिले.
फै़क्ट-चेकिंग वेबसाइट 'ऑल्ट न्यूज़' के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर को ट्वीट के ज़रिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में सोमवार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया था.
उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. मंगलवार को उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
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पत्रकार ज़ुबैर की गिरफ़्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक ने कहा, ''दुनिया भर में किसी भी जगह, ये बहुत महत्वपूर्ण है कि लोगों को ख़ुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की इजाज़त दी जाए. पत्रकारों को ख़ुद को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने की इजाज़त दी जाए, किसी ख़तरे या उत्पीड़न के बिना.''
उन्होंने कहा, "पत्रकार जो लिखते हैं, जो ट्वीट करते हैं और जो कहते हैं, उसके लिए उन्हें जेल नहीं होनी चाहिए, और ये नियम दुनियाभर में एक समान लागू होना चाहिए, यहाँ तक कि इस कमरे में भी."
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2002 में हुए गुजरात दंगे में पीएम मोदी और अन्य 59 को एसआईटी से मिली क्लीनचिट को चुनौती देने वाली याचिका को ख़ारिज कर दिया था. एक दशक से अधिक समय तक चली इस क़ानूनी लड़ाई में तीस्ता सीतलवाड़ के संगठन ने याचिकाकर्ता जकिया जाफ़री का साथ दिया था.
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ओवैसी ने उदयपुर हत्याकांड की तुलना पहलू ख़ान और अख़लाक की हत्या से की
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राजस्थान के उदयपुर में पैग़ंबर मोहम्मद के अपमान का बदला लेने के लिए एक दर्जी की हत्या की असदुद्दीन ओवैसी ने निंदा की है और कहा है कि देश में कट्टरता फैल रही है.
एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी कहा, "नुपूर शर्मा को भारत के क़ानून के तहत गिरफ़्तार करना चाहिए. अगर कोर्ट उनको दोषी मानता है तो उस हिसाब से सज़ा भी देगा. लेकिन नूपुर शर्मा को अरेस्ट करना ज़रूरी है. क्योंकि निलंबन कोई सज़ा नहीं है."
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ये हमला आतंक है या नहीं इस सवाल पर ओवैसी ने कहा, "हां बिल्कुल..जिस तरह से पहलू ख़ान को मारा गया, वो आतंक था, अख़लाक़ को मारा गया वो भी आतंक है, जिस तरह राजसमंद में ही पश्चिम बंगाल के एक मज़दूर की हत्या की गई वो आतंक है...उसी तरह से ये हत्या भी आतंक है."
ओवैसी ने कहा, "विचारधारा के स्तर पर नरेंद्र मोदी से हमारे ज़िंदगीभर मतभेद रहेंगे. दो समंदर के किनारे एक जगह नहीं आ सकते. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप देश के प्रधानमंत्री को धमकी दे दें."
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ओवैसी ने ये भी कहा कि अगर राजस्थान पुलिस चौकस रहती तो ये वाकया हुआ नहीं होता.
मंगलवार को दो लोगों ने पैग़ंबर मोहम्मद के अपमान का बदला बताकर कन्हैयालाल नाम के एक दर्जी का गला काटकर हत्या की और उसके बाद वीडियो भी बनाया. इस वीडियो में उन्होंने पीएम मोदी को धमकी भी दी थी.
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एकनाथ शिंदे का क्यों जताया आभार
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे का दिल से आभार व्यक्त किया है.
शिवसेना के बाग़ी नेता पिछले कई दिनों से गुवाहाटी के एक पाँच सितारा होटल में डेरा डाले हुए हैं.
हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर लिखा है- सीएम राहत कोष में 51 लाख रुपए देने के लिए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों का हृदय से आभार.
उन्होंने ये भी लिखा है ये राशि राज्य के बाढ़ पीड़ितों तक जाएगी.
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शिवसेना के बाग़ी नेता एकनाथ शिंदे ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा- शिवसेना और अन्य विधायकों की ओर से असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपए देने का फ़ैसला किया गया है, ताकि असम में बाढ़ प्रभावित भाइयों की मदद की जा सके.
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ऐसी रिपोर्टें हैं कि महाराष्ट्र में शक्ति परीक्षण के राज्यपाल के फ़ैसले के बाद आज शिवसेना के बाग़ी नेता गुवाहाटी से गोवा जा सकते हैं. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव सरकार से कहा है कि वो 30 जून को विश्वास मत हासिल करें. शिवसेना ने इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर शाम पाँच बजे सुनवाई होगी.
LIVE: क्या उद्धव ठाकरे विधानसभा में शक्ति परीक्षण से बच रहे हैं? पल-पल के समीकरण बता रहे हैं बीबीसी के मयूरेश कोण्णूर
LIVE: क्या उद्धव ठाकरे विधानसभा में शक्ति परीक्षण से बच रहे हैं? महाराष्ट्र में पल-पल बदल रहे सियासी समीकरण बता रहे हैं बीबीसी के मयूरेश कोण्णूर (कैमरा- शरद बढे)